# फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी, 99.50 के स्तर पर टिकी मजबूती

> अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स 99.50 के स्तर के ऊपर बना हुआ है, जबकि बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया के तनाव से सुरक्षित निवेश मांग को सहारा मिल रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-index-men-narami-fed-phaisale-se-pahale-99-50-ke-stara-para-majabuti-33842 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, बॉन्ड यील्ड, मुद्रा बाजार, सोना भाव, जापानी येन

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजों से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबारी काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले अमेरिकी ग्रीनबैक की स्थिति को मापता है, बुधवार को अपने दो सप्ताह के उच्चतम स्तर से थोड़ा नीचे फिसला है। हालांकि, बाजार में बिकवाली का दबाव बहुत गहरा नहीं है और सूचकांक यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में 99.00 के मध्य स्तर यानी 99.50 के ऊपर स्थिर बना हुआ है। निवेशक और मुद्रा कारोबारी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे मुद्रा बाजार में आगे की चाल तय होगी।

## फेडरल रिजर्व की सख्ती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर
केंद्रीय बैंक के इस अहम घटनाक्रम से पहले बाजार में ऊर्जा कीमतों से जुड़ी महंगाई का जोखिम साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल और ऊर्जा लागतों में इजाफे ने यह आशंका बढ़ा दी है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या आगे सख्त कदम उठा सकता है। इसके साथ ही, सरकारी और कॉरपोरेट स्तर पर कर्ज उठाने में आई तेजी ने वैश्विक बॉन्ड बाजार में भारी बिकवाली की स्थिति पैदा कर दी है। इसी बिकवाली के चलते 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 5 प्रतिशत की सीमा को पार कर गई। यह यील्ड का 2023 के बाद पहली बार इतना ऊंचा स्तर है और ऐतिहासिक रूप से 2007 के बाद का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। अमेरिकी यील्ड में यह तेजी डॉलर को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा प्रदान कर रही है।

## पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग
अमेरिकी डॉलर को केवल ब्याज दरों की संभावनाओं से ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता से भी गति मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को हवा दी है। हालिया घटनाक्रमों पर नजर डालें तो यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपने कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इनमें पवित्र शहर मक्का और देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर जेद्दा शामिल हैं। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती समूह के मिसाइल और ड्रोन हमलों का कड़ा जवाब देने का वादा किया है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी वैश्विक आरक्षित मुद्रा के रूप में अमेरिकी डॉलर की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम की मौजूदगी के कारण डॉलर इंडेक्स में किसी भी तरह की गिरावट सीमित रहेगी और निवेशक निचले स्तरों पर खरीदारी करते रहेंगे।

## डॉलर इंडेक्स के तकनीकी स्तर और समर्थन क्षेत्र
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो डॉलर इंडेक्स के लिए नीचे की तरफ पहला मजबूत सहारा 23.6 प्रतिशत के फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर मौजूद है, जो 99.27 के आसपास बैठता है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो इसके बाद अगला महत्वपूर्ण ढांचागत आधार 98.55 के करीब दिखाई देता है। मुद्रा बाजार के जानकारों का अनुमान है कि खरीदार इस व्यापक दायरे का सक्रिय रूप से बचाव करेंगे। दूसरी ओर, दिन के कारोबार में अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन अधिकांश प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में मजबूत रहा, जिसमें उसने कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की।

## प्रमुख मुद्रा जोड़ों का प्रदर्शन: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोना
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति भी अमेरिकी नीतिगत उम्मीदों से सीधे प्रभावित हो रही है।

एशियाई सत्र के दौरान डॉलर/येन (USD/JPY) चढ़कर 155.00 के पार निकल गया और इसने एक हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छुआ। हालांकि, बुधवार को फेडरल रिजर्व के फैसले और गुरुवार से शुरू होने वाली बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के मद्देनजर निवेशक आक्रामक रुख अपनाने से हिचकिचा रहे हैं, जिससे यह जोड़ी 155.00 के मध्य स्तर से नीचे बनी रही। जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की है, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती की संभावनाओं के बीच यह स्थिति नए चरण में प्रवेश कर रही है, खासकर तब जब बाकी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं पहले ही ब्याज दरें बढ़ा चुकी थीं और जापान अकेला अपवाद बना हुआ था।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा का दबाव साफ दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर/अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) लगातार तीसरे दिन नकारात्मक दायरे में बना रहा और एशियाई सत्र में 0.7100 के स्तर का बचाव करते हुए अपने मासिक निचले स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। जोखिम से जुड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर मध्य पूर्व संकट और फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि का सीधा दबाव देखा जा रहा है।

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भी इस घटनाक्रम की छाया दिखी। बुधवार को यूरोपीय कारोबार के दौरान सोना 4,350 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे ही संघर्ष करता रहा और अपनी मामूली इंट्राडे बढ़त को आगे बढ़ाने में नाकाम रहा। अमेरिकी डॉलर की दो हफ्ते के शिखर से हल्की सुस्ती ने सोने को थोड़ा सहारा जरूर दिया, लेकिन किसी भी दिशा में बड़े दांव लगाने से बचते हुए कारोबारी पूरी तरह से किनारे पर खड़े हैं।

## आर्थिक आंकड़ों की पृष्ठभूमि
फेडरल रिजर्व की इस बैठक से पहले जारी हुए अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट के आंकड़ों ने नीतिगत सख्ती की उम्मीदों को हवा दी थी, जिससे दरों के बाजार में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। हालांकि, बाजार प्रतिभागियों के लिए इसके बाद आए अमेरिकी अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों ने अधिक महत्व रखा, जिसने मुद्रास्फीति की निरंतरता को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया। इन सभी कारकों के मेल ने वैश्विक बाजारों को पूरी तरह सतर्क मुद्रा में ला खड़ा किया है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में जारी तेजी वैश्विक वित्तीय बाजारों, विदेशी मुद्रा दरों और आम उपभोक्ताओं की खरीदारी लागत को सीधे प्रभावित करती है।

- **मुद्रा विनिमय:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत रहने से विकासशील देशों की स्थानीय मुद्राओं पर दबाव बढ़ सकता है। इसके चलते आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं और विदेशी यात्रा या पढ़ाई का खर्च बढ़ सकता है।
- **ऋण लागत:** अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के 5 प्रतिशत से ऊपर जाने से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में उधारी महंगी हो जाती है। इसका असर कंपनियों की वित्तीय लागत और वैश्विक शेयर बाजारों के वैल्यूएशन पर पड़ सकता है।
- **कमोडिटी कीमतें:** डॉलर की मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,350 डॉलर के नीचे दबाव में बना हुआ है। यदि फेडरल रिजर्व सख्त रुख बनाए रखता है, तो सोने की कीमतों में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
- **निवेश रणनीति:** केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले वैश्विक निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से बचकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। आम निवेशकों को बड़ी पोजीशन बनाने से पहले नीतिगत बयानों के स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
डॉलर इंडेक्स में दो हफ्ते के उच्च स्तर के पास ठहराव और बॉन्ड यील्ड में उछाल मुख्य रूप से केंद्रीय बैंक की नीतिगत उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण हुआ है।

- **महंगाई और दर वृद्धि की आशंकाएं:** ऊर्जा कीमतों में उछाल और मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को जिंदा रखा है। इसके चलते निवेशकों ने बॉन्ड बेचे, जिससे 10-वर्षीय यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
- **सार्वजनिक व कॉरपोरेट उधारी:** सरकारों और कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर नए बॉन्ड जारी कर कर्ज जुटाने से बाजार में आपूर्ति बढ़ी है। इस आपूर्ति के दबाव ने वैश्विक बॉन्ड बिकवाली को और तेज कर दिया।
- **मध्य पूर्व में संघर्ष:** यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के मक्का और जेद्दा जैसे शहरों को निशाना बनाने और जवाबी कार्रवाई की चेतावनियों ने भू-राजनीतिक तनाव बढ़ाया है। इसके चलते निवेशकों ने डॉलर को सुरक्षित पनाहगाह मानकर खरीदा है।
- **आगामी बैठकों का इंतजार:** फेडरल रिजर्व के फैसले और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक से पहले बाजार सहभागी सतर्क हो गए हैं। इसी अनिश्चितता के चलते सूचकांक उच्च स्तरों से थोड़ा फिसलकर ठहर गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स बुधवार को किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
डॉलर इंडेक्स अपने दो हफ्ते के उच्चतम स्तर से थोड़ा नीचे आकर यूरोपीय कारोबारी सत्र में 99.50 के स्तर के ऊपर बना हुआ था।

### 2. अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में क्या बदलाव देखा गया?
वैश्विक बॉन्ड बिकवाली के चलते अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 5 प्रतिशत के पार निकल गई, जो 2007 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।

### 3. मध्य पूर्व के तनाव का डॉलर पर क्या असर पड़ा है?
सऊदी अरब में सुरक्षा अलर्ट और यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है, जिससे सुरक्षित संपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है।

### 4. जापानी येन और बैंक ऑफ जापान को लेकर क्या स्थिति है?
डॉलर के मुकाबले येन 155.00 के पार पहुंच गया, जबकि बाजार गुरुवार से शुरू हो रही बैंक ऑफ जापान की बैठक में नीतिगत सख्ती की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए है।

### 5. डॉलर इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन स्तर कौन से हैं?
डॉलर इंडेक्स के लिए नीचे की तरफ पहला समर्थन 99.27 पर और दूसरा बड़ा आधार 98.55 के स्तर पर स्थित है।

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