अमेरिकी डॉलर के मजबूत दबाव में यूरो फिसला, 1.1145 के स्तर तक गिरावट के आसार वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है, जिससे यूरो 1.1160 के निचले स्तर को छूने के बाद दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त मजबूती के आगे प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का संघर्ष जारी है। साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दबाव झेल रही है, हालांकि हालिया तेज गिरावट की गति में कुछ ठहराव दिखाई दिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरो गिरकर 1.1160 के निचले स्तर तक पहुंच गया था, जहां से आंशिक सुधार दर्ज करते हुए यह 0.28 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 1.1221 पर बंद हुआ। बाजार में भारी गिरावट के बावजूद फिलहाल नीचे की तरफ कोई आक्रामक गति नहीं बनी है, जिससे निकट अवधि में 1.1180 से लेकर 1.1255 के सीमित दायरे में कारोबार की संभावना जताई जा रही है। यूरो में तकनीकी स्तर और मंदी का रुझान मध्य पिछले महीने से ही यूरो के प्रति नकारात्मक रुझान बना हुआ है। बीते शुक्रवार को जब हाजिर भाव 1.1245 पर था, तब इस बात पर नजर थी कि क्या मौजूदा तेज मंदी की चाल टिक पाएगी। उस समय गिरावट के संदर्भ में 1.1180 का स्तर सबसे अहम निगरानी बिंदु था। हालिया सत्र में यूरो ने 1.1180 के महत्वपूर्ण समर्थन को तोड़ दिया और 1.1160 के निचले स्तर को छूकर वापस उछला। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, नीचे की ओर दबाव की गति में शुरुआती धीमापन दर्ज किया गया है। जब तक यह मुद्रा 1.1285 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को पार नहीं करती, जो पहले 1.1315 पर स्थित था, तब तक गिरावट के स्थिर होने की पुष्टि नहीं होगी। जब तक यह प्रतिरोध सुरक्षित है, तब तक यूरो के फिसलकर 1.1145 के स्तर का परीक्षण करने की गुंजाइश पूरी तरह खुली हुई है। डॉलर के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन भी पस्त मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी अमेरिकी डॉलर का दबदबा साफ नजर आ रहा है। मंगलवार को एशियाई सत्र में AUD/USD में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुआ दो दिवसीय सुधार रुक गया। फिक्स्ड इनकम बाजार में जारी भारी बिकवाली ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बनाए रखा है। अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के घटने के बावजूद, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड की मजबूती से डॉलर तेज रुख बनाए हुए है। दूसरी ओर, इसी महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कुछ समर्थन दे सकती है। वहीं USD/JPY मंगलवार तड़के यूरोपीय सत्र में फिर से 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद जापानी येन कोई मजबूती हासिल नहीं कर सका। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने डॉलर को साल के उच्चतम स्तर के पास रखा है, जिससे इस जोड़ी को लगातार सहारा मिल रहा है। सोने में भारी गिरावट और $4,100 का अहम पड़ाव कमोडिटी बाजार में सोने पर भी डॉलर की मजबूती का सीधा असर देखा जा रहा है। पिछले सत्र के सीमित दायरे के बाद सोने में ताजा बिकवाली लौटी और एशियाई सत्र में यह दो महीने के निचले स्तर पर आ गया। बाजार के मंदड़िए अब आगे की मंदी के लिए $4,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे टूटने का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक में दर वृद्धि की घटती संभावनाओं के बाद भी डॉलर इंडेक्स की ताकत पीली धातु की मांग को लगातार कमजोर कर रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की दुविधा और राजनीतिक संकट वैश्विक आर्थिक कैलेंडर पर मंगलवार को कोई टीयर-1 आंकड़ा जारी नहीं होना है, इसलिए निवेशकों का पूरा ध्यान यूरोपीय बाजारों के घटनाक्रम और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर टिका है। फ्रांस में आने वाले दिनों का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा यह रहेगा कि क्या सोशलिस्ट और मरीन ले पेन की नेशनल रैली बजट विवाद को लेकर मौजूदा सरकार को गिराने के संकेत देते हैं। आर्थिक मोर्चे पर यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) गहरी दुविधा से जूझ रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मुद्रास्फीति के लक्ष्य से लगभग दोगुना रहने पर ईसीबी के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा समाधान होता। हालांकि, मौजूदा स्थितियां बिल्कुल असामान्य हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले ही ईसीबी के हिस्से की मौद्रिक सख्ती कर चुका है, जिससे नीति निर्माताओं के सामने कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती से वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहे हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेशी संपत्तियों पर पड़ेगा। • वैश्विक स्तर पर: डॉलर की मजबूती के कारण यूरो और सोने जैसी संपत्तियों में बिकवाली जारी रहने की संभावना है। निवेशकों और कमोडिटी कारोबारियों को आगामी सत्रों में अस्थिरता के लिए सतर्क रहना होगा। • यूरोप और फ्रांस में: फ्रांसीसी सरकार पर बजट संकट और ईसीबी की नीतिगत असमंजस से यूरोपीय संपत्तियों पर दबाव बढ़ेगा। यूरोपीय बाजार से जुड़े व्यवसायों को मुद्रा के उतार-चढ़ाव पर बारीक नजर रखनी चाहिए। • मुद्रा विनिमय पर: यूरो में कमजोरी से विदेश यात्रा और आयात की लागत में बदलाव देखने को मिल सकता है। जो लोग विदेशी मुद्रा की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, वे 1.1180 और 1.1145 के स्तरों पर नजर रख सकते हैं। • सोने के खरीदारों पर: वैश्विक स्तर पर सोना $4,100 के अहम स्तर के करीब फिसलने से निकट अवधि में कीमतें नरम रह सकती हैं। आभूषण और कमोडिटी निवेशकों को तकनीकी स्तर टूटने का इंतजार करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ फिक्स्ड इनकम बाजार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव डॉलर की मजबूती के मुख्य कारण हैं। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव: फिक्स्ड इनकम बाजार में लगातार बिकवाली के चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर टिकी हुई है। यील्ड में इस उछाल ने वैश्विक निवेशकों को अमेरिकी डॉलर में पूंजी लगाने के लिए प्रेरित किया है। • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम से बचने की भावना बनी हुई है। संकट के समय डॉलर हमेशा सुरक्षित पनाहगाह के रूप में पहली पसंद बनकर उभरता है। • केंद्रीय बैंकों की नीतियां: फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों के बावजूद अन्य केंद्रीय बैंक संघर्ष कर रहे हैं। ईसीबी के सामने बॉन्ड बाजार द्वारा पहले ही सख्ती किए जाने और फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता ने यूरो को और कमजोर किया है। सवाल-जवाब 1. एशियाई सत्र में यूरो किस न्यूनतम स्तर तक गिरा? एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरो गिरकर 1.1160 के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद यह 1.1221 पर बंद हुआ। 2. यूरो के लिए आगामी महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन से हैं? यूरो के लिए निकट अवधि में 1.1180 से 1.1255 का दायरा देखा जा रहा है, जबकि नीचे की ओर 1.1145 और ऊपर की ओर 1.1285 का मजबूत प्रतिरोध स्तर अहम है। 3. अमेरिकी डॉलर की मजबूती के पीछे मुख्य कारक क्या हैं? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कई वर्षों के उच्च स्तर पर होना और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को मजबूती दे रहे हैं। 4. सोने की कीमतों पर डॉलर का क्या प्रभाव पड़ा है? सोने में बिकवाली बढ़ने से यह दो महीने के निचले स्तर पर आ गया है और मंदड़िए अब $4,100 के स्तर के नीचे टूटने पर नजर रख रहे हैं। 5. फ्रांस में कौन सा राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की नजर में है? फ्रांस में सोशलिस्ट और मरीन ले पेन की नेशनल रैली द्वारा बजट के मुद्दे पर मौजूदा सरकार को गिराने की संभावना पर बाजार की नजर है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-majabuta-dabava-men-euro-phisala-1-1145-ke-stara-taka-giravata-ke-asara-43737 TrendKia — Har trend, sabse pehle.