# फेडरल रिजर्व के मिनट्स से पहले अमेरिकी डॉलर में मजबूती, स्विस फ्रैंक पर दबाव बढ़ा

> फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के मिनट्स जारी होने से पहले अमेरिकी डॉलर में बढ़त देखी जा रही है, जिससे स्विस फ्रैंक समेत प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-minatsa-se-pahale-fed-men-majabuti-swiss-franc-para-dabava-barha-44584 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, स्विस फ्रैंक, फॉरेक्स बाजार, फेडरल रिजर्व, मौद्रिक नीति, भारतीय रुपया, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती के चलते स्विस फ्रैंक पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार में USD/CHF की विनिमय दर 0.8300 के स्तर से ऊपर निकल गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच बाजार में हल्के जोखिम की भावना ने सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी मुद्रा को नया सहारा दिया है। वहीं, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के विवरण यानी एफओएमसी मिनट्स के सार्वजनिक होने से पहले निवेशक डॉलर बेचने से कतरा रहे हैं, जिससे ग्रीनबैक को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

## स्विस नेशनल बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े स्थिर
स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक यानी स्विस नेशनल बैंक की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर के महीने में काफी हद तक स्थिर बना रहा। यह आंकड़ा अगस्त के 770 अरब सीएचएफ की तुलना में सितंबर में 770.47 अरब सीएचएफ दर्ज किया गया। विदेशी मुद्रा भंडार में आए इस मामूली बदलाव का स्विस फ्रैंक की चाल पर बहुत सीमित असर पड़ा है। बाजार जानकारों और यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों के अनुसार, USD/CHF जोड़ी ने 0.8245 से 0.8365 के दायरे में रेंज-ट्रेडिंग के दौर में प्रवेश किया है। आगामी एक से तीन हफ्तों के निकट भविष्य में इस मुद्रा जोड़ी के इसी व्यापक दायरे में सीमित रहने का अनुमान जताया गया है।

## एफओएमसी मिनट्स पर टिकी निवेशकों की निगाहें
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी के मिनट्स आम तौर पर नीतिगत फैसले के तीन हफ्ते बाद जारी किए जाते हैं। निवेशक इस दस्तावेज में नीतिगत दृष्टिकोण के संकेतों के साथ-साथ मतदान के विभाजन पर विशेष नजर रखते हैं। नीतिगत दृष्टिकोण को लेकर आक्रामक रुख डॉलर को और मजबूती दे सकता है, जबकि नरम रुख को डॉलर के लिए नकारात्मक माना जाता है। चूंकि एफओएमसी के नीतिगत बयान के विपरीत समाचार एजेंसियों के पास जारी होने से पहले इस दस्तावेज की पहुंच नहीं होती, इसलिए मिनट्स पर बाजार की प्रतिक्रिया में थोड़ा विलंब भी देखने को मिल सकता है।

## अन्य प्रमुख मुद्राओं, बॉन्ड यील्ड और सोने का हाल
अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में ताजा उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर को गिरावट पर लिवाली का सहारा मिला है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD की जोड़ी 0.7000 के नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों के बावजूद यह जोड़ी दबाव में बनी रही। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान के नरम बयानों के बीच USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 158.50 के करीब डेढ़ हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंची, जहां निवेशक आगे की तेजी से पहले 200-दिवसीय एसएमए के स्तर पर नजर रखे हुए हैं। कीमती धातुओं में, सोने यानी XAU/USD ने पिछले कारोबारी सत्र की बढ़त गंवा दी और मंगलवार के 4,180 डॉलर के दायरे से फिसलकर 4,120 डॉलर से नीचे आ गया, जो इसके दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर के करीब है।

## क्रिप्टो, भारतीय रुपया और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की स्थिति
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन में गिरावट जारी रही और यह लगभग 0.090 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो इस सप्ताह 5 प्रतिशत से अधिक नीचे है। डेरिवेटिव डेटा और कमजोर गति संकेतकों के बीच शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। इधर, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ और USD/INR उछलकर लगभग 96.72 के स्तर पर पहुंच गया, जो चार महीनों का उच्चतम स्तर है। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत करने का फैसला किया, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। उधर, मुद्रास्फीति के लक्ष्य से लगभग दोगुने स्तर पर होने के बावजूद यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती का कुछ काम कर चुका है।

## USD/CHF के ताजा तकनीकी संकेत
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, USD/CHF 0.8324 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव 0.8311 की तुलना में 0.15 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.7629 से 0.8382 रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 65 पर है, जबकि एमएसीडी 0.01 पर सिग्नल लाइन 0.01 के साथ तेजड़ियों के पक्ष में है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में ईएमए20 0.8253, ईएमए50 0.8175 और ईएमए200 0.8026 पर स्थित है, जो दीर्घकालिक बढ़त के रुझान और गोल्डन क्रॉस को दर्शाता है। बोलिंजर बैंड 0.8109 से 0.8388 के बीच हैं। बाजार में पिवट बिंदु 0.8323 पर है, जिसके लिए पहला प्रतिरोध स्तर 0.8340 और दूसरा 0.8355 पर है, जबकि तात्कालिक समर्थन स्तर 0.8307 और 0.8290 पर स्थित हैं।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर में जारी मजबूती वैश्विक व्यापार, मुद्रा दरों और निवेश संपत्तियों पर सीधा असर डालती है।

- **मुद्रा विनिमय दर:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपये और स्विस फ्रैंक जैसी मुद्राओं पर दबाव बढ़ता है। आयातकों के लिए डॉलर में भुगतान महंगा हो सकता है जबकि निर्यातकों को विनिमय दर में लाभ मिल सकता है।
- **सोने और कमोडिटी के खरीदार:** डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। घरेलू आभूषण खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों को कीमतों के 4,120 डॉलर से नीचे आने पर खरीदारी के नए अवसर मिल सकते हैं।
- **ऋण और ब्याज दरें:** फेडरल रिजर्व के रुख और आरबीआई द्वारा रेपो दर 5.5% करने से कर्ज की लागत प्रभावित हो सकती है। बैंक ऋणों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी से आम ग्राहकों की ईएमआई पर असर पड़ सकता है।
- **फॉरेक्स ट्रेडर्स:** USD/CHF में 0.8245 से 0.8365 के बीच रेंज ट्रेडिंग का रुझान बन रहा है। निकट अवधि के व्यापारी 0.8307 के समर्थन और 0.8340 के प्रतिरोध स्तरों को ध्यान में रखकर पोजीशन ले सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी डॉलर में तेजी मुख्य रूप से फेडरल रिजर्व के आगामी मिनट्स को लेकर सतर्कता, बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित संपत्तियों की मांग के कारण आई है।

- **फेडरल रिजर्व मिनट्स की प्रतीक्षा:** निवेशक नीतिगत बैठक के तीन हफ्ते बाद आने वाले मिनट्स में ब्याज दरों के अगले कदमों का सुराग तलाश रहे हैं। किसी आक्रामक संकेत की संभावना के चलते डॉलर बेचने से निवेशक परहेज कर रहे हैं।
- **अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी:** बॉन्ड यील्ड में नए उछाल ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए डॉलर आधारित प्रतिभूतियों का आकर्षण बढ़ा दिया है। इससे अन्य सुरक्षित मुद्राओं के मुकाबले डॉलर को सीधा लाभ मिला है।
- **कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीति:** तेल की ऊंची लागत और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में अमेरिकी मुद्रा को सेफ-हेवन पूंजी प्रवाह का समर्थन मिला है। इसके विपरीत अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के मिश्रित कदमों ने उनकी मुद्राओं को कमजोर किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. USD/CHF की विनिमय दर में हालिया बदलाव क्या है?
USD/CHF 0.8300 के स्तर से ऊपर निकल गया है और हालिया आंकड़ों में यह 0.8324 के आसपास कारोबार कर रहा है।

### 2. स्विस नेशनल बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार का क्या आंकड़ा रहा?
सितंबर में स्विट्जरलैंड का विदेशी मुद्रा भंडार 770.47 अरब सीएचएफ रहा, जो अगस्त के 770 अरब सीएचएफ की तुलना में स्थिर है।

### 3. आरबीआई ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति बैठक में क्या फैसला लिया?
आरबीआई ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है।

### 4. सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती का क्या असर पड़ा?
सोने की कीमत फिसलकर 4,120 डॉलर से नीचे आ गई और यह अपने दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर के करीब पहुंच गई।

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