# अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में 1.3480 तक उछाल के आसार, वैश्विक बाजारों में हलचल

> ब्रिटिश पाउंड में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के संकेत दिख रहे हैं और इसके 1.3480 के स्तर तक पहुंचने की संभावना है। वहीं अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और आर्थिक आंकड़ों के बीच सोने, जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में व्यापक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-british-pound-men-1-3480-taka-uchhala-ke-asara-vaishvika-bajaron-men-halachala-55626 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, सोना भाव, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव, कार्डानो

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत रुख बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। हालिया कारोबारी गतिविधियों के बाद पाउंड के लिए 1.3480 का दायरा छूने की राह खुलती दिख रही है। शुक्रवार को 1.3380 के स्तर से शुरू हुई सकारात्मक दिशा के बाद मुद्रा ने कई अहम तकनीकी पड़ावों को पार किया है। हालांकि गति बहुत तीव्र नहीं है, लेकिन बाजार की चाल संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में पाउंड अपनी बढ़त को आगे बढ़ा सकता है।

## ब्रिटिश पाउंड का तकनीकी दायरा और मजबूती
अल्पकालिक दृष्टिकोण के लिहाज से पाउंड का रुख पिछले सत्र के दौरान काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में यह अनुमान जताया गया था कि मुद्रा 1.3360 से 1.3420 के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार करेगी। हालांकि बाजार की वास्तविक गति अलग रही और पाउंड 1.3380 से उछलकर 1.3448 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आई और यह 0.14 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ 1.3408 पर बंद हुआ। मौजूदा संकेत यह बताते हैं कि ऊपर की ओर दबाव बढ़ा जरूर है, लेकिन यह लगातार बड़ी तेजी जारी रखने के लिए पूरी तरह पर्याप्त नहीं है। ऐसे में आज के कारोबार में पाउंड के 1.3380 से 1.3435 के बीच समेकित होने की उम्मीद है।

एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के नजरिए से देखें तो 30 अक्टूबर को जब हाजिर भाव 1.3380 पर था, तब से पाउंड को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है। उस समय 1.3420 की ओर बढ़ने का आकलन किया गया था और यह स्पष्ट किया गया था कि 1.3450 की ओर जाने से पहले इस स्तर को पार करना अनिवार्य होगा। इसके बाद पाउंड बढ़कर 1.3433 तक पहुंचा और फिर वापस फिसला। 02 नवंबर को जब हाजिर भाव 1.3390 पर था, तब 1.3435 को प्रमुख प्रतिरोध माना गया था। पाउंड ने 1.3435 के इस स्तर को तोड़ा और 1.3448 का उच्च स्तर छुआ। इस सुधार के बाद अब तकनीकी रूप से पाउंड के 1.3480 के स्तर का परीक्षण करने की गुंजाइश बन गई है। गिरावट की स्थिति में 1.3360 का स्तर अहम सहारा बन गया है, जो पहले 1.3330 पर था। यदि यह 1.3360 से नीचे गिरता है, तो 1.3480 का लक्ष्य समाप्त माना जाएगा।

## रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नरमी
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। करेंसी जोड़ी दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर खिसक गई। यह गिरावट रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बहुप्रतीक्षित बढ़ोतरी के तुरंत बाद देखने को मिली। हालांकि केंद्रीय बैंक का यह निर्णय पूरी तरह सर्वसम्मत नहीं था। नीति समिति के तीन सदस्यों ने ब्याज दरों को 4.60 प्रतिशत पर ही अपरिवर्तित रखने के पक्ष में मत दिया।

केंद्रीय बैंक की बैठक में सामने आए इस मतभेद ने भविष्य में नीतिगत दरों को और कड़ा किए जाने की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर को मिली मामूली मजबूती ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बढ़ा दिया। नीतिगत सख्ती की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंकाओं के चलते विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बिकवाली को प्राथमिकता दी।

## अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और राजनयिक उम्मीदों के बीच जापानी येन
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मंगलवार के एशियाई सत्र में मामूली मजबूती दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिन की तेजी, जिसने डॉलर को येन के मुकाबले 158.00 तक पहुंचा दिया था, आंशिक रूप से पलट गई। डॉलर पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिका में होने जा रहे मध्यावधि चुनाव और ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ताओं से जुड़ी उम्मीदें हैं। राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

दूसरी तरफ जापानी मुद्रा को संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम से लगातार सहारा मिल रहा है। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के सटीक समय को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण येन की बढ़त भी सीमित बनी हुई है। इन दोनों कारकों के संतुलन ने इस मुद्रा जोड़ी को एक जाने-पहचाने दायरे में बांधकर रखा है, जिसके कारण बाजार प्रतिभागी कोई भी एकतरफा दांव लगाने से पहले सतर्कता बरत रहे हैं।

## विनिर्माण आंकड़ों से सोना 3,950 डॉलर के नीचे फिसला
कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव में कमजोरी जारी रही और यह एशियाई सत्र में 3,950 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया। इस गिरावट ने पिछले सप्ताह बने एक साल के निचले स्तर से हुई आंशिक रिकवरी को भी प्रभावित किया। सोने में बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिका के मजबूत विनिर्माण आंकड़े रहे। सोमवार को जारी आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की कारोबारी गतिविधि में अक्टूबर माह के दौरान लगातार 10वें महीने विस्तार दर्ज किया गया।

इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा और यह पिछले महीने के 54.5 से बढ़कर अक्टूबर में 55.5 पर पहुंच गया। इस सकारात्मक आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों को फिर से हवा दे दी है। इसके प्रभाव से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ और बिना ब्याज देने वाली पीली धातु यानी सोने में नए सिरे से बिकवाली शुरू हो गई।

## क्रिप्टो बाजार में कार्डानो का रुख और अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
डिजिटल एसेट बाजार में कार्डानो सुधार के दौर को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को 0.189 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा। पिछले कारोबारी दिन अपने अहम सपोर्ट जोन को खोने के बाद टोकन में लगातार दबाव बना हुआ है। डेरिवेटिव्स बाजार के मिले-जुले आंकड़े और सतर्कता भरे ऑन-चेन संकेतकों ने तेजी की धारणा को प्रभावित किया है। तकनीकी संकेतकों की कमजोरी यह दर्शाती है कि आने वाले सत्रों में इस क्रिप्टो संपत्ति के लिए गिरावट का जोखिम अभी बना हुआ है।

इन सभी वित्तीय गतिविधियों की पृष्ठभूमि में मंगलवार को अमेरिका में बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों के लिए जनादेश तय होगा। इसके अतिरिक्त फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष चुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं। ये विशेष चुनाव अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरने के लिए कराए जा रहे हैं। इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में आर्थिक नीतियों और वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और निवेश योजनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।

- **मुद्रा विनिमय और यात्रा:** यदि आप ब्रिटेन की यात्रा या पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, तो पाउंड में संभावित मजबूती से खर्च थोड़ा बढ़ सकता है। डॉलर के मुकाबले पाउंड के 1.3480 तक जाने से पाउंड खरीदना पहले के मुकाबले कुछ महंगा साबित होगा।
- **सोने के खरीदार और निवेशक:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 3,950 डॉलर से नीचे आने से घरेलू बाजारों में भी तेजी पर हल्का विराम लग सकता है। गहने खरीदने या गोल्ड ईटीएफ में नया निवेश करने वालों के लिए यह मूल्य सुधार नजर रखने योग्य है।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** कार्डानो के 0.189 डॉलर से नीचे गिरने से छोटे ऑल्टकॉइन निवेशकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। तकनीकी सपोर्ट टूटने के बाद नई खरीदारी करने से पहले बाजार के स्थिर होने की प्रतीक्षा करना समझदारी होगी।
- **वैश्विक आर्थिक नीति का असर:** अमेरिका में मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आंकड़े और चुनाव के नतीजे ब्याज दरों को लेकर दिशा तय करेंगे। उच्च अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के प्रवाह में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव आ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों में यह हलचल आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों के विभाजित फैसलों और भू-राजनीतिक व राजनीतिक आयोजनों के एक साथ उभरने के कारण हुई है। मजबूत अमेरिकी औद्योगिक आंकड़ों ने डॉलर को आधार दिया, जबकि चुनावी अनिश्चितता ने अन्य बाजारों को प्रभावित किया।

- **अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार:** इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का विनिर्माण पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.5 हो गया, जो उम्मीद से अधिक था और लगातार 10वें महीने विस्तार को दर्शाता है। इस मजबूत आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त नीति बनाए रखने की संभावनाओं को बढ़ाया, जिससे बॉन्ड यील्ड सुधरी और सोने पर दबाव बना।
- **ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक में मतभेद:** रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि तो की, लेकिन तीन सदस्यों ने दरों को 4.60 प्रतिशत पर बनाए रखने का समर्थन किया। इस अंदरूनी असहमति ने भविष्य में और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना को सीमित कर दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिसल गया।
- **अमेरिकी चुनाव और कूटनीतिक कारक:** अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के मतदान और ईरान से जुड़ी कूटनीतिक उम्मीदों ने डॉलर की बढ़त को रोके रखा। सीनेट की एक-तिहाई और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों के भविष्य ने निवेशकों को डॉलर और जापानी येन में सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला प्रमुख तकनीकी लक्ष्य क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार पाउंड के 1.3480 के स्तर तक पहुंचने की गुंजाइश बन गई है, जब तक यह 1.3360 के मजबूत सपोर्ट से ऊपर बना रहता है।

### 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर क्यों गिरा?
25 आधार अंकों की दर वृद्धि के बावजूद समिति के तीन सदस्यों ने दरों को 4.60 प्रतिशत पर रखने के पक्ष में वोट दिया, जिससे भविष्य में सख्ती की उम्मीदें कमजोर हुईं।

### 3. सोने की कीमतों में 3,950 डॉलर से नीचे गिरावट का मुख्य कारण क्या था?
अक्टूबर में अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई बढ़कर 55.5 होने से बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की संभावनाओं ने सोने में बिकवाली बढ़ा दी।

### 4. कार्डानो किस स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है?
अहम सपोर्ट जोन टूटने और तकनीकी कमजोरी के कारण कार्डानो 0.189 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है।

### 5. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में किन प्रमुख सीटों के लिए मतदान हो रहा है?
चुनाव में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटें, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटें, और मार्को रुबियो तथा जेडी वेंस की खाली सीटों के लिए विशेष चुनाव हो रहे हैं।

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