अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में सीमित तेजी, 1.3435 का स्तर बना मुख्य रुकावट ब्रिटिश पाउंड में जोरदार बढ़त के बाद 1.3435 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिला है, जिससे मुद्रा सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। वैश्विक बाजारों में ईरान कूटनीति, केंद्रीय बैंकों के रुख और भू-राजनीतिक गतिविधियों के बीच डॉलर और अन्य संपत्तियों में मिला-जुला असर दिख रहा है। वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड की हालिया बढ़त पर फिलहाल ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज छलांग लगाने के बाद पाउंड 1.3435 के प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध को पार करने में संघर्ष कर रहा है। पिछले सत्र में 1.3433 के उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद पाउंड में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह मामूली बढ़त के साथ 1.3389 पर बंद हुआ। इस तेज उतार-चढ़ाव ने संकेत दिया है कि पाउंड फिलहाल एक सीमित दायरे के कारोबारी दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां निवेशकों की नजर नए तकनीकी स्तरों और आने वाले नीतिगत फैसलों पर टिकी हुई है। पाउंड का तकनीकी दायरा और अहम प्रतिरोध स्तर दैनिक कारोबारी दृष्टिकोण से देखें तो पिछले गुरुवार को तेज उछाल के बाद शुक्रवार को पाउंड के 1.3420 के स्तर को परखने का अनुमान था, जबकि 1.3450 के अगले प्रतिरोध पर खतरा कम माना जा रहा था। पाउंड उम्मीद से अधिक तेजी दिखाते हुए 1.3433 तक चढ़ा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के दबाव के कारण टिक नहीं सका और 1.3389 पर सिमट गया। दिन के कारोबार में पाउंड के 1.3360 से 1.3420 के बीच बने रहने के आसार हैं। मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के परिप्रेक्ष्य में 1.3435 अब सबसे बड़ा तकनीकी अवरोध बन गया है। जब तक पाउंड इस स्तर के पार मजबूती से नहीं निकलता, तब तक किसी टिकाऊ तेजी की गुंजाइश सीमित रहेगी। हालांकि, जब तक 1.3330 का मजबूत समर्थन स्तर सुरक्षित है, तब तक 1.3435 को पार करने की संभावना बनी हुई है। इससे पहले शुक्रवार 30 अक्टूबर को हाजिर भाव 1.3380 पर रहने के दौरान मजबूत समर्थन 1.3310 पर आंका गया था। लाइव मार्केट संकेतक और तकनीकी स्थिति लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, GBP/USD वर्तमान में 1.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.34 से 0.27 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। पाउंड का 52 सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय आरएसआई (RSI) 59 पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक रुख का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) 0.00 पर अपने सिग्नल लाइन -0.00 के मुकाबले तेजी का क्रॉसओवर दिखा रहा है। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20 दिवसीय ईएमए (EMA) 1.33 पर है, जबकि 50 दिवसीय ईएमए और 200 दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित हैं। इसके अलावा 50 दिवसीय एसएमए (SMA) और 200 दिवसीय एसएमए भी 1.34 पर हैं। मूल्य दीर्घकालिक अपट्रेंड में है, हालांकि ईएमए 50 के ईएमए 200 से नीचे आने से डेथ क्रॉस बना हुआ है। 20 दिवसीय बोलिंगर बैंड 1.32 से 1.34 के बीच फैला है जिसका मध्य स्तर 1.33 है, और कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। एडीएक्स (ADX) 20 पर कमजोर या सीमित दायरे का संकेत दे रहा है। स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 94 और सिग्नल लाइन 81 पर है, जबकि एटीआर (ATR) 0.01 पर है। 20 दिवसीय समर्थन लगभग 1.31 और प्रतिरोध लगभग 1.34 पर है, जबकि मुख्य पिवट स्तर 1.34 पर बना हुआ है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के बुधवार को आने वाले फैसले से पहले पाउंड 1.3400 के करीब सकारात्मक बना हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन में गतिविधियां व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने सोमवार को एशियाई सत्र की अपनी गिरावट से वापसी की। ईरान कूटनीति पर नए सिरे से जगी आशावादिता ने वैश्विक निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है। सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनने से जोखिम के प्रति संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे ही हाजिर भाव बने रहे, क्योंकि कारोबारी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय से पहले नई स्थिति बनाने से बच रहे हैं। दूसरी ओर, जापानी मुद्रा के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) ने नए सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के बाद शुक्रवार को 157.00 से नीचे के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद जोड़ी में सुधार आया और एशियाई सत्र के दौरान यह 158.00 के दायरे तक पहुंच गई। जापान की वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा (Satsuki Katayama) द्वारा मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को लेकर दी गई ताजा हस्तक्षेप की चेतावनियों का भी इस तेजी पर खास असर नहीं दिखा। सोने में उछाल और कच्चे तेल की मुद्रास्फीति का दबाव कमोडिटी बाजार में सोने ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की और लगातार दो दिनों से चली आ रही गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया। शुक्रवार को सोने में भारी बिकवाली हुई थी, जिससे भाव फिसलकर 3,900 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गए थे, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित राजनयिक सफलता की उम्मीदों ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की चमक फीकी की, जिससे सोने को कुछ राहत मिली। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों के कारण उत्पन्न मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं बनी हुई हैं। यह परिदृश्य बिना ब्याज देने वाले सोने के लिए एक बाधा साबित हो सकता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मामूली सुधार डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में बिटकॉइन, इथेरियम और रिपल ने अक्टूबर महीने को लगातार चार हफ्तों के नुकसान के साथ बंद करने के बाद सोमवार को मामूली सुधार दर्ज किया। प्रमुख समर्थन क्षेत्रों के आसपास मजबूती मिलने के बाद बिटकॉइन चढ़कर 78,462 डॉलर के पार पहुंच गया। वहीं इथेरियम उबरते हुए 2,295 डॉलर से ऊपर आ गया, लेकिन प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे बने रहने के कारण इसका निकट अवधि का दृष्टिकोण कमजोर बना हुआ है। सप्ताहांत में पश्चिम एशिया युद्ध के घटनाक्रमों पर भी बाजार की बारीक नजर रही, जिसका असर आने वाले कारोबारी दिनों में देखने को मिल सकता है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक बदलावों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता से आयात-निर्यात लागत और विदेशों में पढ़ाई का खर्च प्रभावित हो सकता है। यदि डॉलर में मजबूती लौटती है तो भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है जिससे आयात महंगा होगा। • फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए: पाउंड 1.3360 से 1.3420 के सीमित दायरे में फंसा है, जिससे रेंज बाउंड ट्रेडिंग रणनीतियां अधिक प्रभावी होंगी। सोने में 3,900 डॉलर से सुधार के बावजूद ब्याज दर बढ़ने की आशंका के चलते सख्त स्टॉप-लॉस रखना जरूरी है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन 78,462 डॉलर के ऊपर संभला है लेकिन चार हफ्तों की गिरावट के बाद सुधार अभी कमजोर है। प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे रहने के कारण जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देना समझदारी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह स्थिति मुद्रा बाजार में मजबूत प्रतिरोध स्तरों, भू-राजनीतिक कूटनीति की उम्मीदों और केंद्रीय बैंकों के आगामी नीतिगत निर्णयों के मिले-जुले दबाव के कारण बनी है। • तकनीकी प्रतिरोध और मुनाफावसूली: पाउंड 1.3433 तक चढ़ने के बाद 1.3435 के प्रमुख तकनीकी अवरोध को पार नहीं कर सका और वहां से तेज बिकवाली हावी हो गई। ऊपरी स्तरों पर खरीदारों की कमी के कारण मुद्रा वापस सीमित दायरे में आ गई। • ईरान कूटनीति से डॉलर पर असर: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित राजनयिक समझौते की उम्मीदों से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर की मांग घटी। इस राहत ने सोने और जोखिम वाली मुद्राओं जैसे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया। • केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसले: बैंक ऑफ इंग्लैंड की बुधवार की बैठक और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले से पहले कारोबारी बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। वहीं बैंक ऑफ जापान के फैसले के बाद येन में 158.00 तक कमजोरी से डॉलर को अन्य जोड़ों में गति मिली। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड के लिए मुख्य प्रतिरोध स्तर क्या है? पाउंड के लिए मुख्य तकनीकी प्रतिरोध स्तर 1.3435 है, जिसे पार किए बिना किसी स्थायी तेजी की संभावना नहीं है। 2. दैनिक कारोबार में पाउंड किस दायरे में रहने का अनुमान है? आज के कारोबारी सत्र में पाउंड के 1.3360 से 1.3420 के बीच कारोबार करने की उम्मीद जताई गई है। 3. पाउंड के लिए वर्तमान में मजबूत समर्थन स्तर कौन सा है? पाउंड के लिए मजबूत समर्थन स्तर 1.3330 पर है, जो पहले 1.3310 पर था। 4. सोने की कीमत में हालिया गिरावट कहां तक दर्ज की गई थी? सोना शुक्रवार को गिरकर 3,900 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया था, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। 5. क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन और इथेरियम किस स्तर पर पहुंचे हैं? बिटकॉइन सुधरकर 78,462 डॉलर के ऊपर पहुंच गया है, जबकि इथेरियम 2,295 डॉलर से ऊपर आ गया है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-british-pound-men-simita-teji-1-3435-ka-stara-bana-mukhya-rukavata-54875 TrendKia — Har trend, sabse pehle.