# अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की गिरावट पर लग सकता है ब्रेक, जाने प्रमुख सपोर्ट स्तर और वैश्विक करेंसी का हाल

> लगातार गिरावट के बाद अत्यधिक बिकवाली के स्तर पर पहुंचे यूरो में अब सीमित गिरावट की संभावना है, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड के दबाव से वैश्विक बाजार जूझ रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-euro-ki-giravata-para-laga-sakata-hai-breka-jane-pramukha-saporta-stara-aura-vaishvika-karensi-ka-hala-38470 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, कच्चा तेल, सोना, फेडरल रिजर्व, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त मजबूती के बीच साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो पर बना भारी दबाव अब धीरे-धीरे थमता हुआ नजर आ रहा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में तेज बिकवाली झेलने के बाद यूरो तकनीकी रूप से अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड जोन में प्रवेश कर चुका है। ऐसी स्थिति में बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यूरो में आगे बड़ी गिरावट की गुंजाइश काफी सीमित रह गई है और यह मुद्रा निचले स्तरों पर स्थिरता की तलाश कर सकती है।

## यूरो के तकनीकी स्तर और अल्पकालिक दायरा
हालिया कारोबारी सत्रों के दौरान यूरो में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। दो दिन पहले यह फिसलकर 1.1367 के निचले स्तर तक चला गया था। इसके बाद अगले कारोबारी दिन गिरावट और बढ़ी तथा यूरो ने 1.1358 का निचला स्तर छुआ, जिसके बाद अंत में 0.01% की मामूली गिरावट के साथ 1.1379 पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट के बाद अब नीचे की ओर जाने की गति धीमी पड़ने लगी है। अत्यधिक बिकवाली की तकनीकी स्थिति यह संकेत देती है कि यूरो के और अधिक कमजोर होने की संभावना अब कम है। आज के कारोबार में यूरो के 1.1355 और 1.1400 के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना जताई जा रही है।

लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD की ताजा कीमत 1.14 पर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 1.14 से +0.17% की बढ़त दर्शाती है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है और वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 1.00 गुना दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 30 पर है जो स्पष्ट रूप से ओवरसोल्ड स्थिति को पुष्ट करता है। MACD -0.00 बनाम सिग्नल -0.00 (हिस्टोग्राम -0.00, मंदी) पर है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय EMA 1.15, 50-दिवसीय EMA 1.15 और 200-दिवसीय EMA 1.16 पर है, जबकि 50-दिवसीय SMA 1.15 और 200-दिवसीय SMA 1.16 पर स्थित है। कीमतें लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में हैं और EMA50 के EMA200 से नीचे होने के कारण डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) 1.14 से 1.17 (मध्य 1.15) के बीच हैं और कीमत बैंड्स के भीतर बनी हुई है। 14-दिवसीय ADX 33 पर ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 14 और सिग्नल लाइन 15 पर है। 14-दिवसीय ATR 0.01 पर है, जिसमें 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 1.14 और रेजिस्टेंस लगभग 1.17 पर आंका गया है।

## आगामी हफ्तों का परिदृश्य और मजबूत सपोर्ट
बुधवार 23 सितंबर को जब स्पॉट 1.1450 पर था, तब इस बात की संभावना जताई गई थी कि यूरो 1.1400 का परीक्षण कर सकता है, हालांकि इस स्तर से नीचे लगातार टिके रहने की संभावना अधिक नहीं मानी जा रही थी। इसके बावजूद 1.1400 के स्तर का टूटना एक तेज गिरावट का कारण बना, जिससे यूरो 1.1358 के निचले स्तर तक पहुंच गया। पिछले दो हफ्तों से शुरू हुई यूरो की गिरावट काफी व्यापक रही है।

हालांकि, मौजूदा ओवरसोल्ड परिस्थितियों को देखते हुए और अधिक गिरावट का दायरा सीमित प्रतीत होता है। मुद्रा के लिए नीचे की ओर 1.1355 और 1.1325 पर दो बेहद मजबूत सपोर्ट स्तर मौजूद हैं। दूसरी तरफ, यदि यूरो ऊपर की ओर चढ़ते हुए 1.1430 के स्तर को पार करता है, जो पहले 1.1490 पर मजबूत रेजिस्टेंस था, तो यह संकेत मिलेगा कि यूरो की कमजोरी अब स्थिर हो रही है और सुधार का दौर शुरू हो सकता है।

## अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का दबाव
अमेरिकी डॉलर सूचकांक को फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में आई दो दिनों की तेजी से काफी समर्थन मिल रहा है। कच्चे तेल के दामों में उछाल ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और जोखिमों ने भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है, जिससे डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

## अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने का रुख
डॉलर की व्यापक मजबूती का असर अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और रात भर में 200-दिवसीय SMA से नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के स्तर के पास काफी कमजोर नजर आया। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और डॉलर की दो महीने की ऊंचाई ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) शुक्रवार के एशियाई सत्र में थोड़ा नीचे आया और 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर जाकर ठहर गया, क्योंकि जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका से येन मंदड़िए सतर्क हो गए हैं। बैंक ऑफ़ जापान ने हाल ही में 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया था, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम था। हालांकि, बैंक ऑफ़ जापान के रुख को नरम माने जाने के कारण येन की मजबूती सीमित रह सकती है।

कमोडिटी बाजार में सोना भी किसी ठोस तेजी के लिए संघर्ष करता दिखा और शुक्रवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब एक सीमित दायरे में फंसा रहा। हालांकि अमेरिकी डॉलर में दो महीने के उच्चतम स्तर से आई हल्की नरमी ने सोने को कुछ निचला सहारा दिया, लेकिन फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और लगातार बनी भू-राजनीतिक चिंताओं ने डॉलर के खरीदारों का पलड़ा भारी रखा है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उछाल से आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन सीधे प्रभावित होंगे।

- **भारतीय आयातकों और कंपनियों पर:** कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की व्यापक मजबूती से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है। इसके चलते आयातित वस्तुओं और ऊर्जा लागत पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव देखने को मिल सकता है।
- **यूरोप यात्रा और शिक्षा खर्च:** डॉलर के मुकाबले यूरो के कमजोर होने और 1.1355-1.1400 के निचले स्तरों पर टिकने से यूरो में लेनदेन थोड़ा स्थिर रहेगा। यूरोप में पढ़ाई या यात्रा की योजना बना रहे भारतीय छात्रों और पर्यटकों को यूरो खर्च की योजना बनाने में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से राहत मिल सकती है।
- **फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडर्स:** यूरो का RSI 30 पर होने से शॉर्ट पोजीशन रखने वाले व्यापारियों को अचानक पुलबैक के प्रति सतर्क रहना होगा। 1.1355 और 1.1325 को कड़े स्टॉप-लॉस स्तर मानकर नई रणनीतियां बनाई जा सकती हैं।
- **सोने में निवेश करने वालों के लिए:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों पर बने रहने से सोने की कीमतों में निकट भविष्य में सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है। निवेशकों को आक्रामक खरीदारी करने से पहले फेडरल रिजर्व के रुख और बॉन्ड बाजार की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख, कच्चे तेल में तेजी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने डॉलर को मजबूत किया है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राएं अत्यधिक बिकवाली के दबाव में आ गईं।

- **कच्चे तेल में उछाल और महंगाई का डर:** दो दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंकाओं को फिर से जीवित कर दिया है। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जिससे डॉलर को भारी बढ़त मिली।
- **फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:** फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के दृष्टिकोण ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा दिया है। इससे यूरो, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने जैसी परिसंपत्तियों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
- **भू-राजनीतिक जोखिमों से सुरक्षित मांग:** वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को जोखिम भरी परिसंपत्तियों से दूर हटाकर डॉलर जैसे सुरक्षित ठिकानों की तरफ मोड़ा है। इस सुरक्षित निवेश की मांग ने अन्य केंद्रीय बैंकों के नीतिगत बदलावों के असर को भी कमजोर कर दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. EUR/USD के लिए कौन से दो प्रमुख सपोर्ट स्तर महत्वपूर्ण हैं?
यूरो के लिए नीचे की ओर 1.1355 और 1.1325 पर दो अत्यंत मजबूत सपोर्ट स्तर मौजूद हैं।

### 2. EUR/USD में कमजोरी थमने का पहला संकेत किस स्तर पर मिलेगा?
यदि यूरो ऊपर चढ़ते हुए 1.1430 के रेजिस्टेंस स्तर को पार करता है, तो यह गिरावट के स्थिर होने का संकेत होगा।

### 3. बैंक ऑफ़ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?
बैंक ऑफ़ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।

### 4. अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचाने में किन कारकों की भूमिका रही?
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख, कच्चे तेल से बढ़ी महंगाई के बीच बहु-वर्षीय बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक जोखिमों ने डॉलर को मजबूती दी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._