# अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो में कमजोरी, फ्रेंच राजकोषीय चिंता और केंद्रीय बैंकों के रुख से वैश्विक बाजारों में हलचल

> यूरोपीय केंद्रीय बैंक की सख्ती और फ्रांस के वित्तीय जोखिमों के बीच यूरो डॉलर के मुकाबले 1.1459 के निचले स्तर तक फिसला, जबकि वैश्विक बाजारों में ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-euro-men-kamajori-french-rajakoshiya-chinta-aura-kendriya-bainkon-ke-rukha-se-vaishvika-bajaron-men-halachal-36484 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, यूरो डॉलर, बैंक ऑफ जापान, सोना, बिटकॉइन, फेडरल रिजर्व, ईसीबी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे यूरो दबाव में कारोबार कर रहा है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी गिरकर 1.1459 के स्तर तक आ गई है, जो पिछले सप्ताह हुई एफओएमसी (FOMC) बैठक के बाद से एक साल के अपने 1.1400 से 1.1800 के ट्रेडिंग दायरे के निचले छोर की तरफ बढ़ रही है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) द्वारा मौद्रिक नीति को और कड़ा करने की उम्मीदें हालांकि बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी से जुड़ी आक्रामक उम्मीदों के असर को काफी हद तक संतुलित करने में जुटी हुई हैं।

## यूरोपीय अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति का परिदृश्य
ऊर्जा कीमतों में हालिया बदलावों का असर आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों पर दिखने के संकेत मिल रहे हैं। ऊर्जा कीमतों में आ रही इस दूसरी लहर के कारण खाद्य पदार्थों, व्यापक स्तर पर ऊर्जा व बिजली और सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं पर कीमतों का दबाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत, सेवा क्षेत्र पर यह दबाव अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना जताई गई है। जब तक ऊर्जा कीमतों का झटका बहुत अधिक तीव्र नहीं होता, तब तक यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के एक स्थिर लेकिन मध्यम गति से आगे बढ़ने का अनुमान जताया गया है।

## फ्रांस के वित्तीय हालात और बॉन्ड यील्ड में अंतर
यूरोप में राजकोषीय और राजनीतिक जोखिम लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं, हालांकि अब तक साझा मुद्रा यूरो पर इसका बहुत गंभीर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। इसके विपरीत, सरकारी ऋण बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, जहां फ्रांस और जर्मनी के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड के बीच का यील्ड स्प्रेड इस महीने 100 बेसिस प्वाइंट्स (बीपीएस) से ऊपर निकल गया है।

इसी बीच, रेटिंग एजेंसी स्कोप रेटिंग्स ने फ्रांस की क्रेडिट रेटिंग घटा दी है। रेटिंग में इस कटौती का मुख्य कारण देश के राजकोषीय परिदृश्य में लगातार आ रही गिरावट, बढ़ते सरकारी कर्ज, लगातार बने हुए ऊंचे राजकोषीय घाटे और ढांचागत सुधारों में धीमी प्रगति को बताया गया है।

## एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
विदेशी मुद्रा बाजार में केवल यूरो ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7100 से ऊपर बोली हासिल करने में सफल रहा। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के चलते अमेरिकी डॉलर को मिला समर्थन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर सकता है। इसके साथ ही इस सप्ताह के अंत में होने वाले ट्रंप और शी के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन पर भी निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट को कुछ हद तक थामने में मदद की। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, लेकिन उसके नरम रुख के कारण येन में ज्यादा तेजी नहीं आ सकी।

## बैंक ऑफ जापान का ऐतिहासिक ब्याज दर फैसला
बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है। केंद्रीय बैंक का यह फैसला व्यापक रूप से बाजार की उन उम्मीदों के अनुरूप रहा जो पिछले कई सप्ताहों से लगाई जा रही थीं। हालांकि दर वृद्धि के बावजूद केंद्रीय बैंक के सतर्क रुख से येन पर दबाव बना रहा, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के रुख से अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहा।

## सोने में गिरावट और बिटकॉइन में कंसॉलिडेशन
जिंस बाजार में बहुमूल्य धातु सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय कारोबारी सत्र में सोना मामूली बढ़त गंवाकर 4,315 डॉलर के क्षेत्र की ओर फिसल गया, जो इसका तीन दिन का निचला स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के कारण बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित धातु से निवेशकों का रुझान कम होता दिखा है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन एक दिन पहले दर्ज की गई 6.7% की जोरदार छलांग के बाद कुछ सुस्त पड़ा और 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग अब भी कीमतों को सहारा दे रही है। सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में लगभग 1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि स्ट्रेटेजी ने अपने खजाने में 950 BTC और जोड़े हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार, कीमती धातुओं और क्रिप्टो एसेट्स में हो रहे इन बड़े बदलावों का असर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर सीधा पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय दरें:** डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य मुद्राओं पर दबाव बढ़ेगा। इससे विदेश यात्रा, विदेशी शिक्षा और आयात पर खर्च करने वाले नागरिकों की लागत में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
- **सोने के भाव:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में 4,315 डॉलर के पास गिरावट जारी रहने से घरेलू खुदरा सर्राफा बाजार में भी नरमी दिख सकती है। जो खरीदार आभूषण या निवेश के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौजूदा मूल्य सुधार पर ध्यान देना चाहिए।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** संस्थागत मांग और स्पॉट ईटीएफ में 1 अरब डॉलर के प्रवाह के बीच बिटकॉइन का 85,500 डॉलर के नीचे कंसोलिडेशन अल्पकालिक स्तर पर मुनाफावसूली का संकेत देता है। खुदरा निवेशकों को अत्यधिक अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए।
- **उधार और बांड यील्ड:** केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को कड़ा बनाए रखने से अंतरराष्ट्रीय उधारी लागत ऊंची बनी रहेगी। इससे वैश्विक स्तर पर कर्ज लेने वाली कंपनियों के ब्याज खर्च में बढ़ोतरी का दबाव जारी रह सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
मुद्रा, जिंस और बॉन्ड बाजारों में यह तेज हलचल केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों में अंतर, बढ़ते राजकोषीय घाटे और भू-राजनीतिक तनावों के संयोजन के कारण उत्पन्न हुई है।

- **केंद्रीय बैंकों के कड़े संकेत:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने से नकदी प्रवाह प्रभावित हुआ है। इसके चलते बिना ब्याज देने वाले सोने जैसे सुरक्षित निवेश से पूंजी बाहर निकलकर डॉलर परिसंपत्तियों की ओर जा रही है।
- **फ्रांस का वित्तीय दबाव:** फ्रांस के बढ़ते सरकारी ऋण और राजकोषीय घाटे के कारण स्कोप रेटिंग्स द्वारा की गई रेटिंग कटौती ने यूरोपीय बॉन्ड बाजार में घबराहट पैदा की। इसके कारण फ्रांस और जर्मनी के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का स्प्रेड 100 बेसिस पॉइंट्स से ऊपर पहुंच गया।
- **भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय तनाव:** पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आगामी ट्रंप-शी वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर को एक मजबूत सुरक्षित ठिकाना बनाए रखा है। यह मजबूती अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी परिसंपत्तियों पर लगातार दबाव बना रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. यूरो और अमेरिकी डॉलर का भाव किस स्तर तक गिरा है?
यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रात के दौरान 1.1459 के निचले स्तर तक गिर गया है, जो इसके एक साल के 1.1400 से 1.1800 के ट्रेडिंग दायरे के निचले छोर के करीब है।

### 2. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।

### 3. स्कोप रेटिंग्स ने फ्रांस की रेटिंग क्यों घटाई?
स्कोप रेटिंग्स ने बढ़ते सरकारी कर्ज, लगातार बने ऊंचे राजकोषीय घाटे और ढांचागत सुधारों में सीमित प्रगति के चलते फ्रांस के राजकोषीय परिदृश्य में गिरावट का हवाला देकर रेटिंग घटाई है।

### 4. सोने की कीमत में क्या बदलाव देखा गया है?
सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है और यह यूरोपीय कारोबारी सत्र में गिरकर 4,315 डॉलर के पास तीन दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई।

### 5. बिटकॉइन का मौजूदा बाजार स्तर क्या है और संस्थागत मांग कैसी रही?
बिटकॉइन 85,500 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में सोमवार को लगभग 1 अरब डॉलर का निवेश हुआ और स्ट्रेटेजी ने 950 BTC अपने खजाने में जोड़े।

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