# अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो में कमजोरी जारी, 1.1400 के स्तर तक फिसलने के आसार

> यूरो में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट का दबाव बना हुआ है, जहां तकनीकी स्तरों और सुस्त गति के बीच मुद्रा 1.1400 तक लुढ़क सकती है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-euro-men-kamajori-jari-1-1400-ke-stara-taka-phisalane-ke-asara-33544 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, बैंक ऑफ जापान, सोना, कच्चा तेल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो की चाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर बनी हुई है, जहां हालिया गिरावट के बाद मुद्रा दबाव के दायरे में कारोबार कर रही है। बाजार विश्लेषक क्वेक सेर लेंग के अनुसार, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी पर मंदी का दृष्टिकोण बरकरार है। बीते कारोबारी सत्रों में तेज गिरावट के बाद वर्तमान में गिरावट की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, जिससे इंट्राडे स्तर पर यह जोड़ी 1.1460 से 1.1500 के बीच सीमित दायरे में गति पकड़ सकती है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो मध्यम अवधि में यूरो पर नकारात्मक रुझान बना हुआ है और आने वाले हफ्तों में मुद्रा नीचे के नए स्तरों की ओर खिसक सकती है।

## यूरो के तकनीकी स्तर और आने वाले हफ्तों का परिदृश्य
यूरो की हालिया ट्रेडिंग हिस्ट्री पर गौर करें तो दो दिन पहले यह 1.1460 के निचले स्तर तक टूट गई थी। इसके बाद जब यूरो 1.1470 के आसपास थी, तब तकनीकी तौर पर यह गहरे ओवरसोल्ड जोन में दिखाई दे रही थी। उस स्थिति में गिरावट के 1.1435 से 1.1505 के दायरे में सिमटने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद यूरो 1.1450 के निचले स्तर तक फिसली और फिर संभलकर 1.1497 तक पहुंची, जिसके बाद 1.1474 पर मामूली 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुई। नीचे की ओर जाने वाली गति थोड़ी सुस्त जरूर हुई है, लेकिन समग्र ट्रेंड कमजोर बना हुआ है।

अगले एक से तीन हफ्तों के नजरिए से यूरो पर मंदी का दृष्टिकोण बना हुआ है, जैसा कि 17 सितंबर को भी देखा गया था जब स्पॉट भाव 1.1470 पर था। विश्लेषक क्वेक सेर लेंग के अनुसार, “यूरो 1.1435 तक गिरना जारी रख सकता है, जिसमें 1.1400 तक संभावित विस्तार शामिल है।” जब तक 1.1545 का मजबूत प्रतिरोध स्तर ऊपर की तरफ नहीं टूटता, तब तक यह नकारात्मक रुख बना रहेगा। इसके साथ ही एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज भी मुद्रा के लिए आगे और कमजोरी के संकेत दे रहे हैं।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी दिन सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया। शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर खरीदारों को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को संबल मिला। इसके अतिरिक्त, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के अनुमानों को हवा दी है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बल मिला। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं अमेरिकी डॉलर के नुकसान को थामे हुए हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की ऊपरी बढ़त भी एक सीमा में बंधी नजर आ रही है।

## बैंक ऑफ जापान का सख्त फैसला और येन की चाल
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी शुक्रवार को यूरोपीय सत्र में दो हफ्ते के शीर्ष स्तर 157.30 के करीब पहुंचकर वापस नीचे की ओर मुड़ गई। जापानी मुद्रा को बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा की मौद्रिक नीति बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस की टिप्पणियों से सहारा मिला। इससे पहले दिन में, केंद्रीय बैंक ने चौंकाने वाले फैसले के तहत 7-2 के बहुमत से ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।

एक दशक से भी अधिक समय तक जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेश में खरबों डॉलर के प्रवाह को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। जब अधिकांश प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं ब्याज दरें बढ़ा रही थीं, तब जापान पूरी दुनिया में एक अलग रुख अपनाए हुए था। अब जब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को और सख्त किए जाने की उम्मीदें हैं, तो यह ऐतिहासिक वित्तीय लाभ एक नए चरण में प्रवेश करता दिख रहा है।

## सोने की कीमतों में चमक और कच्चे तेल का प्रभाव
कमोडिटी बाजार में सोने ने यूरोपीय सत्र में कदम रखते हुए लगातार दूसरे दिन लिवाली आकर्षित की और एक नए साप्ताहिक उच्च स्तर को छुआ। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से और पीछे हट गई है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बेकाबू मुद्रास्फीति के तात्कालिक डर को कम करने में मदद की है। मुद्रास्फीति की चिंताओं में इस नरमी ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर अंकुश लगाया है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती और यूरो की नरमी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश लागत प्रभावित हो सकती है।

- **भारतीय आयातकों पर असर:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती से कच्चे तेल और आयातित वस्तुओं के बिल पर दबाव बना रह सकता है। इससे घरेलू बाजार में आयातित लागत प्रबंधन की सतर्क निगरानी जरूरी हो जाती है।
- **यूरोप यात्रा और पढ़ाई:** डॉलर की तुलना में यूरो के कमजोर रहने से यूरोपीय देशों में यात्रा या पढ़ाई के खर्च में सापेक्ष स्थिरता रह सकती है। यूरोप में पढ़ाई या यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए विनिमय दर को ट्रैक करना फायदेमंद रहेगा।
- **सुरक्षित निवेश विकल्प:** सोने की कीमतों में नए साप्ताहिक उच्च स्तर की वजह से खुदरा आभूषण खरीदारों को अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। निवेशक वैश्विक अनिश्चितता के दौर में पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए बुलियन पर नजर रख सकते हैं।
- **वैश्विक पूंजी प्रवाह:** जापान द्वारा ब्याज दर 1.25 प्रतिशत किए जाने से सस्ते कर्ज पर निर्भर वैश्विक नकदी प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेश के प्रवाह में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरोपीय मुद्रा में यह कमजोरी तकनीकी संकेतकों, केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर रुख और विभिन्न वैश्विक आर्थिक कारकों के मिले-जुले असर के कारण सामने आई है।

- **तकनीकी दबाव और मूविंग एवरेज:** यूरो हालिया गिरावट के बाद गहरे ओवरसोल्ड दायरे में पहुंच गया है, जहां एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज लगातार बिकवाली का रुझान दिखा रहे हैं। जब तक 1.1545 का मजबूत प्रतिरोध स्तर पार नहीं होता, तब तक तकनीकी मंदी बनी रहेगी।
- **फेडरल रिजर्व का रुख और भू-राजनीति:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत और अंतरराष्ट्रीय तनावों ने डॉलर को सुरक्षात्मक सहारा दिया है। यह कारक यूरो और अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की संभावित रिकवरी को सीमित कर रहा है।
- **जापान और ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत कदम:** बैंक ऑफ जापान द्वारा आश्चर्यजनक रूप से ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की सख्त टिप्पणियों ने मुद्रा बाजार के समीकरणों में फेरबदल किया है। इन नीतिगत बदलावों से वैश्विक नकदी के प्रवाह में पुनर्संतुलन देखने को मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्वेक सेर लेंग के अनुसार यूरो का निकटतम ट्रेडिंग दायरा क्या रहने का अनुमान है?
इंट्राडे आधार पर यूरो के 1.1460 से 1.1500 के बीच कारोबार करने का अनुमान लगाया गया है।

### 2. आने वाले एक से तीन हफ्तों में यूरो किन स्तरों तक गिर सकता है?
विश्लेषण के अनुसार यूरो 1.1435 तक फिसल सकता है और यह गिरावट 1.1400 तक भी बढ़ सकती है।

### 3. यूरो के लिए सबसे मजबूत प्रतिरोध स्तर कौन सा माना गया है?
यूरो के लिए 1.1545 का स्तर एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में चिन्हित किया गया है।

### 4. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर को बढ़ाकर कितना कर दिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 5. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का बाजार पर क्या असर पड़ा है?
कच्चे तेल में नरमी से तात्कालिक मुद्रास्फीति की चिंताएं घटी हैं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और सोने को सहारा मिला।

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