अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो पर बढ़ा दबाव, 1.1500 के स्तर की ओर फिसलने के आसार यूरोपीय मुद्रा 1.1600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गई है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसमें और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। विदेशी मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा पर दबाव गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो ने हाल ही में 1.1600 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर नीचे की तरफ तोड़ दिया है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यूरो पर यह दबाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर को लेकर मजबूत रुख बना हुआ है। हालांकि, यूरो क्षेत्र की केंद्रीय बैंकिंग नीतियों और मध्य पूर्व के घटनाक्रमों के कारण गिरावट की रफ्तार कुछ हद तक सीमित भी रह सकती है। 1.1500 की ओर फिसलने के तकनीकी संकेत विश्लेषकों का ताजा अनुमान बताता है कि यूरो और डॉलर की विनिमय दर में निकट भविष्य का लक्ष्य 1.1500 का स्तर बना हुआ है। कल जब यह जोड़ी 1.1600 के नीचे खिसकी, तो तकनीकी रूप से कमजोरी और बढ़ गई। लाइव बाजार आंकड़ों पर गौर करें तो EUR/USD जोड़ी 1.15 के आसपास कारोबार कर रही है, जहां इसका 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 37 पर है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस में नकारात्मक रुझान बना हुआ है, जबकि 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.16 के स्तर पर हैं। यह दीर्घकालिक गिरावट और कमजोरी के तकनीकी रुझान को दर्शाता है। तात्कालिक सपोर्ट 1.15 और 1.14 के स्तरों पर देखा जा रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 1.16 और 1.17 पर कड़ा प्रतिरोध मौजूद है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक का सख्त रुख और आर्थिक लचीलापन यूरो में गिरावट की गति को थामने में यूरोपीय सेंट्रल बैंक का सख्त रुख कुछ मददगार साबित हो सकता है। बैंक की गवर्निंग काउंसिल ने संकेत दिया है कि भविष्य में दरों में और सख्ती की जरूरत पड़ सकती है। इस विचार के पीछे यूरो क्षेत्र का अप्रत्याशित रूप से लचीला आर्थिक विकास परिदृश्य मुख्य वजह है। मैक्रो स्तर पर हालांकि विश्लेषकों का एक वर्ग इस बात पर संशय जताता है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक वास्तव में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करेगा या नहीं। इसके बावजूद, खाड़ी क्षेत्र यानी गल्फ में बदलते घटनाक्रमों और भू-राजनीतिक तनावों के मद्देनजर नीति निर्माता फिलहाल अपने सख्त और सतर्क रुख पर कायम रह सकते हैं। एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं का हाल वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ों में भी मिला-जुला कारोबार देखा गया। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर 0.7140 पर आ गया। हालांकि, इस स्तर पर इसमें लगातार बिकवाली जारी नहीं रही और स्पॉट कीमतें दिन के दौरान लगभग 0.25% की गिरावट के साथ 0.7100 के मध्य क्षेत्र से ठीक ऊपर कारोबार करती रहीं। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी ने सप्ताह की शुरुआत में कुछ बढ़त हासिल की। शुक्रवार के नुकसान की आंशिक भरपाई करते हुए यह जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 154.00 के करीब पहुंच गई। इसके बावजूद, यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में ही बनी रही और पिछले मंगलवार को दर्ज किए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के बेहद नजदीक मंडराती रही। ट्रेडर्स की नजरें इस सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंक बैठकों और घोषणाओं पर टिकी हैं। पाई नेटवर्क और कनाडाई मुद्रास्फीति के आंकड़े क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट क्षेत्र में, पाई नेटवर्क लगातार दो सप्ताह की बढ़त के बाद सोमवार को भी अपनी रिकवरी जारी रखते हुए $0.097 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके इकोसिस्टम के विकास और डेवलपर्स के लिए बेहतर होते टूल्स नेटवर्क की उपयोगिता को मजबूती दे रहे हैं। तकनीकी संकेतक सुधार के संकेत दे रहे हैं, लेकिन ऊपर की ओर मौजूद एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज अभी भी चुनौती बने हुए हैं और पाई की तेजी को सीमित कर रहे हैं। दूसरी ओर, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में कनाडा के अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर बाजार की नजरें हैं। बैंक ऑफ कनाडा द्वारा 2 सितंबर की अपनी बैठक में ब्याज दरों को 2.25% पर स्थिर रखने के फैसले के बाद, यह आधिकारिक डेटा बताएगा कि देश में महंगाई का वास्तविक दबाव किस स्तर पर है। इसका आप पर असर विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो की कमजोरी और डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • मुद्रा कारोबारियों पर असर: EUR/USD में 1.1600 टूटने के बाद ट्रेडर्स को 1.1500 के स्तर के आसपास कड़े स्टॉप-लॉस का ध्यान रखना होगा। अस्थिरता बढ़ने पर पोजीशन साइजिंग को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी हो जाता है। • यूरोप यात्रा और पढ़ाई का खर्च: डॉलर के मुकाबले यूरो के कमजोर होने से यूरोपीय देशों की यात्रा और वहां पढ़ाई की लागत डॉलर आधारित खर्चों की तुलना में थोड़ी किफायती हो सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और डॉलर-मूल्यवान सेवाओं पर मुद्रा उतार-चढ़ाव का प्रभाव बना रहेगा। • आयात-निर्यात पर प्रभाव: यूरोपीय निर्यातकों को कमजोर मुद्रा से मूल्य प्रतिस्पर्धा में मदद मिल सकती है, जबकि ऊर्जा जैसे डॉलर-मूल्यवान आयातों की लागत बढ़ सकती है। आयातकों को अपने विदेशी मुद्रा अनुबंधों को तुरंत हेज करने की योजना बनानी चाहिए। • क्रिप्टो और कमोडिटी निवेशक: डॉलर सूचकांक में मजबूती आमतौर पर कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स पर दबाव बढ़ाती है। निवेशकों को आगामी केंद्रीय बैंक फैसलों तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ यूरो में यह ताजा गिरावट तकनीकी स्तर टूटने और व्यापक आर्थिक नीतियों के बीच असमानता की वजह से पैदा हुई है। • तकनीकी सपोर्ट का टूटना: मुद्रा बाजार में 1.1600 का स्तर लंबे समय से एक अहम आधार बना हुआ था, जिसके टूटते ही नई बिकवाली शुरू हो गई। इस स्तर के नीचे फिसलने से व्यापारियों ने 1.1500 के अगले लक्ष्य की ओर पोजीशन लेना शुरू कर दिया है। • डॉलर का मजबूत दृष्टिकोण: अमेरिकी डॉलर के प्रति सकारात्मक धारणा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग ने डॉलर को मजबूती दी है। इसके विपरीत अन्य प्रमुख मुद्राएं दबाव में आ रही हैं। • खाड़ी क्षेत्र और नीतिगत अनिश्चितता: गल्फ में भू-राजनीतिक गतिविधियों और ऊर्जा बाजार की चिंताओं ने यूरोपीय नीति निर्माताओं को सतर्क रुख बनाए रखने पर मजबूर किया है। हालांकि दरों में वास्तविक बढ़ोतरी को लेकर बाजार में संशय बना हुआ है। • आगामी केंद्रीय बैंक कार्यक्रम: सप्ताह के दौरान कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों को देखते हुए व्यापारी सतर्क हैं और जोखिम भरे सौदों से बच रहे हैं। इससे येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी मुद्राओं में भी सीमित दायरे का उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. EUR/USD के लिए अगला प्रमुख लक्ष्य क्या माना जा रहा है? विश्लेषक 1.1600 का स्तर नीचे की ओर टूटने के बाद 1.1500 को निकट अवधि का प्रमुख लक्ष्य मान रहे हैं। 2. यूरोपीय सेंट्रल बैंक का मौजूदा रुख क्या है? यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल सख्त रुख बनाए हुए है और अप्रत्याशित आर्थिक लचीलेपन के कारण अतिरिक्त नीतिगत सख्ती की संभावना से इनकार नहीं कर रही है। 3. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हालिया कारोबार कैसा रहा? AUD/USD जोड़ी एशियाई सत्र में करीब 0.7140 के स्तर पर डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंची और 0.25% की दैनिक गिरावट के साथ कारोबार करती रही। 4. बैंक ऑफ कनाडा ने ब्याज दरों को किस स्तर पर रखा है? बैंक ऑफ कनाडा ने 2 सितंबर की अपनी बैठक में ब्याज दरों को 2.25% के स्तर पर अपरिवर्तित रखा था। 5. पाई नेटवर्क का मौजूदा ट्रेडिंग स्तर क्या है? पाई नेटवर्क दो हफ्तों की लगातार बढ़त के बाद $0.097 से ऊपर कारोबार कर रहा है, हालांकि ऊपरी मूविंग एवरेज स्तर इसकी तेजी को सीमित कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-euro-para-barha-dabava-1-1500-ke-stara-ki-ora-phisalane-ke-asara-34061 TrendKia — Har trend, sabse pehle.