अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में सीमित दायरे का कारोबार, प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों पर दबाव यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार केक सेर लियांग के विश्लेषण के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन सीमित दायरे में फंसा है, जबकि डॉलर की व्यापक मजबूती ने सोने, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच उतार-चढ़ाव एक सीमित दायरे में बना हुआ है, जहां अल्पकालिक दिशा को लेकर अनिश्चितता साफ दिख रही है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार केक सेर लियांग के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी डॉलर 156.94 और 158.21 के बीच झूलने के बाद 157.83 पर बंद हुआ था। दैनिक स्तर पर विनिमय दर के 157.10 से 158.10 के दायरे में घूमने की संभावना जताई गई है। व्यापक तस्वीर देखें तो एक से तीन हफ्तों के दौरान किसी तेज गिरावट के बजाय 156.35 से 158.70 के बीच स्थिरता रहने का अनुमान है, जबकि एक से तीन महीने के व्यापक नजरिए से तेज नीचे की गति जनवरी के निचले स्तर 152.08 तक खिंचाव पैदा कर सकती है। जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच 24 घंटे का उतार-चढ़ाव विदेशी मुद्रा बाजार में हालिया सत्रों के दौरान डॉलर में तीव्र फेरबदल देखने को मिला है। पिछले गुरुवार को अमेरिकी डॉलर चढ़कर 158.45 तक पहुंचा था और बाद में 0.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 158.07 पर बंद हुआ। इसके बाद एशियाई सत्र की शुरुआती हलचल के समय जब भाव 157.90 पर था, तब तेजी का झुकाव कम होने और 157.20 से 158.30 के बीच कारोबार होने के आसार थे। इसके बाद डॉलर 158.21 तक गया, लेकिन न्यूयॉर्क सत्र के दौरान अचानक लुढ़ककर 156.94 के निचले स्तर तक गिर गया था। निचले स्तरों से संभलते हुए डॉलर ने 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 157.83 पर समापन किया। मूल्य की इस चाल से बाजार में किसी स्पष्ट नई दिशा के संकेत नहीं मिलते हैं, जिसके चलते दैनिक स्तर पर 157.10 से 158.10 का दायरा प्रभावी माना जा रहा है। सोमवार को एशियाई सत्र में डॉलर ने अपनी शुरुआती गिरावट मिटाते हुए फिर से 158.00 का स्तर पार कर लिया, जिससे यह जोड़ी एक हफ्ते पुराने दायरे में बनी रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कमजोर पड़ती उम्मीदों के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की अपेक्षाएं और बाजार में संभावित सरकारी दखल के जोखिम डॉलर की बढ़त को सीमित कर सकते हैं और जापानी येन को सहारा दे सकते हैं। मध्यम अवधि का तकनीकी परिदृश्य और दायरे में स्थिरता एक से तीन सप्ताह के मध्यम नजरिए पर नजर डालें तो पिछले सोमवार यानी 28 सितंबर को जब हाजिर भाव 157.50 पर था, तब डॉलर में और गिरावट की संभावना तो थी लेकिन यह गिरावट 156.00 से 158.70 के दायरे के भीतर ही रहने का आकलन किया गया था। इस दौरान 156.35 के स्तर तक एक संक्षिप्त गिरावट को छोड़कर डॉलर नीचे की ओर ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया है। बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए आगे और गहरी गिरावट आने के बजाय डॉलर के 156.35 और 158.70 के बीच ही कारोबार करने की संभावना अधिक मानी जा रही है। लेकिन जब नजरिए को एक से तीन महीने तक बढ़ाया जाता है, तो नीचे की तेज रफ्तार का जोखिम बना हुआ है, जो विनिमय दर को जनवरी के 152.08 के निचले स्तर तक धकेल सकता है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और यूरो पर डॉलर की मजबूती का दबाव अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी साफ देखा जा रहा है। सोमवार को देर से चलने वाले एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 0.6900 की ओर फिसल गया। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में अमेरिकी डॉलर की नई मजबूती ने इस जोड़ी पर दबाव बनाया है। बाजार प्रतिभागी अब नई दिशा के लिए कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी उम्मीदों पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। बुधवार को यह जोड़ी लुढ़ककर 1.1312 तक पहुंच गई थी, जो जनवरी के अपने उच्च स्तर 1.2082 से काफी नीचे है। यूरो में आई यह तीव्र गिरावट मजबूत अमेरिकी डॉलर, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप के ऊर्जा संकट तथा उच्च ऊर्जा कीमतों के जोखिमों के संयुक्त असर को दर्शाती है। सोने में ठहराव और बीएनबी क्रिप्टो टोकन की स्थिति कमोडिटी बाजार में सोना भी सीमित दायरे में अटका हुआ है और यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करता नजर आया। पिछले करीब एक हफ्ते से सोना एक तय दायरे के भीतर ही झूल रहा है। निवेशक पिछले शुक्रवार के कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ चुके हैं, जिसके बाद डॉलर ने अप्रैल 2025 के बाद का नया उच्चतम स्तर छू लिया है। डॉलर की इस तेज तेजी ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाए रखा है और इसे ऊपर जाने से रोका है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की कम होती उम्मीदों ने सोने को एक बड़े नुकसान से बचाए रखा है और इसके निचले स्तरों को सहारा दिया है। डिजिटल एसेट बाजार में, जिसे पहले बिनेंस कॉइन के नाम से जाना जाता था, वह बीएनबी टोकन लगातार तीन हफ्तों की साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद सोमवार को गिरकर करीब 790 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। डेरिवेटिव बाजार में बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग रेट्स यह संकेत दे रहे हैं कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस कारोबार में तेजी के सौदे मजबूत हो रहे हैं। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जापानी येन में स्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयात लागत और यात्रा खर्च पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय भुगतान की योजना बना रहे लोगों को विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी होगी। डॉलर की लगातार मजबूती के कारण विदेश में पढ़ाई और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बजट बढ़ सकता है। • आयात और जिंसों की लागत: डॉलर मजबूत रहने से कच्चे तेल और आयातित वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थानीय स्तर पर महंगी बनी रह सकती हैं। यदि यह स्थिति जारी रही तो घरेलू स्तर पर ईंधन और संबंधित उत्पादों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। • सोने और निवेश के अवसर: सोने की कीमतें 4,150 डॉलर के नीचे एक सीमित दायरे में फंसी हुई हैं। निवेशक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों से पहले नई खरीदारी के लिए उपयुक्त स्तरों की प्रतीक्षा कर सकते हैं। • क्रिप्टोकरेंसी और डेरिवेटिव्स: बीएनबी टोकन में हालिया गिरावट के बावजूद डेरिवेटिव बाजार में तेजी के संकेत हैं। वायदा कारोबारियों को फंडिंग रेट और ओपन इंटरेस्ट के स्तरों को देखकर ही जोखिम प्रबंधन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर और अन्य मुद्राओं के बीच यह उतार-चढ़ाव आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के आपसी टकराव के कारण हुआ है। • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को मजबूत बनाए रखा है। संकट के समय निवेशक नकदी और डॉलर को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं। • अमेरिकी रोजगार आंकड़े और फेड नीतियां: पिछले शुक्रवार को अमेरिका के रोजगार आंकड़े निराशाजनक आए थे, जिससे अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें घटी हैं। इसके बावजूद निवेशकों ने आंकड़ों को नजरअंदाज कर डॉलर में खरीदारी जारी रखी। • बैंक ऑफ जापान और हस्तक्षेप का डर: जापानी येन में डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट इसलिए रुकी हुई है क्योंकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंका बनी हुई है। इन कारकों ने येन को एक निश्चित सीमा से नीचे नहीं गिरने दिया। • यूरोप में ऊर्जा संकट का असर: यूरोपीय संघ उच्च ऊर्जा कीमतों और युद्ध के जोखिमों से अधिक प्रभावित है, जिसने यूरो को कमजोर कर डॉलर को बढ़त दिलाई। सवाल-जवाब 1. यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के अनुसार अमेरिकी डॉलर और येन का दैनिक दायरा क्या रहने का अनुमान है? रणनीतिकार केक सेर लियांग के अनुसार डॉलर और येन का इंट्राडे कारोबार 157.10 से 158.10 के दायरे में रहने की संभावना है। 2. अगले एक से तीन हफ्तों में डॉलर और जापानी येन के किस दायरे में रहने की उम्मीद है? एक से तीन हफ्तों के दौरान विनिमय दर के 156.35 से 158.70 के बीच स्थिर रहने का अनुमान जताया गया है। 3. यूरो में हालिया गिरावट का क्या कारण है? यूरो मई 2025 के बाद के निचले स्तर 1.1312 पर गिर गया, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतें हैं। 4. सोने की कीमतों पर दबाव क्यों बना हुआ है? अमेरिकी डॉलर के अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के कारण सोना 4,150 डॉलर के नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 5. बीएनबी क्रिप्टो टोकन का हालिया स्तर क्या रहा? लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद सोमवार को बीएनबी में मामूली गिरावट आई और यह करीब 790 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-japanese-yen-men-simita-dayare-ka-karobara-pramukha-vaishvika-mudraon-aura-snpattiyon-para-dabava-43223 TrendKia — Har trend, sabse pehle.