अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में सीमित दायरे का कारोबार, सोने और वैश्विक मुद्राओं में हलचल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन सीमित दायरे में फंसा हुआ है, जबकि बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने और वैश्विक मुद्राओं में उतार-चढ़ाव जारी है। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच का लेन-देन फिलहाल किसी स्पष्ट दिशा के बिना एक सीमित दायरे में अटका हुआ दिखाई दे रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार, छोटी अवधि के दौरान इस मुद्रा जोड़ी को कोई स्पष्ट दिशात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते पूरे दिन के कारोबार में इस जोड़ी की चाल 157.55 से 158.45 के बीच ही सीमित रहने का अनुमान लगाया गया है। आने वाले एक से तीन हफ्तों के दौरान भी यह जोड़ी 156.35 से 158.70 के एक व्यापक दायरे में कारोबार कर सकती है, हालांकि एक से तीन महीने के नजरिए से नीचे की ओर दबाव बनने और जोड़ी में कमजोरी आने की संभावना जताई गई है। जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच तकनीकी दायरा दैनिक कारोबार की पड़ताल करने पर यह सामने आया है कि पिछले सत्र में डॉलर के 157.10 और 158.10 के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था। वास्तव में डॉलर 157.41 और 158.29 के बीच झूलता रहा और दिन के अंत में 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 157.90 पर लगभग अपरिवर्तित बंद हुआ। यह मूल्य चाल निवेशकों को कोई स्पष्ट संकेत नहीं देती है। आज के कारोबारी दिन में भी डॉलर 157.55 और 158.45 के बीच सीमित रह सकता है। एक से तीन हफ्तों के परिदृश्य पर नजर डालें तो बाजार का रुख 05 अक्टूबर को 157.65 के स्तर पर देखे गए अनुमान के समान ही बना हुआ है। पहले 156.00 से 158.70 के दायरे में गिरावट की जो बात कही गई थी, उसके उलट अब यह उम्मीद है कि डॉलर 156.35 और 158.70 के बीच एक तय दायरे में कारोबार करेगा। मंगलवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबार के दौरान यह जोड़ी एक बार फिर 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गई। बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त रुख की उम्मीदों और बाजार में सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद जापानी येन को कोई खास सहारा नहीं मिल पा रहा है। बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव का मुद्रा बाजार पर असर फिक्स्ड इनकम बाजार में लगातार जारी बिकवाली के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। इसके साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भी अमेरिकी डॉलर को मजबूती देने का काम किया है। हालांकि अक्टूबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के दांव कमजोर पड़ रहे हैं, फिर भी डॉलर साल के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है, जिससे इस जोड़ी को लगातार समर्थन मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मोर्चे पर, मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान इसमें हल्की कमजोरी देखी गई। इसके साथ ही पिछले हफ्ते छुए गए दो महीने के निचले स्तर से पिछले दो दिनों से जारी सुधार की रफ्तार भी थम गई। हालांकि, इस महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए एक सहारा साबित हो सकती है। सोने में वापसी और वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियां कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में मंगलवार को एक तेज उछाल देखने को मिला। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना, जिससे पीली धातु को संभलने का मौका मिला। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान सोना गिरकर दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर पर पहुंच गया था। बाद के कारोबार में यह 0.82 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया। आज किसी बड़े आर्थिक आंकड़े के जारी होने का कार्यक्रम नहीं है, जिसके कारण बाजार का पूरा ध्यान यूरोपीय बाजारों के घटनाक्रम और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक हलचलों पर टिका हुआ है। फ्रांस में आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि सोशलिस्ट और मरीन ले पेन की नेशनल रैली बजट विवाद को लेकर सरकार गिराने का संकेत देते हैं या नहीं। वहीं दूसरी ओर, यूरोपियन सेंट्रल बैंक के सामने महंगाई का लक्ष्य से दोगुना होने का संकट है, जिसका सामान्य समाधान दरें बढ़ाना होता। लेकिन मौजूदा परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं, क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती का एक बड़ा हिस्सा खुद पूरा कर रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक के सामने एक गंभीर असमंजस पैदा हो गया है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार और बॉन्ड यील्ड में यह स्थिरता और उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश यात्रा खर्चों को सीधे प्रभावित करते हैं। • मुद्रा विनिमय दरें: डॉलर के मुकाबले जापानी येन में नरमी जारी रहने से जापान की यात्रा करने वाले पर्यटकों और वहां से सामान आयात करने वाले व्यापारियों के लिए लागत अपेक्षाकृत स्थिर बनी रहेगी। हालांकि डॉलर की निरंतर मजबूती अन्य मुद्राओं के रूपांतरण को महंगा बनाए रख सकती है। • सोने के आभूषण और निवेश: सोने की कीमतों में 4,104 डॉलर के निचले स्तर से आया 4,173 डॉलर का उछाल खुदरा खरीदारों और आभूषण प्रेमियों की जेब पर असर डालेगा। हालिया गिरावट का लाभ उठाने की योजना बना रहे निवेशकों को अब बदले हुए भावों पर नजर रखनी होगी। • फिक्स्ड इनकम और निवेश रणनीति: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बने रहने से वैश्विक ऋण प्रतिभूतियों में ब्याज दरों का दबाव बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय इक्विटी और बॉन्ड पोर्टफोलियो में निवेश करने वाले व्यक्तियों को अपने रिटर्न पर यील्ड के असर का ध्यान रखना होगा। • वैश्विक अनिश्चितता और बजट दबाव: पश्चिम एशिया और यूरोप के राजनीतिक घटनाक्रम से ईंधन और आयातित वस्तुओं की दरों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपभोक्ताओं को आगामी हफ्तों में दैनिक बजट में आयात से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों की निगरानी करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन के सीमित दायरे में रहने और सोने में बदलाव के पीछे बॉन्ड यील्ड का उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां मुख्य वजह हैं। • बॉन्ड यील्ड और फेड दांव: फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली ने अमेरिकी यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर पर रखा, जिससे डॉलर मजबूत बना रहा। हालांकि अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं कमजोर पड़ने से डॉलर में एकतरफा तेजी नहीं आ सकी। • जापान की नीति और हस्तक्षेप चिंता: बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की अटकलों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप की चर्चाओं के बावजूद बाजार को कोई ठोस दिशा नहीं मिली। इसने जापानी येन को एक निश्चित दायरे से बाहर निकलने से रोके रखा। • सोने में तकनीकी सुधार: एशियाई सत्र में सोना दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर तक गिरने के बाद ट्रेजरी यील्ड में आई हल्की गिरावट के चलते 4,173 डॉलर तक सुधरने में कामयाब रहा। यील्ड में नरमी से गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को तात्कालिक राहत मिली। • यूरोप और भू-राजनीति: पश्चिम एशिया के तनाव और फ्रांस में बजट को लेकर सरकार गिरने के संभावित संकट ने निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर किया। साथ ही, यूरोपियन सेंट्रल बैंक की दरों पर असमंजस ने वैश्विक मुद्राओं की दिशा को उलझाए रखा है। सवाल-जवाब 1. दिन के कारोबार में USD/JPY के किस दायरे में रहने का अनुमान है? दिन के कारोबार में USD/JPY के 157.55 से 158.45 के बीच सीमित दायरे में कारोबार करने का अनुमान लगाया गया है। 2. अगले 1 से 3 हफ्तों के लिए इस मुद्रा जोड़ी का क्या दायरा बताया गया है? आगामी 1 से 3 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी के 156.35 से 158.70 के व्यापक दायरे में कारोबार करने की संभावना व्यक्त की गई है। 3. सोने के भाव में क्या बदलाव देखा गया है? सोना एशियाई कारोबार के दौरान 4,104 डॉलर के निचले स्तर तक गिरने के बाद 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर पर पहुंच गया। 4. अमेरिकी डॉलर को किन कारकों से सहारा मिल रहा है? अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के कई वर्षों के उच्च स्तर पर बने रहने और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण डॉलर को समर्थन मिल रहा है। 5. फ्रांस के राजनीतिक परिदृश्य में क्या अहम मुद्दा बना हुआ है? फ्रांस में मुख्य मुद्दा यह है कि सोशलिस्ट और मरीन ले पेन की नेशनल रैली बजट को लेकर सरकार गिराने का कदम उठाते हैं या नहीं। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-japanese-yen-men-simita-dayare-ka-karobara-sone-aura-vaishvika-mudraon-men-halachala-43997 TrendKia — Har trend, sabse pehle.