अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में भारी गिरावट, फेडरल रिजर्व की सख्ती से मुद्रा बाजारों में हलचल फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि की चर्चाओं के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और डॉलर-येन जोड़ी 158.00 के पार निकल गई है। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरें 1.25% करने और भारी भरकम मुद्रा हस्तक्षेप के बावजूद जापानी मुद्रा दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी मुद्रा एक बार फिर गंभीर दबाव का सामना कर रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन अपनी हालिया बढ़त गंवा चुका है, जिससे USD/JPY विनिमय दर 158.00 के स्तर को पार कर गई है। फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चर्चाएं जैसे ही तेज हुईं, अमेरिकी डॉलर में चौतरफा मजबूती दर्ज की गई। 2 सितंबर के बाद यह पहला मौका है जब यह मुद्रा जोड़ी अपने 200 दिवसीय औसत से ऊपर दैनिक स्तर पर बंद होने की दिशा में बढ़ रही है। जापान द्वारा अपनी मुद्रा को संभालने के लिए किए जा रहे वित्तीय प्रयास महंगे साबित हो रहे हैं और उनका असर बाजार पर बेहद कम समय के लिए ही टिक पा रहा है। रिकॉर्ड मुद्रा हस्तक्षेप के बावजूद कमजोर पड़ता येन जापानी वित्त मंत्रालय ने घरेलू मुद्रा को सहारा देने के लिए अभूतपूर्व धनराशि खर्च की है। 30 जुलाई से 26 अगस्त के बीच जापानी प्रशासन ने येन की भारी खरीद करते हुए रिकॉर्ड 15.4 ट्रिलियन येन बाजार में झोंक दिए। यह रकम उस 11.7 ट्रिलियन येन के मुकाबले कहीं अधिक थी, जिसे जापान ने अप्रैल और मई के दौरान खर्च किया था। इस अभियान में 31 जुलाई को अमेरिकी ट्रेजरी ने भी हिस्सा लिया था। किसी एक महीने के भीतर अपनी मुद्रा को थामने के लिए जापान द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय खर्च था, जिसने USD/JPY को लगभग चार हफ्तों तक 160.00 के दायरे से नीचे बनाए रखा था। हालांकि, बाजार के रुख ने इस बड़े हस्तक्षेप के असर को तेजी से मिटा दिया। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट ने 8 सितंबर को कहा था कि उन्हें बैंक ऑफ जापान के अगले कदम के बारे में व्यापारियों की तुलना में अधिक जानकारी है। उसी दिन USD/JPY गिरकर अपने सितंबर के निचले स्तर 153.00 के करीब आ गया था। लेकिन इसके तुरंत बाद विनिमय दर ने जोरदार वापसी की और उस गिरावट के लगभग तीन चौथाई हिस्से की भरपाई कर ली। चार्ट पर तकनीकी स्तर और विनिमय दर का दायरा तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो बुधवार के कारोबारी सत्र में 158.50 से ठीक नीचे का उच्चतम स्तर तात्कालिक बाधा या रेजिस्टेंस के रूप में सामने आया है। यदि विनिमय दर इससे ऊपर निकलती है, तो अगला प्रमुख पड़ाव 159.00 का स्तर होगा, जहां अगस्त के अंतिम दिनों में USD/JPY का अधिकांश कारोबार हुआ था। इसके बाद 160.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर आता है, जहां से सितंबर की शुरुआत में तेज गिरावट देखने को मिली थी। दूसरी ओर, सपोर्ट के स्तरों में अहम फेरबदल हुआ है। बुधवार को 158.00 का स्तर रेजिस्टेंस से बदलकर सपोर्ट में तब्दील हो गया। इसके नीचे 157.50 के ठीक ऊपर स्थित 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) मौजूद है, जिसने 2 सितंबर से हर दैनिक बंद भाव को सीमित कर रखा था। यदि गिरावट बढ़ती है, तो अगला निचला स्तर 157.00 पर आंका गया है। तकनीकी संकेतक के रूप में दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) लगभग 40 तक पहुंच चुका है और लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार अभी ओवरबॉट क्षेत्र से काफी दूर है। जब तक विनिमय दर 157.50 से ऊपर बनी रहती है, तब तक तेजी का रुझान 159.00 और 160.00 के लक्ष्यों की ओर सक्रिय रहेगा, जबकि 157.00 के नीचे दैनिक बंद इस तेजी के चक्र को समाप्त कर देगा। बैंक ऑफ जापान की नीति और मौद्रिक विचलन बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में यह कदम पहले से ही काफी हद तक प्रत्याशित था। तोक्यो के बाजारों में छुट्टियों के बाद जब गुरुवार को कामकाज दोबारा शुरू होगा, तब यह 1.25% की नई नीतिगत दर प्रभावी रूप से लागू होगी। एशियाई कारोबारी सत्र में यह जोड़ी 157.00 के मध्य क्षेत्र में बनी रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान की इस दर वृद्धि को बाजार ने अपेक्षाकृत नरम माना, जिससे जापानी मुद्रा को कोई विशेष मजबूती नहीं मिल सकी। जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की नीतियों, अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा निवेशकों की जोखिम भावना पर निर्भर करता है। मुद्रा नियंत्रण बैंक ऑफ जापान के मुख्य जनादेशों में से एक रहा है। बैंक ने अतीत में विनिमय बाजार में सीधे तौर पर हस्तक्षेप किए हैं, हालांकि मुख्य व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे कदमों से अक्सर बचा जाता है। 2013 से 2024 तक बैंक ऑफ जापान की अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति ने प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ व्यापक नीतिगत अंतर पैदा किया, जिससे येन लगातार कमजोर होता गया। 2024 में इस नीति को धीरे-धीरे समेटने के फैसले और अन्य प्रमुख बैंकों की दरों में कटौती ने बॉन्ड अंतर को कुछ कम जरूर किया है, लेकिन दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अन्य संपत्तियों पर असर और वैश्विक मैक्रो परिदृश्य अमेरिकी डॉलर के कड़े रुख का असर केवल जापानी मुद्रा तक ही सीमित नहीं रहा है। अन्य प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं में भी उल्लेखनीय हलचल देखी गई है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) में बुधवार को बिकवाली का दबाव गहरा गया, जिससे यह जोड़ी गिरकर अगस्त की शुरुआत वाले निचले 0.7000 के दायरे में पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती ने इसे नीचे धकेला है, और अब बाजार की निगाहें आगामी रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। उधर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर भी भारी दबाव देखा गया। दो दिनों की लगातार बढ़त के बाद पीली धातु बुधवार को नीचे आ गई और प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल और डॉलर इंडेक्स की तेजी ने सोने की चमक को फीका कर दिया है। व्यापक आर्थिक मोर्चे पर फेडरल रिजर्व ने अपने मुख्य संदर्भ दर को 2027 तक अपरिवर्तित रखने का अनुमान लगाया है। इस अवधि में उच्च ढुलाई लागत का असर अमेरिकी खुदरा कीमतों पर दिखने की संभावना है। फरवरी के अंत में ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से एशिया से अमेरिका तक कंटेनर भेजने का खर्च चार गुना से अधिक बढ़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के शोध के अनुसार, खुदरा दुकानों की कीमतों पर इस ढुलाई लागत का चरम असर लगभग एक साल बाद यानी 2027 में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इस बीच, ट्रंप और शी की आगामी बैठक से पहले अमेरिका तथा ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत का दौर पूरा होने की खबरों पर बाजार ने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर की इस नई मजबूती और जापानी येन में आई गिरावट से अंतरराष्ट्रीय विनिमय दरों, यात्रा खर्च और विदेश व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय और अंतरराष्ट्रीय यात्रा: विदेश यात्रा या शिक्षा के लिए डॉलर खरीदने वालों की लागत बढ़ सकती है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रुपया भी दबाव में आ सकता है, जिससे विदेशी खर्च महंगा होगा। • आयात और खुदरा महंगाई: एशियाई व्यापार मार्गों पर माल ढुलाई की लागत चार गुना बढ़ने से आयातित सामान महंगा बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार इन ऊंची लागतों का पूरा असर 2027 तक खुदरा सामानों के बिल में दिख सकता है। • सोने के निवेशक: सोने की कीमतों में $4,300 से नीचे आई हालिया गिरावट निवेशकों के लिए नया अवसर या जोखिम बना सकती है। डॉलर मजबूत रहने से सोने पर अल्पावधि दबाव बना रह सकता है, इसलिए खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए। • विदेशी मुद्रा व्यापारी: मुद्रा बाजार में 158.00 का स्तर पार होने से अस्थिरता बढ़ेगी। तकनीकी व्यापारी 157.50 के सपोर्ट और 160.00 के रेजिस्टेंस पर नजर रखकर अपनी हेजिंग रणनीतियों को अनुकूलित कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं और बैंक ऑफ जापान की नरम दर वृद्धि के बीच बढ़ते नीतिगत अंतर ने येन की कमजोरी को बढ़ावा दिया है। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 2027 तक ऊंचा रखने के संकेतों ने डॉलर को लगातार समर्थन दिया है। इस नीतिगत सख्ती के कारण निवेशक अधिक प्रतिफल की तलाश में डॉलर की ओर आकर्षित हो रहे हैं। • जापानी हस्तक्षेप का सीमित असर: तोक्यो द्वारा 15.4 ट्रिलियन येन खर्च करने के बावजूद बाजार की बुनियादी शक्तियां उस पर हावी हो गईं। बड़े पैमाने पर डॉलर की खरीद मांग ने जापानी अधिकारियों द्वारा बनाए गए 160.00 के रक्षात्मक दायरे को फिर से चुनौती दे दी है। • बैंक ऑफ जापान का नरम रुख: बैंक ऑफ जापान ने दरें बढ़ाकर 1.25% तो कीं, लेकिन बाजार ने इसे पर्याप्त आक्रामक नहीं माना। अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड के बीच बना भारी अंतर अभी भी पूंजी को डॉलर संपत्तियों की तरफ खींच रहा है। • व्यापार और ढुलाई लागत संकट: ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बाद ढुलाई लागत में चार गुना से अधिक का उछाल आया है। इसके चलते अमेरिकी मुद्रास्फीति का दबाव लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है, जिससे दर कटौती की संभावनाएं टल गई हैं। सवाल-जवाब 1. USD/JPY विनिमय दर में हालिया उछाल का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चर्चाओं के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे USD/JPY 158.00 के पार पहुंच गया। 2. जापान ने अपनी मुद्रा को सहारा देने के लिए कितना खर्च किया? जापान के वित्त मंत्रालय ने 30 जुलाई से 26 अगस्त के बीच रिकॉर्ड 15.4 ट्रिलियन येन की खरीदारी की। 3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 4. तकनीकी रूप से USD/JPY के लिए अगला प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर क्या है? चार्ट पर तात्कालिक रुकावट 158.50 पर है, जिसके बाद 159.00 और 160.00 के स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस माने गए हैं। 5. अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा? डॉलर के मजबूत होने और मुद्रा बाजार में उछाल के कारण सोना गिरकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे आ गया। 6. एशिया से अमेरिका तक माल ढुलाई खर्च में कितनी वृद्धि हुई है? फरवरी के अंत में ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से कंटेनर ढुलाई लागत चार गुना से अधिक बढ़ चुकी है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-japani-yen-men-bhari-giravata-federal-reserve-ki-sakhti-se-mudra-bajaron-men-halachala-37451 TrendKia — Har trend, sabse pehle.