अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में यूरो की बढ़त, तकनीकी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बरकरार अमेरिकी डॉलर के सामने यूरो ने हालिया गिरावट के बाद संभलने के संकेत दिए हैं, लेकिन मजबूत प्रतिरोध स्तरों के चलते तेजी सीमित दायरे में बनी हुई है। वैश्विक मुद्रा बाजार में तकनीकी दबाव और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच प्रमुख करेंसी जोड़ों में सतर्कता देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो ने अपनी तेज गिरावट के बाद संभलने का प्रयास किया है, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण यह सुधार एक सीमित दायरे में बंधा नजर आ रहा है। दो दिन पहले यूरो फिसलकर 1.1164 के निचले स्तर तक आ गया था, जिसके बाद इसमें निचली सतह से हल्का उछाल दर्ज किया गया। शुरुआती अनुमानों में यह माना जा रहा था कि किसी ठोस और टिकाऊ सुधार से पहले यूरो दोबारा 1.1165 के स्तर को छू सकता है, परंतु गिरावट उम्मीद से कम रही और यह 1.1171 तक फिसलने के बाद संभल गया। इसके परिणामस्वरूप यूरो 0.13% की दैनिक बढ़त दर्ज करते हुए 1.1209 पर बंद होने में सफल रहा। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर खरीद का मजबूत मोमेंटम न होने के कारण यह रिकवरी फिलहाल 1.1190 से 1.1240 के दायरे में ही सिमटी रहने के आसार हैं। तकनीकी प्रतिरोध और मध्यम अवधि का दृष्टिकोण आगामी एक से तीन हफ्तों के परिदृश्य का विश्लेषण करें तो यूरो की चाल में कमजोरी और बिकवाली का दबाव अब भी बना हुआ है। बीते 07 अक्टूबर को जब यूरो 1.1255 पर कारोबार कर रहा था, तब गिरावट की गति में कुछ सुस्ती देखी गई थी। तकनीकी विश्लेषकों ने स्पष्ट किया था कि जब तक 1.1285 का मजबूत प्रतिरोध स्तर निर्णायक रूप से पार नहीं होता, तब तक यूरो में स्थिरता की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके बाद जब मुद्रा 1.1164 के निचले स्तर तक गिरी, तो 08 अक्टूबर को 1.1200 के स्तर पर भी गिरावट का मोमेंटम बेहद सुस्त दर्ज किया गया। वर्तमान तकनीकी ढांचे के तहत मजबूत प्रतिरोध का स्तर अब खिसककर 1.1265 पर आ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक यह 1.1265 का स्तर बरकरार रहता है, तब तक यूरो के दोबारा नीचे फिसलकर 1.1145 के स्तर का परीक्षण करने की पूरी संभावना बनी रहेगी। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो दैनिक चार्ट पर स्थितियां काफी हद तक अत्यधिक बिकवाली की ओर इशारा कर रही हैं। 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 27 के स्तर पर आ चुका है, जो यह दर्शाता है कि बाजार तकनीकी तौर पर ओवरसोल्ड स्थिति में है। वहीं एमएसीडी (MACD) -0.01 और सिग्नल लाइन -0.01 पर मंदी का संकेत दे रहे हैं। लंबी अवधि के मूविंग एवरेज में ईएमए20 (EMA20) 1.14, ईएमए50 (EMA50) 1.15 और ईएमए200 (EMA200) 1.16 पर स्थित हैं, जो ईएमए50 के ईएमए200 से नीचे जाने के कारण डेथ क्रॉस और दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति को पुष्ट करते हैं। इसके अलावा 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 1.11 से 1.16 के बीच विस्तृत है, जबकि एडीएक्स (ADX) 49 के मजबूत स्तर पर एक स्थापित ट्रेंडिंग बाजार की गवाही दे रहा है। 0.01 की औसत वास्तविक सीमा (ATR) के साथ 20-दिवसीय मुख्य समर्थन 1.12 और प्रतिरोध 1.16 पर बना हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बढ़त और जापानी येन की चाल यूरो के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी हलचल देखने को मिल रही है। एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने अपने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए बढ़त की गति पकड़ी और 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को उसके 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा सहारा मिला। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने भी इस मुद्रा जोड़ी को मजबूती प्रदान की है। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) का युग्म 158.00 के स्तर के आसपास अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। शुक्रवार को सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है, जिसने जापानी येन पर भारी दबाव बनाया। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बावजूद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर को नीचे के स्तरों पर सहारा मिला हुआ है, जिससे इस जोड़ी में बड़ी गिरावट सीमित रही। सोने की कीमतों में मजबूती और कमोडिटी बाजार का रुख कमोडिटी बाजार में सोने ने अपने दो महीने के निचले स्तर से शानदार रिकवरी दर्ज की है और शुक्रवार को यह फिर से 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में नरमी, कच्चे तेल की घटती कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के चलते सर्राफा बाजार को बल मिला है। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिका से आने वाले नए उपभोक्ता धारणा आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि सोने के पक्ष में धारणा सुधरती दिख रही है, लेकिन इसका दैनिक आरएसआई (RSI) अभी भी मंदी के क्षेत्र में बना हुआ है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक मुद्रा और धातु बाजार इस समय व्यापक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय और विदेशी मुद्रा व्यापार से जुड़े निवेशकों तथा वैश्विक यात्रियों के लिए विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव सीधा वित्तीय प्रभाव डालता है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: यूरो में 1.1190 से 1.1240 का दायरा अल्पकालिक रेंज-ट्रेडिंग के अवसर देता है। ट्रेडर्स 1.1265 के कड़े स्टॉप-लॉस के साथ अपने पोजीशन का प्रबंधन कर सकते हैं। • यूरोप यात्रा और पढ़ाई: यूरो में लंबे समय से जारी मंदी और 1.12 का निचला स्तर भारतीय छात्रों और यात्रियों के लिए अनुकूल है। मजबूत डॉलर के मुकाबले यूरो कमजोर रहने से यूरोपीय देशों में यात्रा और ट्यूशन फीस की लागत नियंत्रित रहती है। • कमोडिटी और सोना खरीदार: सोने के 4,200 डॉलर पर दोबारा पहुंचने और डॉलर की नरमी से घरेलू बाजार में सर्राफा कीमतों में सहारा दिख सकता है। निवेशक नए भाव पर खरीदारी से पहले अमेरिकी सेंटिमेंट आंकड़ों पर नजर रखें। • आयातक और निर्यातक: यूरोप को निर्यात करने वाली कंपनियों को हेजिंग रणनीतियों में सतर्क रहना होगा। डॉलर के 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे रहने से तात्कालिक लागत दबाव कुछ हल्का हुआ है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की सीमित चाल और कमोडिटी बाजारों में बदलाव के पीछे तकनीकी प्रतिरोध और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का सीधा प्रभाव रहा है। • तकनीकी प्रतिरोध का दबाव: यूरो में 1.1164 के निचले स्तर से उछाल के बावजूद खरीदारों में गति की कमी रही। 1.1265 और 1.1285 के स्तरों पर बने भारी तकनीकी अवरोध ने किसी भी बड़ी तेजी को रोक दिया। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रात भर आई नरमी ने डॉलर को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे धकेला। इसी नरमी के कारण यूरो, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने को निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। • जापान के कमजोर आर्थिक आंकड़े: जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरने से येन में कमजोरी आई और USD/JPY 158.00 के करीब बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक चिंताओं ने डॉलर की बड़ी गिरावट को सीमित रखा। सवाल-जवाब 1. यूरो में हालिया गिरावट का निचला स्तर क्या था? यूरो गिरकर 1.1164 के निचले स्तर तक पहुंच गया था, जिसके बाद इसमें 1.1171 से रिकवरी देखने को मिली। 2. अल्पकालिक कारोबार में यूरो के लिए अनुमानित दायरा क्या है? तकनीकी गति की कमी के कारण अल्पकालिक उछाल 1.1190 से 1.1240 के दायरे में सीमित रहने का अनुमान है। 3. मध्यम अवधि में गिरावट रोकने के लिए कौन सा तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण है? यूरो की कमजोरी को स्थिर करने के लिए 1.1265 के मजबूत प्रतिरोध स्तर का निर्णायक रूप से टूटना आवश्यक है, अन्यथा 1.1145 का परीक्षण संभव है। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बढ़त का मुख्य कारण क्या रहा? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों के चलते AUD/USD 0.7000 की ओर बढ़ा। 5. सोने की कीमत किस स्तर पर पहुंची और इसके संकेत कैसे हैं? सोना अपने दो महीने के निचले स्तर से उबरकर शुक्रवार को 4,200 डॉलर पर पहुंचा, हालांकि इसका दैनिक आरएसआई अभी भी मंदी के क्षेत्र में है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-mukabale-simita-dayare-men-euro-ki-barhata-takaniki-staron-para-bikavali-ka-dabava-barakarara-45236 TrendKia — Har trend, sabse pehle.