अमेरिकी डॉलर के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सीमित दायरे में कारोबार, वैश्विक बाजारों में बैंक ऑफ जापान और फेड पर टिकी निगाहें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने 0.7100 के ऊपर मजबूती दिखाई है, जबकि अमेरिकी डॉलर को फेडरल रिजर्व के रुख और पश्चिम एशिया के तनाव से सहारा मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर 1.25 प्रतिशत कर दी है और सोना 4,315 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वैश्विक मुद्रा बाजारों में मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान हलचल देखने को मिली, जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर से ऊपर लिवाली आकर्षित करने में कामयाब रहा। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक के कड़े बयानों ने घरेलू मुद्रा को समर्थन दिया। इसके बावजूद अमेरिकी डॉलर का दबदबा बरकरार रहने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित नजर आ रही है। अमेरिकी डॉलर को फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव से मजबूत आधार मिल रहा है। इसके अतिरिक्त इस सप्ताह के अंत में प्रस्तावित ट्रंप और शी शिखर सम्मेलन पर भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय जगत की गहरी नजरें टिकी हुई हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर तकनीकी मोर्चे पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पिछले कारोबारी सत्र में तेजी के साथ 0.7140 के स्तर तक पहुंचा था, परंतु इस बढ़त को बनाए रखने में विफल रहा और अंततः 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.7119 पर बंद हुआ। इस अल्पकालिक उछाल से किसी नए तेजी के संकेत नहीं मिले हैं। वर्तमान चाल को देखते हुए यह 0.7105 और 0.7135 के दायरे में सीमित रहने की संभावना है। मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के परिदृश्य पर नजर डालें तो पिछले सोमवार से बना नकारात्मक नजरिया अब भी प्रासंगिक बना हुआ है। गुरुवार 17 सितंबर को जब हाजिर भाव 0.7090 पर था, तब यह अनुमान व्यक्त किया गया था कि मुद्रा 0.7050 तक फिसल सकती है। इस दृष्टिकोण की मुख्य शर्त यह थी कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7140 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बना रहे। यद्यपि बीते सत्र में भाव 0.7140 तक पहुंचे, लेकिन प्रतिरोध का कोई स्पष्ट उल्लंघन नहीं हुआ। इसलिए मौजूदा नकारात्मक रुख बरकरार रखा गया है, हालांकि अब मुद्रा के 0.7050 तक गिरने की संभावना काफी कमजोर हो चुकी है। जापानी येन और बैंक ऑफ जापान का बड़ा कदम एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 157.50 के करीब मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी। बाजार में सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने जापानी मुद्रा के नुकसान को एक सीमा तक थामने का प्रयास किया। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा उठाए गए नीतिगत कदमों के बावजूद येन की तेजी सीमित रही। बैंक ऑफ जापान ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले 31 वर्षों के उच्चतम स्तर पर मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक अहम कदम है। यह कदम बाजार की हफ्तों पुरानी अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुकूल रहा। इसके विपरीत अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी, जिससे इस जोड़ी को लगातार गति मिल रही है। सोने में फिसलन और बिटकॉइन की स्थिति कमोडिटी बाजार में सोने पर लगातार दूसरे दिन दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबारी घंटों में मामूली बढ़त दर्ज करने के बाद यूरोपीय सत्र में कदम रखते ही पीली धातु फिसलकर 4,315 डॉलर प्रति औंस के क्षेत्र में आ गई, जो तीन दिनों का निचला स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख के कारण बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित संपत्ति से पूंजी की निकासी देखी जा रही है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन एक तीव्र उछाल के बाद ठहराव के दौर में दिखा। पिछले दिन 6.7 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज करने के बाद मंगलवार को यह 85,500 डॉलर से नीचे आ गया। इस गिरावट के बावजूद संस्थागत मांग काफी मजबूत बनी हुई है। सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में लगभग 1 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि स्ट्रैटेजी ने अपने खजाने में 950 बीटीसी और जोड़े, जो बाजार में लंबी अवधि के भरोसे को रेखांकित करता है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और मुद्रा बाजारों में चल रहे इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर वैश्विक परिसंपत्तियों, आयात-निर्यात लागत और खुदरा निवेश पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर की मजबूती से वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बना रहता है। आयातकों और विदेशी यात्रा करने वालों को मुद्रा विनिमय पर उच्च लागत का सामना करना पड़ सकता है। • बुलियन और सोना: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से सोने की कीमतें 4,315 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर आ गई हैं। सोने में खरीदारी करने वालों या आभूषण खरीदारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें थोड़ी नरम रहने का लाभ मिल सकता है। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: बिटकॉइन 85,500 डॉलर से नीचे आने के बावजूद बड़े संस्थागत फंडों से पूंजी जुटा रहा है। खुदरा निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बीच ईटीएफ प्रवाह और संस्थागत गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। • वैश्विक व्यापार नीतियां: इस सप्ताह के अंत में होने वाले ट्रंप और शी शिखर सम्मेलन से वैश्विक व्यापार दिशा तय होगी। व्यापारिक समझौते या नए टैरिफ के संकेत सीधे आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करेंगे। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक वित्तीय बाजारों में यह बदलाव प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णयों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आक्रामक मौद्रिक दृष्टिकोण के कारण देखा जा रहा है। • केंद्रीय बैंकों के कड़े बयान: रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक के कड़े बयानों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे गिरने से बचाया। दूसरी ओर फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण ने अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत बनाए रखा है। • बैंक ऑफ जापान का दर संशोधन: बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दी, जो 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। यह फैसला बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहा जिससे येन में बहुत बड़ी छलांग नहीं देखी गई। • भू-राजनीतिक जोखिम: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया। इसके साथ ही आगामी ट्रंप और शी शिखर सम्मेलन को लेकर बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। • पूंजी प्रवाह में बदलाव: बिना ब्याज वाले सोने से पूंजी निकलकर डॉलर में जाने से सोना 4,315 डॉलर पर आ गया, जबकि संस्थागत खरीदारों द्वारा ईटीएफ में 1 अरब डॉलर लगाने से बिटकॉइन को बुनियादी समर्थन मिला। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए वर्तमान ट्रेडिंग दायरा क्या है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर वर्तमान में 0.7105 और 0.7135 के सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 2. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए प्रमुख प्रतिरोध स्तर कौन सा है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए मजबूत प्रतिरोध स्तर 0.7140 पर बना हुआ है, जिसे पार किए बिना इसमें बड़ी तेजी की संभावना कम है। 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो 31 साल का उच्च स्तर है। 4. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा? अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े मौद्रिक रुख के कारण बिना ब्याज देने वाली पीली धातु से पूंजी निकासी हुई, जिससे सोना फिसलकर 4,315 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। 5. बिटकॉइन बाजार में संस्थागत मांग की क्या स्थिति है? सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश आया और स्ट्रैटेजी ने अपने खजाने में 950 बीटीसी जोड़े। https://trendkia.com/market/us-dollar-ke-samane-australian-dollar-men-simita-dayare-men-karobara-vaishvika-bajaron-men-bank-of-japan-aura-fed-para-tiki-nigahe-36342 TrendKia — Har trend, sabse pehle.