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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर पड़ा जापानी येन, दोनों देशों की संभावित बैठक पर टिकी नजरें",
  "summary": "सप्ताहांत के करीब प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन में नरमी देखी गई। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की वापसी और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष बैठक में संभावित द्विपक्षीय हस्तक्षेप की चर्चाओं ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में सप्ताहांत से ठीक पहले जापानी येन पर भारी दबाव देखने को मिला है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में येन प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के सामने कमजोर स्थिति में नजर आया। यूरोपीय बाजार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में बढ़त दर्ज की गई और यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) 0.3% चढ़कर 158.25 के स्तर के आसपास पहुंच गया। यह एशियाई-प्रशांत मुद्रा विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे अधिक कमजोरी दर्शा रही थी। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान येन की इस सुस्ती के पीछे घरेलू आर्थिक आंकड़े और वॉशिंगटन तथा टोक्यो के बीच आगामी दिनों में होने वाली संभावित कूटनीतिक चर्चाएं प्रमुख वजह मानी जा रही हैं।\n\nमुद्रा हस्तक्षेप को लेकर संभावित द्विपक्षीय बातचीत\nजापानी येन की ताजा कमजोरी 12 से 18 अक्टूबर के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक के दौरान जापान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच संभावित मुलाकात से पहले सामने आई है। इस बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और जापान की वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा की उपस्थिति पक्की हो चुकी है। मुद्रा बाजार में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के प्रतिनिधि जापानी येन की अत्यधिक अस्थिरता को थामने के लिए एक बार फिर संयुक्त मुद्रा हस्तक्षेप के विकल्प पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। इससे पहले जुलाई के अंतिम दिनों में जापान के वित्त मंत्रालय ने टोक्यो और वॉशिंगटन द्वारा मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए किए गए संयुक्त हस्तक्षेप की पुष्टि की थी।\n\nअमेरिकी डॉलर इंडेक्स में सुधार और बाजार की चाल\nआरंभिक कारोबार में आई गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर में आई तेजी ने भी यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी को मजबूती दी। छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए 102.14 के स्तर पर सपाट हो गया। इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के कारण डॉलर इंडेक्स कुछ दबाव में कारोबार कर रहा था। ऊर्जा कीमतों में आई हल्की गिरावट ने वैश्विक बॉन्ड बिकवाली को कुछ हद तक शांत किया, जिससे डॉलर की हालिया रैली की गति थोड़ी धीमी पड़ी थी।\n\nब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (बीबीएच) के रणनीतिकारों ने इस संदर्भ में टिप्पणी की कि ऊर्जा कीमतों में मामूली गिरावट ने बॉन्ड बाजार की बिकवाली को राहत दी और डॉलर की तेजी को हल्का किया। हालांकि, उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी आर्थिक विकास की मजबूती और अमेरिकी प्रतिभूतियों के लिए विदेशी निवेशकों की मजबूत मांग डॉलर के जोखिम को ऊपर की तरफ ही बनाए रखती है। इस परिदृश्य से यह संकेत मिलता है कि डॉलर में हालिया ठहराव केवल अस्थायी हो सकता है और यह किसी दीर्घकालिक कमजोरी का संकेत नहीं है।\n\nतकनीकी विश्लेषण और यूएसडी/जेपीवाई के प्रमुख स्तर\nदैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो यूएसडी/जेपीवाई 158.25 के आसपास कारोबार कर रहा है। ताजा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 158.24 पर बनी हुई है, जो पिछले 158.06 के बंद स्तर से 0.12% ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 150.49 से 163.98 के बीच रहा है। स्पॉट मूल्य 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 157.58 के ऊपर बना हुआ है, जो अल्पकालिक स्तर पर तेजी के रुख की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय ईएमए गतिशील समर्थन स्तर के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि खरीदार बाजार पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।\n\nरिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 55 के स्तर पर सकारात्मक दायरे में बना हुआ है, जो अत्यधिक खरीद की स्थिति के बजाय संतुलित और सकारात्मक गति का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) 0.19 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.02 पर है, जिससे 0.21 का हिस्टोग्राम तेजी का संकेत दे रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 158.01 पर है और 200-दिवसीय ईएमए 157.76 पर है, जिससे एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। गिरावट की स्थिति में 157.58 का 20-दिवसीय ईएमए प्राथमिक समर्थन स्तर है। यदि दैनिक बंद इसके नीचे होता है, तो तेजी का दबाव कमजोर पड़ सकता है। प्रमुख तकनीकी स्तरों में पिवट 158.14 पर है, जबकि पहला प्रतिरोध R1 158.53 और R2 158.81 पर दर्ज है। समर्थन स्तर S1 157.86 और S2 157.47 पर मौजूद हैं।\n\nजापान का घरेलू खर्च और अन्य वैश्विक मुद्राओं का प्रदर्शन\nशुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ कि जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है। इस निरंतर गिरावट ने जापानी अर्थव्यवस्था के भीतर उपभोक्ता मांग की कमजोरी को उजागर किया, जिससे येन पर अतिरिक्त दबाव बना। दूसरी तरफ, अन्य वैश्विक मुद्राओं में ऑस्ट्रेलिया का डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर एशिया सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करता दिखा, जिसे रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों का सहारा मिला।\n\nसोने के भाव शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर पर दोबारा पहुंचे और दो महीने के निचले स्तर से सुधार जारी रखा, हालांकि इसका दैनिक आरएसआई अभी भी दबाव दर्शाता है। इस बीच, कनाडा की सांख्यिकी एजेंसी शुक्रवार को अपनी सितंबर श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी करने की तैयारी में है। अगस्त की तेज गिरावट के बाद रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद की जा रही है, जो 22 अगस्त से प्रभावी हुए नए अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव को भी पहली बार दर्शाएगा।\n\nवैश्विक वित्तीय प्रणाली में अमेरिकी डॉलर की भूमिका और नीतियां\nअमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा होने के साथ-साथ कई अन्य देशों में स्थानीय नोटों के साथ उपयोग में लाई जाती है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में डॉलर की हिस्सेदारी 88% से अधिक है, जिसका दैनिक लेनदेन औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर बैठता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा का स्थान लिया। ऐतिहासिक रूप से यह सोने द्वारा समर्थित था, जब तक कि 1971 के ब्रेटन वुड्स समझौते के साथ स्वर्ण मानक समाप्त नहीं हो गया।\n\nडॉलर के मूल्य पर सबसे बड़ा प्रभाव फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का पड़ता है। फेडरल रिजर्व मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देने के दोहरे अधिदेश पर काम करता है। जब मुद्रास्फीति फेड के 2% के लक्ष्य से अधिक हो जाती है, तो फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, जिससे डॉलर को मजबूती मिलती है। इसके विपरीत, मुद्रास्फीति गिरने या बेरोजगारी बढ़ने पर दरों में कटौती की जाती है। संकट के समय फेडरल रिजर्व मात्रात्मक सहजता (QE) लागू कर वित्तीय संस्थानों से बॉन्ड खरीदता है, जिससे आमतौर पर डॉलर कमजोर होता है। वहीं मात्रात्मक सख्ती (QT) में बॉन्ड खरीद रोक दी जाती है, जिससे डॉलर को आम तौर पर मजबूती प्राप्त होती है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में आई गिरावट वैश्विक आयात-निर्यात लागत और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर सीधा असर डालती है।\n\n• भारतीय यात्रियों और छात्रों पर: जापानी येन में आई कमजोरी से जापान की यात्रा और वहां पढ़ाई करना भारतीय यात्रियों के लिए तुलनात्मक रूप से किफायती बना रहता है। हालांकि डॉलर की मजबूती के चलते अमेरिका से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।\n• आयात-निर्यात कारोबारियों पर: कमजोर येन जापानी इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहनों के कलपुर्जों के आयात को सस्ता बनाए रखने में मदद करता है। इसके विपरीत मजबूत अमेरिकी डॉलर में होने वाले अनुबंधों के लिए भारतीय आयातकों को अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।\n• करेंसी ट्रेडिंग निवेशकों पर: यूएसडी/जेपीवाई में 157.58 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार ट्रेडर्स को 158.53 के रेजिस्टेंस स्तर पर पैनी नजर रखनी चाहिए।\n• वैश्विक निवेश और बॉन्ड बाजार पर: अमेरिकी प्रतिभूतियों में निरंतर विदेशी मांग से डॉलर को सहारा मिल रहा है। इससे उभरते बाजारों से पूंजी प्रवाह पर असर पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nजापानी येन की ताजा कमजोरी घरेलू आर्थिक आंकड़ों की निराशा और दोनों देशों के बीच आगामी नीतिगत बैठकों के संयोजन का परिणाम है। बाजार में केंद्रीय बैंकों के नीतिगत अंतर और अमेरिकी प्रतिभूतियों की निरंतर मांग ने इस चाल को प्रेरित किया है।\n\n• घरेलू उपभोक्ता खर्च में गिरावट: जापान के आधिकारिक आंकड़ों में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई। कमजोर निजी मांग ने बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक सख्ती की गुंजाइश को सीमित कर दिया है।\n• अमेरिकी प्रतिभूतियों की मजबूत मांग: अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की मजबूती के कारण वैश्विक निवेशकों में अमेरिकी संपत्तियों की भारी मांग बनी हुई है। इसने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट के बावजूद डॉलर इंडेक्स को सहारा दिया।\n• हस्तक्षेप की अटकलें और अनिश्चितता: स्कॉट बेसेंट और तात्सुकी कातायामा की आगामी बैठक से पहले बाजार में सतर्कता का माहौल है। जुलाई में हुए संयुक्त हस्तक्षेप के बाद निवेशक नई नीतिगत पहल के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।\n• ऊर्जा कीमतों में स्थिरता: ऊर्जा कीमतों में हालिया नरमी ने वैश्विक बॉन्ड बिकवाली की गति को धीमा किया है। इसके चलते डॉलर की एकतरफा तेजी में थोड़ा ठहराव देखा गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी में हालिया बढ़त का मुख्य कारण क्या है?\nजापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने आई गिरावट और अमेरिकी डॉलर में शुरुआती नुकसान की भरपाई के कारण इस जोड़ी में मजबूती आई।\n\n2. अमेरिका और जापान के अधिकारी किस मंच पर मुलाकात करने वाले हैं?\nअमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और जापानी वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा 12 से 18 अक्टूबर के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक के दौरान बातचीत कर सकते हैं।\n\n3. क्या दोनों देशों ने पहले भी मुद्रा बाजार में कोई हस्तक्षेप किया था?\nहां, जापान के वित्त मंत्रालय ने जुलाई के अंत में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए टोक्यो और वॉशिंगटन द्वारा संयुक्त हस्तक्षेप की पुष्टि की थी।\n\n4. यूएसडी/जेपीवाई के लिए वर्तमान में प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर क्या है?\nतकनीकी चार्ट पर 20-दिवसीय ईएमए 157.58 के स्तर पर प्राथमिक गतिशील समर्थन स्तर बना हुआ है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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