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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी डॉलर की आक्रामक बढ़त के सामने यूरो गिरा, बॉन्ड यील्ड में तेजी से वैश्विक करेंसी बाजार दबाव में",
  "summary": "अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल और आर्थिक आंकड़ों के चलते डॉलर इंडेक्स नए शिखर पर पहुंच गया है, जिससे यूरो टूटकर 1.1300 के स्तर से नीचे आ गया।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती के चलते साझा यूरोपीय करेंसी यूरो में तेज गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (EUR/USD) फिसलकर 1.1300 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई, जो चालू वर्ष का इसका सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़े और बॉन्ड बाजार में यील्ड की नई ऊंचाइयों ने डॉलर को जबरदस्त सहारा दिया है। दूसरी ओर, वैश्विक वित्तीय बाजार के कारोबारी यूरो क्षेत्र के ताजा मुद्रास्फीति आंकड़ों और अमेरिका से आने वाली नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो आगे की ब्याज दरों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।\n\nडॉलर इंडेक्स चढ़ा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल\nदुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नई वार्षिक ऊंचाई पर चढ़कर लगभग 101.96 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। डॉलर की इस तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार का बड़ा हाथ है। मानक 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.30 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। कारोबारी सत्र के दौरान यह 5.34 प्रतिशत के शिखर तक जा पहुंची थी, जो वर्ष 2002 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। जब सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ता है, तो विदेशी पूंजी का प्रवाह डॉलर आधारित संपत्तियों की ओर तेजी से बढ़ता है, जिसका सीधा नकारात्मक असर यूरो जैसी अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं पर दिखाई देता है।\n\nविनिर्माण और कोर महंगाई के मिले-जुले आर्थिक आंकड़े\nअमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए विनिर्माण आंकड़ों ने संकेत दिया है कि औद्योगिक गतिविधियां अभी भी मजबूती के दायरे में बनी हुई हैं। सितंबर के महीने में अमेरिका का ISM विनिर्माण परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) घटकर 54.5 दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में यह 54.6 था। हालांकि यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के 55.0 के अनुमान से थोड़ा कम रहा, लेकिन यह 50.0 के उस महत्वपूर्ण स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है जो विस्तार और संकुचन के बीच का अंतर तय करता है। इसी विनिर्माण सर्वेक्षण में प्राइसेज पेड इंडेक्स 71.1 से उछलकर 77.9 पर पहुंच गया, जो बाजार की 72.3 की उम्मीद से कहीं अधिक रहा। इनपुट लागत में आई इस तेजी ने संकेत दिया है कि उत्पादन के स्तर पर लागत का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है।\n\nमुद्रास्फीति के मोर्चे पर कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) मूल्य सूचकांक अगस्त में मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत बढ़ा, जो कि 0.3 प्रतिशत के अनुमान की तुलना में कम था। वहीं कोर महंगाई की वार्षिक दर बिना किसी बदलाव के 3.0 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि बाजार का अनुमान 3.3 प्रतिशत रहने का था। भले ही कोर महंगाई के आंकड़ों में कुछ नरमी दिखी हो, लेकिन मुद्रास्फीति अभी भी फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से काफी ऊपर टिकी हुई है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के कारण ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई के जोखिम को लगातार बढ़ा रही हैं।\n\nफेडरल रिजर्व के अधिकारियों का सख्त रुख\nफेडरल रिजर्व के नीति निर्माता महंगाई पर काबू पाने को लेकर अब भी सतर्क और चिंतित नजर आ रहे हैं। कैनसस सिटी फेडरल रिजर्व के प्रेसिडेंट जेफ श्मिड ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि अधिकारियों को मुद्रास्फीति पर अभी और काम करना बाकी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज के समय में ऊर्जा की कीमतें मौद्रिक नीति के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनी हुई हैं। इसी प्रकार, बोस्टन फेडरल रिजर्व की प्रेसिडेंट सुसान कॉलिन्स ने आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि आर्थिक वृद्धि दर अपनी सामान्य प्रवृत्ति के करीब है, या शायद उससे भी बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि श्रम बाजार लगभग पूर्ण रोजगार के स्तर पर है, लेकिन महंगाई अभी भी बहुत ज्यादा ऊंची बनी हुई है। नीति निर्माताओं की इन टिप्पणियों से बाजार को यह संकेत मिला है कि फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।\n\nयूरोपीय विनिर्माण में सुधार के बावजूद यूरो पर दबाव\nयूरोपीय मोर्चे पर विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, लेकिन वे यूरो को आवश्यक सहारा देने में नाकाफी साबित हुए। यूरो क्षेत्र का अंतिम HCOB विनिर्माण PMI सितंबर में सुधरकर 52.9 पर पहुंच गया, जो अगस्त में 52.7 था। विनिर्माण गतिविधियों का यह स्तर मई 2022 के बाद का सबसे मजबूत आंकड़ा है। हालांकि, यूरोप में विनिर्माण विस्तार के बावजूद डॉलर की व्यापक आक्रामकता के चलते यूरो कमजोर बना रहा। इस सप्ताह वैश्विक मुद्राओं की तुलना में यूरो का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और अमेरिकी डॉलर के सामने इसे सबसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है।\n\nएशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं की हलचल\nडॉलर के इस प्रभुत्व का असर केवल यूरो तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी इसका दबाव साफ दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र में दो महीने के निचले स्तर के करीब लगभग 0.6900 के मध्य दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आई। यद्यपि अमेरिकी कोर PCE आंकड़ों ने अक्टूबर में फेड द्वारा दर वृद्धि के दांव को कुछ धीमा किया है, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताएं बॉन्ड यील्ड को ऊपर बनाए हुए हैं। वहीं अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से गिरकर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई करेंसी में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली।\n\nदूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी एशियाई सत्र में 158.00 के स्तर से ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर जमी रही। अमेरिका और ईरान के बीच जारी राजनीतिक गतिरोध से सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में डॉलर की मांग और मजबूत हुई है। पूरे बाजार में डॉलर की इस चौतरफा तेजी ने बैंक ऑफ जापान की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिमों को पीछे धकेल दिया है।\n\nसोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में ठहराव\nकमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में भी डॉलर की मजबूती का सीधा असर देखा गया। मजबूत डॉलर और रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही बॉन्ड यील्ड के कारण गुरुवार को सोने की कीमतों में भी ठहराव रहा। XAU/USD लगभग 4,167 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था, जिसमें दिन के दौरान मात्र 0.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। पीली धातु शुरुआती सुधार के बाद अपनी बढ़त को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करती दिखी।\n\nडिजिटल संपत्तियों की बात करें तो बिटकॉइन का कारोबार 82,500 डॉलर के समर्थन स्तर और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के बीच अटका रहा। इसी प्रकार इथेरियम भी दबाव का सामना करता हुआ 2,700 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया, जहां 2,600 डॉलर का स्तर इसे तत्काल सहारा दे रहा है। इसके साथ ही रिपल में भी बिकवाली देखी गई और यह 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।\n\nफेडरल रिजर्व की आगामी नीति पर बदलती धारणा\nफेडरल रिजर्व के आगामी कदमों को लेकर निवेशकों के रुख में बहुत तेजी से बदलाव आया है। केवल एक सप्ताह पहले तक निवेशक अक्टूबर की बैठक में ब्याज दर में बढ़ोतरी को सबसे संभावित परिणाम मान रहे थे। हालांकि, हालिया कोर महंगाई के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों और कुछ नीति निर्माताओं की संतुलित टिप्पणियों के बाद बाजार की सोच बदल गई है। अब बहुसंख्यक निवेशक यह मान रहे हैं कि केंद्रीय बैंक अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में बदलाव को रोककर विराम लगाने का विकल्प चुन सकता है, हालांकि ऊर्जा बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजरें टिकी हुई हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई इस जबरदस्त तेजी का सीधा असर वैश्विक बाजारों में विदेशी मुद्रा विनिमय दरों, आयात लागत और निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ेगा।\n\n• विदेशी यात्रा और शिक्षा: डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं के टूटने से अमेरिका में पढ़ाई और यात्रा का खर्च बढ़ जाएगा। यदि आप डॉलर में ट्यूशन फीस या होटल बुकिंग का भुगतान कर रहे हैं, तो कमजोर घरेलू मुद्राओं के चलते आपकी कुल जेब पर अधिक भार पड़ेगा।\n• आयात और ईंधन की कीमतें: कच्चे तेल और वैश्विक ऊर्जा का कारोबार डॉलर में होने के कारण ऊर्जा उत्पादों की लागत ऊंची बनी रहेगी। जिन देशों की मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही है, उन्हें आयातित तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए अधिक स्थानीय मुद्रा चुकानी होगी।\n• फिक्स्ड डिपॉजिट और ऋण ब्याज दरें: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5.30 प्रतिशत पर टिके रहने से वैश्विक केंद्रीय बैंकों को घरेलू ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ सकती हैं। आम कर्जदारों के लिए होम लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई में जल्द राहत मिलने की गुंजाइश कम हो जाएगी।\n• सोना और क्रिप्टो निवेशक: सरकारी बॉन्ड पर 5 प्रतिशत से अधिक रिटर्न मिलने के कारण बिना ब्याज देने वाले सोने और जोखिम भरी क्रिप्टोकरेंसी में नई तेजी रुक गई है। जो निवेशक सोने या बिटकॉइन में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें बॉन्ड यील्ड में नरमी आने तक सीमित मुनाफे या उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी डॉलर में यह उछाल और यूरो का रिकॉर्ड निचला स्तर आर्थिक वृद्धि के अंतर, मजबूत बॉन्ड यील्ड और जिद्दी मुद्रास्फीति के दबावों का मिला-जुला नतीजा है।\n\n• अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5.30 प्रतिशत से ऊपर जाना और 5.34 प्रतिशत के स्तर को छूना पूंजी को सीधे अमेरिकी डॉलर की ओर खींच रहा है। वर्ष 2002 के बाद पहली बार यील्ड इस ऊंचाई पर पहुंची है, जिससे डॉलर को जबरदस्त रिटर्न का सहारा मिल रहा है।\n• विनिर्माण क्षेत्र में निरंतर विस्तार: अमेरिका का विनिर्माण PMI 54.5 के स्तर पर बना हुआ है, जो 50 के विस्तार स्तर से काफी ऊपर है। मजबूत आर्थिक गतिविधियों ने दर्शाया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी से काफी दूर है और ऊंची ब्याज दरों को सहने की क्षमता रखती है।\n• ऊर्जा कीमतों और विनिर्माण लागत में उछाल: प्राइसेज पेड इंडेक्स का 77.9 तक छलांग लगाना और अमेरिका-ईरान वार्ता का अटकना ऊर्जा की कीमतों को हवा दे रहा है। इनपुट लागत बढ़ने से मुद्रास्फीति के दोबारा भड़कने का खतरा बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए दरें घटाना कठिन हो गया है।\n• फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत संदेश: केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति अब भी बहुत ऊंची है और मौद्रिक नीति को अभी काम करना बाकी है। इस नीतिगत सख्ती ने बाजारों को लंबे समय तक दरें ऊंची रहने के लिए तैयार रहने पर मजबूर किया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. EUR/USD की गिरावट में ताजा निचला स्तर क्या रहा?\nEUR/USD गिरकर 1.1300 के स्तर से नीचे आ गया, जो चालू वर्ष का इसका सबसे निचला स्तर है।\n\n2. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?\nअमेरिकी डॉलर इंडेक्स नए साल के शिखर पर चढ़कर लगभग 101.96 के स्तर पर पहुंच गया है।\n\n3. 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ताजा स्तर क्या दर्ज किया गया?\n10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.30 प्रतिशत के आसपास कारोबार कर रही है, जो कारोबारी सत्र में 5.34 प्रतिशत के 2002 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंची थी।\n\n4. सितंबर महीने में अमेरिका का ISM विनिर्माण PMI क्या रहा?\nसितंबर में अमेरिका का ISM विनिर्माण PMI 54.5 दर्ज हुआ, जो अगस्त के 54.6 से थोड़ा कम लेकिन 50.0 के विस्तार स्तर से ऊपर रहा।\n\n5. फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने मुद्रास्फीति को लेकर क्या कहा?\nकैनसस सिटी फेड प्रेसिडेंट जेफ श्मिड ने कहा कि महंगाई पर अभी काम बाकी है और ऊर्जा कीमतें बड़ी चुनौती हैं, जबकि बोस्टन फेड प्रेसिडेंट सुसान कॉलिन्स ने महंगाई को बहुत ज्यादा बताया।\n\n6. सोने और बिटकॉइन की कीमतों का क्या रुख रहा?\nसोना लगभग 4,167 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जबकि बिटकॉइन 82,500 डॉलर के समर्थन और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध के बीच फंसा रहा।",
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  "publishedAt": "2026-10-01",
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