अमरीकी डॉलर की बढ़त से ब्रिटिश पाउंड पर बढ़ा दबाव, 1.3480 का स्तर टूटने का बना जोखिम वैश्विक बाजारों में अमरीकी डॉलर की मजबूती और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण ब्रिटिश पाउंड और यूरो समेत कई प्रमुख मुद्राओं में गिरावट दर्ज की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर की बढ़ती मजबूती के कारण प्रमुख वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं पर दबाव गहराता जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमरीकी ट्रेजरी बॉन्ड पर बढ़ते प्रतिफल ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमरीकी डॉलर की मांग को काफी बढ़ा दिया है। इस भू-राजनीतिक और आर्थिक माहौल के बीच ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) में लगातार कमजोरी देखी जा रही है और तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यह निकट अवधि में महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों के नीचे फिसल सकता है। इसके साथ ही यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो, सोना और डिजिटल परिसंपत्तियां भी बिकवाली के दबाव का सामना कर रही हैं। ब्रिटिश पाउंड में बिकवाली का दबाव और तकनीकी परिदृश्य ब्रिटिश पाउंड हाल के कारोबारी सत्रों में सीमित दायरे में रहने के बाद अब गिरावट के मोड़ पर पहुंच गया है। दो दिन पहले यह 1.3531 से 1.3565 के दायरे में कारोबार करने के बाद 1.3549 पर लगभग स्थिर समाप्त हुआ था, जिसमें 0.06% की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि विश्लेषकों ने शुरू में 1.3535 से 1.3570 के उच्च दायरे की उम्मीद जताई थी, लेकिन बाजार का रुझान नकारात्मक बना रहा और यह गिरकर 1.3507 के निचले स्तर तक चला गया। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार पाउंड में नीचे की ओर रुझान धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। यदि यह गिरावट जारी रहती है, तो पाउंड 1.3480 के प्रमुख समर्थन स्तर का परीक्षण कर सकता है, जबकि इससे पहले 1.3500 पर एक और समर्थन स्तर मौजूद है। पाउंड को अपनी नकारात्मक गति बनाए रखने के लिए 1.3545 के नीचे टिके रहना होगा। वहीं ऊपर की ओर 1.3530 पर मामूली रुकावट और 1.3570 पर मजबूत प्रतिरोध स्तर देखा जा रहा है, जो पहले 1.3600 के स्तर पर था। यदि पाउंड 1.3570 के स्तर को पार करने में सफल होता है, तो इससे पिछले कारोबारी सत्रों के मंदी के दबाव में कमी का संकेत मिलेगा। यूरो में सुस्ती और अमरीका के श्रम आंकड़ों पर नजर यूरोपीय मुद्रा EUR/USD भी शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान कमजोर होकर 1.1575 के करीब पहुंच गई। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मध्य पूर्व के तनाव ने अमरीकी डॉलर को मजबूत सहारा प्रदान किया है। इस स्थिति ने निवेशकों को जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूर रहने पर मजबूर किया है। निवेशकों की नजर अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है। शुक्रवार को जारी होने वाले यूरोज़ोन के खुदरा बिक्री आंकड़ों और अमरीकी श्रम विभाग की गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट से बाजार की भावी दिशा तय होगी। इसके साथ ही बुधवार के सत्र में जारी होने वाले अमरीकी एडीपी रोजगार आंकड़ों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। बॉन्ड प्रतिफल 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर, कच्चे तेल और ईंधन में तेजी कमोडिटी और बॉन्ड बाजार में भी भारी हलचल देखी जा रही है। अमरीका में 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड का प्रतिफल एशियाई कारोबारी सत्र में बढ़कर 4.81% तक पहुंच गया, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। बॉन्ड प्रतिफल में इस उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दूसरी ओर कच्चे तेल के बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। पिछले छह कारोबारी सत्रों में यह पांचवीं बार सकारात्मक रुख के साथ बढ़ा और जुलाई 24 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ईंधन बाजार में डीजल के प्रीमियम यानी क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड उछाल आया है। अमरीकी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई के बीच का अंतर पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकलकर intraday कारोबार में $102.00 के नए रिकॉर्ड स्तर को छू गया। अगस्त की बढ़त के बाद क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर बना मंदी का साया अगस्त के महीने में जोरदार बढ़त दर्ज करने के बाद प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है। तकनीकी संकेतक बताते हैं कि शीर्ष तीन डिजिटल परिसंपत्तियों में गति कमजोर हो रही है। बिटकॉइन (BTC) में शुरुआती मंदी के संकेत मिल रहे हैं। दूसरी ओर एथेरियम (ETH) $2,500 के स्तर के पास से खारिज होने के बाद अपनी गिरावट को आगे बढ़ा रहा है। वहीं रिपल (XRP) भी अपने प्रमुख समर्थन स्तरों के नीचे समेकित हो रहा है, जिससे क्रिप्टो निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है। इसका आप पर असर अमरीकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों और आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ रहा है। • भारत में: अमरीकी डॉलर की मजबूती से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आयातित सामान और कच्चा तेल महंगा होने की संभावना है। आम नागरिकों के लिए विदेश यात्रा, विदेशी शिक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो सकते हैं। • वैश्विक बाजार में: पाउंड और यूरो में गिरावट से यूरोपीय और ब्रिटिश संपत्तियों में निवेश करने वालों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय फंड्स और मुद्रा हेजिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। • कमोडिटीज और सोना: बॉन्ड प्रतिफल 4.81% होने से सोने पर दबाव बना हुआ है, जिससे सोना खरीदने वालों को निकट अवधि में कम कीमतें मिल सकती हैं। हालांकि कच्चे तेल और डीजल के दाम बढ़ने से ईंधन महंगा हो सकता है। • क्रिप्टो निवेशक: बिटकॉइन और एथेरियम में गिरावट से रिटेल क्रिप्टो निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। तकनीकी गिरावट के कारण स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला प्रमुख समर्थन स्तर क्या है? ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला मुख्य समर्थन स्तर 1.3480 है, जबकि इससे पहले 1.3500 पर एक मामूली समर्थन मौजूद है। 2. अमरीकी 10-वर्षीय ट्रेजरी प्रतिफल किस स्तर तक पहुंच गया है? अमरीकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड का प्रतिफल एशियाई सत्र में 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो नवंबर 2023 के बाद उच्चतम है। 3. सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह क्या है? बढ़ते अमरीकी बॉन्ड प्रतिफल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। 4. अमरीकी डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है? अमरीकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के intraday रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और एथेरियम की क्या स्थिति है? अगस्त की बढ़त के बाद बिटकॉइन में मंदी के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं, जबकि एथेरियम $2,500 के पास से गिरकर पीछे हट रहा है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-barhata-se-british-pound-para-barha-dabava-1-3480-ka-stara-tutane-ka-bana-jokhima-26282 TrendKia — Har trend, sabse pehle.