महंगाई के झटके के बाद अमेरिकी डॉलर की बढ़त थमी, वैश्विक बाजारों में घबराहट और चुनावी चिंताएं बढ़ीं महंगाई दर में उछाल के बावजूद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर में गिरावट आई, जबकि सोना मजबूत हुआ और क्रिप्टो पर दबाव बना रहा। अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उम्मीद से अधिक वृद्धि दर्ज होने के तुरंत बाद बने मजबूत रुख को कायम रखने में अमेरिकी डॉलर नाकाम रहा है, जिसने मुद्रा बाजार में इस तेजी के लंबे समय तक टिकने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों के सामने आने पर डॉलर ने अप्रैल 2025 के उच्च स्तर को छुआ था, लेकिन वहां टिकने के बजाय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में अचानक आए उलटफेर ने पूरी चाल को कमजोर कर दिया। वित्तीय बाजारों में निवेशक अब इस बात को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं कि फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की उम्मीदें आर्थिक विकास और कॉरपोरेट कमाई के लिए नए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और राजनीतिक अनिश्चितता का असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के साथ ही आगामी मध्यावधि चुनावों से जुड़ी राजनीतिक उथल-पुथल ने भी डॉलर के लिए रुकावटें बढ़ा दी हैं। वित्तीय बाजारों में अब तक यह सहज अनुमान लगाया जा रहा था कि रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स गंवा देगी लेकिन सीनेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी। हालांकि, चुनाव नजदीक आते ही इस सामान्य धारणा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रिडिक्शन मार्केट्स में अब डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में पूर्ण जीत हासिल करने की संभावना तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। इस राजनीतिक परिदृश्य के कारण बाजारों में कड़े विनियामक नियंत्रण, नीतिगत गतिरोध और शेयरों के पहले से ऊंचे मूल्यांकन के टिके रहने को लेकर चिंताएं काफी गहरी हो गई हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख करेंसियों की स्थिति विदेशी मुद्रा बाजारों में विभिन्न मुद्राओं का कारोबार भी इसी उथल-पुथल से प्रभावित दिख रहा है। ऑस्ट्रेलियाई नौकरियों के कमजोर और निराशाजनक आंकड़ों के बाद AUD/USD की जोड़ी 0.6950 के आसपास नुकसान झेलती रही। गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान इस मुद्रा जोड़ी ने अपने मासिक उच्च स्तर से पिछले दिन शुरू हुई गिरावट को आगे बढ़ाते हुए एक नया साप्ताहिक निचला स्तर छू लिया। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई कमजोरी ने डॉलर को अप्रैल 2025 के शिखर से नीचे खींचा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नुकसान को कुछ हद तक सीमित करने में मदद मिली। दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी ने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से अपनी गिरावट को और बढ़ाया। गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी बिकवाली के दबाव में 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। जापानी मुद्रा येन को सहारा देने के लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप करने की अटकलों के बीच ट्रेडर्स बेहद सतर्क बने हुए हैं। इसके साथ ही, चीन द्वारा बॉन्ड खरीद की चर्चाओं के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर पर दबाव बढ़ाया, जिसने बुधवार को जारी गर्म सीपीआई के दम पर अप्रैल 2025 के स्तर तक पहुंची बढ़त को पूरी तरह पलट दिया। सोने में नई खरीदारी और क्रिप्टो बाजार में सुस्ती कमोडिटी बाजार में गुरुवार को सोने में नए खरीदार सक्रिय होते दिखाई दिए। वैश्विक शेयर बाजारों में फैली कमजोरी ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज गिरावट को जन्म दिया, जिसने डॉलर को वर्ष के नए उच्चतम स्तर से नीचे खींच लिया। वैश्विक इक्विटी बाजारों में यह बिकवाली मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े भारी निवेशों और उनके भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण देखी गई थी। डॉलर और यील्ड दोनों के नरम पड़ने से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को सीधा लाभ मिला। डिजिटल एसेट्स की बात करें तो रिपल यानी XRP में मंदी का रुख बना हुआ है और गुरुवार को यह 1.30 डॉलर के स्तर के आसपास ही कारोबार करता रहा। इस रेमिटेंस टोकन में आई कमजोरी पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार के व्यापक माहौल को दर्शाती है, जहां अमेरिकी मुद्रास्फीति की रफ्तार तेज होने की आशंकाओं के चलते भारी बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। ब्रिटेन में बजट से पहले वित्तीय सुधार के संकेत ब्रिटेन में चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने में अब 2 सप्ताह से भी कम समय बचा हुआ है। ब्रिटेन के सामान्य वित्तीय माहौल की तुलना में इस बार बजट से ठीक पहले का आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य काफी उत्साहजनक नजर आ रहा है। यूके बॉन्ड बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है, जबकि इस हफ्ते एफटीएसई 100 प्रमुख वैश्विक स्टॉक इंडेक्स में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बनकर उभरा है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में भी स्थिरता लौटती दिख रही है, जिससे आगामी राजकोषीय घोषणाओं से पहले राहत का संकेत मिला है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी निवेश और कमोडिटी की कीमतों पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: डॉलर में आई कमजोरी विदेशी यात्रा और अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को अतिरिक्त महंगा होने से रोकती है। यदि डॉलर में यह गिरावट जारी रहती है तो विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के खर्च में स्थिरता बनी रहेगी। • सोने के खरीदार: ट्रेजरी यील्ड और डॉलर के नरम पड़ने से सोने की कीमतें मजबूत हो रही हैं। आभूषण या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को आने वाले दिनों में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: रिपल और अन्य डिजिटल संपत्तियों पर अमेरिकी मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण बिकवाली का दबाव बना हुआ है। खुदरा निवेशकों को अत्यधिक अस्थिरता को देखते हुए नए निवेश में सावधानी बरतनी चाहिए। • वैश्विक इक्विटी बाजार: एआई निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं से वैश्विक शेयर बाजारों में सतर्कता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय फंडों में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के बावजूद डॉलर की तेजी इसलिए रुक गई क्योंकि गिरती बॉन्ड यील्ड और राजनीतिक बदलावों ने निवेशकों को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया। • ट्रेजरी यील्ड और नीतिगत जोखिम: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में अचानक आए उलटफेर ने आर्थिक विकास और कंपनियों की कमाई पर सख्त मौद्रिक नीतियों के पड़ने वाले नकारात्मक असर की आशंकाएं बढ़ा दीं। इससे निवेशकों ने डॉलर में आक्रामक खरीदारी करने से हाथ पीछे खींच लिए। • चीन द्वारा बॉन्ड खरीद की चर्चा: बाजारों में चर्चा रही कि चीन बॉन्ड खरीद की दिशा में कदम उठा सकता है, जिसने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को और नीचे धकेल दिया। इस कारक ने मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों से मिले डॉलर के लाभ को पूरी तरह समाप्त कर दिया। • मध्यावधि चुनावों की अनिश्चितता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में प्रिडिक्शन मार्केट्स अब डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत की बढ़ती संभावना दिखा रहे हैं। इस संभावित राजनीतिक बदलाव से कड़े नियमों और नीतिगत गतिरोध का डर पैदा हुआ है। • एआई निवेश पर सवाल: वैश्विक शेयर बाजारों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हो रहे भारी खर्च और कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर संदेह बढ़ गया। इस जोखिम से बचने के लिए निवेशकों ने इक्विटी छोड़कर सरकारी बॉन्ड और सोने का रुख किया। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर की हालिया तेजी पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने में विफल रहा और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते अप्रैल 2025 के स्तर से नीचे आ गया। 2. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर बाजार में क्या नई चिंता है? प्रिडिक्शन मार्केट्स में अब डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल करने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कड़े विनियामक नियंत्रण और नीतिगत गतिरोध का डर है। 3. AUD/USD में गिरावट का मुख्य कारण क्या था? ऑस्ट्रेलिया के कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण AUD/USD 0.6950 के करीब फिसलकर नए साप्ताहिक निचले स्तर पर आ गया। 4. USD/JPY में बिकवाली क्यों देखने को मिली? जापानी येन को सहारा देने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की अटकलों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के कारण USD/JPY 158.00 से नीचे फिसल गया। 5. गुरुवार को सोने में तेजी क्यों आई? एआई निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं से वैश्विक शेयरों में गिरावट आई, जिससे अमेरिकी यील्ड और डॉलर नरम पड़े और सोने में नई खरीदारी शुरू हुई। 6. क्रिप्टो बाजार में रिपल की क्या स्थिति रही? अमेरिकी मुद्रास्फीति तेज होने की चिंताओं के बीच रिपल मंदी के रुख में फंसा रहा और 1.30 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा। 7. ब्रिटेन के आगामी बजट को लेकर बाजार का माहौल कैसा है? चांसलर के पहले बजट से 2 सप्ताह से भी कम समय पहले यूके बॉन्ड में तेजी है, एफटीएसई 100 शीर्ष प्रदर्शन कर रहा है और पाउंड स्थिर बना हुआ है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-barhata-thami-treasury-yields-aura-midterm-election-ki-chintaon-se-vaishvika-bajaron-men-halachala-47917 TrendKia — Har trend, sabse pehle.