# अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर में तेजी, ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक पर टिकी निगाहें

> मजबूत आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ने के संकेतों के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। वहीं 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-aura-bond-yields-men-uchhala-donald-trump-aura-xi-jinping-ki-baithaka-para-tiki-nigahen-37901 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, ट्रेजरी यील्ड, डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, बैंक ऑफ जापान, सोना भाव

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार बढ़त बनाए हुए है, जिसे घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन और केंद्रीय बैंक के कड़े मौद्रिक रुख से मजबूत सहारा मिल रहा है। सितंबर के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों ने अन्य प्रमुख विश्व अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में जारी तेज गतिविधियों की वजह से वास्तविक ट्रेजरी यील्ड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन के एलियास हद्दाद के मुताबिक, दुनिया भर की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अमेरिकी आर्थिक रफ्तार कहीं ज्यादा बेहतर नजर आ रही है, जिसने डॉलर इंडेक्स को ऊंचे स्तरों पर टिकाए रखा है।

मुद्रा बाजार के साथ-साथ इस समय भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी निवेशकों की करीबी नजर बनी हुई है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में संघर्ष विराम की अवधि बढ़ने से तनाव फिलहाल कुछ टलता दिख रहा है, लेकिन वैश्विक जोखिमों को लेकर बाजार सतर्क बना हुआ है।

## फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों से और दर वृद्धि के संकेत
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी नीति को लेकर नीति निर्माताओं की टिप्पणियों ने बाजार में डॉलर की मांग को और बढ़ा दिया है। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने हालिया स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में काफी लचीलापन दिखाई दे रहा है, हालांकि मुद्रास्फीति अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जॉन विलियम्स के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए इस साल के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि पूरी तरह से उचित हो सकती है। जॉन विलियम्स के साथ-साथ बार की टिप्पणियों ने भी इस बात को पुख्ता किया है कि फेड फंड्स रेट में आगे और बढ़ोतरी की गुंजाइश बनी हुई है।

केंद्रीय बैंक के इस कड़े रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिसके चलते लंबे समय तक ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने और जरूरत पड़ने पर उन्हें और बढ़ाए जाने की संभावना मजबूत हुई है। इसी उम्मीद ने वित्तीय बाजारों में डॉलर को अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले काफी बढ़त दिलाई है।

## 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर
जिस मजबूती के कारण डॉलर में उछाल आया है, वही कारक अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को भी रिकॉर्ड स्तरों की ओर धकेल रहे हैं। इसके असर से दुनिया भर के सरकारी बॉन्ड बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड तेजी से बढ़कर 5.14 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जुलाई 2007 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। बॉन्ड यील्ड का यह उछाल वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल की बड़ी वजह बन रहा है।

बॉन्ड बाजार के विस्तृत आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि कच्चे तेल की मजबूत कीमतों की वजह से 10 साल की ब्रेक-ईवन मुद्रास्फीति दर में मामूली बढ़ोतरी हुई है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें महंगाई के दबाव को दोबारा बढ़ा सकती हैं, जिससे बॉन्ड निवेशकों की चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

## ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच शिखर बैठक और व्यापार समझौता
वैश्विक बाजारों का कूटनीतिक ध्यान पूरी तरह से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली एक दिवसीय शिखर बैठक पर केंद्रित है। इस महत्वपूर्ण वार्ता से ठीक पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की कि दोनों देशों ने अपने व्यापार युद्ध विराम को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। पहले यह व्यापारिक संघर्ष विराम 10 नवंबर को समाप्त होने वाला था, जिसकी समयसीमा को अब बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया है।

हालांकि, इस राहत के बीच स्कॉट बेसेंट ने यह सवाल भी उठाया कि क्या चीन के साथ कोई बड़ा और दीर्घकालिक व्यापार समझौता वास्तव में संभव हो पाएगा या नहीं। इस वार्ता में बाजार के खिलाड़ी दुर्लभ खनिजों यानी रेयर अर्थ्स, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा व्यापार समझौते के विस्तार से जुड़ी प्रगति पर करीबी नजर रख रहे हैं, हालांकि किसी बहुत बड़ी घोषणा की उम्मीदें फिलहाल कम ही हैं।

## वैश्विक मुद्राओं का हाल: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने में हलचल
अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के बीच गुरुवार को एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों में मिला-जुला और उतार-चढ़ाव भरा रुख देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) 0.7000 के स्तर की ओर फिसलती दिखाई दी। इसका मुख्य कारण ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने के रोजगार आंकड़े रहे, जिसमें बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि कुल रोजगार परिवर्तन 39.5 हजार रहा जो कि उम्मीदों से बेहतर था। ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी भी ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत को लेकर काफी सतर्क बने हुए हैं।

दूसरी ओर, डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) अपने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास सिमट गई। जापान में बॉन्ड यील्ड में आए उछाल और मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को सहारा दिया, हालांकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अमेरिकी यील्ड के दम पर डॉलर ने दो महीने के उच्च स्तर पर अपनी बढ़त कायम रखी। इस बीच, बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम है और बाजार की पूर्व उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रहा।

सर्राफा बाजार में भी दबाव देखा गया। यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोना लगातार दूसरे दिन नकारात्मक दायरे में रहा और 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता नजर आया। ऊंची ब्याज दरों की संभावना और मजबूत डॉलर ने सोने की चमक को सीमित कर दिया है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती से वैश्विक स्तर पर कर्ज की लागत और आयात खर्च बढ़ने का सीधा जोखिम पैदा होता है।

- **मुद्रा विनिमय पर प्रभाव:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य विदेशी मुद्राओं पर दबाव बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि विदेशी खरीदारी या विदेश यात्रा के लिए भारतीय यात्रियों और छात्रों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
- **आयात और महंगाई:** कच्चे तेल की मजबूत कीमतों और महंगे डॉलर से आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ जाती है। यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ती हैं, तो घरेलू स्तर पर ईंधन और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी का खतरा बन सकता है।
- **सोने के निवेशक:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 4,300 डॉलर से नीचे आने से पीली धातु पर दबाव बढ़ गया है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और सख्त ब्याज दर माहौल के चलते सोने में अल्पकालिक तेजी सीमित रह सकती है।
- **वैश्विक शेयर और बॉन्ड बाजार:** अमेरिकी 10 साल की यील्ड 5.14 प्रतिशत पर पहुंचने से जोखिम वाली संपत्तियों से पूंजी निकासी तेज हो सकती है। जो निवेशक उभरते बाजारों में निवेश करते हैं, उन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी आर्थिक मजबूती, मजबूत पीएमआई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख ने संयुक्त रूप से डॉलर और बॉन्ड यील्ड को ऊपर की तरफ धकेला है। साथ ही भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और चीन की व्यापारिक वार्ताएं बाजार के रुख को तय कर रही हैं।

- **फेडरल रिजर्व का रुख:** न्यूयॉर्क फेड अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति अब भी चिंता का सबब बनी हुई है और साल के अंत तक एक और दर वृद्धि संभव है। इस सख्त संदेश ने केंद्रीय बैंक द्वारा लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखने की उम्मीदों को बल दिया।
- **आर्थिक आंकड़ों में बढ़त:** सितंबर के पीएमआई आंकड़ों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने अन्य प्रमुख देशों को काफी पीछे छोड़ दिया। आर्थिक लचीलेपन और निजी क्षेत्र के विस्तार ने निवेशकों को डॉलर में बने रहने के लिए प्रेरित किया।
- **कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में तेजी:** कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.14 प्रतिशत तक जा पहुंची। यह जुलाई 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है जिसने वैश्विक बॉन्ड बिकवाली को तेज कर दिया।
- **अमेरिका-चीन व्यापार संघर्ष विराम:** हालांकि दोनों देशों ने टैरिफ युद्ध विराम को 10 जनवरी तक बढ़ा दिया है, फिर भी एक संपूर्ण समझौते पर अनिश्चितता बनी हुई है। इस भू-राजनीतिक संशय के कारण निवेशक डॉलर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
मजबूत सितंबर पीएमआई आंकड़े, निजी क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन और फेडरल रिजर्व द्वारा आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों से डॉलर को समर्थन मिला है।

### 2. अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंच गई है?
अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.14 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो जुलाई 2007 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।

### 3. फेडरल रिजर्व के जॉन विलियम्स ने ब्याज दरों पर क्या कहा?
जॉन विलियम्स ने बताया कि अर्थव्यवस्था लचीली है लेकिन मुद्रास्फीति अब भी बड़ी चुनौती है, इसलिए साल के अंत तक एक और दर वृद्धि उचित हो सकती है।

### 4. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध विराम कब तक बढ़ाया गया है?
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध विराम को 10 नवंबर से बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया है।

### 5. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 6. सोने की कीमतों पर मौजूदा आर्थिक घटनाक्रम का क्या असर पड़ा?
सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई और यह 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

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