# अमेरिकी डॉलर की मजबूती और सुस्त घरेलू आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज गिरावट, क्या 0.7000 का स्तर टूटेगा?

> फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों में नरमी के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गिरकर सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों की नजरें अब प्रमुख सपोर्ट स्तरों पर टिक गई हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-aura-susta-gharelu-ankaron-ke-bicha-australian-dollar-men-teja-giravata-kya-0-7000-ka-stara-tutega-37302 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स बाजार, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, मुद्रास्फीति, ब्याज दरें, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है, जिससे AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के अहम रक्षात्मक स्तर को तोड़ते हुए सात हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर फिसल गई है। अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त वापसी और फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माता माइकल बार के कड़े बयानों ने ग्रीनबैक को अतिरिक्त ताकत दी है। इसके साथ ही, हालिया कारोबारी गतिविधियों के मजबूत अमेरिकी आंकड़ों ने भी अमेरिकी मुद्रा को मजबूती प्रदान की है, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज की गई है। निवेशक अब 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं, जहां मुद्रा जोड़ी को अगला बड़ा परीक्षण झेलना पड़ सकता है।

## घरेलू आर्थिक संकेतकों में मंदी और महंगाई की दोहरी चुनौती
व्यापक आर्थिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था अपने कई जी10 साझेदारों की तुलना में बेहतर स्थिति में रही है। मजबूत घरेलू मांग और लगातार आर्थिक विस्तार ने इसे सहारा दिया है। इसके बावजूद, हालिया आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ी है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में गिरकर 49.3 पर आ गया, जो पिछले महीने 52.0 था। इसी प्रकार, सेवा क्षेत्र का पीएमआई भी 53.2 से घटकर 51.4 के स्तर पर आ गया है। 50 से नीचे का विनिर्माण आंकड़ा संकुचन का स्पष्ट संकेत देता है, जिसने निवेशकों के उत्साह को ठंडा किया है।

व्यापार के मोर्चे पर कुछ राहत जरूर देखने को मिली है, जहां ऑस्ट्रेलिया ने जुलाई में 1.923 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया। हालांकि यह जून में दर्ज किए गए 2.341 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अधिशेष से कुछ कम रहा। आर्थिक विकास दर की बात करें तो 2026 की दूसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तिमाही दर तिमाही आधार पर 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 0.3 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर था। लेकिन वार्षिक आधार पर वृद्धि दर घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई, जो इससे पहले 2.5 प्रतिशत थी।

रोजगार बाजार में भी नरमी के संकेत मिले हैं। जुलाई महीने में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि शुद्ध रोजगार में 15.8 हजार की गिरावट आई। इससे पिछले महीने इसमें 80.3 हजार की संशोधित बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। श्रम बाजार का यह ढीलापन आर्थिक चिंताओं को बढ़ा रहा है। वहीं दूसरी ओर, महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जुलाई में मुद्रास्फीति दर 3.5 प्रतिशत रही, जो जून के 3.8 प्रतिशत से कम तो हुई है, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के 2 से 3 प्रतिशत के तय लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। बुनियादी मूल्य दबावों को दर्शाने वाला ट्रिम्ड मीन 3.6 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है। मेलबर्न इंस्टीट्यूट के उपभोक्ता मुद्रास्फीति अपेक्षा सूचकांक ने भी इस रुख की पुष्टि की है, जो सितंबर में 4.9 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहा। अधिकारियों का अनुमान है कि महंगाई केवल 2028 की शुरुआत तक ही तय दायरे में लौट पाएगी, जिससे मौद्रिक नीति में तुरंत ढील की गुंजाइश खत्म हो जाती है।

## चीन की अर्थव्यवस्था से मिलता मिला-जुला सहारा
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन की स्थिति ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। चीनी अर्थव्यवस्था स्थिरता तो दे रही है, लेकिन वह पहले जैसा मजबूत विकास संवेग पैदा नहीं कर पा रही है। अप्रैल से जून की अवधि में चीन की अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी। साल-दर-साल आधार पर औद्योगिक उत्पादन में 5.2 प्रतिशत का विस्तार हुआ, और जुलाई में व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात और निर्यात दोनों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, चीन में घरेलू उपभोक्ता मांग कमजोर बनी हुई है। खुदरा बिक्री सालाना आधार पर केवल 0.4 प्रतिशत ही बढ़ सकी, जो सुस्त घरेलू खर्च को उजागर करती है। व्यावसायिक सर्वेक्षणों ने भी एक मिश्रित तस्वीर पेश की है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, विनिर्माण पीएमआई अगस्त में सुधरकर 49.8 हुआ जो जुलाई में 49.2 था, जबकि सेवा पीएमआई 49.0 पर स्थिर रहा। दूसरी ओर, निजी रेटिंगडॉग सर्वेक्षणों ने विस्तार की स्थिति दिखाई, जहां विनिर्माण पीएमआई 50.9 से बढ़कर 51.5 और सेवा पीएमआई 50.4 से बढ़कर 51.4 दर्ज किया गया। मूल्य मोर्चे पर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अगस्त में सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले महीने 0.5 प्रतिशत था, जबकि मासिक वृद्धि 0.4 प्रतिशत रही। उत्पादक मूल्य पिछले बारह महीनों में 3.8 प्रतिशत बढ़े, जो पूर्व महीने के 3.5 प्रतिशत से कम थे। कुल मिलाकर, जब तक चीनी आंकड़ों में स्पष्ट तेजी नहीं आती, तब तक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर इसका प्रभाव सीमित ही रहने वाला है।

## रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का रुख और ब्याज दरों का परिदृश्य
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) ने 11 अगस्त को हुई अपनी बैठक में आधिकारिक नकद दर (OCR) को स्थिर रखने का सर्वसम्मत फैसला लिया था, लेकिन साथ ही सख्त नीतिगत रुख बरकरार रखा था। बैठक के मिनट्स से यह संकेत मिलता है कि यदि महंगाई का जोखिम और बढ़ता है, तो बोर्ड ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय बैंक डेटा सेंटरों में भारी निवेश, लागत में वृद्धि और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को संभावित मूल्य दबाव के रूप में देख रहा है।

नीति-निर्माताओं ने बैठक में 25 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी पर चर्चा की थी, लेकिन अंततः यह निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा नीति पहले से ही पर्याप्त रूप से प्रतिबंधात्मक है। अधिकारियों ने गिरती आवास कीमतों और बिना रोजगार को नुकसान पहुंचाए महंगाई कम होने की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। वर्तमान में बाजार प्रतिभागी इस साल के अंत तक लगभग 42 आधार अंकों की नीतिगत सख्ती की संभावना देख रहे हैं, जिसमें 29 सितंबर की आगामी बैठक में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की पूरी उम्मीद लगाई जा रही है।

## तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण मूल्य स्तर
मध्यम अवधि के तकनीकी ढांचे पर नजर डालें तो जब तक यह जोड़ी अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर बनी रहती है, जो लगभग 0.7020 के आसपास स्थित है, तब तक व्यापक रुख सकारात्मक बना रह सकता है। हालांकि, मौजूदा तेज बिकवाली और वैश्विक जोखिम धारणा में गिरावट ने इस तकनीकी बढ़त को कमजोर किया है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक, AUD/USD 0.7031 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 0.7119 के मुकाबले 1.23 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 35 पर आ चुका है, जो बिकवाली के दबाव को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) संकेतक भी मंदी के संकेत दे रहा है। बोलिंजर बैंड के विश्लेषण से पता चलता है कि मौजूदा भाव इसके निचले बैंड 0.7062 से नीचे फिसल चुका है, जबकि मध्य बैंड 0.7157 पर स्थित है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से दैनिक पिवट बिंदु 0.7061 पर है। ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस 0.7091 (R1) और उसके बाद 0.7151 (R2) पर स्थित है। इसके अलावा 100-दिवसीय एसएमए 0.7075 पर, हॉरिजॉन्टल बाधा 0.7079 पर और 55-दिवसीय एसएमए 0.7080 पर मजबूत प्रतिरोध का दायरा बनाते हैं। यदि तेजी का रुझान दोबारा बनता है और 0.7200 का स्तर पार होता है, तो 2026 का उच्च स्तर 0.7280 और उसके बाद 0.7300 तथा 2022 का शीर्ष 0.7593 दोबारा चर्चा में आ सकते हैं।

नीचे की ओर, तत्काल सपोर्ट 23 सितंबर के निचले स्तर 0.7032 पर और उसके बाद 200-दिवसीय एसएमए 0.7016 से 0.7020 के दायरे में स्थित है। इसके नीचे दैनिक सपोर्ट S1 0.7001 और S2 0.6972 पर नजर आता है। यदि 0.7000 का स्तर टूटता है, तो गिरावट 0.6833, 0.6660, 0.6593 और अंततः 0.6414 तथा 0.6373 के पुराने स्तरों तक बढ़ सकती है।

## सट्टेबाजी की स्थिति और वायदा बाजार के संकेत
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के 15 सितंबर को समाप्त सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मंदी की सट्टेबाजी में तेजी आई है। शुद्ध शॉर्ट पोजीशन बढ़कर लगभग 39 हजार अनुबंधों तक पहुंच गई। हालांकि, चार हफ्तों का शुद्ध बदलाव लगभग 5.2 हजार अनुबंध सकारात्मक रहा, जो दिखाता है कि लंबी अवधि में धारणा पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुई है।

वायदा बाजार में ओपन इंटरेस्ट बढ़कर 494.1 हजार अनुबंधों पर पहुंच गया है। ओपन इंटरेस्ट और शॉर्ट पोजीशन में एक साथ बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि ट्रेडर्स पुरानी लॉन्ग पोजीशन काटने के बजाय नई शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं, जिससे मंदी के रुख को ताजा गति मिली है। सट्टा एक्सपोजर -7.7 प्रतिशत से गिरकर -7.9 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि इसका पर्सेंटाइल 83.9 पर बना हुआ है। नेट पोजीशन पर्सेंटाइल 68.1 पर है, जो संकेत देता है कि बिकवाली अभी किसी अत्यधिक चरम स्तर पर नहीं पहुंची है।

## वैश्विक भू-राजनीति और आगामी घटनाएं
मुद्रा जोड़ी की भविष्य की दिशा अमेरिकी डॉलर की गतिविधियों, वैश्विक जोखिम धारणा और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर अगस्त महीने की श्रम बाजार रिपोर्ट पर रहने वाली है, जो नीतिगत दिशा तय करने में मदद करेगी।

वैश्विक स्तर पर, 24 सितंबर को होने वाले ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां वैश्विक व्यापार और टैरिफ मुख्य मुद्दे रहने की संभावना है। व्यापारिक तनाव में किसी भी तरह की बढ़ोतरी जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर और दबाव बना सकती है। दूसरी तरफ, एशियाई सत्र में बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता पूरी होने के घटनाक्रम पर बाजार ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। डॉलर की व्यापक मजबूती ने सोने (XAU/USD) पर भी दबाव बनाया है, जबकि USD/JPY 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार कर रहा है। जब तक वैश्विक जोखिम धारणा में ठोस सुधार नहीं होता, तब तक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल में किसी बड़े सुधार की उम्मीद सीमित ही रहेगी।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों और व्यापारिक लागतों में सीधा बदलाव देखने को मिलेगा।

- **मुद्रा विनिमय और यात्रा:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट से भारतीय यात्रियों और छात्रों के लिए ऑस्ट्रेलिया में खर्च तुलनात्मक रूप से सस्ता हो सकता है। यदि यह कमजोरी जारी रहती है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलने से ट्यूशन फीस और यात्रा बजट में थोड़ी राहत मिल सकती है।
- **वैश्विक वित्तीय बाजार:** अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बढ़त अन्य जोखिम-संवेदनशील संपत्तियों और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा रही है। भारतीय शेयर बाजार और फॉरेक्स ट्रेडर्स को विदेशी संस्थागत प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
- **आयात और निर्यात व्यापार:** ऑस्ट्रेलिया से कच्चा माल जैसे कोयला और खनिज आयात करने वाली कंपनियों की लागत विनिमय दरों के अनुसार बदल सकती है। कमजोर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा से ऑस्ट्रेलियाई सामान का आयात सस्ता हो सकता है, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर वैश्विक बिलिंग को प्रभावित कर सकता है।
- **फॉरेक्स निवेशक और ट्रेडर्स:** तकनीकी रूप से AUD/USD का 0.7000 के करीब पहुंचना एक महत्वपूर्ण निर्णयकारी बिंदु है। ट्रेडर्स को 0.7020 के 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के आसपास स्टॉप-लॉस और सख्त जोखिम प्रबंधन के साथ काम करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह तेज गिरावट अमेरिकी डॉलर की अचानक बढ़ी मांग और ऑस्ट्रेलिया के आंतरिक आर्थिक संकेतकों में आई सुस्ती के मिले-जुले असर के कारण हुई है।

- **फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी माइकल बार की सख्त टिप्पणियों और मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर को नई मजबूती दी है। इस वजह से वैश्विक निवेशकों ने जोखिम वाली मुद्राओं से पूंजी निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर में निवेश बढ़ा दिया है।
- **घरेलू विनिर्माण में मंदी:** ऑस्ट्रेलिया के सितंबर महीने के प्रारंभिक पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र 49.3 पर आ गया, जो 50 के स्तर से नीचे संकुचन को दर्शाता है। साथ ही सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर भी धीमी पड़कर 51.4 रह गई, जिससे विकास की रफ्तार सुस्त पड़ने की चिंताएं बढ़ गईं।
- **श्रम बाजार में नरमी:** जुलाई में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो गई और शुद्ध रोजगार में 15.8 हजार की कमी दर्ज की गई। इसने रोजगार बाजार के कमजोर पड़ने के संकेत दिए, जिससे अर्थव्यवस्था के परिदृश्य पर असर पड़ा है।
- **भू-राजनीतिक अनिश्चितता:** 24 सितंबर को होने वाले ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक व्यापार और नए टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। चूंकि ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था चीन पर काफी निर्भर है, इसलिए इस तनाव ने निवेशकों को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बिकवाली के लिए प्रेरित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त बयानों से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण पीएमआई और रोजगार आंकड़ों में सुस्ती दर्ज की गई है।

### 2. AUD/USD के लिए तत्काल सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
तात्कालिक सपोर्ट 0.7032 पर और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज 0.7016 से 0.7020 के आसपास है, जिसके बाद 0.7000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर आता है।

### 3. ऑस्ट्रेलिया में वर्तमान मुद्रास्फीति और ब्याज दर की क्या स्थिति है?
जुलाई में महंगाई दर 3.5 प्रतिशत रही जो केंद्रीय बैंक के 2 से 3 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है, और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 11 अगस्त को दरें स्थिर रखते हुए सख्त रुख बनाए रखा।

### 4. क्या रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया आगे ब्याज दरें बढ़ा सकता है?
बाजार के अनुसार 29 सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है, और वर्ष के अंत तक कुल 42 आधार अंकों की सख्ती का अनुमान है।

### 5. चीन के आर्थिक आंकड़ों का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ रहा है?
चीन की अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी हुई है लेकिन खुदरा बिक्री में केवल 0.4 प्रतिशत की वृद्धि जैसे सुस्त आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई मजबूत बढ़त नहीं दे पा रहे हैं।

### 6. 24 सितंबर को होने वाली कौन सी घटना बाजार के लिए महत्वपूर्ण है?
24 सितंबर को ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाले शिखर सम्मेलन पर वैश्विक निवेशकों की नजर है, जहां वैश्विक व्यापार और टैरिफ पर चर्चा होने की संभावना है।

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