अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड सुस्त, यूके बजट से पहले वैश्विक करेंसी बाजार में हलचल यूके बजट से पहले ब्रिटिश पाउंड दबाव में दिख रहा है, जबकि मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख से डॉलर को लगातार बढ़त मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव साफ नजर आ रहा है, जहां अमेरिकी डॉलर धीरे-धीरे अपनी बढ़त मजबूत कर रहा है। ब्रिटेन में आगामी बजट को लेकर बनी अनिश्चितता और अमेरिका की मजबूत आर्थिक स्थिति के बीच पाउंड में सुस्ती का माहौल बना हुआ है। 29 सितंबर को लेबर पार्टी के सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के मुख्य भाषण के बाद भी पाउंड की चाल में अमेरिकी डॉलर और यूरो के मुकाबले कोई खास हलचल देखने को नहीं मिली। इस भाषण में अर्थव्यवस्था के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण पेश किया गया था, जिसमें क्षेत्रीय अधिकारों के विकेंद्रीकरण और ऊर्जा बाजार सुधारों की रूपरेखा शामिल थी। इसके बावजूद, 28 अक्टूबर को पेश होने वाले बजट से पहले आर्थिक विकास दर या राजकोषीय रणनीति को लेकर बहुत कम ठोस विवरण सामने आए हैं। मुद्रा बाजार में अमेरिकी कारकों का गहरा असर बाजार की इस सुस्त प्रतिक्रिया से साफ संकेत मिलता है कि निवेशकों का ध्यान इस समय उन व्यापक ताकतों पर टिका है जो पाउंड और डॉलर की जोड़ी यानी GBP/USD को दिशा दे रही हैं। इन मुख्य कारकों में लचीले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, अधिक सख्त रुख अपनाने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC और यूके तथा अमेरिका के बीच ब्याज दरों के अंतर का घटता दायरा शामिल हैं। इस महीने GBP/USD गिरकर जून के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी पक्ष की मजबूती रही है। अमेरिका में टिकाऊ आर्थिक गतिविधियों के चलते डॉलर को मजबूती मिल रही है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक को लगातार समर्थन मिल रहा है। ब्रिटेन में धीमी विकास दर और बैंक ऑफ इंग्लैंड की सतर्कता ब्रिटेन का घरेलू आर्थिक परिदृश्य इस समय मुद्रा के लिए उतना अनुकूल नहीं दिख रहा है। एचएसबीसी इकोनॉमिक्स का आकलन है कि ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर धीमी रह सकती है। इसके साथ ही, 5 नवंबर को होने वाली आगामी बैठक से पहले बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख भी काफी सतर्क रहने का अनुमान है। वित्तीय बाजार नवंबर की बैठक के लिए लगभग 21 बेसिस प्वाइंट की मौद्रिक सख्ती की संभावना मानकर चल रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह से ऊर्जा बाजारों की स्थिति और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा। जब तक इन वैश्विक मोर्चों पर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक केंद्रीय बैंक के कदम भी सतर्कता भरे रह सकते हैं। बजट घोषणाओं और उत्पादकता सुधारों की भूमिका पाउंड को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले घरेलू स्तर पर मजबूत समर्थन हासिल करने के लिए यह बेहद जरूरी होगा कि 28 अक्टूबर का बजट बाजार को एक सकारात्मक सरप्राइज दे। एंडी बर्नहैम के प्रस्ताव आगे चलकर पाउंड को सहारा दे सकते हैं, बशर्ते वे उत्पादकता बढ़ाने, क्षेत्रीय निवेश के नए रास्ते खोलने और यूके की समग्र आर्थिक विकास क्षमता को विस्तार देने में सफल साबित हों। जब तक सरकार यह स्पष्ट नहीं कर देती कि वह निजी क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देते हुए सार्वजनिक कर्ज का प्रबंधन कैसे करेगी, तब तक GBP/USD का उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से चक्रीय कारकों द्वारा ही तय होने की संभावना है। 28 अक्टूबर का बजट नीतिगत प्राथमिकताओं का ब्योरा सामने ला सकता है, लेकिन निकट भविष्य में अमेरिकी आंकड़े, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ऊर्जा कीमतें ही GBP/USD की दिशा तय करेंगी। अल्पकालिक परिदृश्य में अमेरिकी डॉलर के पाउंड के मुकाबले धीरे-धीरे मजबूत होने के आसार बने हुए हैं। अन्य प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का दौर वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी डॉलर की वापसी का असर देखा जा रहा है। सोमवार को एशियाई कारोबार के अंतिम घंटों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD में नई बिकवाली देखी गई और यह गिरकर 0.6900 की तरफ आ गया। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में अमेरिकी डॉलर की नई मजबूती ने इस जोड़ी पर भारी दबाव बनाया। बाजार सहभागियों की नजर अब तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी उम्मीदों पर टिकी है, जिससे इस प्रमुख करेंसी जोड़ी को नया रुख मिल सके। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY ने शुरुआती गिरावट की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया और यह पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हुई हैं, फिर भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। जापानी मुद्रा के लिए आगे की तेजी पर बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की संभावनाओं और संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों के कारण कुछ अंकुश लग सकता है। सोना, क्रिप्टोकरेंसी और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की दुविधा कमोडिटी बाजार में सोने का कारोबार सोमवार को लगभग स्थिर रहा, क्योंकि इसने अपनी शुरुआती बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया। पीली धातु इस समय फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच फंसी हुई है, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन 86,000 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। इसके विपरीत, अन्य डिजिटल टोकनों में सकारात्मक रुख दिखाई दिया, जहां एथेरियम बढ़कर 2,700 डॉलर के पार पहुंच गया और रिपल 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा। यूरोपीय मोर्चे पर, यूरोपीय केंद्रीय बैंक यानी ईसीबी के सामने एक पेचीदा स्थिति बनी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा समाधान होता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले ही ईसीबी के लिए मौद्रिक सख्ती का एक हिस्सा पूरा कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के सामने ब्याज दरों को लेकर एक बेहद कठिन दुविधा खड़ी हो गई है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और पाउंड की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और निवेश की लागत प्रभावित हो सकती है। • विदेश यात्रा और शिक्षा: यूके जाने वाले छात्रों और पर्यटकों के लिए खर्चों में बदलाव देखने को मिल सकता है। पाउंड कमजोर रहने पर ब्रिटेन में पढ़ाई या यात्रा का तात्कालिक खर्च डॉलर की तुलना में कुछ राहत दे सकता है। • आयात और निर्यात लागत: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत डॉलर से कच्चे तेल और वैश्विक वस्तुओं के आयात बिल बढ़ सकते हैं। भारतीय व्यापारियों को डॉलर आधारित सौदों के लिए अधिक पूंजी का प्रबंध करना पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय और ट्रेडिंग: फॉरेक्स ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को दोनों मुद्राओं के ब्याज दरों के अंतर पर नजर रखनी चाहिए। 28 अक्टूबर के यूके बजट से पहले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव के लिए अग्रिम हेजिंग रणनीति अपनाना उपयोगी होगा। • क्रिप्टो और बुलियन निवेशक: डॉलर की मजबूती सोने और क्रिप्टोकरेंसी के उछाल को सीमित कर सकती है। सुरक्षित निवेश चाहने वाले निवेशकों को बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों के बयानों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और यूके की अनिश्चित राजकोषीय स्थिति के चलते पाउंड के मुकाबले डॉलर को लगातार बढ़त मिल रही है। यह स्थिति केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक दबावों के संयुक्त प्रभाव से पैदा हुई है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और नीतियां: अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के सख्त रुख ने डॉलर को सहारा दिया है। ब्याज दरों में अंतर घटने की वजह से वैश्विक निवेशक अमेरिकी परिसंपत्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। • यूके नीतिगत स्पष्टता का अभाव: प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के भाषण में सुधारों का जिक्र होने के बावजूद राजकोषीय रणनीति का स्पष्ट खाका सामने नहीं आया। 28 अक्टूबर के बजट से पहले बाजार किसी बड़े जोखिम भरे निवेश से बच रहा है। • वैश्विक ऊर्जा और भू-राजनीति: पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। इस भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को और बढ़ा दिया है। • बैंक ऑफ इंग्लैंड का सतर्क रुख: एचएसबीसी इकोनॉमिक्स के अनुसार ब्रिटेन की आर्थिक विकास दर धीमी रहने की संभावना है। बैंक ऑफ इंग्लैंड 5 नवंबर की बैठक से पहले सतर्कता बरत रहा है, जिससे मुद्रा को मजबूत घरेलू सहारा नहीं मिल पा रहा है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के भाषण का पाउंड पर क्या असर पड़ा? 29 सितंबर को दिए गए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के भाषण के बाद पाउंड की कीमत में डॉलर और यूरो के मुकाबले कोई खास बदलाव नहीं आया। 2. GBP/USD में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है? मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी का सख्त रुख और दोनों देशों के बीच घटता ब्याज दर अंतर गिरावट के मुख्य कारक हैं। 3. यूके का बजट कब पेश होना है? यूके का आगामी बजट 28 अक्टूबर को पेश होना निर्धारित है। 4. बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली बैठक कब है और बाजार की क्या उम्मीदें हैं? बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक 5 नवंबर को है और बाजार इस समय नवंबर के लिए लगभग 21 बेसिस प्वाइंट की मौद्रिक सख्ती का अनुमान लगा रहे हैं। 5. सोने और बिटकॉइन की वर्तमान स्थिति क्या है? सोने का कारोबार सोमवार को सीमित दायरे में रहा, जबकि बिटकॉइन 86,000 डॉलर के ऊपर कंसोलिडेट कर रहा है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-ke-age-british-pound-susta-uk-bajata-se-pahale-vaishvika-karensi-bajara-men-halachala-43446 TrendKia — Har trend, sabse pehle.