अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ा, पर मंदी के जोखिम बरकरार रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सख्त रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों के सहारे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ सुधरा है, हालांकि वैश्विक तनाव और डॉलर का दबाव सीमित बढ़त के संकेत दे रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने सप्ताह के शुरुआती कारोबारी सत्रों में सकारात्मक रुख अपनाते हुए हालिया गिरावट से उबरने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार की ठोस बढ़त को आगे बढ़ाते हुए ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की मुद्रा जोड़ी (AUD/USD) 0.7000 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर के करीब पहुंच गई है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.6970 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.6929 के बंद स्तर की तुलना में 0.59% की दैनिक बढ़त दर्शाता है। हालांकि, वित्तीय बाजारों में व्यापक जोखिम से बचने की भावना और निरंतर भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत रुख अभी भी पूरी तरह कायम है, जिससे इस तेजी को लेकर संशय बना हुआ है। सितंबर महीने में 0.7250 के आसपास के उच्चतम स्तर छूने के बाद इस मुद्रा जोड़ी में तेज बिकवाली देखी गई थी। पिछले सप्ताह 0.6900 के प्रमुख सपोर्ट ज़ोन के करीब पहुंचते-पहुंचते इसमें 3 सेंट से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। हालांकि वहां से खरीदारी का नया समर्थन मिलने से कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि जब तक यह जोड़ी अपने 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (SMA) से नीचे कारोबार कर रही है, तब तक और अधिक नुकसान की गुंजाइश पूरी तरह खुली हुई है। बाजार में इस हालिया उछाल को केवल एक तकनीकी 'डेड-कैट बाउंस' के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक का रुख और मुद्रास्फीति का दबाव रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का सख्त नीतिगत रुख और ऑस्ट्रेलिया में ऊंची बनी हुई महंगाई दर किसी भी बहुत गहरी गिरावट को रोकने में ढाल का काम कर रही है। घरेलू मांग और सकारात्मक आर्थिक विस्तार के दम पर ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था कई अन्य G10 देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में दिखाई देती है। लगातार बनी हुई महंगाई केंद्रीय बैंक के सतर्क और आंकड़ों पर निर्भर नीतिगत रुख को मजबूत आधार दे रही है। हालांकि, हालिया कारोबारी आंकड़ों से पता चलता है कि आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में घटकर 49.6 पर आ गया, जो पहले 52.0 था। इसी तरह सर्विसेज PMI भी 53.2 से नरम होकर 51.9 के स्तर पर दर्ज किया गया। व्यापार संतुलन के मोर्चे पर अगस्त का व्यापार अधिशेष मामूली सकारात्मक रहा और यह केवल A$0.495 बिलियन दर्ज हुआ, जो पिछले महीने के A$1.351 बिलियन के अधिशेष (संशोधित स्तर A$1.923 बिलियन से) में जुड़ा। आर्थिक वृद्धि के आंकड़े भी बहुत उत्साहजनक नहीं रहे हैं। वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.4% बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 0.3% से थोड़ा बेहतर था। दूसरी ओर, वार्षिक आधार पर GDP वृद्धि दर 2.1% दर्ज की गई, जो पहले के 2.5% की तुलना में गिरावट दर्शाती है। श्रम बाजार में भी अगस्त के दौरान मिले-जुले संकेत देखने को मिले, जहां बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% हो गई, हालांकि रोजगार परिवर्तन में 39,500 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने जुलाई की लगभग 16,000 की गिरावट की भरपाई की। मुद्रास्फीति के मोर्चे पर ट्रिम्ड मीन पिछले बारह महीनों में 3.6% पर दर्ज किया गया, जबकि हेडलाइन सीपीआई सालाना आधार पर बढ़कर 4.0% पर पहुंच गया। मेलबर्न इंस्टीट्यूट के उपभोक्ता मुद्रास्फीति अपेक्षाओं के आंकड़े सितंबर में 4.9% पर स्थिर रहे। इन आंकड़ों से साफ है कि महंगाई को काबू में करने का केंद्रीय बैंक का काम अभी अधूरा है। नीति निर्माताओं का अनुमान है कि मुद्रास्फीति 2028 की शुरुआत तक ही अपने लक्षित दायरे में लौट सकेगी, जिसका अर्थ है कि ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना नहीं है। मिशेल बुलॉक का बयान और वैश्विक भू-राजनीतिक कारक केंद्रीय बैंक की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने स्पष्ट किया है कि घरेलू क्षमता का दबाव महंगाई का मुख्य चालक बना हुआ है। उन्होंने आगाह किया कि मध्य पूर्व में लंबा खिंचता संघर्ष कंपनियों को उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त लागत डालने के लिए मजबूर कर सकता है। वित्तीय स्थितियां पहले से ही प्रतिबंधात्मक होने के बावजूद बोर्ड ने एक और दर वृद्धि को उचित ठहराया और इस बात पर बल दिया कि मौद्रिक नीति को नपे-तुले तरीके से सख्त किया जाएगा। गवर्नर बुलॉक ने यह भी रेखांकित किया कि नीति निर्माताओं को विश्वास हासिल करने के लिए तिमाही कोर मुद्रास्फीति का गिरकर 0.6% के आसपास आना देखना होगा। मध्य पूर्व संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को केंद्रीय बैंक के अगस्त पूर्वानुमानों से काफी ऊपर धकेल दिया है। इस बीच, रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव भी सुरक्षित निवेश वाले अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त सहारा दे रहे हैं। चीन की अर्थव्यवस्था का मिला-जुला प्रभाव ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन की अर्थव्यवस्था इस समय स्थिरता तो दे रही है, लेकिन वह तीव्र विकास गति प्रदान नहीं कर पा रही है जो पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बड़ा सहारा देती रही थी। अप्रैल से जून की अवधि में चीनी अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 4.3% की दर से बढ़ी। औद्योगिक उत्पादन में साल-दर-साल आधार पर 5.2% का सुधार देखा गया और जुलाई में चीन का व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.1 बिलियन डॉलर हो गया। इसके उलट, उपभोक्ता खर्च कमजोर रहा और खुदरा बिक्री सालाना आधार पर केवल 0.4% ही बढ़ सकी। चीन के आधिकारिक नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग PMI सुधरकर 50.1 और सर्विसेज PMI 50.2 पर पहुंचा। निजी सूचकांकों जैसे रेटिंगडॉग पर मैन्युफैक्चरिंग 52.1 और सर्विसेज 51.6 पर रहा। अगस्त में चीन का सीपीआई सालाना आधार पर 0.8% बढ़ा, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) पिछले बारह महीनों में 3.8% दर्ज हुआ। कुल मिलाकर, चीन की स्थिति ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर न तो कोई बड़ा दबाव बना रही है और न ही बहुत बड़ा उछाल ला रही है। तकनीकी संकेतक और वायदा बाजार की स्थिति कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के अनुसार, 29 सितंबर को समाप्त सप्ताह में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर मंदी की स्थिति काफी गहरी हो गई। सट्टेबाजी की शुद्ध बिकवाली स्थिति गिरकर 63,200 अनुबंधों से अधिक हो गई। चार हफ्तों का संचयी परिवर्तन -2,359 से तेजी से बिगड़कर -23,833 अनुबंधों पर आ गया। ओपन इंटरेस्ट मामूली रूप से बढ़कर लगभग 3,10,000 अनुबंधों पर पहुंचा, जो दर्शाता है कि नई भागीदारी के बजाय मंदी की धारणा अधिक गहरी हुई है। सट्टा एक्सपोजर -20.4% दर्ज हुआ और शुद्ध स्थिति पर्सेंटाइल 33.7 पर रहा। तकनीकी चार्ट पर, लाइव संकेतकों के तहत दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 34 पर है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब से सुधरा है। MACD -0.00 पर बना हुआ है जो मंदड़ियों के नियंत्रण को दर्शाता है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर, 200-दिवसीय SMA 0.7030 पर और 50-दिवसीय SMA 0.7091 पर स्थित है, जबकि शॉर्ट-टर्म EMA 20 का स्तर 0.7051 पर है। तकनीकी पिवट 0.6960 पर स्थित है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध R1 0.6985 और R2 0.7000 पर है। गिरावट की स्थिति में तात्कालिक सपोर्ट S1 0.6945 और S2 0.6920 पर मौजूद है, जिसके बाद 0.6905 और 0.6833 के स्तर महत्वपूर्ण साबित होंगे। तेजी को बरकरार रखने के लिए जोड़ी को 200-दिवसीय SMA (0.7030-0.7032) और उसके बाद 0.7200 के स्तर को निर्णायक रूप से पार करना होगा। अन्य वैश्विक संपत्तियों की स्थिति विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के अन्य क्षेत्रों में भी डॉलर की चाल का प्रभाव देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी एशियाई सत्र में नुकसान की भरपाई करते हुए 158.00 के स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में शुक्रवार की गिरावट जारी रही और पीली धातु प्रति ट्रॉय औंस $4,100 के अहम स्तर के करीब आ गई, जिस पर अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी का असर पड़ा। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन $86,000 के ऊपर मजबूती से टिककर दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि एथेरियम $2,700 से ऊपर और रिपल $1.52 के स्तर पर स्थिर बने हुए हैं। यूरोप में, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) मुद्रास्फीति के लक्ष्य से दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार की कड़ी स्थितियों के चलते नीतिगत दुविधा का सामना कर रहा है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और आयात-निर्यात लागत पर पड़ता है। • विदेशी मुद्रा विनिमय: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हालिया सुधार से विदेश यात्रा और विदेशी शिक्षा की लागत में अल्पकालिक बदलाव आ सकता है। 0.7000 का स्तर पार होने पर मुद्रा विनिमय दरों पर निगरानी रखने वाले छात्रों और यात्रियों को योजना बनानी चाहिए। • आयात और निर्यात लागत: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव का प्रभाव ऑस्ट्रेलिया से आयातित वस्तुओं के बिलों पर पड़ता है। कारोबारियों को विनिमय दरों में अस्थिरता से बचने के लिए करेंसी हेजिंग रणनीतियां अपनानी चाहिए। • वैश्विक जिंस कीमतें: ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे इसका असर कमोडिटी बाजारों पर पड़ता है। धातु और ऊर्जा बाजारों के निवेशक इस करेंसी मूवमेंट के आधार पर अपनी पोजीशन तय कर सकते हैं। • ब्याज दर परिदृश्य: केंद्रीय बैंक के सख्त रुख से स्थानीय स्तर पर उधार लेने की लागत ऊंची बनी रह सकती है। इसका सीधा असर कॉर्पोरेट कर्जों और व्यक्तिगत लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह तकनीकी उछाल और मंदी के दबाव का टकराव केंद्रीय बैंक की मौद्रिक सख्ती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के संयोजन से उपजा है। • केंद्रीय बैंक का सख्त रुख: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में सख्ती बनाए रखी है। इस नीतिगत अंतर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को तेज गिरावट से अस्थायी सहारा प्रदान किया है। • अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित मांग: मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है। निवेशक जोखिम भरे माहौल में डॉलर को सुरक्षित ठिकाना मानते हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना हुआ है। • चीन के मिले-जुले आंकड़े: चीन की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक उत्पादन तो बढ़ा है, लेकिन उपभोक्ता मांग कमजोर बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य व्यापारिक साझेदार से स्पष्ट तेजी का अभाव मुद्रा की बढ़त को सीमित कर रहा है। • वायदा बाजार में मंदी की स्थिति: सट्टेबाजी बाजार में शुद्ध शॉर्ट पोजीशन लगातार गहरी हुई हैं। खुले सौदों में स्थिरता के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ने से यह सुधार केवल सीमित तकनीकी उछाल साबित हो सकता है। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सख्त नीतिगत रुख और घरेलू मांग के मजबूत रहने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को निचले स्तरों से सहारा मिला है। 2. AUD/USD जोड़ी के लिए अगला बड़ा तकनीकी स्तर कौन सा है? जोड़ी के लिए 0.7000 का मनोवैज्ञानिक स्तर और 0.7030 पर स्थित 200-दिवसीय SMA प्रमुख प्रतिरोध का काम कर रहे हैं। 3. चीन की अर्थव्यवस्था का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ रहा है? चीन में औद्योगिक उत्पादन में स्थिरता है लेकिन खुदरा मांग कमजोर है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सीमित गति ही मिल पा रही है। 4. क्या ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मंदी का खतरा पूरी तरह टल गया है? नहीं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फ्यूचर्स बाजार में बढ़ती शॉर्ट पोजीशन के कारण मंदी का दबाव अभी भी बना हुआ है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-ke-bicha-australian-dollar-0-7000-ke-stara-ki-ora-barha-para-mndi-ke-jokhima-barakarara-43527 TrendKia — Har trend, sabse pehle.