अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच बढ़त की गुंजाइश सीमित, ब्याज दरों के अनुमान और वैश्विक उथल-पुथल पर टिकी नजर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार में मजबूती के बावजूद डॉलर की आगे की बढ़त सीमित नजर आ रही है। केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के अनुमान अब दिसंबर 2026 और मार्च 2027 तक खिसक गए हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार वर्तमान में स्थिरता दिखा रहे हैं, लेकिन उनमें अत्यधिक तेजी या ओवरहीटिंग के संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसी आर्थिक पृष्ठभूमि को देखते हुए टीडी सिक्योरिटीज ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के अपने अनुमानों को आगे बढ़ाते हुए दिसंबर 2026 और मार्च 2027 तक टाल दिया है। वित्तीय बाजारों में नीतिगत सख्ती की जो आशंकाएं पहले से आंकी जा चुकी थीं, वे अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं। ऐसी स्थिति में केवल आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख के आधार पर ग्रीनबैक में लगातार तेजी बने रहने की संभावना काफी कम मानी जा रही है, भले ही आंतरिक मूल्यांकन स्कोरकार्ड पर अमेरिकी डॉलर अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। मुद्रा मूल्यांकन और वैश्विक स्थिति विश्लेषकों का मानना है कि नीतिगत सख्ती को लेकर बाजार पहले ही अधिकतम स्तर तक प्रतिक्रिया दे चुका है। टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि फेडरल रिजर्व द्वारा उस स्तर से अधिक दरें बढ़ाने की संभावना कम है जो बाजार में पहले से शामिल हो चुकी हैं। अनुकूल ब्याज दर अंतर, स्थिर आर्थिक विकास और शेयर बाजार के मजबूत प्रदर्शन के दम पर अमेरिकी डॉलर उनके स्कोरकार्ड में सबसे ऊपर है। एमआरएसआई की डॉलर में लॉन्ग पोजिशनिंग लगातार मुनाफे में रही है और व्यापक बाजार भी डॉलर में लॉन्ग दांव लगा रहा है। इसके विपरीत कम प्रतिफल देने वाली जी10 मुद्राओं, विशेष रूप से एसईके, सीएडी और एनजेडडी में शॉर्ट पोजिशन काफी अधिक केंद्रित और भीड़भाड़ वाली नजर आ रही हैं। एशियाई और यूरोपीय सत्र में प्रमुख मुद्राओं की चाल मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी में हल्की कमजोरी देखी गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी की गति थम गई। फिक्स्ड इनकम बाजार में चल रही भारी बिकवाली के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। अक्टूबर में फेड द्वारा दरें बढ़ाने की कम होती उम्मीदों के बावजूद बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती प्रदान की है। हालांकि, इस महीने रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से संभावित ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए कुछ सहारा दे सकती है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्ती और सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद जापानी येन में कोई खास उत्साह नहीं दिखा। दूसरी ओर, निरंतर भू-राजनीतिक तनाव और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड डॉलर को उसके साल के उच्चतम स्तर के पास बनाए रखने में मदद कर रही है, जिससे इस जोड़ी को लगातार समर्थन मिल रहा है। सोने की कीमतों में सुधार और ट्रेजरी यील्ड का रुख कमोडिटी बाजार में सोने (एक्सएयू/यूएसडी) ने मंगलवार को अच्छी रिकवरी दर्ज की। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के चलते डॉलर पर दबाव बना, जिससे पीली धातु को संभलने का मौका मिला। एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,104 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर तक गिर गया था, जिसके बाद कीमतों में सुधार हुआ। इसके बाद एक्सएयू/यूएसडी लगभग 4,173 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो दिन के आधार पर 0.82% की बढ़त दर्शाता है। यूरोपीय बाजार और नीतिगत चुनौतियां बाजार में किसी बड़ी टियर-1 डेटा रिलीज के अभाव में निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से यूरोपीय बाजारों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक हलचलों पर केंद्रित है। फ्रांस में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बजट प्रस्तावों को लेकर क्या सोशलिस्ट्स और मरीन ले पेन की नेशनल रैली सरकार गिराने के संकेत देते हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने भी जटिल स्थिति बनी हुई है। जब मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही हो, तो सामान्य परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में सीधी बढ़ोतरी करता है। लेकिन मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। बॉन्ड बाजार पहले ही वित्तीय स्थितियों को कड़ा करने का काम कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के सामने दरें तय करने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयात लागत, धातुओं की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय निवेश पर पड़ता है। • मुद्रा और निवेश पर: मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव बना रहता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विदेशी मुद्रा कारोबारियों को अपनी पोजिशन सावधानी से प्रबंधित करनी होगी। • सोने के खरीदारों के लिए: सोने के भाव 4,104 डॉलर के निचले स्तर से सुधरकर 4,173 डॉलर के स्तर पर पहुंचे हैं। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण कीमती धातुओं में तात्कालिक राहत देखने को मिल रही है। • वैश्विक नीतियों के असर पर: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के अनुमान 2026 और 2027 तक खिसक गए हैं। लंबी अवधि के लोन और बॉन्ड बाजार के निवेशकों के लिए ब्याज दरों का परिदृश्य बदल सकता है। • यूरोपीय बाजार के जोखिम पर: फ्रांस में बजटीय राजनीतिक खींचतान और ईसीबी की नीतिगत असमंजस से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय इक्विटी और बॉन्ड पोर्टफोलियो में अस्थिरता रहने की संभावना है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की स्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के बीच केंद्रीय बैंक की सख्त नीतियों की सीमाएं सामने आने से यह बाजार परिदृश्य बना है। • आर्थिक गतिशीलता और ब्याज दरें: अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार क्षेत्र स्थिर हैं लेकिन जरूरत से ज्यादा गर्म नहीं हैं। इसी संतुलन के चलते दरों में अगली वृद्धि का अनुमान दिसंबर 2026 और मार्च 2027 तक आगे बढ़ा दिया गया है। • बॉन्ड यील्ड और सुरक्षित निवेश: फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली से बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों को डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित रखा है। • यूरोप में राजनीतिक और मौद्रिक दबाव: फ्रांस में बजट को लेकर सरकार गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं मुद्रास्फीति लक्ष्य से दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार की सख्ती के चलते ईसीबी के सामने फैसले लेने की चुनौती खड़ी हो गई है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर नया अनुमान क्या है? टीडी सिक्योरिटीज ने अर्थव्यवस्था के अत्यधिक गर्म न होने का हवाला देते हुए दर वृद्धि के अनुमान को दिसंबर 2026 और मार्च 2027 तक आगे बढ़ा दिया है। 2. अमेरिकी डॉलर की बढ़त को सीमित क्यों माना जा रहा है? बाजार नीतिगत सख्ती को पहले ही पूरी तरह आंक चुका है, इसलिए केवल आर्थिक आंकड़ों और फेड के रुख से डॉलर में और अधिक तेजी आना कठिन माना जा रहा है। 3. सोने की कीमत में क्या बदलाव दर्ज किया गया? सोना दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर से सुधरकर 0.82% की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर पर पहुंच गया। 4. यूएसडी/जेपीवाई किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? यूएसडी/जेपीवाई मंगलवार को शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान बढ़कर 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। 5. यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने क्या दुविधा है? मुद्रास्फीति लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार खुद वित्तीय सख्ती ला रहा है, जिससे ईसीबी के लिए सामान्य रूप से दरें बढ़ाना मुश्किल हो गया है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-ke-bicha-barhata-ki-gunjaisha-simita-byaja-daron-ke-anumana-aura-vaishvika-uthala-puthala-para-tiki-najara-44015 TrendKia — Har trend, sabse pehle.