अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच यूरो 1.1350 के अहम स्तर पर संघर्षरत फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और डॉलर इंडेक्स के आठ हफ्ते के उच्च स्तर के कारण यूरो दबाव में है, जहां 1.1350 का स्तर टूटने पर नई गिरावट आ सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबार के दौरान यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हल्का फिसलकर 1.1375 के आसपास आ गया। साझा यूरोपीय मुद्रा गुरुवार के कारोबारी दायरे में ही सीमित बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के कारण इस प्रमुख करेंसी जोड़े पर लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में ग्रीनबैक का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जिससे यूरो जैसी प्रमुख मुद्राओं की बढ़त सीमित हो गई है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार EUR/USD की मौजूदा कीमत 1.14 के आसपास बनी हुई है, जो अपने 52-सप्ताह के दायरे 1.13 से 1.20 के निचले छोर के करीब है। डॉलर इंडेक्स आठ हफ्तों के शीर्ष स्तर पर छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स यानी DXY अपने आठ हफ्ते के उच्च स्तर 101.40 के करीब टिका हुआ है, जिसे इसने गुरुवार को छुआ था। मुद्रा बाजार के रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर में आगे भी मजबूती जारी रह सकती है। इसका मुख्य कारण फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं द्वारा सख्त मौद्रिक नीति का संकेत देना और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित करना है। आर्थिक मजबूती और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच निवेशक लगातार ग्रीनबैक को सुरक्षित निवेश और आकर्षक प्रतिफल के विकल्प के रूप में तरजीह दे रहे हैं। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का सख्त रुख न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था उल्लेखनीय मजबूती प्रदर्शित कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुद्रास्फीति अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है और साल के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि उपयुक्त हो सकती है। वित्तीय विश्लेषक फर्म BBH के अनुसार, माइकल बर्र और जॉन विलियम्स के बयानों से फेड फंड्स दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना को बल मिलता है। यह नीतिगत माहौल अमेरिकी डॉलर के मूल्य को मजबूत समर्थन प्रदान कर रहा है, जिससे अन्य वैश्विक करेंसियों की रिकवरी कमजोर पड़ रही है। यूरो के लिए तकनीकी स्तर और चुनौतियां तकनीकी चार्ट पर यूरो के सामने ऊपर की तरफ पहली बड़ी बाधा 1.1400 के स्तर पर है। इसके पार निकलने के बाद जोड़ी को 1.1501 पर स्थित 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। तत्काल बिकवाली के दबाव को कम करने के लिए बुल्स को इस स्तर पर कब्जा जमाना अनिवार्य होगा। दूसरी तरफ, नीचे की ओर 1.1350 के आसपास एक तात्कालिक सपोर्ट है। यदि यह जोड़ी 1.1350 के कुशन को बनाए रखने में विफल रहती है, तो इसमें कमजोरी का एक नया दौर शुरू हो सकता है। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-पीरियड रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 25 के स्तर पर ओवरसोल्ड स्थिति दर्शाता है, जबकि मूविंग एवरेज पर EMA50 के EMA200 से नीचे फिसलने से डेथ क्रॉस बना हुआ है। इसके अलावा 14-पीरियड ADX 33 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग मोमेंटम दिखाता है, और दैनिक वोलैटिलिटी मापने वाला 14-पीरियड ATR 0.01 पर है। अमेरिकी मौद्रिक नीति का चक्र और डॉलर पर प्रभाव अमेरिका में मौद्रिक नीति का निर्धारण फेडरल रिजर्व करता है, जिसके दो मुख्य अधिदेश हैं: कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए फेड का प्राथमिक हथियार ब्याज दरों का समायोजन है। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ती हैं और मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। इससे पूरी अर्थव्यवस्था में उधारी लागत बढ़ जाती है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए पूंजी लगाने हेतु अमेरिका अधिक आकर्षक बन जाता है और डॉलर मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब महंगाई 2% से नीचे गिरती है या बेरोजगारी दर बहुत बढ़ जाती है, तो केंद्रीय बैंक उधारी को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करता है, जिसका असर डॉलर पर कमजोरी के रूप में दिखता है। एफओएमसी की बैठकें और आपातकालीन उपाय फेडरल रिजर्व एक वर्ष में आठ नीतिगत बैठकें आयोजित करता है, जहां फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC आर्थिक स्थितियों का मूल्यांकन करती है और नीतिगत निर्णय लेती है। इस समिति में 12 अधिकारी भाग लेते हैं, जिनमें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सात सदस्य, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष और शेष 11 क्षेत्रीय रिजर्व बैंक अध्यक्षों में से चार सदस्य शामिल होते हैं जो रोटेशन के आधार पर एक साल का कार्यकाल पूरा करते हैं। संकट के चरम दौर में फेड क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) का सहारा ले सकता है, जिसके तहत वित्तीय प्रणाली में नकदी बढ़ाने के लिए नए डॉलर तैयार कर बॉन्ड खरीदे जाते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर डॉलर को कमजोर करती है। इसके उलट क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) के तहत बॉन्ड खरीद रोक दी जाती है और परिपक्व बॉन्ड के मूलधन का पुनर्निवेश नहीं किया जाता, जिससे बाजार से तरलता घटती है और डॉलर को मजबूती मिलती है। अन्य वैश्विक करेंसियों और परिसंपत्तियों की स्थिति डॉलर की व्यापक तेजी का असर केवल यूरो तक ही सीमित नहीं है। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 200-दिवसीय SMA से नीचे फिसलने के बाद अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 0.7000 के पास कमजोर दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में दो दिन की तेजी ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को बहु-वर्षीय शिखर पर पहुंचा दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) तीन सप्ताह के उच्च स्तर 159.00 के करीब पहुंचकर थोड़ा शांत हुआ क्योंकि सरकारी हस्तक्षेप की आशंका से येन मंदड़िए सतर्क हो गए। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के बावजूद येन की बढ़त सीमित रही। कमोडिटी बाजार में सोना 4,244 डॉलर के निचले स्तर से उबरकर 4,300 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है और वैश्विक बॉन्ड गिरावट के बीच अपने चार हफ्तों के सबसे खराब सप्ताह की ओर अग्रसर है। ऊर्जा कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना और अमेरिकी पीएमआई का कई वर्षों के उच्च स्तर पर रहना बॉन्ड यील्ड को ऊपर खींच रहा है, जहां ट्रेजरी नोट्स कुल विपणन योग्य ट्रेजरी का लगभग 52% हिस्सा हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात लागत और वैश्विक निवेश पर सीधा असर पड़ता है। • भारतीय यात्रियों और छात्रों पर असर: विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और यात्रा करने वालों के लिए डॉलर के मजबूत होने से खर्चों का बजट बढ़ सकता है। विदेशी मुद्रा रूपांतरण के दौरान डॉलर आधारित भुगतान अधिक महंगे साबित होते हैं। • आयातित वस्तुओं की कीमतों में बदलाव: कच्चे तेल और अन्य वैश्विक जिंसों की कीमतें डॉलर में तय होने से आयात बिल में वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में ईंधन और उससे जुड़े सामान महंगे हो सकते हैं। • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए रणनीति: फॉरेक्स ट्रेडर्स को EUR/USD में 1.1350 के प्रमुख स्तर पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। इस स्तर के नीचे स्टॉप-लॉस निर्धारित करना जोखिम प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। • वैश्विक वित्तीय संपत्तियों पर प्रभाव: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल आने से उभरते बाजारों से पूंजी का बहिर्गमन तेज हो सकता है। ऐसे समय में निवेशक इक्विटी से सुरक्षित सरकारी बॉन्ड की ओर रुख करते हैं। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में दृढ़ता, तेल की बढ़ती कीमतें और फेडरल रिजर्व के शीर्ष अधिकारियों की ओर से सख्त टिप्पणियों के चलते डॉलर मजबूत हुआ है और यूरो दबाव में आया है। • मुद्रास्फीति और ब्याज दर की आशंकाएं: कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से दोबारा महंगाई भड़कने का खतरा पैदा हुआ है। इसने नीति निर्माताओं को दरों में अतिरिक्त वृद्धि पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है। • फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त बयान: जॉन विलियम्स और माइकल बर्र द्वारा दिए गए बयानों से संकेत मिला कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत है और साल के अंत तक एक और दर वृद्धि संभव है। इससे बाजार में डॉलर की मांग को नया संबल मिला। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी: उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों और दर वृद्धि की संभावनाओं ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते वैश्विक निवेशक ऊंची ब्याज आय के लिए डॉलर की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सवाल-जवाब 1. यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर पर वर्तमान में क्या दबाव है? फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के आठ हफ्ते के उच्च स्तर 101.40 के करीब पहुंचने से यूरो दबाव में है। 2. EUR/USD के लिए सबसे महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? नीचे की तरफ 1.1350 का स्तर अहम सहारा है, जबकि ऊपर की ओर 1.1400 और 1.1501 पर स्थित 20-पीरियड EMA प्रमुख रुकावटें हैं। 3. फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का डॉलर के मूल्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? जब फेडरल रिजर्व महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करता है, तो विदेशी पूंजी आकर्षित होती है और अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है। 4. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-ke-bicha-euro-1-1350-ke-ahama-stara-para-sngharsharata-38317 TrendKia — Har trend, sabse pehle.