# अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच येन सीमित दायरे में फंसा, सोने और यूरो पर भी दबाव

> बैंक ऑफ जापान की सतर्कता और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण डॉलर-येन जोड़ी सीमित दायरे में बनी हुई है, जबकि वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल से उपजी महंगाई चिंताएं अन्य संपत्तियों को भी प्रभावित कर रही हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-majabuti-ke-bicha-japanese-yen-simita-dayare-men-phnsa-gold-aura-euro-para-bhi-dabava-41304 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, जापानी येन, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा, सोने का भाव, यूरो, बॉन्ड यील्ड

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर का दबदबा लगातार बना हुआ है, जिसके चलते जापानी येन सहित दुनिया की प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों पर दबाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। डॉलर और येन की विनिमय दर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए अपने 200 दिवसीय मूविंग एवरेज स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में इस मुद्रा जोड़ी के 155.00 से 160.00 के दायरे में ही कारोबार करने की संभावना है। बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करने की दिशा में बढ़ तो रहा है, लेकिन उसकी रफ्तार काफी सतर्क और धीमी बनी हुई है, जिससे जापानी येन में जोरदार तेजी को फिलहाल सहारा नहीं मिल पा रहा है।

## बैंक ऑफ जापान की सतर्क चाल और तांकन सर्वे के संकेत
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के इलियास हद्दाद ने उल्लेख किया कि अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के दम पर डॉलर-येन जोड़ी 158.49 पर स्थित अपने 200 दिवसीय मूविंग एवरेज तक उछल गई है। इसके बावजूद, निकट अवधि में इस जोड़ी के 155.00 से 160.00 के सीमित दायरे में बने रहने का अनुमान है। जापान के तीसरी तिमाही के तांकन सर्वे और बैंक ऑफ जापान की सितंबर बैठक के विचारों के सारांश से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गति तेज करने की दहलीज अभी भी काफी ऊंची है।

तांकन सर्वेक्षण के मुताबिक, सभी उद्योगों का कारोबारी परिस्थिति सूचकांक दूसरी तिमाही के 18 से सुधरकर 35 साल के उच्च स्तर 21 पर पहुंच गया। यद्यपि यह सुधार काफी ठोस है, लेकिन कंपनियों को आशंका है कि चौथी तिमाही में यह घटकर 15 पर आ सकता है। इसके अतिरिक्त, मुद्रास्फीति की उम्मीदें भी मोटे तौर पर स्थिर रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान का रुख भले ही नीति को सख्त करने की दिशा में है, लेकिन अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय बैंक कोई भी कदम बहुत सोच-समझकर उठा रहा है, जिससे येन की बढ़त सीमित हो रही है।

## बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव से डॉलर को मिला समर्थन
गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर-येन जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी छोर पर 158.00 के ऊपर मजबूती से टिकी रही। संयुक्त राज्य अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (पीसीई) के कमजोर आंकड़ों के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों से पैदा होने वाले मुद्रास्फीति के जोखिमों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा है। अमेरिकी बॉन्ड पर मिल रहा यह उच्च प्रतिफल वैश्विक पूंजी को डॉलर की ओर आकर्षित कर रहा है।

इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बना भू-राजनीतिक गतिरोध भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर चुनने के लिए प्रेरित कर रहा है। डॉलर की यह व्यापक मजबूती बैंक ऑफ जापान की आक्रामक ब्याज दर उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों को पूरी तरह बेअसर कर रही है। जब तक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तरों पर बनी रहेगी, तब तक येन पर दबाव से पूरी तरह राहत मिलना कठिन दिखाई देता है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और व्यापार अधिशेष में गिरावट
डॉलर की इसी बुलिश धारणा के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी दबाव झेल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दो महीने के निचले स्तर के करीब स्थिर होते हुए गुरुवार को एशियाई सत्र में 0.6900 के मध्य स्तर के आसपास कारोबार करती दिखी। अमेरिका के पीसीई आंकड़ों ने अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को भले ही थोड़ा ठंडा किया हो, लेकिन ऊर्जा जनित मुद्रास्फीति की चिंताएं अमेरिकी प्रतिफल को मजबूती दे रही हैं।

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मोर्चे पर भी आंकड़े कुछ खास राहत नहीं दे पाए। अगस्त के महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से गिरकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया। व्यापार अधिशेष में आई इस भारी गिरावट का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और इस करेंसी जोड़ी पर सीमित प्रभाव ही देखने को मिला, क्योंकि बाजार का मुख्य ध्यान वैश्विक व्यापक आर्थिक कारकों और अमेरिकी डॉलर की गति पर ही केंद्रित रहा।

## सोने की चमक पड़ी फीकी और बहुवर्षीय रिकॉर्ड पर यील्ड
मुद्रा बाजार के अलावा कीमती धातुओं के बाजार में भी अमेरिकी डॉलर की ताकत का सीधा असर देखा जा रहा है। यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोना 4,200 डॉलर के आसपास तक चढ़ने के बाद अपनी बढ़त को बरकरार रखने के लिए संघर्ष करता दिखा और दिनभर के कारोबार में लगभग सपाट बना रहा। बुधवार को अमेरिका में आए मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों द्वारा डॉलर की खरीदारी बेरोकटोक जारी रही।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का लगातार नए बहुवर्षीय रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचना गैर-ब्याज वाली संपत्तियों, विशेषकर सोने की मांग को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। जब सुरक्षित सरकारी बॉन्ड पर निवेशकों को ऊंचा रिटर्न मिल रहा हो, तो वे बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों से दूरी बनाने लगते हैं। यही मुख्य कारण है जिसके चलते नरम मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद भी सर्राफा बाजार में जोरदार लिवाली देखने को नहीं मिली।

## क्रिप्टो बाजार में हाइपरलिक्विड का रुख और यूरो का निचला स्तर
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। गुरुवार को हाइपरलिक्विड (HYPE) में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले दिन की 5 प्रतिशत की बढ़त का एक हिस्सा कम हो गया। संस्थागत निवेशकों की मांग में कमी आ रही है, और बुधवार को इस टोकन से 50 लाख डॉलर का पूंजी बहिर्गमन दर्ज किया गया, जिसने अल्पकालिक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। तकनीकी दृष्टि से HYPE का निकट अवधि का परिदृश्य मिला-जुला बना हुआ है क्योंकि इसकी कीमत 90 डॉलर के नीचे ही अटकी हुई है।

मुद्रा बाजार में यूरो भी भारी गिरावट का सामना कर रहा है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर खिसक गई है। बुधवार को यह जोड़ी लुढ़ककर 1.1312 के स्तर तक पहुंच गई, जो जनवरी के अपने 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। यूरो में आई यह तीव्र गिरावट अमेरिकी डॉलर की जबर्दस्त मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रति यूरोप के जोखिम को लेकर उपजी चिंताओं का मिलाजुला परिणाम है। हालांकि, यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति का कोई नया झटका यूरो को अप्रत्याशित जीवनदान दे सकता है, लेकिन फिलहाल इसका पलड़ा कमजोर बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में लगातार तेजी का असर वैश्विक मुद्राओं, विदेशी निवेश और कमोडिटी की कीमतों पर साफ देखने को मिल रहा है।

- **मुद्रा विनिमय पर प्रभाव:** डॉलर की मजबूती के कारण येन, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं कमजोर बनी हुई हैं। यदि आप विदेश यात्रा, आयात या विदेश में पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं, तो मुद्रा उतार-चढ़ाव की वजह से आपके बजट पर सीधा वित्तीय असर पड़ सकता है।
- **सोने के निवेशकों के लिए:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहुवर्षीय रिकॉर्ड स्तर पर रहने से सोने की कीमतों में बड़ी तेजी रुक गई है। जो निवेशक सोने में ताजा पूंजी लगाना चाहते हैं, उन्हें डॉलर और यील्ड की दिशा पर कड़ी नजर रखते हुए खरीदारी की रणनीति बनानी चाहिए।
- **वैश्विक ऊर्जा और महंगाई:** कच्चे तेल की कीमतों से उपजी महंगाई चिंताएं बाजार में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखने का दबाव बना रही हैं। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए कर्ज की लागत सस्ती होने में समय लग सकता है।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** संस्थागत पूंजी निकासी के कारण हाइपरलिक्विड (HYPE) जैसे टोकनों पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। 90 डॉलर के नीचे भाव सीमित रहने से छोटे खुदरा निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई चिंताओं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग रुख के चलते वैश्विक बाजारों में डॉलर का दबदबा बढ़ा है।

- **बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा महंगाई:** कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने मुद्रास्फीति के फिर से भड़कने का खतरा पैदा कर दिया है। इस कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिसने डॉलर को अत्यधिक आकर्षक बना दिया है।
- **बैंक ऑफ जापान की सतर्क नीति:** यद्यपि जापान का तांकन कारोबारी सूचकांक 35 साल के उच्च स्तर 21 पर पहुंचा, लेकिन कंपनियों को अगली तिमाही में सुस्ती की आशंका है। केंद्रीय बैंक धीमी गति से कदम उठा रहा है, जिससे येन को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा।
- **भू-राजनीतिक सुरक्षित निवेश:** अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में डॉलर में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने यूरो जैसी मुद्राओं को मई 2025 के निचले स्तर तक धकेल दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. निकट भविष्य में डॉलर और येन के किस दायरे में रहने का अनुमान है?
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के अनुसार, निकट अवधि में डॉलर-येन जोड़ी के 155.00 से 160.00 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

### 2. जापान के तांकन कारोबारी सूचकांक में क्या बदलाव देखा गया?
तांकन सूचकांक तीसरी तिमाही में सुधरकर 35 साल के उच्च स्तर 21 पर पहुंच गया, हालांकि चौथी तिमाही में इसके घटकर 15 रहने का अनुमान है।

### 3. मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के बावजूद सोना क्यों नहीं बढ़ पा रहा है?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नए बहुवर्षीय रिकॉर्ड पर पहुंचने से गैर-ब्याज वाली संपत्ति होने के कारण सोने की मांग कमजोर बनी हुई है।

### 4. अगस्त में ऑस्ट्रेलिया के व्यापार अधिशेष में क्या बदलाव आया?
अगस्त के महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से घटकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया।

### 5. यूरो गिरकर किस स्तर पर पहुंच गया है?
यूरोपीय मुद्रा बुधवार को गिरकर 1.1312 पर आ गई, जो मई 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।

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