वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की नई छलांग, यूरो और सोने पर दबाव बढ़ा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की तुलना में फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और यूरोजोन के राजकोषीय तनाव के बीच डॉलर इंडेक्स नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रमुख मुद्राओं और सोने में गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर ने अपने मजबूत रुख को कायम रखते हुए इस वर्ष के नए उच्चतम स्तरों की ओर छलांग लगाई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े हालिया आंकड़ों के बाद वैश्विक निवेशकों का भरोसा डॉलर में तेजी से बढ़ा है। जहां एक ओर यूरोजोन में फ्रांस से जुड़े राजकोषीय जोखिम और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नरम पड़ते संकेतों ने साझा मुद्रा यूरो को गहरे दबाव में धकेल दिया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बरकरार रखने की उम्मीदों ने डॉलर को अतिरिक्त सहारा दिया है। मुद्रा बाजार में डॉलर की इस तेजी ने यूरो, जापानी येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, सोने और डिजिटल परिसंपत्तियों पर एक साथ व्यापक असर डाला है। डॉलर इंडेक्स में उछाल और 102.85 का अगला स्तर अमेरिकी डॉलर की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स यानी DXY लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस तेजी के पीछे का सबसे बड़ा चालक यूरो में आई तीखी गिरावट है, क्योंकि डॉलर इंडेक्स की बास्केट में अकेले यूरो की हिस्सेदारी 58% है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इंडेक्स के लिए अगला प्रमुख ऊपरी स्तर 102.85 दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को जारी सितंबर माह के अपेक्षाकृत कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद डॉलर की साख पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा। इसके उलट, बाजार अब इस धारणा के साथ सहज हो चुका है कि अक्टूबर के अंत में होने वाली बैठक में फेडरल रिजर्व अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा, जिसके बाद दिसंबर की बैठक में दरों में वृद्धि की जा सकती है। आईएनजी के क्रिस टर्नर के अनुसार, निवेशकों का मुख्य ध्यान यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा मौद्रिक सख्ती के पुनर्मूल्यांकन और अधिक लचीले फेडरल रिजर्व के रास्ते पर बना हुआ है। क्रिस टर्नर ने कहा, "DXY dollar index is pushing smartly to new highs of the year." उनका यह भी मानना है कि कम अवधि की अमेरिकी ब्याज दरों के लिहाज से इस कारोबारी हफ्ते में आने वाला आईएसएम सेवा डेटा और बुधवार शाम जारी होने वाले एफओएमसी बैठक के मिनट्स काफी अहम साबित होंगे। बुधवार को आने वाले मिनट्स से इस बात पर रोशनी मिलने की उम्मीद है कि आखिर फेड के इतने सारे सदस्यों ने अपने डॉट प्लॉट अनुमानों में इस साल दूसरी बार दर वृद्धि का अनुमान क्यों जताया था। यूरोपीय सेंट्रल बैंक बनाम अमेरिकी फेडरल रिजर्व डॉलर को मिलने वाला मुख्य आधार इस अंतर से पैदा हो रहा है कि फेडरल रिजर्व का मौद्रिक सख्ती चक्र अन्य विदेशी केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से यूरोपीय सेंट्रल बैंक की तुलना में कहीं अधिक टिकाऊ नजर आ रहा है। सितंबर के अंत से अब तक की अवधि में यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अनुमानित सख्ती चक्र से 30 बेसिस प्वाइंट हटा दिए गए हैं, जबकि अमेरिकी फेड के मामले में यह कटौती केवल 13 बेसिस प्वाइंट की रही है। केंद्रीय बैंकों के बीच नीतियों के इसी अंतर ने यूरो पर लगातार बिकवाली का दबाव बनाए रखा है। EUR/USD मुद्रा जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक लुढ़क चुकी है। बुधवार को यह जोड़ी गिरकर 1.1312 के स्तर तक पहुंच गई, जो जनवरी में दर्ज किए गए 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। यूरो में दर्ज की गई इस भारी गिरावट में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के अलावा भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप के समक्ष उच्च ऊर्जा कीमतों के दोबारा उभरते जोखिमों ने बड़ी भूमिका निभाई है। फ्रांस में राजकोषीय असंतुलन की चिंताएं यूरोपीय मुद्रा की स्थिति को और कमजोर कर रही हैं। जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोमवार को जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर ने अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई करते हुए 158.00 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया। हालांकि अक्टूबर में फेड की दर वृद्धि की उम्मीदें कुछ हद तक ठंडी हुई हैं, फिर भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को निचला सहारा दे रही है। USD/JPY जोड़ी पिछले एक हफ्ते से सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। विश्लेषकों का कहना है कि येन में डॉलर की और बढ़त सीमित रह सकती है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत और मुद्रा बाजार में जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित हस्तक्षेप का खतरा लगातार बना हुआ है। दूसरी ओर, सोमवार को देर के एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भी बिकवाली हावी रही और AUD/USD जोड़ी गिरकर 0.6900 के स्तर की ओर आ गई। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच अमेरिकी डॉलर की नई मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कमजोर किया है। मुद्रा व्यापारी अब इस जोड़ी की दिशा तय करने के लिए कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी नीतिगत उम्मीदों पर करीबी नजर रख रहे हैं। सोने में ठहराव और क्रिप्टो बाजार का रुख कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में सुस्ती देखी गई। यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले पीली धातु 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार करती रही और पिछले करीब एक हफ्ते से बने सीमित दायरे में ही अटकी रही। निवेशक शुक्रवार के कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ चुके हैं, जिससे डॉलर ने अप्रैल 2025 के बाद का नया उच्चतम स्तर छू लिया है। डॉलर की यह नई छलांग सोने की तेजी पर लगाम लगाने वाला सबसे बड़ा कारक साबित हुई है। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की घटती संभावनाओं ने सोने की कीमतों में किसी भारी गिरावट को रोकने का काम किया है। डिजिटल एसेट बाजार में, पूर्व में बिनांस कॉइन के नाम से जानी जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी बीएनबी सोमवार को गिरावट के साथ करीब 790 डॉलर पर कारोबार करती दिखी। इससे पहले बीएनबी ने लगातार तीन हफ्तों तक बढ़त दर्ज की थी। इसके बावजूद, डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग दरों से यह संकेत मिलता है कि वायदा कारोबारियों के बीच बीएनबी को लेकर तेजी की पोजीशन अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों का रुख अब पूरी तरह से अमेरिकी सेवा क्षेत्र के आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के बयानों पर टिका हुआ है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मजबूती और प्रमुख मुद्राओं में गिरावट से भारतीय आयातकों, विदेश यात्रा करने वालों और कमोडिटी निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा। • आयात लागत और मुद्रास्फीति: डॉलर के मजबूत होने से कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स का आयात महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों और आम उपभोक्ता वस्तुओं की महंगाई पर पड़ सकता है। • सोने के निवेशक: वैश्विक स्तर पर डॉलर मजबूत रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में फंसा हुआ है। हालांकि घरेलू बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव रहने की स्थिति में सोने की कीमतें संतुलित रह सकती हैं। • विदेश यात्रा और शिक्षा: जिन छात्रों को विदेशों में ट्यूशन फीस जमा करनी है या जो लोग विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें डॉलर मजबूत होने के कारण अधिक खर्च उठाना पड़ सकता है। आगामी हफ्तों में मुद्रा रूपांतरण दरों पर नजर रखना जरूरी होगा। • विदेशी मुद्रा और क्रिप्टो ट्रेडर: विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन में तेज उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। बीएनबी जैसे टोकन में तेजी के संकेत हैं लेकिन डॉलर की मजबूती समग्र जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बनाए रख सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर में आई हालिया मजबूती केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग नीतियों और वैश्विक राजनीतिक संकटों का मिलाजुला परिणाम है। • केंद्रीय बैंकों की नीतियों में अंतर: सितंबर के अंत से यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सख्त रुख में 30 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है, जबकि अमेरिकी फेड के मामले में यह सिर्फ 13 बेसिस प्वाइंट रही। फेड द्वारा दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद ने डॉलर को सहारा दिया। • यूरोप में राजकोषीय और ऊर्जा चिंताएं: फ्रांस में राजकोषीय जोखिमों और यूरोप के ऊर्जा संकट के दोबारा उभरने के कारण यूरो में भारी बिकवाली हुई। चूंकि डॉलर इंडेक्स में यूरो का भार 58% है, इसलिए यूरो गिरने से डॉलर स्वतः मजबूत हो गया। • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्षों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। इस अनिश्चितता ने कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद डॉलर की मांग को कम नहीं होने दिया। सवाल-जवाब 1. डॉलर इंडेक्स के लिए अगला प्रमुख स्तर क्या है? विश्लेषकों के अनुसार यूरो में आई गिरावट के बाद डॉलर इंडेक्स के लिए अगला संभावित स्तर 102.85 दिखाई दे रहा है। 2. फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों को लेकर बाजार की क्या उम्मीदें हैं? बाजार का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व अक्टूबर की बैठक में दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और दिसंबर में दर वृद्धि पर विचार कर सकता है। 3. EUR/USD मुद्रा जोड़ी किस स्तर पर पहुंच गई है? EUR/USD गिरकर 1.1312 पर आ गई है, जो मई 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। 4. सोने की कीमतों पर डॉलर की तेजी का क्या असर पड़ा है? डॉलर के अप्रैल 2025 के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में बना हुआ है। 5. क्रिप्टोकरेंसी बीएनबी का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है? लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद बीएनबी गिरकर करीब 790 डॉलर पर आ गई, हालांकि डेरिवेटिव्स बाजार में तेजी के संकेत बने हुए हैं। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-nai-chhalanga-euro-aura-sone-para-dabava-barha-43235 TrendKia — Har trend, sabse pehle.