अमेरिकी डॉलर की नरमी से यूरो को मिला सहारा, निवेशकों की नजरें फेड मिनट्स पर टिकीं अमेरिकी डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर से फिसलने के कारण यूरो में बढ़त देखने को मिली है, हालांकि फ्रांस का वित्तीय संकट और ईसीबी का सतर्क रुख तेजी को सीमित कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (EUR/USD) में हल्की तेजी दर्ज की गई है क्योंकि अमेरिकी डॉलर हालिया उच्च स्तर से थोड़ा नरम पड़ा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार मजबूती बनी रहने से डॉलर को व्यापक स्तर पर समर्थन मिल रहा है, जिसके चलते यूरो की बढ़त एक सीमित दायरे में ही देखने को मिल रही है। इसके साथ ही फ्रांस में जारी राजकोषीय असमंजस और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सतर्क टिप्पणियों ने यूरो के सुधार पर ब्रेक लगा रखा है। बाजार सहभागी अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति दिशा के स्पष्ट संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का हालिया उतार-चढ़ाव अमेरिकी डॉलर की मजबूती को छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मापने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) फिलहाल 101.87 के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले सोमवार के कारोबारी सत्र में यह इंडेक्स 102.53 के नए वार्षिक उच्च स्तर को छू गया था। वहां से हल्का करेक्शन आने की वजह से यूरो सहित अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को कुछ राहत मिली है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बने रहने के कारण ग्रीनबैक का समग्र परिदृश्य अभी भी मजबूत बना हुआ है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दर की संभावनाएं सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों के अनुसार, चालू महीने की बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने की संभावना लगभग 78% आंकी जा रही है। इसके बावजूद, मुद्रास्फीति को अपने 2% के दीर्घकालिक लक्ष्य पर वापस लाने की फेडरल रिजर्व की प्रतिबद्धता के कारण दिसंबर में दर वृद्धि का विकल्प अभी भी बना हुआ है। विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी अब बुधवार को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों के स्पष्ट संकेत मिल सकें। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि नीतिगत पृष्ठभूमि अब डॉलर को अतिरिक्त सहारा प्रदान नहीं कर पा रही है। वित्तीय संस्थान का कहना है कि बाजार पहले ही फेडरल रिजर्व के कड़े रुख की अधिकतम संभावनाओं को कीमतों में शामिल कर चुका है, और फेड द्वारा बाजार की मौजूदा अपेक्षाओं से परे जाकर दरें बढ़ाने की संभावना बेहद कम है। इस वजह से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के दम पर डॉलर में आगे बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित हो गई है। उनके अनुसार, हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि डॉलर को और बढ़ावा देने के लिए फेड प्रति तिमाही एक बार से अधिक तेजी से ब्याज दरें नहीं बढ़ा सकता। इस प्रकार केवल अमेरिकी आंकड़ों और फेड के रुख के आधार पर डॉलर के लगातार मजबूत बने रहने के संकेत देखना कठिन है। यूरोप के समक्ष राजकोषीय और मौद्रिक चुनौतियां यूरोपीय मोर्चे पर फ्रांस के सार्वजनिक वित्त को लेकर चिंताएं निकट भविष्य के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। विभाजित संसद के बीच फ्रांस सरकार के लिए वर्ष 2027 के बजट पर आम सहमति और समर्थन हासिल करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम साबित हो रहा है। इस राजनीतिक और बजटीय अनिश्चितता ने साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो के प्रति निवेशकों की धारणा को संवेदनशील बना दिया है। इसके अतिरिक्त, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के नीति निर्माताओं की ओर से आए सतर्क बयानों ने मौद्रिक सख्ती को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है। मंगलवार को अपनी बात रखते हुए नीति निर्माता ओली रेह्न ने कहा, "हमने मुद्रास्फीति को गैर-ऊर्जा कीमतों या मजदूरी तक फैलते हुए नहीं देखा है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दीर्घावधि की उच्च ब्याज दरें आर्थिक वृद्धि की गति को धीमा कर रही हैं और ऊर्जा लागत के अन्य उत्पादों की कीमतों तथा वेतन में स्थानांतरित होने के प्रभाव को सीमित कर रही हैं। मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक के समक्ष असमंजस सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तब यूरोपीय सेंट्रल बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा रास्ता होता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले से ही मौद्रिक सख्ती का एक हिस्सा खुद तय कर रहा है, जिससे यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने एक जटिल दुविधा पैदा हो गई है। केंद्रीय बैंक को गिरती विकास दर और नियंत्रित होती महंगाई के बीच संतुलन साधने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दिया। मंगलवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र में USD/JPY की जोड़ी दोबारा 158.00 के पार निकल गई। बैंक ऑफ जापान (BOJ) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की अपेक्षाओं और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद जापानी येन कोई खास मजबूती हासिल करने में विफल रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे USD/JPY 158.00 के स्तर के आसपास डटा रहा। जापानी आंकड़ों और बीओजे के अनिश्चित समय सारिणी से पहले येन में सुस्ती देखी गई। दूसरी ओर, मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (AUD/USD) थोड़ा कमजोर हुआ। इसके साथ ही पिछले हफ्ते बने दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी पर विराम लग गया। निश्चित आय बाजार में बिकवाली जारी रहने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचाई पर बनी रही, जिसने भू-राजनीतिक तनावों के बीच डॉलर को सहारा दिया, भले ही फेड द्वारा दर वृद्धि की अक्टूबर वाली संभावनाएं कम हो गई हों। फिर भी, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा इस महीने एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक मददगार कारक साबित हो सकती है। सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हलचल कीमती धातुओं के बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों (XAU/USD) में सुधार देखा गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से डॉलर पर दबाव पड़ा, जिससे सोने को मजबूती मिली। इससे पहले एशियाई कारोबारी घंटों में सोना दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था। सुधार के बाद XAU/USD लगभग 4,173 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो दिन के दौरान 0.82% की बढ़त दर्शाता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन ने अपना मजबूत रुख बरकरार रखा। मंगलवार को जब विक्रेता प्रवृत्ति पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, तब बिटकॉइन 85,837 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। ऑल्टकॉइन्स में भी बिटकॉइन की तरह सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिला। इथेरियम 2,700 डॉलर के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा, जबकि एक्सआरपी लगभग 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के इर्द-गिर्द घूमता दिखाई दिया। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में हो रहे इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और यात्रा लागत पर पड़ता है। • विदेशी मुद्रा और यात्रा: यदि आप विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय खर्च की योजना बना रहे हैं, तो डॉलर और यूरो के स्तरों पर नजर रखें। डॉलर में मजबूती बने रहने से अमेरिका यात्रा महंगी रह सकती है, जबकि यूरो में नरमी यूरोप यात्रा के खर्च को थोड़ा संतुलित कर सकती है। • सोने के खरीदार और निवेशक: सर्राफा बाजार में सोने का भाव डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल से सीधे जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने में 4,104 डॉलर से 4,173 डॉलर की रिकवरी यह संकेत देती है कि घरेलू बाजार में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: बिटकॉइन 85,837 डॉलर और इथेरियम 2,700 डॉलर के स्तर पर सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों और फेड के फैसलों के चलते डिजिटल संपत्तियों में अस्थिरता बनी रह सकती है। • ग्लोबल ट्रेड और आयात: डॉलर इंडेक्स का 101.87 के आसपास टिके रहना आयात बिलों और मुद्रास्फीति दबावों को प्रभावित करता है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर अंतिम रुख स्पष्ट होने तक आयातकों को हेजिंग रणनीतियां अपनानी पड़ सकती हैं। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर के हालिया रिकॉर्ड स्तर से हल्के करेक्शन और यूरोपीय आर्थिक परिस्थितियों के चलते यूरो में यह उतार-चढ़ाव देखा गया है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और वैश्विक बॉन्ड यील्ड की स्थिति इसके केंद्र में है। • डॉलर इंडेक्स में मुनाफावसूली: डॉलर इंडेक्स सोमवार को 102.53 के नए वार्षिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद 101.87 पर फिसल गया। ऊंचे स्तरों पर ट्रेडर्स द्वारा की गई मुनाफावसूली ने यूरो को अस्थायी मजबूती प्रदान की। • फेडरल रिजर्व की दरों का अनुमान: सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार मौजूदा महीने में ब्याज दरें स्थिर रहने की 78% संभावना है। टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार बाजार पहले ही आक्रामक रुख को कीमतों में शामिल कर चुका है, जिससे डॉलर की अतिरिक्त तेजी थम गई। • फ्रांस का वित्तीय दबाव: फ्रांस की संसद में 2027 के बजट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। विभाजित संसद से मंजूरी न मिलने की आशंका ने यूरो की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांध दिया है। • ईसीबी का सतर्क रुख: यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीति निर्माता ओली रेह्न ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति गैर-ऊर्जा उत्पादों और मजदूरी तक नहीं फैली है। ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल पहले से ही मौद्रिक कसावट का काम कर रहे हैं, जिससे ईसीबी के सामने दरें बढ़ाने का निर्णय जटिल हो गया है। सवाल-जवाब 1. EUR/USD मुद्रा जोड़ी में तेजी क्यों आई? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के 102.53 के उच्च स्तर से फिसलकर 101.87 पर आने के कारण यूरो को सहारा मिला और EUR/USD में बढ़त दर्ज हुई। 2. फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर बाजार का क्या अनुमान है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार इस महीने ब्याज दरों को यथावत रखने की 78% संभावना है, हालांकि दिसंबर में बढ़ोतरी का विकल्प खुला है। 3. फ्रांस के राजनीतिक हालात का यूरो पर क्या असर पड़ रहा है? विभाजित संसद में 2027 के बजट को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण फ्रांस के सार्वजनिक वित्त पर चिंताएं हैं, जिससे यूरो की रिकवरी सीमित हो गई है। 4. सोने की कीमत में क्या बदलाव दर्ज किया गया? सोना एशियाई सत्र के दो महीने के निचले स्तर 4,104 डॉलर से सुधरकर 0.82% की बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? मंगलवार को बिटकॉइन 85,837 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि इथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर बना हुआ था। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-narami-se-euro-ko-mila-sahara-niveshakon-ki-najaren-fed-minutes-para-tikin-44084 TrendKia — Har trend, sabse pehle.