अमेरिकी डॉलर की तेजी थमने से ब्रिटिश पाउंड संभला, लेकिन ऊर्जा संकट और महंगाई से चुनौतियां बरकरार अमेरिकी डॉलर की आक्रामक बढ़त पर ब्रेक लगने के बाद ब्रिटिश पाउंड 1.3209 के निचले स्तर से उबरने की कोशिश कर रहा है, हालांकि ऊर्जा झटके और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेज रफ्तार पर अस्थायी रोक लगने के बाद ब्रिटिश पाउंड ने निचले स्तरों से वापसी की राह पकड़ी है। मुद्रा जोड़ी जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) हाल ही में 1.3209 के स्तर तक फिसलने के बाद संभलती नजर आई। इस सुधार के पीछे जहां एक ओर डॉलर में आई बिकवाली है, वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन में ऊर्जा संकट के गहराने से बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त किए जाने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय अनिश्चितता का माहौल है, जहां एक तरफ ऊर्जा लागत का दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय बैंकों के फैसलों और भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों को सतर्क कर रखा है। ब्रिटेन के घरेलू मोर्चे पर ऊर्जा के बढ़ते झटके ने महंगाई के दोबारा भड़कने का खतरा पैदा कर दिया है। इस स्थिति के चलते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर हो सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिका में भी महंगाई की ऊंची उम्मीदों के चलते ट्रेजरी यील्ड लगातार ऊपरी स्तरों पर बनी हुई है, जो डॉलर को पूरी तरह कमजोर नहीं होने दे रही है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पाउंड की मौजूदा रिकवरी केवल एक तकनीकी राहत हो सकती है, क्योंकि व्यापक आर्थिक रुझान अभी भी बेहद जटिल बने हुए हैं। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कूटनीतिक बैठकों का असर वैश्विक बाजार की धारणा को आकार देने में इस समय कूटनीतिक और भू-राजनीतिक हलचलें प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चरणबद्ध समझौते की संभावनाओं की खबरों के बीच दोनों पक्षों के बयानों ने तनाव बढ़ा दिया है। विशेष रूप से ईरानी अधिकारियों ने बेहद तल्ख टिप्पणियां की हैं और चेतावनी दी है कि यदि कोई नया हमला होता है तो वे पूरी तरह अलग हथियारों का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेंगे। इन बयानों ने तेल और कमोडिटी बाजारों में अनिश्चितता की लहर दौड़ा दी है। दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों का मुख्य ध्यान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा पर केंद्रित रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता को काफी सकारात्मक बताते हुए कहा कि शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक बेहद उपयोगी रही। इसी तरह चीनी राष्ट्रपति ने भी अपनी अमेरिकी यात्रा को बेहद सफल करार दिया और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच संबंधों का भविष्य उज्ज्वल रहेगा। इन कूटनीतिक घटनाक्रमों ने निवेशकों को जोखिम और सतर्कता के बीच संतुलन बनाने पर मजबूर किया है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और मुद्रास्फीति का दबाव अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए हालिया आंकड़ों ने आर्थिक परिदृश्य को और उलझा दिया है। मिशिगन विश्वविद्यालय का उपभोक्ता विश्वास सूचकांक सितंबर में चार महीने के निचले स्तर पर आ गया। यह सूचकांक अगस्त के 51.7 से गिरकर सितंबर में 48.1 पर पहुंच गया। इस गिरावट की मुख्य वजह महंगाई को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताएं हैं, जो आम परिवारों की खर्च करने की क्षमता को कमजोर कर रही हैं। सर्वेक्षण में एक साल के लिए मुद्रास्फीति की उम्मीदें 4% से बढ़कर 4.6% हो गईं, जबकि पांच से दस साल की अवधि के लिए यह आंकड़ा 3.3% से बढ़कर 3.4% दर्ज किया गया। इसके विपरीत, अन्य आर्थिक आंकड़ों में मजबूती देखने को मिली। अगस्त महीने में कोर ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स उम्मीद से बेहतर रहे, जबकि जुलाई के आंकड़ों को भी ऊपर की ओर संशोधित किया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी कारोबारी क्षेत्र में पूंजीगत खर्च मजबूत बना हुआ है। खर्च और महंगाई के इस मिश्रण ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख को समर्थन दिया है, जिससे बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय शिखरों पर टिकी हुई है। जीबीपी/यूएसडी के प्रमुख तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी के सामने ऊपरी स्तरों पर कड़ा प्रतिरोध मौजूद है। सुधार की स्थिति में शुरुआती अड़चन 1.3329 के स्तर के आसपास बने पूर्व डाउनट्रेंड ब्रेक पर देखने को मिल सकती है। यदि यह स्तर पार होता है, तो 1.3444 के करीब हालिया गिरती ट्रेंड-लाइन ब्रेक और 1.3466 पर केंद्रित सिंपल मूविंग एवरेज एक बेहद मजबूत सप्लाई जोन बनाते हैं। इसके बाद पूर्व सपोर्ट ट्रेंड लाइनें 1.3516 और 1.3723 पर मौजूद हैं। मौजूदा स्तर के नीचे किसी स्पष्ट संरचनात्मक सपोर्ट के अभाव में, ट्रेडर्स मनोवैज्ञानिक गोल आंकड़ों और चार्ट पर पिछले स्विंग लो को संभावित डिमांड जोन के रूप में देख रहे हैं। जब तक यह मुद्रा जोड़ी 1.3329 के स्तर को दोबारा हासिल नहीं कर लेती, तब तक मौजूदा मंदी का ढांचा निष्प्रभावी नहीं होगा। मुद्रा बाजार के ताजा लाइव डेटा के अनुसार, जीबीपी/यूएसडी 1.32 पर स्थिर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.06% की मामूली गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 26 के स्तर पर है, जो इसे ओवरसोल्ड क्षेत्र में दर्शाता है। वहीं एमएसीडी (MACD) -0.01 पर बियरिश बना हुआ है। ईएमए20 1.34, ईएमए50 1.35 और ईएमए200 1.34 के स्तर पर हैं। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 1.33 से 1.37 के बीच है, जिसमें मौजूदा कीमत निचले बैंड से भी नीचे चल रही है, जबकि एडीएक्स (ADX) 29 के स्तर पर ट्रेंडिंग स्थिति की पुष्टि कर रहा है। पिवट 1.32 पर है, जिसके लिए रेजिस्टेंस R1 और R2 1.33 पर और सपोर्ट S1 और S2 1.32 पर मौजूद हैं। मुद्रा बाजारों का व्यापक रुख: अन्य प्रमुख करेंसियों की स्थिति वैश्विक करेंसी हीटमैप के अनुसार, इस हफ्ते ब्रिटिश पाउंड ने अन्य प्रमुख करेंसियों के मुकाबले मिश्रित प्रदर्शन किया, जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले पाउंड सबसे मजबूत स्थिति में रहा। वहीं शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भारी दबाव में दिखा। एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) 200-दिवसीय एसएमए के नीचे खिसकने के बाद 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कमजोर बना रहा और अगस्त की शुरुआत के बाद के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में आई दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दी है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और डॉलर दो महीने के उच्च स्तर पर आ गया। जापानी येन की बात करें तो यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) शुक्रवार को एशियाई सत्र में 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर से थोड़ा नीचे आया। येन में और गिरावट पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंका को लेकर सतर्क हो गए हैं। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा पिछले हफ्ते की गई नरम दर वृद्धि ने येन की मजबूती को सीमित रखा है, खासकर जब फेडरल रिजर्व का रुख लगातार आक्रामक बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने पिछले हफ्ते ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी और दोनों ही केंद्रीय बैंकों ने स्पष्ट किया है कि उनके अगले कदम पूरी तरह आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल मुद्रा बाजार में डॉलर की तेजी रुकने का असर कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स पर भी देखा गया। सोने में हफ्ते के अंत में मामूली खरीदारी देखने को मिली, जिससे सप्ताह भर की गिरावट की आंशिक भरपाई हुई। हालांकि, बहुमूल्य धातु अभी भी 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से नीचे बनी हुई है। डॉलर में आई हल्की बिकवाली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली नरमी ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार शुक्रवार को स्थिरता के दौर में दिखाई दिया। बिटकॉइन मामूली सुधार के साथ 84,000 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करता दिखा। एथेरियम ने भी बिटकॉइन के अनुरूप ही रुख दिखाया और इसमें गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, रिपल (XRP) ने बाजार के इस रुझान के विपरीत प्रदर्शन करते हुए एक अलग तस्वीर पेश की। कुल मिलाकर, वैश्विक वित्तीय बाजार मुद्रास्फीति, ऊर्जा लागत और केंद्रीय बैंकों की भावी नीतियों के बीच अपनी दिशा तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और पाउंड की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक व्यापार, आयात लागत और व्यक्तिगत निवेश पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दरें: डॉलर के मुकाबले पाउंड में कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेशी शिक्षा के खर्च प्रभावित होते हैं। यूके में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों या वहां यात्रा करने वालों के लिए पाउंड के स्तर पर नजर रखना जरूरी है। • आयात लागत और मुद्रास्फीति: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर से ऊर्जा आयात महंगा हो जाता है। इसका सीधा परिणाम घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के रूप में दिखता है। • ब्याज दरें और कर्ज: केंद्रीय बैंकों द्वारा महंगाई पर काबू पाने के लिए दरों में संभावित वृद्धि से वैश्विक स्तर पर कर्ज महंगे बने रह सकते हैं। घर और वाहन ऋण की ईएमआई पर राहत मिलने की समयसीमा आगे खिसक सकती है। • निवेश पोर्टफोलियो: सोने और क्रिप्टोकरेंसी जैसे वैकल्पिक संपत्तियों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित कर रहा है। सोना 4,300 डॉलर और बिटकॉइन 84,000 डॉलर के पास होने से निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ब्रिटिश पाउंड में आई मामूली राहत और डॉलर की आक्रामक रैली के थमने के पीछे कई परस्पर जुड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारक सक्रिय रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के मिले-जुले संकेतों और वैश्विक ऊर्जा बाजार के झटकों ने इस स्थिति को निर्मित किया है। • डॉलर की रैली पर विराम: अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक चार महीने के निचले स्तर 48.1 पर आ गया, जिससे डॉलर की तेज बढ़त को झटका लगा। इस गिरावट ने मुद्रा बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को संभलने का मौका दिया। • ब्रिटेन का ऊर्जा संकट: यूके में ऊर्जा झटके के कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने की अटकलें तेज हो गईं। दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों ने पाउंड को 1.3209 के निचले स्तर से सहारा दिया। • भू-राजनीतिक तनाव और तेल की तेजी: अमेरिका-ईरान के बीच तीखे बयानों और नए हथियारों की धमकियों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। इससे वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से गहरी हो गईं। • केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियां: फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों द्वारा हाल ही में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि ने दर्शाया कि महंगाई पर लगाम लगाना प्राथमिकता बना हुआ है। आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भविष्य के फैसले टिके हैं। सवाल-जवाब 1. जीबीपी/यूएसडी में हालिया सुधार का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी डॉलर की आक्रामक तेजी के थमने और यूके में ऊर्जा संकट के कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से पाउंड 1.3209 के स्तर से संभला है। 2. अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक में क्या बदलाव आया? मिशिगन विश्वविद्यालय का उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अगस्त के 51.7 से घटकर सितंबर में चार महीने के निचले स्तर 48.1 पर आ गया। 3. जीबीपी/यूएसडी के लिए कौन से महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर हैं? ऊपरी स्तर पर 1.3329 और 1.3444 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर हैं, जबकि नीचे की ओर 1.32 का स्तर तात्कालिक सपोर्ट बना हुआ है। 4. अमेरिकी और चीनी राष्ट्रपतियों की बैठक को लेकर क्या बयान आए? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक को बेहद उपयोगी बताया, जबकि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी यात्रा को बेहद सफल और भविष्य के लिए उज्ज्वल करार दिया। 5. सोने और बिटकॉइन की कीमतों की मौजूदा स्थिति क्या है? सोना 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि बिटकॉइन मामूली सुधार के साथ 84,000 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर टिका हुआ है। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-teji-thamane-se-british-pound-snbhala-lekina-urja-snkata-aura-mahngai-se-chunautiyan-barakarara-38674 TrendKia — Har trend, sabse pehle.