अमेरिकी डॉलर की वापसी से दबाव में मेक्सिकन पेसो, फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और कच्चे तेल की कीमतों ने बदला बाजार का मिजाज मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और महंगाई के दबाव के बीच यूएस डॉलर में तेजी आने से मेक्सिकन पेसो पर दबाव बढ़ गया है, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की भारी मांग के चलते मेक्सिकन पेसो हालिया तेजी के बाद बैकफुट पर आ गया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की भावना और आगामी 16 सितंबर को होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के ब्याज दर फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में चौतरफा मजबूती देखी जा रही है। इस बदले परिवेश में यूएस डॉलर के मुकाबले मेक्सिकन पेसो में 0.09 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे USD/MXN का भाव अपने 17.10 के वार्षिक निचले स्तर से उबरकर 17.15 के स्तर पर पहुंच गया। नवीनतम लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 17.22 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 17.16 से 0.32 प्रतिशत ऊपर है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था से सामने आए हालिया मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों ने केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में सख्ती के संकेत दिए हैं। गर्म प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और मजबूत गैर-कृषि पेरोल (Nonfarm Payrolls) रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका में लेबर मार्केट अभी भी अत्यधिक लचीला बना हुआ है। फेड चेयर केविन वार्श ने बढ़ती महंगाई को नियंत्रण में रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है और कहा है कि श्रम बाजार पूरी तरह से पूर्ण रोजगार के अनुरूप बना हुआ है। इन बयानों और आंकड़ों के बाद वित्तीय बाजारों में फेड फंड्स रेट को बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत तक ले जाने की संभावना प्रबल हो गई है। इसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र के रोजगार परिदृश्य में भी सुधार देखा गया है। चार सप्ताह के औसत पर आधारित यूडी एडीपी रोजगार परिवर्तन आंकड़ा बढ़कर 16.25 हजार पर पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह के संशोधित आंकड़े 12.25 हजार से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। रोजगार में यह निरंतर बढ़त लेबर मार्केट की अंतर्निहित मजबूती को प्रमाणित करती है, जिससे फेडरल रिजर्व को मौद्रिक सख्ती जारी रखने का पूरा आधार मिल रहा है। कच्चे तेल में उबाल और पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक संकट मुद्रा बाजारों पर दबाव का एक बड़ा कारण ऊर्जा कीमतों में आई अचानक तेजी भी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण आपूर्ति को लेकर चिंताएं गहरी हो गई हैं, जिसके चलते कच्चे तेल के भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के अहम आंकड़े के पार निकल गए हैं। ऊर्जा के आसमान छूते दाम आयात लागत बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति का नया दबाव पैदा कर रहे हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कच्चे तेल की इस तेजी से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व एहतियातन ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता चुन सकता है, जो उभरते बाजारों की मुद्राओं के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रहा है। मेक्सिको का आर्थिक परिदृश्य और बैंक्सिको की भूमिका मेक्सिको का केंद्रीय बैंक, जिसे बैंक्सिको के नाम से जाना जाता है, अपनी 6.50 प्रतिशत की बेंचमार्क ब्याज दर के जरिए पेसो को कैरी ट्रेड समर्थन प्रदान कर रहा है। बैंक्सिको का प्राथमिक उद्देश्य मुद्रास्फीति को 3 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब या उसके आसपास स्थिर रखना है, जहां केंद्रीय बैंक 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के सहनशीलता दायरे के भीतर काम करता है। जब कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो बैंक्सिको ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर मांग को नियंत्रित करता है। उच्च ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती हैं और स्थानीय मुद्रा को मजबूती देती हैं, जबकि दरों में कटौती से पूंजी निकासी का जोखिम बढ़ता है। लैटिन अमेरिकी मुद्राओं में मेक्सिकन पेसो सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। इसका मूल्यांकन मेक्सिको की आर्थिक वृद्धि, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, कच्चे तेल के निर्यात और विदेशों विशेषकर अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले धन (रेमिटेंस) पर निर्भर करता है। इसके अलावा, नियरशोरिंग की वैश्विक प्रवृत्ति, जिसमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखला को उपभोक्ता देशों के करीब ला रही हैं, मेक्सिको को विनिर्माण केंद्र बनाकर उसकी मुद्रा को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान कर रही है। आने वाले दिनों में मेक्सिको के आर्थिक कैलेंडर में 22 सितंबर को खुदरा बिक्री के आंकड़े और 23 सितंबर को सितंबर के पहले पखवाड़े के मुद्रास्फीति आंकड़े जारी होने हैं, जिन पर बैंक्सिको की आगामी बैठक से पहले बाजार की पैनी नजर रहेगी। USD/MXN का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर दैनिक चार्ट पर USD/MXN का तकनीकी ढांचा दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है। 50, 100 और 200 दिनों के सिम्पल मूविंग एवरेज का संगम लगभग 17.18 के स्तर पर बना हुआ है, जिसके नीचे बने रहने से इस जोड़ी पर ऊपर की ओर सीमित दायरा बना हुआ है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) सुधरकर 60 के पार निकल चुका है, जो लाइव डेटा में 61 के आसपास बना हुआ है। हालांकि, तकनीकी दृष्टिकोण से यह सुधार व्यापक डाउनट्रेंड प्रतिरोध रेखा के भीतर एक रीबाउंड माना जा रहा है, जिससे उच्च स्तरों पर बिकवाली का दबाव लौटने की आशंका है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 17.07 और 50-दिवसीय EMA 17.13 पर स्थित है, जबकि 200-दिवसीय EMA 17.51 पर बना हुआ है। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे होना दीर्घकालिक डाउनट्रेंड और डेथ क्रॉस की स्थिति को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 0.01 पर है जबकि इसका सिग्नल -0.03 पर है, जिससे 0.04 का बुलिश हिस्टोग्राम बन रहा है। बॉलिंगर बैंड्स की सीमा 16.80 से 17.22 के बीच है। बाजार का पिवट स्तर 17.20 पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध (R1) 17.28 और दूसरा प्रतिरोध (R2) 17.34 पर स्थित है। नीचे की ओर, पहला समर्थन (S1) 17.14 और दूसरा समर्थन (S2) 17.07 पर है, जबकि 20-दिवसीय दायरा 16.85 से 17.27 के बीच आंका गया है। वैश्विक मुद्राओं और सुरक्षित संपत्तियों की हलचल डॉलर की सर्वव्यापी तेजी ने अन्य प्रमुख मुद्राओं और सुरक्षित संपत्तियों को भी प्रभावित किया है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में कमजोरी देखी गई, हालांकि यह एशियाई सत्र से पहले 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले डॉलर (USD/JPY) 155.00 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। बैंक ऑफ जापान द्वारा वर्षों की अति-सुलभ मौद्रिक नीति के बाद संभावित सख्ती के संकेतों के बावजूद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में तेजी डॉलर को सहारा दे रही है। इस बीच, डॉलर की चमक लौटने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दबाव में आ गया है, जो एक महीने पहले के 4,700 डॉलर के उच्च स्तर से फिसलकर 4,000 डॉलर के स्तर के करीब आ गया है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर के मजबूत होने और पेसो में आई नरमी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश प्रवाह और विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और प्रवासियों के लिए: डॉलर के मुकाबले पेसो के कमजोर होने से अमेरिका से मेक्सिको धन भेजने वाले प्रवासियों को स्थानीय मुद्रा में अधिक मूल्य प्राप्त होगा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय यात्रा या डॉलर में भुगतान करने वाले पर्यटकों और उपभोक्ताओं की लागत में इजाफा देखने को मिल सकता है। • आयात और स्थानीय महंगाई: डॉलर के मजबूत होने से आयातित उत्पादों, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम बढ़ सकते हैं। स्थानीय विनिर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं को अपनी उत्पादन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। • कैरी ट्रेड और निवेश रणनीतियां: बैंक्सिको द्वारा 6.50 प्रतिशत ब्याज दर बनाए रखने से विदेशी निवेशकों के लिए कैरी ट्रेड का आकर्षण अभी भी बरकरार है। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा दरें 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत तक ले जाने की स्थिति में यील्ड अंतर कम हो सकता है, जिससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन करना होगा। • कच्चे तेल और ऊर्जा लागत: कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से तेल निर्यातक अर्थव्यवस्थाओं को राजस्व में मदद मिलेगी, लेकिन सामान्य उपयोगकर्ताओं पर ईंधन का बोझ बढ़ेगा। वाहन चालकों और परिवहन कंपनियों को आने वाले हफ्तों में बढ़े हुए परिचालन खर्च के लिए तैयार रहना होगा। ऐसा क्यों हुआ मेक्सिकन पेसो में हालिया गिरावट और अमेरिकी डॉलर में आए उछाल के पीछे मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, बढ़ती महंगाई का डर और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण रहे हैं। इन कारकों ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर लौटने पर मजबूर किया है। • अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़े: गैर-कृषि पेरोल में मजबूती और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में उछाल ने यह साफ कर दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अत्यधिक मजबूत है। इससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में रखने या बढ़ाने की संभावनाएं तेजी से बढ़ गईं। • कच्चे तेल में तेजी और ऊर्जा संकट: पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। इस ऊर्जा झटके ने दुनिया भर में मुद्रास्फीति के दोबारा भड़कने की आशंकाओं को जन्म दिया, जिससे एहतियाती दरों में बढ़ोतरी की अटकलों को बल मिला। • तकनीकी प्रतिरोध और मुनाफावसूली: USD/MXN का भाव 17.10 के वार्षिक निचले स्तर तक गिर गया था, जिसके बाद 17.18 के मूविंग एवरेज संगम के आसपास तकनीकी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग देखी गई। निचले स्तरों से आई इस तकनीकी मांग ने डॉलर की वापसी को गति दी। सवाल-जवाब 1. मेक्सिकन पेसो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में अचानक तेजी क्यों आई? अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों, प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया तनाव के कारण कच्चे तेल के 100 डॉलर पार जाने से फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की संभावनाओं ने डॉलर को मजबूत किया है। 2. USD/MXN जोड़ी ने हाल ही में क्या निचला स्तर छुआ था? इस जोड़ी ने हाल ही में 17.10 का वार्षिक निचला स्तर छुआ था, जिसके बाद यह सुधरकर 17.15 और लाइव बाजार में 17.22 के स्तर पर पहुंची। 3. फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर सीमा क्या आंकी जा रही है? अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेड चेयर के बयानों के आधार पर फेड फंड्स रेट को 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में ले जाने की संभावना जताई गई है। 4. मेक्सिको के केंद्रीय बैंक की वर्तमान नीति दर क्या है? बैंक्सिको की वर्तमान बेंचमार्क ब्याज दर 6.50 प्रतिशत है, जो मेक्सिकन पेसो के लिए कैरी ट्रेड का सहारा बनी हुई है। 5. आगामी दिनों में मेक्सिको के कौन से आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं? मेक्सिको के आर्थिक कैलेंडर में 22 सितंबर को खुदरा बिक्री के आंकड़े और 23 सितंबर को सितंबर के पहले पखवाड़े की मुद्रास्फीति रिपोर्ट जारी होनी है। 6. USD/MXN के लिए प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या हैं? तकनीकी रूप से 17.18 और 17.28 पर तत्काल प्रतिरोध है, जबकि 17.14 और 16.89 के स्तर मजबूत समर्थन के रूप में कार्य कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/us-dollar-ki-vapasi-se-dabava-men-mexican-peso-federal-reserve-ke-sakhta-rukha-aura-kachche-tela-ki-kimaton-ne-badala-bajara-ka-mi-33886 TrendKia — Har trend, sabse pehle.