फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती बरकरार, वैश्विक बाजारों में हलचल एफओएमसी द्वारा नीतिगत ब्याज दरों को 3.75-4.00 फीसदी पर स्थिर रखने के बाद अमेरिकी डॉलर की मजबूती का रुख बना हुआ है, जबकि सोना, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अहम उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति (एफओएमसी) की 27-28 अक्टूबर को संपन्न हुई बैठक में नीतिगत दरों को बिना बदलाव के बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में समिति ने 10 के मुकाबले 2 मतों से फेडरल फंड्स लक्षित दायरे को 3.75-4.00% पर स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया, जो व्यापक बाजार की अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा। हालांकि, बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में नीति निर्माताओं ने दिसंबर के दौरान संभावित ब्याज दर वृद्धि के विकल्प को पूरी तरह खुला रखा है। इसके चलते साल के अंत तक अमेरिकी डॉलर के लिए उतार-चढ़ाव भरा दौर रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन 2027 की शुरुआत तक मुद्रा का समग्र मजबूत रुख बरकरार रहने का अनुमान है, भले ही आगे की राह पूरी तरह सुगम न हो। मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का रुख वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के बीच मिला-जुला रुख देखने को मिला है। सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने शुरुआती गिरावट से उबरते हुए वापसी की। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों को लेकर उपजी नई आशावादिता ने निवेशकों के विश्वास को संबल दिया, जिससे सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी मुद्रा पर दबाव बना और जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सीधा सहारा मिला। इसके बावजूद, यह जोड़ी गुरुवार को दर्ज किए गए अपने एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनी हुई है, क्योंकि कारोबारी वर्ग किसी भी बड़े नए दांव से पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के आगामी महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहा है। जापानी येन और हस्तक्षेप की चेतावनी दूसरी तरफ, USD/JPY जोड़ी ने कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक गति के साथ की है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के हालिया कदम के बाद शुक्रवार को यह स्तर गिरकर 157.00 से नीचे चला गया था, जहां से उबरते हुए जोड़ी ने सोमवार के एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास अपनी स्थिति मजबूत की। यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है जब जापान की वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा (Satsuki Katayama) ने मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की नई चेतावनी दी थी, जिसका बाजार पर कोई खास असर नहीं पड़ा और डॉलर के मुकाबले येन में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। सोने की कीमतों में सुधार की सुस्त कोशिश कीमती धातुओं के बाजार में, सोमवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान सोने में सकारात्मक रुख बना रहा। शुक्रवार को सोने की कीमत फिसलकर 3,870 डॉलर के नए वार्षिक निचले स्तर पर आ गई थी, जिसके कारण अक्टूबर महीने में धातु ने 6.87% की भारी गिरावट दर्ज की। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक पहलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने सोने को कुछ हद तक राहत प्रदान की है। हालांकि, मौजूदा उछाल में मजबूत विश्वास की कमी साफ देखी जा रही है, क्योंकि मूलभूत आर्थिक परिस्थितियां और दर वृद्धि की संभावनाएं सोने में निरंतर दीर्घकालिक सुधार पर लगातार सवाल खड़े कर रही हैं। क्रिप्टो बाजार में डॉगकॉइन पर दबाव क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) सोमवार को 0.075 डॉलर के आसपास संघर्ष करता नजर आया। सितंबर के अंत से शुरू होकर यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब इस डिजिटल टोकन में गिरावट दर्ज की गई है। सेंटिमेंट (Santiment) के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े टोकन धारकों की गतिविधियों में अलग-अलग रुख देखा जा रहा है; जहां बहुत बड़े वॉलेट अपनी होल्डिंग्स में कमी कर रहे हैं, वहीं कुछ छोटे व्हेल वॉलेट नए टोकन जोड़ रहे हैं। इसके साथ ही, ऑन-चेन मैट्रिक्स में कमजोरी और लगातार बिगड़ते तकनीकी संकेतों के कारण डॉगकॉइन आगे भी नुकसान के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। अमेरिकी आर्थिक वृद्धि और पूंजीगत व्यय की हकीकत अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बात करें तो यह 3.4% की वार्षिक दर से आगे बढ़ी है, लेकिन इसके विपरीत ट्रेजरी यील्ड में गिरावट देखी गई। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद का अपना सबसे खराब मासिक प्रदर्शन अक्टूबर में दर्ज किया। वित्तीय बाजार अब केवल वृद्धि को समर्थन देने वाले पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को पुरस्कृत नहीं कर रहा है। इसके बजाय निवेशक अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या यह भारी-भरकम पूंजीगत खर्च वास्तव में पूंजी की लागत से अधिक नकदी प्रवाह और ठोस वित्तीय रिटर्न उत्पन्न करने में सक्षम है या नहीं। इसका आप पर असर अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने और डॉलर की मजबूती से वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई वित्तीय समीकरण प्रभावित होंगे। • भारतीय निवेशकों पर प्रभाव: अमेरिकी दरों के 3.75-4.00% पर स्थिर रहने से विदेशी पूंजी प्रवाह सीमित रह सकता है। इससे घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना होगा। • सोना खरीदारों के लिए: सोने के दाम 3,870 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर के करीब होने से आभूषण खरीदारों को कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि दिसंबर में संभावित दर वृद्धि की वजह से भारी तेजी की संभावना अभी सीमित दिखाई दे रही है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: डॉगकॉइन के 0.075 डॉलर पर आने और पांच हफ्तों की लगातार गिरावट से खुदरा निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ गया है। बड़ी व्हेल्स द्वारा बिकवाली किए जाने के कारण अल्पावधि में नुकसान की संभावना बनी हुई है। • वैश्विक व्यापार और मुद्रा: डॉलर के मजबूत बने रहने से आयात लागत पर असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की चाल और डॉलर विनिमय दर घरेलू कंपनियों के मुनाफे को तय करेंगे। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय ठोस आर्थिक वृद्धि के बावजूद मुद्रास्फीति और भविष्य की अनिश्चितताओं को संतुलित करने के लिए लिया गया है। • मजबूत आर्थिक विकास: अमेरिकी अर्थव्यवस्था 3.4% की वार्षिक दर से बढ़ी है, जिससे केंद्रीय बैंक को दरों में कटौती करने की जल्दबाजी नहीं करनी पड़ी। आर्थिक विस्तार की इसी ताकत ने दरों को 3.75-4.00% पर बरकरार रखने का आधार तैयार किया। • दिसंबर में वृद्धि की संभावना: नीतिगत बयान में दिसंबर में दर बढ़ाने का विकल्प खुला रखने से यह संकेत मिलता है कि नीति निर्माता मुद्रास्फीति पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं। इसी वजह से 10-2 के बहुमत से दरों को फिलहाल स्थिर रखा गया। • कॉर्पोरेट कैपेक्स और बाजार का दबाव: कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी पूंजीगत खर्च पर अब निवेशक कड़े रिटर्न की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते नैस्डैक में मार्च 2025 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट आई। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट भी आर्थिक पुनर्मूल्यांकन की ओर इशारा करती है। सवाल-जवाब 1. अक्टूबर की बैठक में एफओएमसी ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया? एफओएमसी ने 10 के मुकाबले 2 वोटों से नीतिगत ब्याज दरों को 3.75-4.00% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया। 2. क्या अमेरिकी फेडरल रिजर्व दिसंबर में दरें बढ़ा सकता है? हां, आधिकारिक नीतिगत बयान में दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने के विकल्प को खुला रखा गया है। 3. अक्टूबर महीने में सोने के दाम में कितनी गिरावट दर्ज की गई? सोना शुक्रवार को 3,870 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर तक फिसल गया था और अक्टूबर में इसमें कुल 6.87% की गिरावट दर्ज हुई। 4. अमेरिकी अर्थव्यवस्था किस दर से बढ़ी है? नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी अर्थव्यवस्था 3.4% की वार्षिक दर से आगे बढ़ी है। 5. डॉगकॉइन का मौजूदा स्तर क्या है और इसमें कितने हफ्तों से गिरावट जारी है? डॉगकॉइन 0.075 डॉलर के आसपास बना हुआ है और सितंबर के अंत से इसमें लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गई है। 6. जापानी मुद्रा USD/JPY जोड़ी किस स्तर तक पहुंची? USD/JPY जोड़ी 157.00 से नीचे के स्तर से सुधरकर एशियाई कारोबारी सत्र में 158.00 के करीब पहुंच गई। https://trendkia.com/market/us-dollar-maintains-resilient-stance-following-fomc-rate-pause-as-global-assets-react-55176 TrendKia — Har trend, sabse pehle.