# अमेरिकी डॉलर में 17 महीने के शिखर पर उछाल से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव, 0.6900 के नीचे और गिरावट के आसार

> फ्रांस के वित्तीय संकट और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6935 के करीब फिसल गया है। यदि यह मुद्रा जोड़ी 0.6900 का समर्थन स्तर गंवाती है, तो 0.6866 तक और गिरावट देखने को मिल सकती है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-men-17-mahine-ke-shikhara-para-uchhala-se-aud-para-dabava-0-6900-ke-niche-aura-giravata-ke-asara-43033 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, डॉलर इंडेक्स, फ्रांस बजट, फेडरल रिजर्व, कच्चा तेल, मुद्रा विनिमय दर, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की भारी मांग देखने को मिल रही है, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) में सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान कमजोरी दर्ज की गई। AUD/USD की जोड़ी 0.15% की गिरावट के साथ 0.6935 के आसपास फिसल गई। बाजार में अमेरिकी मुद्रा का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जिसे यूरोप में फ्रांस के बजटीय संकट और जारी वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से लगातार मजबूती मिल रही है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.6941 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.6929 से मामूली 0.17% ऊपर है, लेकिन व्यापक रुझान अभी भी मंदी का बना हुआ है।

## फ्रांस के बजटीय संकट ने बढ़ाया डॉलर का आकर्षण
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण यूरोपीय संघ की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ्रांस में गहराता राजकोषीय संकट है। फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर द्वारा पेश किए गए साल 2027 के बजट प्रस्ताव को लेकर वित्तीय बाजारों में भारी अविश्वास देखा जा रहा है। निवेशकों को संदेह है कि देश की संसद इस बजट विधेयक को बिना किसी बड़े बदलाव के पारित करेगी।

ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (BBH) के रणनीतिकार एलियास हद्दाद के अनुसार, फ्रांस के सामने भारी वित्तीय चुनौतियां खड़ी हैं। हद्दाद ने आगाह किया है कि महत्वपूर्ण रियायतें दिए बिना संसद से इस प्रस्ताव का पारित होना बेहद मुश्किल है, जो राजकोषीय अनुशासन के रास्ते में गंभीर राजनीतिक बाधाओं को रेखांकित करता है। उन्होंने तर्क दिया है कि 18 अप्रैल 2027 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच समझौते की गुंजाइश सीमित है, ऐसे में साल 2026 के बजट को ही आगे बढ़ाना सबसे संभावित परिणाम दिखाई देता है। राजनीतिक अनिर्णय और बजट अटकलों ने यूरो पर भारी दबाव डाला है, जिसका सीधा लाभ डॉलर को सुरक्षित निवेश के तौर पर मिला है।

## डॉलर सूचकांक 17 महीने के उच्चतम स्तर पर
छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को दर्शाने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) 0.5% की बढ़त के साथ 102.50 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले 17 महीनों से अधिक समय में डॉलर का उच्चतम स्तर है। मुद्रा हीटमैप पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर ने सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त बनाई, जिसमें यूरो सबसे अधिक कमजोर साबित हुआ।

अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी यह प्रभाव साफ देखा गया। EUR/USD की जोड़ी फिसलकर 1.1312 पर आ गई, जो मई 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है और यह अपने जनवरी के उच्चतम स्तर 1.2082 से काफी नीचे आ चुकी है। यूरोप की ऊर्जा संकट के प्रति संवेदनशीलता और डॉलर की चौतरफा मजबूती ने यूरो को कमजोर किया है। इसी बीच, जापानी येन के मुकाबले USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया। हालांकि, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की दरों में वृद्धि की संभावना और संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंका येन को कुछ सहारा दे सकती है।

## AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
तकनीकी चार्ट पर AUD/USD के लिए परिदृश्य मंदी की ओर झुका हुआ है। ऊपर की तरफ, पहला मजबूत प्रतिरोध 20-दिवसीय घातीय गतिशील औसत (EMA) पर 0.7040 के पास स्थित है। लाइव आंकड़ों के मुताबिक 20-दिवसीय EMA 0.7048 और 50-दिवसीय EMA 0.7073 पर है। यह स्तर किसी भी सुधारात्मक उछाल को सीमित कर रहा है और यह वही रेखा है जिसे पार करने के बाद ही लिवालों का भरोसा लौट सकता है। इससे पहले, 0.7000 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी एक कड़ा अवरोध बना हुआ है। पिवट स्तर 0.6945 पर स्थित है, जबकि R1 प्रतिरोध 0.6955 और R2 0.6970 पर दर्ज है।

नीचे की ओर, यदि जोड़ी 0.6900 के तात्कालिक समर्थन स्तर को बचाने में विफल रहती है, तो गिरावट का दायरा बढ़कर 0.6866 तक पहुंच सकता है। लाइव डेटा में 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 28 पर है, जो अत्यधिक बिकवाली (ओवरसोल्ड) क्षेत्र का संकेत देता है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 15 और सिग्नल लाइन 14 पर चल रही है। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 37 पर है, जो एक मजबूत मंदी के रुझान की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बॉलिंगर बैंड्स 0.6901 से 0.7265 के दायरे में हैं, जहां मध्य रेखा 0.7083 पर स्थित है। दैनिक अस्थिरता के लिए 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 0.01 पर है, जो स्टॉप-लॉस निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण बफर प्रदान करता है।

## कमोडिटी बाजार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति
कच्चे तेल के बाजार में भी मंदी का असर देखने को मिला। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई और यह एशियाई कारोबार में 89.30 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद G7 देशों द्वारा आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर सहमति बनने के बाद कीमतों में यह नरमी आई है। जी7 देशों ने ऊर्जा निर्यात पर कोई प्रतिबंध न लगाने की प्रतिबद्धता भी जताई है। दूसरी ओर, सोने की कीमतें 4,150 डॉलर प्रति औंस के करीब सीमित दायरे में बनी हुई हैं, हालांकि डॉलर की मजबूती के कारण सोने का तकनीकी परिदृश्य भी अल्पकालिक कमजोरी का संकेत दे रहा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की मौद्रिक नीति के मोर्चे पर, अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी कमजोर पड़ गई हैं। फेड के दो मुख्य अधिदेश हैं: मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर नियंत्रित रखकर मूल्य स्थिरता हासिल करना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना। जब महंगाई बढ़ती है, तो फेड दरें बढ़ाता है जिससे डॉलर मजबूत होता है; लेकिन जब बेरोजगारी बढ़ती है या महंगाई घटती है, तो दरों में कटौती डॉलर पर दबाव बनाती है। असाधारण वित्तीय संकट के समय फेड क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) के तहत नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए डॉलर छापकर बॉन्ड खरीदता है, जो 2008 के वित्तीय संकट में देखा गया था और जिससे डॉलर कमजोर होता है। इसके विपरीत, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) में बॉन्ड खरीद रोक दी जाती है, जिससे डॉलर को मजबूती मिलती है।

## व्यापक बाजार दृष्टिकोण और आगे की दिशा
मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव अभी भी वैश्विक जोखिम धारणा पर हावी हैं। विदेशी मुद्रा कारोबारियों की नजर अब तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी नीतिगत संकेतों पर टिकी है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को 52-सप्ताह के दायरे 0.6422 से 0.7277 के बीच देखा जा रहा है। यदि 0.6905 के 20-दिवसीय समर्थन का उल्लंघन होता है, तो ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में नए सिरे से बिकवाली का दबाव गहरा सकता है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों पर असर जारी रहेगा।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मजबूती और प्रमुख मुद्राओं की गिरावट से आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रवाह सीधे प्रभावित होते हैं।

- **भारत में प्रभाव:** मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण डॉलर-मूल्यवान आयात जैसे कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे हो सकते हैं। इसका सीधा असर घरेलू ईंधन की कीमतों, आयात लागत और रुपये की विनिमय दर पर पड़ सकता है।
- **वैश्विक यात्रियों और छात्रों के लिए:** डॉलर के मजबूत होने से विदेशों में यात्रा, रहने का खर्च और विदेशी विश्वविद्यालयों की फीस का बजट बढ़ सकता है। जिन लोगों के पास विदेशी मुद्रा व्यय की योजनाएं हैं, उन्हें विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
- **फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए:** AUD/USD में 0.6900 के नीचे ब्रेकडाउन से मंदी की स्थितियां और तेज हो सकती हैं। ट्रेडर्स को 0.01 के दैनिक एटीआर (ATR) को ध्यान में रखते हुए सख्त स्टॉप-लॉस प्रबंधन का पालन करना चाहिए।
- **ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए:** G7 देशों द्वारा 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल जारी करने से तेल की कीमतों में आई नरमी राहत दे सकती है। इससे आने वाले हफ्तों में वैश्विक स्तर पर परिवहन और ईंधन लागत में कुछ स्थिरता मिलने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह स्थिति मुख्य रूप से फ्रांस में राजकोषीय और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण पैदा हुई, जिससे निवेशकों ने यूरो जैसी मुद्राओं को बेचकर सुरक्षित अमेरिकी डॉलर में पूंजी लगाई।

- **फ्रांस का बजट गतिरोध:** वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर द्वारा पेश किए गए साल 2027 के बजट प्रस्ताव पर संसद में आम सहमति नहीं बन पा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अप्रैल 2027 के राष्ट्रपति चुनावों से पहले राजनीतिक दलों द्वारा रियायतें दिए जाने की संभावना बेहद कम है।
- **डॉलर का सुरक्षित निवेश आकर्षण:** यूरोपीय राजनीतिक चिंताओं के साथ-साथ मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को डॉलर सूचकांक को 17 महीने के उच्चतम स्तर 102.50 तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
- **कच्चे तेल में आपूर्ति हस्तक्षेप:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद G7 देशों द्वारा 10 करोड़ बैरल आपातकालीन भंडार जारी करने के समझौते ने ऊर्जा बाजार में दबाव कम किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार को AUD/USD में गिरावट क्यों आई?
फ्रांस के वित्तीय संकट और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बना।

### 2. फ्रांस के बजट को लेकर बाजार में क्या चिंताएं हैं?
संसद में 2027 के बजट विधेयक के बिना बड़ी रियायतों के पारित होने पर गहरा संदेह है, और अप्रैल 2027 के चुनाव से पहले 2026 के बजट को ही आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

### 3. AUD/USD के लिए कौन से महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर हैं?
तात्कालिक समर्थन 0.6900 पर है जिसे तोड़ने पर स्तर 0.6866 तक गिर सकता है, जबकि ऊपर की ओर 0.7000 और 20-दिवसीय ईएमए 0.7040 पर कड़ा प्रतिरोध है।

### 4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का क्या कारण रहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद G7 देशों ने आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर सहमति जताई, जिससे डब्ल्यूटीआई 89.30 डॉलर पर आ गया।

### 5. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर क्या परिदृश्य है?
अक्टूबर की आगामी नीतिगत बैठक में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाएं काफी घट चुकी हैं।

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