# अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट, अगस्त के मजबूत आंकड़ों के बावजूद क्यों नहीं संभल पा रही करेंसी

> अगस्त में अमेरिकी नॉनफॉर्म पेरोल के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के बावजूद अमेरिकी डॉलर में तेजी नहीं आ पाई। जापानी येन की मजबूती और फेडरल रिजर्व के रुख के बीच डॉलर लगातार दबाव में बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-men-bhari-giravata-agasta-ke-majabuta-ankaron-ke-bavajuda-kyon-nahin-snbhala-pa-rahi-karensi-27901 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, नॉनफॉर्म पेरोल, फेडरल रिजर्व, मुद्रा बाजार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बॉन्ड बाजार, महंगाई आंकड़े

अमेरिकी डॉलर ने पिछले सप्ताह की अपनी बढ़त का एक बड़ा हिस्सा गंवा दिया है और यह अपने शुरुआती पायदान से काफी नीचे आ गया है। अगस्त के महीने में अमेरिकी नॉनफॉर्म पेरोल (NFP) के आंकड़े 162K पर रहे, जिन्होंने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया था। इसके बावजूद मुद्रा बाजार की पूरी नजर अब आगामी महंगाई के आंकड़ों के प्रकाशन पर टिकी हुई है, क्योंकि निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि केंद्रीय बैंक अगला कदम क्या उठाएगा।

 

## डॉलर इंडेक्स पर बढ़ता मनोवैज्ञानिक दबाव
 अमेरिकी डॉलर (USD) में हाल ही में अपनी पिछली बढ़त को तेजी से खो दिया और इसका कमजोर रुख एक बार फिर सामने आ गया। डॉलर इंडेक्स (DXY) अपने महत्वपूर्ण 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के काफी करीब पहुंच गया था। हालांकि, यह उम्मीदें उस समय धूमिल हो गईं जब बाजार में यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) अपनी अगली बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस संभावना ने निवेशकों का ध्यान डॉलर से हटाकर अन्य मुद्राओं की ओर आकर्षित कर लिया।

 दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वित्त मंत्रालय और बैंक ऑफ जापान की ओर से किसी भी प्रकार के विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप की कोई आधिकारिक चर्चा नहीं की गई। इसके अलावा, मध्य पूर्व में उत्पन्न हुई भू-राजनीतिक तनाव की ताजा स्थितियां भी ग्रीनबैक को कोई नई ताकत या सहारा देने में नाकामयाब रहीं। बाजारों में इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में डॉलर की अपील पर इसका क्या असर पड़ेगा।

 

## फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के अलग-अलग संकेत
 इसी दौरान क्रिस्टोफर वालर और जॉन विलियम्स के बयान सामने आए, जिन्होंने बाजारों से संयम बरतने की अपील की और फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का समर्थन किया। फेडरल रिजर्व (Fed) की आगामी बैठक को लेकर यह रुख काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में आई इस गंभीर गिरावट ने अमेरिकी बॉन्ड बाजार के घटनाक्रमों को लगभग नजरअंदाज कर दिया है, जहां मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अपने हालिया दायरे के ऊपरी स्तर पर बनी हुई है।

 नॉनफॉर्म पेरोल के आंकड़े +162K रहने के तुरंत बाद डॉलर इंडेक्स में जो तेज उछाल देखा गया था, वह केवल एक अस्थायी और मजबूत वापसी साबित हुई। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि पिछले महीने जब अंतिम आंकड़े आए, तो उन्होंने पिछले सभी अनुमानों को ध्वस्त कर दिया, जिससे बाजार के प्रतिभागी हैरान रह गए। जैसे-जैसे हफ्ता समाप्ति की ओर बढ़ रहा था, इंडेक्स अपने आंकड़े जारी होने से पहले के स्तर पर वापस लौट आया था।

 

## श्रम बाजार और महंगाई का समीकरण
 श्रम बाजार फिलहाल फेड के समीकरण में केंद्रीय भूमिका नहीं निभा रहा है क्योंकि यह व्यापक रूप से स्वस्थ और सबसे महत्वपूर्ण रूप से स्थिर बना हुआ है। चेयर केविन वॉश और अधिकांश FOMC सदस्यों की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि उनका मुख्य जोर मुद्रास्फीति को फेड के लक्ष्य के करीब लाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने पर है। माइकल बार ने दरों पर सबसे स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि महंगाई अभी भी बहुत अधिक है और लगातार बने हुए मूल्य दबाव जोखिम पैदा करते हैं।

 बार का मानना है कि यदि मुद्रास्फीति में स्पष्ट नरमी आती है तो दरों को स्थिर रखना बेहतर है, लेकिन यदि प्रगति जल्द नहीं दिखती है तो दरों में वृद्धि करना उचित होगा। कम बेरोजगारी और ठोस आर्थिक विकास के बीच फेड केवल कमजोर अर्थव्यवस्था पर निर्भर नहीं रह सकता है। इसके विपरीत, विलियम्स ने कहा कि हालिया महंगाई के आंकड़े उत्साहजनक रहे हैं और मूल्य वृद्धि में कमी की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है।

 

## बॉन्ड बाजार और निवेशकों का रुख
 वालर ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि यील्ड क्यों बढ़ रही है और फेड को इस पर कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने उच्च अवधि के प्रीमियम और वैश्विक अनिश्चितता का हवाला दिया। उनका सुझाव था कि नीति निर्माताओं को हर बाजार हलचल पर प्रतिक्रिया देने के बजाय अर्थव्यवस्था और दोहरे जनादेश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कुल मिलाकर रुख मिला-जुला लेकिन आक्रामक संकेत देने वाला रहा है।

 कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त को समाप्त सप्ताह में डॉलर पर तेजी का रुख मोटे तौर पर स्थिर रहा। शुद्ध सट्टा लॉन्ग पोजीशन में मामूली गिरावट आई और यह लगभग 18.7K कॉन्ट्रैक्ट्स पर आ गई। इसके अलावा ओपन इंटरेस्ट भी लगभग 48K कॉन्ट्रैक्ट्स पर स्थिर बना रहा।

 

## नॉनफॉर्म पेरोल और मुद्रा बाजार का संबंध
 नॉनफॉर्म पेरोल आंकड़े अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो की मासिक रोजगार रिपोर्ट का हिस्सा हैं। यह कृषि क्षेत्र को छोड़कर पिछले महीने अमेरिका में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में बदलाव को मापते हैं। NFP के आंकड़े फेडरल रिजर्व को यह तय करने में मदद करते हैं कि रोजगार और 2% महंगाई के लक्ष्य को कैसे पूरा किया जाए। आमतौर पर मजबूत NFP आंकड़े डॉलर के लिए सकारात्मक होते हैं जबकि कमजोर आंकड़े इसके विपरीत असर डालते हैं।

 सोने (XAU/USD) की कीमतों पर भी इन आंकड़ों का गहरा असर पड़ता है और मजबूत NFP के बाद सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। जबकि डीजल और अन्य कमोडिटी बाजार अपनी अलग चाल चल रहे हैं, जहां अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। बाजार के विश्लेषक अब आगामी आर्थिक बैठकों और नीतिगत फैसलों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

## इसका आप पर असर
मुद्रा बाजार और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर सीधे तौर पर निवेशकों और आम नागरिकों की वित्तीय योजनाओं पर पड़ता है।

- **भारत में:** डॉलर में उतार-चढ़ाव और वैश्विक ब्याज दरों के रुख से भारतीय रुपये के विनिमय मूल्य पर दबाव बन सकता है, जिससे आयातित वस्तुओं और कच्चे तेल की लागत प्रभावित हो सकती है।

- **व्यापार और निवेश:** मुद्रा बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स को वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णयों के अनुसार अपनी पोजीशन में बदलाव करने की आवश्यकता हो सकती है।

- **महंगाई का असर:** वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति के रुझान और फेडरल रिजर्व के फैसलों से अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

- **बाजार की चाल:** बॉन्ड यील्ड और रोजगार के आंकड़ों में बदलाव से अल्पावधि में करेंसी पेयर और बुलियन बाजार की दिशा तय होती है।

- **दैनिक वित्तीय योजना:** वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधीकरण बनाए रखना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. अगस्त में अमेरिकी नॉनफॉर्म पेरोल के आंकड़े कितने रहे?
अगस्त में अमेरिकी नॉनफॉर्म पेरोल के आंकड़े 162K रहे, जिन्होंने पिछले अनुमानों को पार कर लिया।

### 2. डॉलर इंडेक्स किस मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया था?
डॉलर इंडेक्स (DXY) अपने महत्वपूर्ण 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के काफी करीब पहुंच गया था।

### 3. कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन के अनुसार डॉलर पोजीशन में क्या बदलाव आया?
शुद्ध सट्टा लॉन्ग पोजीशन मामूली रूप से 397 कॉन्ट्रैक्ट्स घटकर लगभग 18.7K कॉन्ट्रैक्ट्स पर आ गई।

### 4. फेड अधिकारियों ने ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाया?
फेड अधिकारियों ने महंगाई नियंत्रण और आर्थिक डेटा की समीक्षा तक धैर्य रखने और यथास्थिति का समर्थन किया।

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