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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बाद डॉलर में गिरावट, 0.8220 के नीचे कमजोर बना हुआ है डॉलर बनाम स्विस फ्रैंक",
  "summary": "अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव देखा जा रहा है। तकनीकी चार्ट पर 0.8220 के नीचे बने रहने के कारण डॉलर बनाम स्विस फ्रैंक में आगे और गिरावट का जोखिम बना हुआ है।",
  "content": "अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के पहले नतीजों के बाद वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर चौतरफा बिकवाली के दबाव में आ गया है। इस राजनीतिक उलटफेर के बीच स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर आठ सप्ताह के निचले स्तर 0.8127 तक गिरने के बाद मामूली रूप से संभलकर 0.8159 से 0.8160 के आसपास कारोबार कर रहा है। दिन के कारोबार में यह अब भी 0.5 प्रतिशत से अधिक टूटा हुआ है, जबकि पिछले सत्र के बंद स्तर 0.8184 के मुकाबले लाइव भाव करीब 0.29 प्रतिशत की कमजोरी दिखा रहा है। राजनीतिक अनिश्चितता और तकनीकी संकेतकों की कमजोरी ने मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के रुझान को बेहद नाजुक बना दिया है।\n\nमध्यावधि चुनाव के झटके से अमेरिकी डॉलर पर बढ़ा चौतरफा दबाव\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में मतदाताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के प्रति कड़ा असंतोष जाहिर किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस चुनावी मुकाबले में डेमोक्रेट्स ने कंसास, नॉर्थ कैरोलिना और टेक्सास जैसे रिपब्लिकन पार्टी के पारंपरिक गढ़ों को अपने पक्ष में उलटकर सभी को चौंका दिया है। सत्ता संतुलन में आए इस बड़े बदलाव ने निवेशकों को अमेरिकी संपत्तियों को लेकर सतर्क कर दिया है, जिसके चलते बुधवार को बाजार में अमेरिकी डॉलर की भारी बिकवाली दर्ज की गई।\n\nवाशिंगटन में सत्ता संतुलन बिगड़ने से नीतिगत गतिरोध की आशंका तेज हो गई है। जब भी राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनता है, वैश्विक निवेशक पारंपरिक सुरक्षित मुद्राओं की ओर रुख करते हैं। स्विस फ्रैंक को वैश्विक वित्तीय उथल-पुथल के दौर में सबसे सुरक्षित मुद्राओं में गिना जाता है, और यही वजह है कि चुनावी झटके के बाद स्विस फ्रैंक प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनकर उभरा है।\n\nआईएनजी विश्लेषक की राय: जनवरी तक तात्कालिक राहत, लेकिन आगे चुनौतियां\nशुरुआती भारी गिरावट के बाद डॉलर में निचले स्तरों से आई हल्की रिकवरी पर बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। आईएनजी के क्रिस टर्नर के अनुसार, हालिया रिकवरी का मुख्य कारण संभवतः यह है कि डेमोक्रेट्स औपचारिक रूप से जनवरी तक पदभार ग्रहण नहीं करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चुनावी नतीजों को स्वीकार कर लेने के कदम ने भी मध्यावधि नतीजों के बाद होने वाली निरंतर बिकवाली को सीमित किया है।\n\nहालांकि क्रिस टर्नर ने आने वाले समय को लेकर आगाह करते हुए कहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस डॉलर के लिए हल्की नकारात्मक साबित होगी, चाहे वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में हो या फिर संभावित रूप से अगली गर्मियों से लंबे समय तक चलने वाले अमेरिकी सरकारी कामकाज के ठप होने की आशंका के लिहाज से हो। विधायी गतिरोध की यह संभावना मध्यम अवधि में डॉलर के लिए एक बड़ा अवरोधक बन सकती है।\n\nतकनीकी विश्लेषण: डबल टॉप फॉर्मेशन से 0.8050 तक फिसलने का जोखिम\nतकनीकी चार्ट पर डॉलर बनाम स्विस फ्रैंक की स्थिति विक्रेताओं के पक्ष में झुकी नजर आ रही है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान भाव ने 0.8159 तक का निचला उछाल दिखाया, लेकिन यह जोड़ी लगातार एक मंदी वाले चैनल के भीतर ही कारोबार कर रही है। मंगलवार को 0.8220 के स्तर से आई तेज गिरावट ने 0.8380 के क्षेत्र में डबल टॉप फॉर्मेशन की पुष्टि कर दी है, जिसने मंदड़ियों को नए सिरे से बिकवाली करने का आधार दे दिया है।\n\nचार घंटे के समयावधि वाले चार्ट पर मोमेंटम संकेतक भी इस मंदी के दृष्टिकोण का समर्थन कर रहे हैं। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI वर्तमान में 38 से 40 के नीचे बना हुआ है। हालांकि यह ओवरसोल्ड स्तर से थोड़ा ऊपर है, लेकिन इसकी कमजोरी दर्शाती है कि खरीदारी की गति बेहद कमजोर है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD थोड़ा नकारात्मक बना हुआ है, जो यह स्पष्ट संकेत देता है कि किसी भी प्रकार की तात्कालिक तेजी टिकने वाली नहीं है।\n\nचार्ट के अनुसार अब तक नीचे की ओर गिरावट के प्रयासों को 0.8130 और 0.8127 के 20-दिवसीय समर्थन स्तर पर रोका गया है। लेकिन डबल टॉप के मापे गए लक्ष्य को देखें तो यह जोड़ी सितंबर की शुरुआत के निचले स्तरों, यानी 0.8050 से 0.8070 के दायरे तक फिसल सकती है। दूसरी तरफ, यदि खरीदार बाजार में लौटना चाहते हैं तो उन्हें 0.8220 पर स्थित डबल टॉप नेकलाइन को पार करना होगा। इस स्तर के टूटने पर ही ध्यान नवंबर की शुरुआत के उच्चतम स्तर 0.8250 और 28 अक्टूबर के उच्च स्तर 0.8313 की ओर स्थानांतरित हो सकेगा।\n\nलाइव तकनीकी स्तर और प्रमुख संकेतक\nलाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.7629 से 0.8395 के बीच रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर सामान्य स्तर पर देखा जा रहा है। चलती औसत यानी मूविंग एवरेज पर नजर डालें तो 20-दिवसीय घातीय चलती औसत यानी EMA20 0.8246 पर, EMA50 0.8220 पर और 200-दिवसीय EMA200 0.8057 पर स्थित है। वहीं 50-दिवसीय साधारण चलती औसत यानी SMA50 0.8223 पर और 200-दिवसीय SMA200 0.7997 पर है। लंबी अवधि में गोल्डन क्रॉस मौजूद होने के बावजूद वर्तमान भाव 0.8169 से 0.8362 वाले बोलिंगर बैंड के निचले बैंड से भी नीचे फिसल चुका है।\n\nदैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला औसत ट्रू रेंज यानी ATR14 का मान 0.01 पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अल्पकालिक दिशा के लिहाज से दैनिक पिवट बिंदु 0.8166 पर स्थित है। यदि जोड़ी ऊपर बढ़ती है तो पहला प्रतिरोध R1 0.8205 और दूसरा प्रतिरोध R2 0.8250 पर है। गिरावट की स्थिति में पहला तात्कालिक समर्थन S1 0.8121 पर और दूसरा मजबूत सहारा S2 0.8082 पर बना हुआ है। ADX सूचक 19 पर है, जो दर्शाता है कि रुझान की ताकत अभी सीमित है और बाजार रेंज-बाउंड मंदी में फंसा है, जबकि स्टोकेस्टिक का फास्ट इंडिकेटर 18 और सिग्नल लाइन 22 पर चल रही है।\n\nवैश्विक बाजारों और अन्य परिसंपत्तियों पर चुनावी असर\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत का असर केवल स्विस फ्रैंक तक ही सीमित नहीं रहा है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान तेज बिकवाली के दबाव में आ गया और सितंबर के अंत के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक लुढ़क गया। बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नई गिरावट ला दी, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दावों का असर फीका पड़ गया।\n\nजापानी येन के मुकाबले भी अमेरिकी डॉलर भारी दबाव में दिखा। एशियाई सत्र में डॉलर बनाम येन 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की संभावना ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया, जिसने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई।\n\nऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास स्थिर रहा। चुनावी नतीजों ने अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव डाला, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। हालांकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधकर रखा।\n\nदूसरी ओर, सोने की कीमतों में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। कमजोर डॉलर और वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध के कारण निवेशकों ने सोने को प्राथमिकता दी, जिससे पीली धातु शुरुआती यूरोपीय सत्र में 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से काफी ऊपर मजबूती से टिकी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने बिना ब्याज वाली इस सुरक्षित धातु को अतिरिक्त ताकत प्रदान की है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी राजनीतिक बदलाव और डॉलर में आई कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात और मुद्रा विनिमय दरों पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• भारत में: यदि वैश्विक स्तर पर डॉलर कमजोर बना रहता है, तो भारतीय रुपये को विदेशी पूंजी निकासी के दबाव से कुछ राहत मिल सकती है। इससे कच्चे तेल और आयातित वस्तुओं के बिल में स्थिरता आ सकती है, जिसका फायदा आने वाले हफ्तों में घरेलू मुद्रास्फीति नियंत्रण के रूप में देखने को मिल सकता है।\n• विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: 0.8220 के स्तर को एक सख्त प्रतिरोध माना जा रहा है, जिसे पार किए बिना डॉलर में नई तेजी की संभावना नहीं है। अल्पकालिक ट्रेडर्स 0.8121 से 0.8050 के समर्थन स्तरों पर नजर रखकर अपने स्टॉप-लॉस को व्यवस्थित कर सकते हैं।\n• सोने और सुरक्षित संपत्तियों के निवेशकों के लिए: कमजोर डॉलर और गिरती बॉन्ड यील्ड के कारण सुरक्षित संपत्तियों की मांग में उछाल आया है। इसके प्रभाव से सोने की कीमतें 4,000 डॉलर के ऊपर टिकी हुई हैं, जिससे आभूषण और बुलियन निवेशकों के लिए कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।\n• अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए: यदि अमेरिकी मुद्रा का रुख कमजोर रहता है, तो डॉलर आधारित विदेशी खर्चों में थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि स्विस फ्रैंक जैसी सुरक्षित मुद्राओं में यात्रा या अध्ययन करने वालों को अधिक स्थानीय लागत का सामना करना पड़ेगा क्योंकि फ्रैंक लगातार मजबूत हो रहा है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी की हार और संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण ने वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस राजनीतिक झटके से अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आई और निवेशकों ने डॉलर बेचकर सुरक्षित माने जाने वाले स्विस फ्रैंक का रुख किया।\n\n• चुनावी हार और सत्ता का संतुलन: डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और कांग्रेस दोनों पर कब्जा कर लिया और कंसास, नॉर्थ कैरोलिना व टेक्सास जैसे रिपब्लिकन गढ़ों को जीत लिया। इस व्यापक पराजय ने राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे और आर्थिक नीतियों पर सवालिया निशान लगा दिया है।\n• वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की आशंका: दोनों सदनों पर विपक्ष के नियंत्रण से अगले साल गर्मियों से अमेरिकी सरकारी कामकाज के लंबे समय तक ठप होने का खतरा बढ़ गया है। विधायी गतिरोध की इस संभावना ने डॉलर की भविष्य की साख और निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है।\n• सुरक्षित संपत्तियों की मांग और गिरती बॉन्ड यील्ड: राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को नीचे खींच लिया, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं। इसके चलते निवेशकों ने भारी मात्रा में पूंजी सुरक्षित मुद्रा स्विस फ्रैंक और सोने की तरफ स्थानांतरित कर दी।\n• तकनीकी डबल टॉप पैटर्न: चार्ट पर 0.8380 के स्तर के पास बने डबल टॉप फॉर्मेशन और 0.8220 पर मिली अस्वीकृति ने बिकवाली के दबाव को तकनीकी रूप से और अधिक बढ़ा दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद डॉलर बनाम स्विस फ्रैंक में क्या बदलाव आया?\nडॉलर बनाम स्विस फ्रैंक आठ सप्ताह के निचले स्तर 0.8127 तक गिरने के बाद हल्का संभलकर 0.8159 से 0.8160 के पास आ गया, जो दैनिक रूप से 0.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है।\n\n2. अमेरिकी चुनाव में किन प्रमुख राज्यों के परिणाम चौंकाने वाले रहे?\nडेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और कांग्रेस पर नियंत्रण करते हुए रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाने वाले कंसास, नॉर्थ कैरोलिना और टेक्सास जैसे राज्यों में जीत हासिल की।\n\n3. डॉलर बनाम स्विस फ्रैंक के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nजोड़ी के लिए 0.8220 का स्तर अहम प्रतिरोध है, जबकि नीचे की ओर 0.8130, 0.8121 और 0.8050 से 0.8070 का दायरा प्रमुख समर्थन स्तर हैं।\n\n4. आईएनजी के विश्लेषक क्रिस टर्नर ने डॉलर की स्थिति पर क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स के जनवरी में पदभार संभालने और ट्रंप द्वारा नतीजों को स्वीकार करने से गिरावट थमी है, लेकिन डेमोक्रेटिक कांग्रेस और संभावित शटडाउन डॉलर के लिए नकारात्मक बने रहेंगे।\n\n5. डॉलर की गिरावट का असर सोने की कीमतों पर कैसा रहा?\nकमजोर डॉलर और गिरती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, जिससे सोना 4,000 डॉलर के स्तर से ऊपर मजबूती से बना रहा।\n\n6. जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर इस घटनाक्रम का क्या प्रभाव पड़ा?\nडॉलर बनाम येन गिरकर 158.00 के नीचे एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6965 के आसपास स्थिर बना रहा।",
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