अमेरिकी डॉलर में गिरावट से यूरो में तेजी, 1.1725 के स्तर की तरफ बढ़ा EUR/USD अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा तरलता सहायता बायबैक बढ़ाने और 40 ट्रिलियन डॉलर के राष्ट्रीय कर्ज के दबाव के बीच अमेरिकी डॉलर में लगातार कमजोरी दर्ज की जा रही है। इसका सीधा फायदा यूरो और सोने को मिल रहा है, जहां EUR/USD 1.1725 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे यूरो और अन्य प्रमुख मुद्राओं को मजबूती मिल रही है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (EUR/USD) इस समय 1.17 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर से 0.19 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। हालिया कारोबारी सत्रों में डॉलर सूचकांक में दर्ज की गई गिरावट के कारण यूरो खरीदार 1.1700 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के प्रयास में लगे हुए हैं। यदि यह तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में यह जोड़ी 1.1725 के स्तर तक पहुंच सकती है। यूओबी का अनुमान और अल्पकालिक मूल्य रुझान बैंकिंग और वित्तीय सेवा समूह यूओबी द्वारा प्रस्तुत किए गए बाजार आउटलुक के अनुसार, यूरो में तेजी का यह दायरा और विस्तृत हो सकता है। दो दिन पहले दर्ज की गई 1.1679 की तेज बढ़त के बाद जब EUR 1.1675 के स्तर पर था, तब विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि इस रैली में और उछाल देखने को मिल सकता है। यद्यपि प्रारंभिक अनुमानों में कारोबारी सीमा 1.1635 से 1.1700 के मध्य रहने की संभावना जताई गई थी, परंतु बाजार ने ऊपरी सीमा को तोड़ते हुए 1.1710 का उच्च स्तर छुआ और अंततः 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 1.1678 पर बंद हुआ। वर्तमान में यूरो में ऊपर की ओर जाने वाली गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी जल्द किसी बड़े पुलबैक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। अल्पकालिक ट्रेडिंग के लिहाज से EUR/USD के 1.1655 से 1.1715 के सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। 1.1700 से ऊपर मजबूती से टिकने के बाद नए खरीदार बाजार में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे 1.1725 का अगला लक्ष्य हासिल होना आसान हो जाएगा। यूएस ट्रेजरी बायबैक, कर्ज का बोझ और डॉलर पर दबाव अमेरिकी मुद्रा में जारी इस कमजोरी के पीछे केवल तकनीकी कारक ही नहीं हैं, बल्कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अप्रत्याशित कदम भी मुख्य कारण हैं। ट्रेजरी विभाग ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर वित्तीय प्रणाली में तरलता सहायता प्रदान करने के लिए बांड बायबैक कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा की है। इस नए आदेश के तहत 10 वर्ष से 20 वर्ष और 20 वर्ष से 30 वर्ष के दीर्घकालिक बांड क्षेत्रों में प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी। बाजार में तरलता बढ़ाने के इस कदम के साथ-साथ अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर की अभूतपूर्व सीमा के बेहद करीब पहुंच गया है। वित्तीय विश्लेषक माइक महारे ने अर्थव्यवस्था के इस बढ़ते ऋण संकट पर प्रकाश डालते हुए चेतावनी दी है कि 1.4 ट्रिलियन डॉलर का विशाल प्राइवेट क्रेडिट बाजार वित्तीय स्थिरता के लिए एक नया जोखिम बनकर उभर रहा है। ट्रेजरी बांड्स की अतिरिक्त खरीदारी और कर्ज के गहराते संकट ने निवेशकों का भरोसा डॉलर से घटाकर अन्य सुरक्षित संपत्तियों और विदेशी मुद्राओं की ओर मोड़ दिया है। क्रॉस-मार्केट प्रभाव: ब्रिटिश पाउंड और सोने में उछाल अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने का व्यापक प्रभाव वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3650 के आसपास सकारात्मक क्षेत्र में बना रहा। हालांकि ब्रिटेन के खुदरा बिक्री (रिटेल सेल्स) के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आए थे, फिर भी डॉलर की व्यापक कमजोरी के कारण पाउंड अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। दूसरी ओर, कीमती धातुओं में भी जोरदार खरीदारी देखी जा रही है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोना 4,544 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचकर जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया। सोने की कीमतों में यह तेजी 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर से ऊपर बनी हुई है। मुद्रा अवमूल्यन और राजकोषीय अनिश्चितता के इस दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तकनीकी संकेतक और महत्वपूर्ण स्तर EUR/USD के लाइव तकनीकी आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार का रुझान स्पष्ट रूप से तेजी (बुलिश) की ओर बना हुआ है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) 73 पर पहुंच चुका है, जो ओवरब्रॉट स्थिति को दर्शाता है और बाजार में मजबूत खरीदारी का संकेत देता है। इसके अलावा 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 1.15 और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) 1.15 पर स्थित हैं, जबकि 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA200) 1.16 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट प्रदान कर रहा है। बोलिंगर बैंड (20,2) की सीमा 1.14 से 1.17 के बीच है, जिसमें मौजूदा कीमत ऊपरी बैंड को स्पर्श कर रही है। ट्रेंड की मजबूती को मापने वाला ADX संकेतक 34 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है। स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 93 और सिग्नल लाइन 77 पर बनी हुई है। बाजार में दैनिक उतार-चढ़ाव (ATR 14) 0.01 के आसपास है। तकनीकी स्तरों के आधार पर 1.17 का स्तर पिवट पॉइंट के रूप में कार्य कर रहा है, जहां 1.14 के पास मजबूत सपोर्ट और 1.17 से 1.1725 के बीच मुख्य रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। इसका आप पर असर निवेशकों और फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: अमेरिकी डॉलर में लगातार कमजोरी और यूएस ट्रेजरी बांड बायबैक के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में तेजी का माहौल है, लेकिन ओवरब्रॉट आरएसआई (RSI 73) को देखते हुए नए लॉन्ग पोजीशन लेने से पहले सावधानी जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो और पाउंड की मजबूती के कारण यूरोप और ब्रिटेन की यात्रा, पढ़ाई और ठहरने के खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। सवाल-जवाब 1. यूओबी के अनुसार EUR/USD का अगला प्रमुख लक्ष्य क्या है? यूओबी के विश्लेषकों के अनुसार यूरो में 1.1725 के स्तर तक बढ़त की गुंजाइश बनी हुई है, यदि यह 1.1700 के प्रतिरोध स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लेता है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी की नई बायबैक योजना का डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ा है? अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा 10 से 30 साल के बांड की तरलता बढ़ाने के लिए बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है, जिससे बाजार में डॉलर की तरलता बढ़ी है और डॉलर पर दबाव आया है। 3. अमेरिका के कर्ज और क्रेडिट बाजार को लेकर क्या चिंताएं उठाई गई हैं? अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े के करीब पहुंच रहा है, वहीं 1.4 ट्रिलियन डॉलर के प्राइवेट क्रेडिट बाजार में बढ़ते वित्तीय जोखिमों को लेकर चेतावनी दी गई है। 4. डॉलर में कमजोरी का सोने और ब्रिटिश पाउंड पर क्या असर पड़ा है? कमजोर यूएस रिटेल सेल्स के बावजूद GBP/USD 1.3650 के आसपास मजबूत बना रहा, जबकि सोना 4,544 डॉलर प्रति औंस के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/us-dollar-men-giravata-se-yuro-men-teji-1-1725-ke-stara-ki-tarapha-barha-eur-usd-19559 TrendKia — Har trend, sabse pehle.