अमरीकी डॉलर में नरमी के बीच कैनेडियन डॉलर में तेजी, स्कॉटियाबैंक ने 1.35 के स्तर का जताया अनुमान स्कॉटियाबैंक के विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कैनेडियन डॉलर की मजबूती के पीछे मजबूत बुनियादी कारकों और तकनीकी संकेतों को मुख्य वजह बताया है, जबकि अमरीकी ट्रेजरी के नए कदमों से वैश्विक बाजारों पर असर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर के कमजोर पड़ने के कारण कैनेडियन डॉलर में लगातार मजबूती दर्ज की जा रही है। स्कॉटियाबैंक के विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार बुनियादी बाजार परिस्थितियों और तकनीकी संकेतकों के गठजोड़ से कैनेडियन डॉलर आने वाले सत्रों में और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इस तेजी के बीच तकनीकी विश्लेषक अमरीकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर के 1.35 के स्तर तक पहुंचने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। स्कॉटियाबैंक ने कैनेडियन डॉलर की मजबूती के बताए मुख्य कारण स्कॉटियाबैंक के रणनीति विशेषज्ञ शॉन ओसबोर्न और एरिक थियोरेट के विश्लेषण के अनुसार कैनेडियन डॉलर को कई प्रमुख मोर्चों से समर्थन मिल रहा है। अमरीकी डॉलर में समग्र रूप से बनी नरमी और उच्च जोखिम वाली मुद्राओं में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने कैनेडियन डॉलर को बढ़त दिलाई है। इसके अलावा short-term बॉन्ड यील्ड के अंतर में आई कमी भी इसके पक्ष में काम कर रही है। हालांकि यह अंतर जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, फिर भी यह काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है। साथ ही अमरीका और कनाडा के बीच जारी व्यापारिक अनिश्चितताओं के धीरे-धीरे समाप्त होने से भी मुद्रा को मजबूती मिल रही है। विदेशी मुद्रा सत्र के दौरान कैनेडियन डॉलर ने यूरोपीय मुद्राओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, हालांकि यह ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले थोड़ा पीछे रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अंतर्निहित बुनियादी कारक कैनेडियन डॉलर के पक्ष में बने हुए हैं। तकनीकी विश्लेषण में 1.35 के स्तर की ओर संकेत तकनीकी चार्ट पर USD/CAD की जोड़ी मई और जून के दौरान अमरीकी डॉलर में आई तेजी के बड़े हिस्से को वापस गंवाती दिख रही है। 1.3817 के रिट्रेसमेंट सपोर्ट से नीचे लगातार बने रहने और intraday, दैनिक तथा साप्ताहिक DMI इंडिकेटर्स के नकारात्मक रुख से तकनीकी ध्यान निचले स्तरों पर केंद्रित हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट USD/CAD को 1.3550 के स्तर तक ले जा सकती है। वीकेंड से ठीक पहले यह करेंसी पेयर 1.3715 से 1.3730 के बीच स्थित मध्यम अवधि के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है। यदि यह जोड़ी इस सपोर्ट स्तर को तोड़कर नीचे आती है, तो अगला लक्ष्य 1.35 का हैंडल होगा। ऊपर की ओर रेजिस्टेंस का स्तर 1.3795 से 1.3800 के बीच देखा जा रहा है। वैश्विक बाजारों और कमोडिटी पर अमरीकी डॉलर की गिरावट का प्रभाव अमरीकी डॉलर की व्यापक कमजोरी का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी देखा जा रहा है। ब्रिटेन के सकारात्मक PMI आंकड़ों के दम पर GBP/USD ने फरवरी के बाद का अपना उच्चतम स्तर 1.3670 पार किया, जिसके बाद यह 1.3650 से थोड़ा नीचे कारोबार करने लगा। वहीं अमरीकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक बॉन्ड की खरीदारी बढ़ाने के फैसले के बाद अमरीकी डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। दूसरी ओर EUR/USD यूरोपीय सत्र की शुरुआती तेजी के बाद सुधरकर 1.1700 से नीचे आ गया। जर्मनी और यूरोज़ोन के मिश्रित PMI आंकड़ों के बावजूद अमरीकी डॉलर की कमजोरी ने इस जोड़ी को सहारा दिया है, जबकि बाजार प्रतिभागी अमरीका के आगामी PMI आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सोने के बाजार में भी तेजी का रुख है, जहां निवेशक छह महीने के उच्चतम स्तर $4,600 के रेजिस्टेंस जोन को दोबारा छूने का लक्ष्य बना रहे हैं। क्रिप्टो बाजार में उछाल और अमरीकी ट्रेजरी का बड़ा कदम क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन के $77,000 के पार पहुंचने के साथ ही लिवाली का माहौल देखा गया। एथेरियम $2,400 के करीब और रिपल $1.35 के पास कारोबार करते हुए बिटकॉइन की तेजी का अनुसरण कर रहे हैं। बाजार में इस तरलता का बड़ा कारण अमरीकी ट्रेजरी विभाग की हालिया घोषणा है। बुधवार को 12:32 GMT पर जारी बयान में ट्रेजरी ने 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक संचालन का दायरा दोगुना करने की बात कही है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। अमरीकी PMI आंकड़ों से हल्की सुस्ती के संकेत आर्थिक संकेतकों के तहत एसएंडपी ग्लोबल द्वारा अगस्त के प्रारंभिक अमरीकी Purchasing Managers' Indices (PMI) आंकड़े जारी किए जाने हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि अमरीकी आर्थिक गतिविधियों में हल्की सुस्ती आ सकती है। विनिर्माण क्षेत्र का PMI जुलाई के 53.9 से घटकर 53.8 रहने का अनुमान है, जबकि सेवा क्षेत्र का PMI जुलाई के 54.6 के मुकाबले घटकर 54.0 रहने की उम्मीद जताई गई है। इसका आप पर असर • भारत में: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर के कमजोर पड़ने से भारतीय रुपये को वैश्विक दबाव से राहत मिल सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: कमोडिटी, क्रिप्टोकरेंसी और प्रमुख विदेशी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से वैश्विक पोर्टफोलियो रणनीतियों पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. कैनेडियन डॉलर अमरीकी डॉलर के मुकाबले क्यों मजबूत हो रहा है? स्कॉटियाबैंक के अनुसार अमरीकी डॉलर में गिरावट, हाई-बीटा मुद्राओं की मांग, बॉन्ड यील्ड अंतर में कमी और अमेरिका-कनाडा व्यापार तनाव कम होने से कैनेडियन डॉलर मजबूत हो रहा है। 2. USD/CAD के लिए विश्लेषक किन तकनीकी स्तरों पर नजर रख रहे हैं? विश्लेषक 1.3715 से 1.3730 के बीच मध्यम अवधि के सपोर्ट पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि 1.3550 और 1.35 के स्तर तक गिरावट का लक्ष्य रखा गया है। रेजिस्टेंस 1.3795 से 1.3800 पर है। 3. अमरीकी ट्रेजरी की घोषणा का वित्तीय बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ा है? अमरीकी ट्रेजरी ने दीर्घकालिक बॉन्ड के लिए बायबैक संचालन का दायरा बढ़ाकर न्यूनतम $4 अरब कर दिया है, जिससे अमरीकी डॉलर पर दबाव बना है और सोना तथा क्रिप्टोकरेंसी मजबूत हुए हैं। 4. इस बाजार हलचल के बीच सोने और बिटकॉइन की क्या स्थिति है? सोना $4,600 के छह महीने के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ रहा है, जबकि बिटकॉइन $77,000 के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही एथेरियम $2,400 और रिपल $1.35 के करीब कारोबार कर रहे हैं। 5. आने वाले अमरीकी PMI आंकड़ों से क्या उम्मीदें हैं? अनुमान के अनुसार अगस्त का विनिर्माण PMI घटकर 53.8 (जुलाई में 53.9) और सेवा क्षेत्र का PMI घटकर 54.0 (जुलाई में 54.6) रहने की संभावना है। https://trendkia.com/market/us-dollar-men-narami-ke-bicha-canadian-dollar-men-teji-scotiabank-ne-1-35-ke-stara-ka-jataya-anumana-19715 TrendKia — Har trend, sabse pehle.