यूएस डॉलर में रिकवरी के बीच 1.3655 के स्तर पर थम सकती है GBP/USD की तेजी ब्रिटिश पाउंड में हालिया उछाल के बाद GBP/USD 1.3600 के करीब बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों पर ओवरबॉट स्थिति और 1.3655 का कड़ा रेजिस्टेंस पाउंड की आगे की बढ़त को सीमित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की गिरावट थमने से ब्रिटिश पाउंड की तेजी की रफ्तार पर ब्रेक लगता दिख रहा है। गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई, जो 11 मई के बाद का उच्चतम स्तर छूने के बाद थोड़ा नीचे आई है। विदेशी मुद्रा बाजार में ट्रेडर अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक योजना के ऐलान के बाद स्थिति का आकलन कर रहे हैं। इसके साथ ही आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और मिडिल ईस्ट से आ रही खबरों पर भी बाजार की निगाह बनी हुई है। यूओबी के बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटिश पाउंड में हालिया उछाल के बाद अब 1.3655 का स्तर एक मजबूत रुकावट यानी रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। GBP/USD के लिए तकनीकी आउटलुक और प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर बाजार के 24 घंटे के दृष्टिकोण का विश्लेषण करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि बुधवार को ब्रिटिश पाउंड उछलकर 1.3630 के उच्च स्तर तक पहुंचा था और बाद में थोड़ा हल्का होकर 1.3606 पर बंद हुआ, जिसमें 0.55 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, इतनी तीव्र बढ़त के बाद तकनीकी संकेतकों पर पाउंड अत्यधिक ओवरबॉट स्थिति दर्शा रहा है। इस कारण बाजार में तत्काल लगातार तेजी की बजाय 1.3570 से 1.3630 के दायरे में कंसोलिडेशन देखने की अधिक संभावना जताई जा रही है। लंबी अवधि यानी 1 से 3 सप्ताह के परिदृश्य की बात करें तो 17 अगस्त सोमवार को जब स्पॉट रेट 1.3540 पर था, तब पाउंड में तेजी का रुख कायम रहने की बात कही गई थी, लेकिन 1.3600 पर कड़े रेजिस्टेंस का अंदेशा जताया गया था। बुधवार को अचानक आए उछाल में पाउंड ने 1.3600 का स्तर तोड़ते हुए 1.3630 का नया उच्चतम स्तर हासिल कर लिया। यद्यपि पाउंड में आगे भी बढ़त की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स पर नेगेटिव डायवर्जेंस बनने के कारण इस बार 1.3655 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक पाउंड 1.3535 के मजबूत सपोर्ट स्तर (जो पहले 1.3510 था) के नीचे नहीं जाता, तब तक 1.3655 के स्तर तक पहुंचने की संभावना बनी रहेगी। EUR/USD में सुस्ती और मुद्रा बाजार की व्यापक स्थिति दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (EUR/USD) गुरुवार को यूरोपीय सत्र में 1.1700 के स्तर के ठीक नीचे बुलिश कंसोलिडेशन के दौर में प्रवेश कर गई है। इससे पहले EUR/USD ने मई के अंत के बाद का अपना सबसे उच्चतम स्तर छुआ था। ट्रेडर अब 1.1700 के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि नई खरीदारी के सौदे बनाए जा सकें। अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड बायबैक योजना के कारण डॉलर में आई गिरावट के बाद अब स्थिरता दिख रही है, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में सतर्कता का माहौल है। निवेशकों का ध्यान अब आगामी अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों और ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक गतिविधियों पर टिका है। सोने की कीमतों में मुनाफावसूली और एफओएमसी मिनट्स का असर कमोडिटी बाजार में गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह $4,500 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि, सोना अभी भी जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है, जो उसने गुरुवार को शुरुआती सत्र में हासिल किया था। एफओएमसी के आक्रामक यानी हॉकिश मिनट्स सामने आने के बाद अमेरिकी डॉलर अपने तीन महीने के निचले स्तर से उबरकर स्थिर हुआ है, जिससे सर्राफा बाजार में लिवालों ने कुछ मुनाफा वसूली की है। इसके बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड Yields में आई गिरावट ने सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट को रोकने में मदद की है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी और प्रमुख ऑल्टकॉइन्स का प्रदर्शन डिजिटल एसेट बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से मिली तरलता के कारण गुरुवार को प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में रिकवरी देखने को मिली। रिपल (XRP), सोलाना (SOL) और कार्डानो (ADA) जैसे प्रमुख टोकन मजबूती के साथ बने हुए हैं। तकनीकी चार्ट पर XRP और SOL में और तेजी के संकेत मिल रहे हैं, जबकि ADA अपनी हालिया बढ़त को गंवाने के जोखिम में है। रिपल का XRP टोकन पिछले दिन 10 प्रतिशत के बड़े उछाल के बाद $1.0951 के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा फैसला: बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम का विस्तार बुधवार को 12:32 GMT पर अमेरिकी वित्त विभाग (ट्रेजरी) ने अपने तय शेड्यूल से हटकर एक बड़ा ऐलान किया, जिसने बाजार को चौंका दिया। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले क्षेत्रों में अपनी तरलता सहायता बायबैक नीलामी का आकार कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन किया जाएगा। यह नया नियम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम से वित्तीय बाजारों को अतिरिक्त तरलता मिलने की उम्मीद है, जिससे बॉन्ड मार्केट और जोखिम परिसंपत्तियों को समर्थन मिल रहा है। इसका आप पर असर फॉरेक्स और करेंसी ट्रेडर: GBP/USD पर 1.3655 और EUR/USD पर 1.1700 के रेजिस्टेंस लेवल महत्वपूर्ण हैं, जहां डॉलर की रिकवरी से तेजी सुस्त पड़ सकती है। गोल्ड और कमोडिटी निवेशक: $4,500 के करीब सोने की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का रुख सर्राफा बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बनाए रखेगा। क्रिप्टो निवेशक: ट्रेजरी बायबैक के बाद XRP ($1.0951) और SOL में बढ़त का रुख है, जबकि ADA में सतर्क रहने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. GBP/USD के लिए कौन सा रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर महत्वपूर्ण है? GBP/USD के लिए 1.3655 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 1.3535 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक योजना में क्या बदलाव किया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल की परिपक्वता वाले बॉन्ड बायबैक ऑपरेशंस की सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया है। 3. सोने की कीमतों में मामूली गिरावट क्यों आई? एफओएमसी के हॉकिश मिनट्स के बाद अमेरिकी डॉलर के तीन महीने के निचले स्तर से उबारने के कारण निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली की। 4. क्रिप्टो बाजार में XRP का प्रदर्शन कैसा रहा? रिपल का XRP टोकन पिछले दिन 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने के बाद $1.0951 के आसपास मजबूती से कारोबार कर रहा है। 5. EUR/USD की वर्तमान स्थिति क्या है? EUR/USD यूरोपीय कारोबारी सत्र में 1.1700 के स्तर के ठीक नीचे कंसोलिडेशन मोड में बना हुआ है। https://trendkia.com/market/us-dollar-men-rikavari-ke-bicha-1-3655-ke-stara-para-thama-sakati-hai-gbp-usd-ki-teji-18807 TrendKia — Har trend, sabse pehle.