अमेरिकी डॉलर में सुस्ती के बीच दायरे में सिमटा USD/CAD, वैश्विक ऊर्जा घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी नजरें कमजोर अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और कनाडा के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद USD/CAD 1.4250 के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार और प्रमुख मुद्राओं के उतार-चढ़ाव के बीच तकनीकी संकेतक सीमित दायरे में कारोबार के संकेत दे रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ USD/CAD सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। शुक्रवार को 1.4300 के उच्च स्तर को छूने के बाद यह जोड़ी घटकर 1.4250 के आसपास आ गई है। सितंबर महीने में लगभग 3.5 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज करने के बाद वर्तमान में यह जोड़ी अपने लाभ को समेटते हुए कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रही है। पिछले सप्ताह के अंत में जारी हुए आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने बाजार की दिशा को काफी हद तक प्रभावित किया है। कमजोर अमेरिकी आंकड़ों ने डॉलर की तेजी पर लगाया ब्रेक अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े हालिया आंकड़ों ने डॉलर की बढ़त की रफ्तार को सीमित कर दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा पिछले शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में उपभोक्ता भावना गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तरों के करीब पहुंच गई। ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ती जीवन-यापन लागत अमेरिकी उपभोक्ताओं के असंतोष की मुख्य वजह बनी हुई है। घरेलू खर्च और धारणा पर पड़ रहे इस दबाव के चलते निवेशकों ने अमेरिकी मुद्रा में आक्रामक खरीदारी से परहेज किया है। कनाडा में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5 प्रतिशत पर पहुंची दूसरी तरफ, कनाडा के सितंबर रोजगार आंकड़े भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाने में नाकाम रहे हैं। वहां शुद्ध नौकरियों में अनुमान से अधिक तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर अगस्त के 6.4 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 6.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। श्रम बाजार में इस कमजोरी के कारण कनाडाई डॉलर को भी कोई खास सहारा नहीं मिल सका, जिससे दोनों मुद्राओं के बीच का संतुलन लगभग बराबरी पर बना रहा। ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव भू-राजनीतिक मोर्चे पर एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की। यह घोषणा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बिना परामर्श किए की गई लगती है और इस पर अब तक रूसी पक्ष से भी कोई पुष्टि नहीं आई है। इस घोषणा के तुरंत बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, जैसे ही इस कथित समझौते के विवरण सामने आए, तेल की कीमतों ने अपने अधिकांश नुकसान की भरपाई कर ली। ऊर्जा बाजार की इस अनिश्चितता ने कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं पर सीधा असर डाला है। तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख स्तर तकनीकी चार्ट पर USD/CAD जोड़ी पिछले दो हफ्तों के 1.4200 से 1.4300 के दायरे के बीच कारोबार कर रही है। सितंबर में 17 महीने के उच्चतम स्तर तक पहुंचने के बाद यह जोड़ी अब स्थिरता तलाश रही है। 4-घंटे के चार्ट पर मोमेंटम काफी धीमा नजर आ रहा है, जहां रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के स्तर के ठीक ऊपर बना हुआ है और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस शून्य के आसपास सपाट है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, USD/CAD वर्तमान में 1.42 पर है, जो पिछले बंद स्तर 1.42 से 0.15 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.35 से 1.43 के बीच रहा है और वॉल्यूम 20-दिन के औसत के 1.00 गुना पर है। 14-दिवसीय RSI 68 के स्तर पर है, जबकि MACD 0.01 पर सिग्नल 0.01 के मुकाबले 0.00 हिस्टोग्राम के साथ बुलिश रुझान दिखा रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय EMA 1.41, 50-दिवसीय EMA 1.40 और 200-दिवसीय EMA 1.39 पर स्थित हैं, जहां 50-दिवसीय EMA के 200-दिवसीय EMA से ऊपर रहने के कारण गोल्डन क्रॉस बना हुआ है और कीमत दीर्घकालिक अपट्रेंड में है। 20-अवधि के बॉलिंजर बैंड 1.39 से 1.44 के बीच फैले हैं और कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। एडीएक्स 41 पर ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 78 और सिग्नल लाइन 80 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर दैनिक अस्थिरता दर्शाता है। वर्तमान में 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 1.39 और रेजिस्टेंस लगभग 1.43 पर मौजूद है, जिसमें दैनिक पिवट 1.43, रेजिस्टेंस R1 और R2 1.43 पर तथा सपोर्ट S1 और S2 1.42 पर स्थित हैं। अन्य वैश्विक मुद्राओं और बाजारों का हाल वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, जहां यह स्विस फ्रैंक के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में नजर आया। छुट्टियों के कारण पतली लिक्विडिटी के बीच एशियाई सत्र में AUD/USD एक मामूली मंदी भरे अंतर को भरने के बाद भी 0.7000 से नीचे बना रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के मल्टी-ईयर हाई से पीछे हटने के बावजूद डॉलर ने उछाल की कोशिश की, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सीमित रहा। इसके अलावा नवंबर में आरबीए द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बनाए रखा। USD/JPY की जोड़ी 158.00 से ऊपर दायरे में बनी रही। जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप की अटकलों के बीच खरीदार सतर्क हैं, जबकि नरम अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने डॉलर की बढ़त को रोके रखा है। जापान और अमेरिका में छुट्टी के चलते कम तरलता के बीच भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं डॉलर के नुकसान को सीमित कर रही हैं। कमोडिटी और अन्य परिसंपत्तियों की बात करें तो सोना सोमवार को एक सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूने के बाद यूरोपीय सत्र में फिसलकर 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया, जिससे उसकी दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने डॉलर को सहारा दिया और बिना ब्याज वाली पीली धातु की तेजी को रोक दिया। वहीं, डिजिटल संपत्तियों में कार्डानो (ADA) पिछले सप्ताह 2.85 प्रतिशत के सुधार के बाद सोमवार को प्रमुख सपोर्ट ज़ोन से ऊपर आ गया। कॉइनग्लास का ADA लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात 1.01 पर पहुंचते हुए डेरिवेटिव्स बाजार में सुधरती धारणा को दर्शा रहा है। दूसरी ओर, भारतीय रुपया (INR) सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज बढ़त के साथ खुलने के बाद 95.80 के करीब संभला रहा, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की मांग नियंत्रित करने के नए कदमों से सहारा मिला है। इसका आप पर असर विदेशी मुद्रा और तेल बाजार में यह सीमित उतार-चढ़ाव आयातकों, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और वैश्विक निवेशकों के लिए सीधे तौर पर प्रासंगिक है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: USD/CAD का 1.4200 से 1.4300 के दायरे में बने रहना रेंज-बाउंड रणनीतियों के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। प्रमुख स्तरों के टूटने तक कड़े स्टॉप-लॉस का उपयोग जोखिम को कम करने में मदद करेगा। • ऊर्जा और ईंधन खरीदारों के लिए: तेल की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की गिरावट के बाद आई रिकवरी यह दर्शाती है कि ईंधन बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी। खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी बड़े बदलाव से पहले वैश्विक आपूर्ति पर स्पष्टता का इंतजार करना होगा। • भारतीय आयातकों और प्रवासियों के लिए: रुपये के 95.80 के करीब स्थिर होने और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से डॉलर की लागत पर तात्कालिक दबाव घटा है। विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और आयात बिल का भुगतान करने वाले व्यवसायियों को विनिमय दरों पर निगरानी रखनी चाहिए। • सोना और कमोडिटी निवेशकों के लिए: सोने का 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलना फेडरल रिजर्व के रुख की सख्ती को दर्शाता है। सुरक्षित निवेश चाहने वालों को मौजूदा स्तरों पर आक्रामक दांव लगाने से पहले ब्याज दरों के रुझान पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर और कनाडाई डॉलर की जोड़ी में यह ठहराव विरोधाभासी आर्थिक आंकड़ों और अप्रत्याशित भू-राजनीतिक घोषणाओं के चलते देखने को मिला है। दोनों प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कमजोरी के संकेत मिलने से किसी एक मुद्रा को स्पष्ट दिशा नहीं मिल पाई। • कमजोर उपभोक्ता धारणा का प्रभाव: यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के आंकड़ों में उच्च ऊर्जा लागत के कारण अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास ऐतिहासिक निचले स्तरों के पास पहुंचा। इस आंकड़े ने डॉलर के हालिया रैली को रोकते हुए निवेशकों के रुख को रक्षात्मक बना दिया। • कनाडा के श्रम बाजार में गिरावट: सितंबर में कनाडा की बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गई और शुद्ध नौकरियों में उम्मीद से ज्यादा गिरावट आई। घरेलू अर्थव्यवस्था के इस कमजोर प्रदर्शन ने कनाडाई डॉलर को तेजी का लाभ उठाने से रोक दिया। • अपुष्ट ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम के ऐलान से कच्चे तेल में 2.5 प्रतिशत की त्वरित गिरावट आई। हालांकि संबंधित पक्षों की पुष्टि न होने और विवरण सामने आने के बाद तेल ने नुकसान की भरपाई की, जिससे बाजार असमंजस में रहा। सवाल-जवाब 1. USD/CAD वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? USD/CAD वर्तमान में 1.4250 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो शुक्रवार के 1.4300 के उच्च स्तर से नीचे है। 2. अक्टूबर में अमेरिकी उपभोक्ता भावना में गिरावट क्यों आई? यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के अनुसार, ऊंची ऊर्जा कीमतों से जीवन-यापन की लागत बढ़ने के कारण उपभोक्ता भावना ऐतिहासिक निचले स्तरों के करीब आ गई। 3. कनाडा की बेरोजगारी दर सितंबर में कितनी दर्ज की गई? कनाडा की बेरोजगारी दर सितंबर में बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 6.4 प्रतिशत थी। 4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का क्या कारण रहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी। 5. सोना यूरोपीय सत्र में किस स्तर से नीचे फिसला? सोमवार को एक सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूने के बाद सोना यूरोपीय सत्र में 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया। 6. भारतीय रुपये की स्थिति अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैसी रही? भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर मांग को नियंत्रित करने के कदमों के बाद रुपया मजबूत होकर 95.80 के करीब स्थिर रहा। https://trendkia.com/market/us-dollar-men-susti-ke-bicha-dayare-men-simata-usd-cad-vaishvika-urja-ghatanakrama-aura-arthika-ankaron-para-tiki-najaren-46772 TrendKia — Har trend, sabse pehle.