डॉलर में सुस्ती के बीच वैश्विक बाजारों की नजर चीन की जीडीपी और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर टिकी अमेरिकी डॉलर में गिरावट और फेडरल रिजर्व के बयानों के बाद निवेशक अब चीन के तीसरी तिमाही के विकास आंकड़ों, वैश्विक पीएमआई और कई केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों पर फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव गहराता जा रहा है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में नई हलचल देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में 103.00 के कड़े स्तर को छूने की कोशिश करने के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) फिसलकर दो सप्ताह के निचले स्तर लगभग 101.60 के दायरे में आ गया है। इस गिरावट ने अन्य प्रमुख मुद्राओं को संभलने का अवसर दिया है, जबकि दुनिया भर के ट्रेडर आने वाले दिनों में आने वाले बड़े आर्थिक आंकड़ों की तैयारी में जुट गए हैं। आगामी कारोबारी सप्ताह वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, क्योंकि इसमें चीन के विकास आंकड़े, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले सामने आने हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था का व्यस्त कैलेंडर और आगामी आंकड़े अमेरिकी डॉलर की चाल को तय करने के लिए अगले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें आने वाली हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करने के लिए 19 अक्टूबर को एनएएचबी हाउसिंग मार्केट इंडेक्स जारी किया जाएगा। इसके अगले ही दिन यानी 20 अक्टूबर को निजी रोजगार से जुड़ा एडीपी एम्प्लॉयमेंट चेंज वीकली आंकड़ा आएगा। इसी तारीख को पेंडिंग होम सेल्स, हाउसिंग स्टार्ट्स और बिल्डिंग परमिट्स जैसे रियल एस्टेट संकेतक भी जारी किए जाएंगे, जिससे निर्माण क्षेत्र की मांग का अंदाजा मिलेगा। कच्चे तेल के मोर्चे पर 20 अक्टूबर को एपीआई की साप्ताहिक क्रूड इन्वेंट्री रिपोर्ट आएगी। इसके बाद 21 अक्टूबर को मॉर्गेज बैंकर्स एसोसिएशन की ओर से एमबीए मॉर्गेज एप्लीकेशंस के नियमित आंकड़े जारी होंगे, जबकि इसी दिन ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) अपने आधिकारिक अमेरिकी क्रूड ऑयल स्टॉकपाइल्स के आंकड़े साझा करेगा। रोजगार बाजार की स्थिति को परखने के लिए 22 अक्टूबर को साप्ताहिक इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स और कॉन्फ्रेंस बोर्ड का लीडिंग इंडेक्स पेश किया जाएगा। सप्ताह का समापन 23 अक्टूबर को होगा, जब एसएंडपी ग्लोबल के एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई आंकड़े जारी होंगे। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन का अंतिम उपभोक्ता भावना सूचकांक भी सामने आएगा, जो उपभोक्ता धारणा की स्पष्ट तस्वीर पेश करेगा। येन की बढ़त थमी और चीनी युआन बहु-वर्षीय ऊंचाई पर जापानी मुद्रा येन के मुकाबले डॉलर का रुख भी बदला है। लगातार चार हफ्तों की बढ़त दर्ज करने के बाद यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी आखिरकार लाल निशान में बंद हुई है और 158.00 के आसपास कारोबार कर रही है। शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर पर ताजा बिकवाली के दबाव के कारण यह जोड़ी 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। जापान के आर्थिक कैलेंडर पर नजर डालें तो 19 अक्टूबर को टर्शियरी इंडस्ट्री इंडेक्स जारी होगा। इसके बाद 21 अक्टूबर को व्यापार संतुलन के आंकड़े और 22 अक्टूबर को विदेशी बॉन्ड निवेश के साप्ताहिक आंकड़े सामने आएंगे। जापान में 23 अक्टूबर को मुद्रास्फीति दर और एसएंडपी ग्लोबल के एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। दूसरी ओर, चीनी मुद्रा युआन के मुकाबले डॉलर (यूएसडी/सीएनएच) में लगातार कमजोरी देखी जा रही है। लगातार तीसरे सप्ताह नुकसान उठाते हुए यह मुद्रा जोड़ी 6.6830 के स्तर पर आ गई है, जो स्तर आखिरी बार जुलाई 2022 में देखा गया था। चीन का आगामी आर्थिक कैलेंडर बेहद महत्वपूर्ण है। 19 अक्टूबर को देश की तीसरी तिमाही की जीडीपी के आंकड़े सामने आएंगे। इसके साथ ही खुदरा बिक्री, औद्योगिक उत्पादन, बेरोजगारी दर और हाउस प्राइस इंडेक्स के आंकड़े भी उसी दिन जारी किए जाएंगे, जो चीन की आर्थिक सुधार की गति का सटीक मूल्यांकन करेंगे। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती और फेड का दृष्टिकोण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी वापसी जारी रखी है। एशियाई सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी की जोड़ी तेजी के साथ 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गई। अमेरिकी डॉलर में आई इस बिकवाली को फेड के चेयरमैन वॉर्श के हालिया बयानों से बल मिला। वॉर्श ने स्पष्ट किया कि वह मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते को लेकर कोई निश्चित संकेत नहीं दिया। दरों में सख्ती के भावी रुख पर स्पष्टता न होने से डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा और अन्य प्रमुख करेंसियों को उछाल दर्ज करने में मदद मिली। वैश्विक केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णय नीतिगत दरों के लिहाज से यह सप्ताह कई देशों के लिए निर्णायक रहने वाला है। 20 अक्टूबर को पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) अपनी प्रमुख ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगा, जहां दरों को अपरिवर्तित रखे जाने की उम्मीद है। इसी दिन नेशनल बैंक ऑफ हंगरी (एनबीएच) भी अपनी दरें बिना बदलाव के स्थिर रख सकता है। इसके विपरीत, 21 अक्टूबर को बैंक इंडोनेशिया (बीआई) अपनी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में 75 आधार अंकों की भारी बढ़ोतरी कर सकता है। इसके बाद 22 अक्टूबर को बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) की बैठक होगी, जिसमें दरों को यथावत रखने की संभावना है, जबकि तुर्की का केंद्रीय बैंक (सीबीआरटी) दरों में 175 आधार अंकों की बड़ी कटौती कर सकता है। नीति निर्माताओं के भाषणों की लंबी फेहरिस्त दरों के निर्णयों के अलावा प्रमुख केंद्रीय बैंकरों के भाषण भी निवेशकों के रडार पर रहेंगे। 19 अक्टूबर को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के केंट अपनी बात रखेंगे, जबकि इसी दिन यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के स्लीपेन, लेन और एल्डरसन संबोधित करेंगे। 20 अक्टूबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) के मिल्स और ग्रीन का संबोधन होगा, जिनके साथ आरबीए के कोनोली भी विचार साझा करेंगे। 21 अक्टूबर को बीओई के गवर्नर बेली, ईसीबी के मुख्य अर्थशास्त्री लेन, नागेल और ईसीबी अध्यक्ष लैगार्ड के साथ आरबीए के हाउसर अपने विचार रखेंगे। 22 अक्टूबर को ईसीबी के पैनेटा और बीओई के बेली फिर से मंच पर होंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को ईसीबी के मोंटाग्नेर और सिपोलोन तथा 25 अक्टूबर को आरबीए के जोन्स का वक्तव्य निर्धारित है। सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का मिजाज कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में भी अनिर्णय का माहौल बना हुआ है। सोना शुक्रवार को प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे उतार-चढ़ाव दिखाता रहा। डॉलर में आई हल्की नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली सुधार के चलते सोने के भाव सीमित दायरे में अटके रहे। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार अक्टूबर की शुरुआत से ही दबाव झेल रहा है। प्रमुख डिजिटल करेंसी बिटकॉइन (BTC) सप्ताह के दौरान 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे लुढ़क गई थी, लेकिन शुक्रवार को संभलकर लगभग 82,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताओं और सुस्त पड़ती मांग ने फिलहाल पूरे क्रिप्टो स्पेस पर अंकुश लगा रखा है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्राओं और ब्याज दरों में आने वाले उतार-चढ़ाव से भारतीय निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय: अमेरिकी डॉलर में नरमी और सोने के 4,200 डॉलर के स्तर पर टिकने से घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों को समर्थन मिलेगा। खरीदारों को आगामी शादी और त्योहारी सीजन के दौरान गहनों के लिए ऊंची कीमतें चुकानी पड़ सकती हैं। • शेयर बाजार के निवेशक: वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बयानों और चीन के जीडीपी आंकड़ों से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख तय होगा। यदि विदेशी पूंजी का प्रवाह उभरते बाजारों की ओर बढ़ता है तो घरेलू इक्विटी सूचकांकों में मजबूती देखने को मिल सकती है। • कच्चा तेल और ईंधन: अमेरिका में क्रूड ऑयल इन्वेंट्री के आंकड़ों से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा। इससे तेल विपणन कंपनियों की लागत प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों की स्थिरता पर पड़ता है। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से 82,000 डॉलर के दायरे में रहने से खुदरा ट्रेडरों को सतर्क रहने की जरूरत है। व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों के आने तक डिजिटल संपत्तियों में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर में आई हालिया कमजोरी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक स्तर पर आगामी आर्थिक आंकड़ों को लेकर बढ़ती सतर्कता का परिणाम है। • फेडरल रिजर्व का अस्पष्ट रुख: फेड चेयरमैन वॉर्श ने मूल्य स्थिरता की प्रतिबद्धता तो दोहराई लेकिन भविष्य में दरों के रास्ते पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इस अनिश्चितता के कारण डॉलर में मुनाफावसूली तेज हो गई। • चीन के अहम आंकड़े: चीन की तीसरी तिमाही की जीडीपी और औद्योगिक उत्पादन से जुड़ी रिपोर्ट आने वाली है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को लेकर बाजार में उत्सुकता और सावधानी दोनों हैं। • नीतिगत दरों में अंतर: जहां बैंक इंडोनेशिया दरें 75 आधार अंक बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं तुर्की का केंद्रीय बैंक 175 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। मौद्रिक नीतियों में यह भारी अंतर वैश्विक करेंसी बाजारों में फेरबदल करा रहा है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में कितनी गिरावट दर्ज की गई है? डॉलर इंडेक्स हाल ही में 103.00 के करीब पहुंचने के बाद फिसलकर दो सप्ताह के निचले स्तर 101.60 के आसपास आ गया है। 2. चीन से कौन से प्रमुख आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं? चीन 19 अक्टूबर को अपनी तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े, खुदरा बिक्री, औद्योगिक उत्पादन, बेरोजगारी दर और हाउस प्राइस इंडेक्स जारी करेगा। 3. जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का क्या रुख रहा? चार सप्ताह की बढ़त के बाद डॉलर/येन 158.00 के स्तर से नीचे आ गया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूत होकर 0.6950 के स्तर की ओर बढ़ गया। 4. आगामी सप्ताह में कौन से केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर निर्णय लेंगे? पीबीओसी और एनबीएच दरों को अपरिवर्तित रख सकते हैं, बैंक इंडोनेशिया 75 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है, बैंक ऑफ कोरिया दरें स्थिर रखेगा और तुर्की का केंद्रीय बैंक 175 आधार अंक की कटौती कर सकता है। 5. सोने और बिटकॉइन की कीमतों की वर्तमान स्थिति क्या है? सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे गिरने के बाद सुधरकर 82,000 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। 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