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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों से पहले डॉलर की चाल थमी, प्रमुख मुद्राओं और सोने में हलचल",
  "summary": "सितंबर महीने के रोजगार आंकड़ों से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेज बढ़त पर विराम लगा है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में लंबे समय से जारी अमेरिकी डॉलर की जोरदार तेजी पर शुक्रवार को अस्थायी रुकावट देखने को मिली है। सरकारी बॉन्ड बाजार में जारी भारी बिकवाली भी सुस्त पड़ी है, क्योंकि कारोबारी संयुक्त राज्य अमेरिका के ताजा नॉनफार्म पेरोल यानी रोजगार आंकड़ों की घोषणा से पहले अपने सौदों में मुनाफा समेटने में जुटे हैं। इस महत्वपूर्ण आंकड़े से ठीक पहले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी के तीन प्रभावशाली नीति निर्माताओं की टिप्पणियों ने भी निवेशकों की धारणा को बदला है, जिससे अक्टूबर की बैठक में लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाएं काफी हद तक घट गई हैं।\n\nडॉलर के मजबूत रुझान के पीछे के आर्थिक कारण\nडॉलर सूचकांक में मजबूती का मौजूदा चक्र सितंबर की शुरुआत में गर्म रहे अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद 16 सितंबर को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में आक्रामक बढ़ोतरी किए जाने से इस तेजी को अतिरिक्त गति मिली थी। हालांकि शुक्रवार को सत्र के दौरान थोड़ी नरमी आई है, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद, श्रम बाजार में मांग की निरंतरता और महंगाई का लगातार जिद्दी बने रहना फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत सख्ती जारी रखने के तर्कों को अब भी मजबूती दे रहा है। ब्याज दर वायदा बाजार यानी फेड फंड्स फ्यूचर्स के संकेत बता रहे हैं कि अगले बारह महीनों की अवधि में लगभग 75 बेसिस प्वाइंट की और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।\n\nसितंबर रोजगार आंकड़ों को लेकर बाजार के अनुमान\nयूनाइटेड स्टेट्स ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स शुक्रवार को 12:30 जीएमटी पर सितंबर के आधिकारिक नॉनफार्म पेरोल आंकड़े जारी करने की तैयारी में है। अगस्त महीने में 162K की मजबूत वृद्धि दर्ज करने के बाद, अब आम सहमति यह मानकर चल रही है कि सितंबर में कुल नई नौकरियों की संख्या घटकर लगभग 90K रह जाएगी। इस बीच ब्लूमबर्ग का विस्पर नंबर 84K की बढ़ोतरी की तरफ इशारा कर रहा है, जबकि एडीपी प्राइवेट पेरोल्स और रेवेलियो लैब्स एम्प्लॉयमेंट के अनुमान यह दर्शा रहे हैं कि रोजगार में वास्तविक इजाफा 67K के आसपास सीमित रह सकता है। दूसरी ओर, बेरोजगारी दर के 4.1% के स्तर पर स्थिर बने रहने की उम्मीद है, साथ ही औसत प्रति घंटा आय में होने वाले बदलाव के रूप में मापी जाने वाली मासिक वेतन मुद्रास्फीति के भी 0.3% पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है।\n\nविदेशी मुद्रा बाजारों में मुद्राओं की चाल\nडॉलर के 17 महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हटने का सीधा असर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सुधरकर 0.6950 के स्तर की ओर वापस बढ़ता दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को न केवल डॉलर में आई मुनाफावसूली से सहारा मिला, बल्कि वैश्विक यील्ड के ऊंचे स्तरों और मुद्रास्फीति के दबावों के बीच नवंबर महीने में वहां ब्याज दरों में बढ़ोतरी की दोबारा जागती उम्मीदों से भी समर्थन मिला है।\n\nदूसरी ओर, डॉलर बनाम जापानी येन यानी USD/JPY की जोड़ी 158.00 के स्तर के आसपास नई गति हासिल करने के लिए जूझती नजर आई। टोक्यो कोर मुद्रास्फीति के अपेक्षा से अधिक गर्म रहने और डॉलर के समग्र पीछे हटने के कारण यह जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे से नीचे खिसक गई, क्योंकि मुद्रा कारोबारी अमेरिकी श्रम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों से पहले अपनी पोजीशन को नए सिरे से संतुलित कर रहे हैं।\n\nसोने और डिजिटल परिसंपत्तियों की स्थिति\nसर्राफा बाजार में भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को सोने की कीमतों में सीमित दायरे का उतार-चढ़ाव जारी रहा और यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत तक पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे ही कारोबार करती रही। निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की रफ्तार को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि अगस्त के 162K के मुकाबले सितंबर में केवल 90K नई नौकरियों का अनुमान आर्थिक सुस्ती की संभावनाओं को हवा दे सकता है।\n\nक्रिप्टोकरेंसी बाजार में पाई नेटवर्क की कीमत भी काफी अस्थिर बनी हुई है। पिछले कारोबारी दिन 3% से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद शुक्रवार को यह लगभग 0.0900 डॉलर के आसपास मंडराती रही। चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर उभरते हुए राइजिंग वेज पैटर्न के नीचे टूटने का जोखिम गहरा रहा है, जो आगे और तेज गिरावट की चेतावनी दे रहा है। जब तक यह डिजिटल टोकन 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर को पार करने में सफल नहीं होता, तब तक इसमें ठोस तकनीकी सुधार की संभावना सीमित बनी हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी रोजगार आंकड़ों और डॉलर की चाल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, निवेश और आयातित वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।\n\n• भारत में मुद्रा विनिमय: अमेरिकी डॉलर में नरमी से भारतीय रुपये को वैश्विक स्तर पर कुछ राहत मिल सकती है। विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और यात्रा करने वालों को डॉलर खरीदने में थोड़ा अनुकूल भाव मिल सकता है।\n• सोने के खरीदार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,200 डॉलर के नीचे स्थिर रहने से घरेलू बाजारों में भी भारी उछाल पर ब्रेक लगा है। आगामी त्योहारी सीजन में आभूषण खरीदने वालों को अचानक कीमतों में वृद्धि से राहत मिल सकती है।\n• विदेशी बाजार के निवेशक: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना घटने से वैश्विक इक्विटी बाजारों को सहारा मिल सकता है। जो निवेशक अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड या अमेरिकी शेयरों में पैसा लगाते हैं, उनके पोर्टफोलियो पर दबाव कम हो सकता है।\n• क्रिप्टोकरेंसी कारोबारी: डिजिटल टोकन में अस्थिरता बनी रहने और तकनीकी दबाव के चलते जोखिम प्रबंधन जरूरी है। पाई नेटवर्क जैसे एसेट में निवेश करने वालों को 0.1000 डॉलर के स्तर पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी डॉलर की तेजी में ठहराव कई आर्थिक संकेतकों, केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बयानों और महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों के जारी होने से पहले की सावधानी का नतीजा है।\n\n• नीति निर्माताओं की टिप्पणियां: एफओएमसी के तीन प्रमुख सदस्यों द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों ने आक्रामक नीतिगत रुख को लेकर निवेशकों की उम्मीदों को धीमा कर दिया है। इसके चलते अक्टूबर में लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाएं कमजोर पड़ी हैं।\n• पेरोल आंकड़ों से पहले सतर्कता: अगस्त के 162K के मुकाबले सितंबर में नॉनफार्म पेरोल के घटकर 90K रहने का अनुमान लगाया गया है। महत्वपूर्ण डेटा जारी होने से पहले संस्थागत ट्रेडर्स ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए डॉलर की बिकवाली की।\n• वैश्विक आर्थिक दबाव: टोक्यो में मुद्रास्फीति के अप्रत्याशित रूप से तेज होने और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की दरों को लेकर बढ़ती अपेक्षाओं ने प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं को मजबूती दी है। इन क्षेत्रीय घटनाक्रमों ने डॉलर पर चौतरफा दबाव बनाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़े कब जारी किए जाएंगे?\nयूनाइटेड स्टेट्स ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स शुक्रवार को 12:30 जीएमटी पर सितंबर महीने के आधिकारिक रोजगार आंकड़े जारी करेगा।\n\n2. सितंबर महीने में अमेरिका में कितनी नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान है?\nबाजार की आम सहमति सितंबर में 90K नौकरियों के इजाफे की है, जबकि निजी अनुमान 67K से 84K के बीच रहने का संकेत दे रहे हैं।\n\n3. अमेरिकी बेरोजगारी दर को लेकर क्या अनुमान जताया गया है?\nविश्लेषकों का अनुमान है कि सितंबर में अमेरिकी बेरोजगारी दर 4.1% के स्तर पर स्थिर बनी रहेगी।\n\n4. डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बढ़त क्यों देखी गई?\nऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6950 की ओर बढ़ा क्योंकि डॉलर में मुनाफावसूली हुई और ऑस्ट्रेलिया में नवंबर में ब्याज दरें बढ़ने की अटकलों को बल मिला।\n\n5. सोने की कीमत किस स्तर के नीचे कारोबार कर रही है?\nयूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे सीमित दायरे में रहा।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-02",
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