अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले डॉलर फिसला, टोक्यो महंगाई में तेजी से मजबूत हुआ जापानी येन सितंबर के अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल जारी होने से पहले डॉलर इंडेक्स 101.88 पर फिसल गया, जबकि टोक्यो में उम्मीद से अधिक महंगाई के चलते डॉलर के मुकाबले येन 157.60 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक मुद्रा बाजारों में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल यानी नॉन-फार्म पेरोल (एनएफपी) के बहुप्रतीक्षित आंकड़ों के प्रकाशन से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने के चलते डॉलर-येन मुद्रा जोड़ी फिसलकर 157.60 के करीब आ गई। इस दौरान डॉलर के मूल्य को ट्रैक करने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) 0.15 प्रतिशत गिरकर 101.88 के आसपास कारोबार करता नजर आया। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को डॉलर इंडेक्स 102.20 के अपने वार्षिक उच्च स्तर पर पहुंचा था, जहां से अब मुनाफावसूली और पुनर्संतुलन देखने को मिल रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र में डॉलर में कमजोरी के कारण इस मुद्रा जोड़ी में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टोक्यो के मुद्रास्फीति आंकड़ों ने जापानी येन को दिया सहारा जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था की ओर से आए हालिया आंकड़ों ने येन की कीमतों को मजबूत सहारा दिया है। सितंबर महीने के लिए टोक्यो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत दर्ज किया गया। ताजा खाद्य पदार्थों को अलग रखने वाला टोक्यो कोर सीपीआई अगस्त के 1.8 प्रतिशत से उछलकर सितंबर में 2.7 प्रतिशत वार्षिक स्तर पर पहुंच गया, जबकि बाजार का अनुमान इसे 2.4 प्रतिशत पर रहने का था। इसके अलावा, ताजा खाद्य पदार्थों और ऊर्जा दोनों घटकों को छोड़कर मापा जाने वाला मुद्रास्फीति आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ा है। यह कोर-कोर महंगाई दर पिछले महीने के 2 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में सीधे 3 प्रतिशत वार्षिक पर पहुंच गई। मुद्रास्फीति में इस तीव्र उछाल ने बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीतियों को सख्त बनाए रखने की संभावनाओं को हवा दी है, जिसके चलते निवेशकों ने येन में खरीदारी बढ़ाई है। एशियाई कारोबार में यह जोड़ी 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास जूझने के बाद अपने साप्ताहिक उच्च दायरे से नीचे फिसल गई। अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर टिकी वैश्विक बाजार की नजर विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारियों के लिए अमेरिका का मासिक रोजगार विवरण सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक पैमाना माना जाता है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा सितंबर महीने का एनएफपी विवरण शुक्रवार को 12:30 जीएमटी पर जारी किया जाना निर्धारित है। यह डेटा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णयों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि केंद्रीय बैंक के दो मुख्य लक्ष्यों में पूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना भी शामिल है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार के रोजगार आंकड़ों में सुस्ती के संकेत मिल सकते हैं। ब्लूमबर्ग सर्वसम्मति के अनुसार, ओसीबीसी के विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि सितंबर में गैर-कृषि पेरोल में 90,000 की वृद्धि होने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा अगस्त महीने में दर्ज 162,000 की भारी बढ़ोतरी की तुलना में काफी कम है। वहीं, अमेरिका की बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। मासिक वेतन वृद्धि को दर्शाने वाली औसत प्रति घंटा आय में 0.3 प्रतिशत की बढ़त का अनुमान बना हुआ है। यदि आंकड़े सर्वसम्मति अनुमानों से बेहतर आते हैं, तो यह डॉलर के लिए सकारात्मक उत्प्रेरक साबित हो सकता है। तकनीकी स्तर और चार्ट पर डॉलर-येन की स्थिति दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो मुद्रा जोड़ी 157.61 के आसपास कारोबार कर रही है। यह स्तर 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 157.26 से ऊपर बना हुआ है, जिससे अल्पकालिक दृष्टिकोण हल्का सकारात्मक बना रहता है। यह तकनीकी बनावट दर्शाती है कि 153 के मध्य दायरे से हाल में हुई रिकवरी के बाद गिरावट पर निचले स्तरों से खरीदारी की मांग बनी हुई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी 14-अवधि का आरएसआई 51.50 पर स्थित है, जो ठीक अपनी तटस्थ रेखा के ऊपर बना हुआ है। यह स्थिति किसी आक्रामक ट्रेंडिंग तेजी के बजाय एक संतुलित और स्थिर उठाव की ओर इशारा करती है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, नीचे की तरफ 20-दिवसीय ईएमए 157.26 पर निकटतम सपोर्ट उपलब्ध है, जिसके नीचे 30 सितंबर का निचला स्तर 156.38 अगला अहम रक्षा स्तर होगा। दूसरी तरफ, ऊपर की दिशा में 24 सितंबर का उच्च स्तर 159.04 पहला बड़ा प्रतिरोध है। इस अवरोध को पार करने के बाद 2 सितंबर का शिखर 160.39 प्रमुख बाधा के रूप में सामने आएगा। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा सत्र में भाव 157.49 के स्तर पर आंका गया है, जबकि इसका पिछला बंद 157.56 था, जो 0.04 प्रतिशत की मामूली कमजोरी दर्शाता है। 52-सप्ताह का कारोबारी दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर रिकॉर्ड किया गया। 14-अवधि का लाइव आरएसआई 51 पर तटस्थ बना हुआ है। एमएसीडी -0.05 पर है, जबकि इसका सिग्नल -0.33 है, जिससे 0.28 का सकारात्मक हिस्टोग्राम एक तेजी का संकेत देता है। मूविंग एवरेज में ईएमए20 157.18, ईएमए50 157.98 और ईएमए200 157.70 पर स्थित हैं। बोलिंजर बैंड्स का दायरा 152.77 से 159.54 के बीच है, जिसका मध्य स्तर 156.15 है। पिवट प्वाइंट 157.73 पर स्थित है, जहां पहला रेजिस्टेंस 157.99 और दूसरा रेजिस्टेंस 158.48 पर देखा जा रहा है, जबकि सपोर्ट स्तर क्रमशः 157.23 और 156.97 पर बने हुए हैं। विदेशी मुद्रा बाजार की अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों का रुख डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी के चलते अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों में भी पुनर्संतुलन देखा गया। सूचीबद्ध प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में स्विस फ्रैंक के खिलाफ सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाता हुआ 0.6950 के स्तर की तरफ लौटा। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड और महंगाई के जोखिमों के बीच ऑस्ट्रेलिया में नवंबर के दौरान ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों ने इस मुद्रा को गति दी। दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें शुक्रवार को एक सीमित दायरे में घूमती रहीं और यूरोपीय सत्र से पहले यह 4,200 डॉलर के स्तर के नीचे ही बनी रहीं। व्यापारी पूरी तरह से अमेरिकी रोजगार विवरण की प्रतीक्षा में सीमित दांव लगा रहे हैं। डिजिटल परिसंपत्तियों में पाई नेटवर्क की कीमत में उतार-चढ़ाव देखा गया और गुरुवार को 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद यह 0.0900 डॉलर के पास डगमगाती रही। चार घंटे के चार्ट पर राइजिंग वेज पैटर्न टूटने के जोखिम और 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक अवरोध के चलते इसमें सुधारात्मक दबाव बना रहा। संपूर्ण वित्तीय बाजार अब अमेरिकी श्रम आंकड़ों के बाद बनने वाली नई दिशा का इंतजार कर रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और मुद्रास्फीति में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयातित वस्तुओं की लागत और विदेशी मुद्रा बाजार में निवेश करने वाले भारतीय ट्रेडर्स सीधे प्रभावित होते हैं। • भारतीय आयातकों पर: यदि अमेरिकी रोजगार आंकड़े कमजोर रहने से डॉलर इंडेक्स में गिरावट जारी रहती है, तो भारतीय रुपये को डॉलर के मुकाबले मजबूती मिल सकती है। इससे विदेशों से कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक कल-पुर्जे मंगाना भारतीय कंपनियों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है। • फॉरेक्स और डेरिवेटिव निवेशकों पर: मुद्रा बाजार में बढ़ती उतार-चढ़ाव के कारण यूएसडी-आईएनआर और वैश्विक क्रॉस-करेंसी ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस लगाने की आवश्यकता होगी। शाम को आने वाले रोजगार आंकड़ों के समय बाजार में भारी स्पाइक देखने को मिल सकती है, जिससे गैर-संरक्षित पोजिशन को बड़ा नुकसान हो सकता है। • सोना और कमोडिटी खरीदारों पर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,200 डॉलर के नीचे स्थिर रहने और डॉलर के कमजोर पड़ने से घरेलू सराफा बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है। त्योहारों और शादियों के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों को डॉलर की चाल और अमेरिकी आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। • विदेश यात्रा और शिक्षा खर्च पर: जो भारतीय छात्र अमेरिका या जापान में पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए ट्यूशन फीस और रहने का खर्च विदेशी मुद्राओं की विनिमय दरों से सीधा जुड़ा है। डॉलर में आने वाले सुधार या येन की मजबूती के अनुसार परिवारों को रेमिटेंस भेजने का सही समय चुनना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ डॉलर के मुकाबले जापानी येन में यह तेजी टोक्यो में मुद्रास्फीति के अप्रत्याशित उछाल और अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों से पहले निवेशकों की सावधानी के कारण देखने को मिली है। • टोक्यो में महंगाई का उछाल: सितंबर में टोक्यो कोर सीपीआई उम्मीद के 2.4 प्रतिशत के मुकाबले 2.7 प्रतिशत रहा, जबकि ऊर्जा और खाद्य सामग्री छोड़कर यह आंकड़ा 3 प्रतिशत पर पहुंच गया। इस तीव्र वृद्धि ने संकेत दिया कि जापान में मूल्य दबाव बना हुआ है, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना मजबूत हुई। • अमेरिकी रोजगार में मंदी का अनुमान: बाजार सर्वसम्मति के अनुसार सितंबर के गैर-कृषि पेरोल में केवल 90,000 नौकरियां जुड़ने की उम्मीद है, जो अगस्त के 162,000 की तुलना में भारी गिरावट दर्शाती है। इस संभावित कमजोरी के डर से व्यापारियों ने रोजगार डेटा से पहले डॉलर में अपनी पोजिशन हल्की करना शुरू कर दिया। • सालाना ऊंचाई से तकनीकी मुनाफावसूली: डॉलर इंडेक्स गुरुवार को 102.20 के अपने वार्षिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। ऊंचे स्तरों पर अत्यधिक खिंचाव के बाद निवेशकों ने तकनीकी सुधार और लाभ वसूली के लिए बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे इंडेक्स 101.88 पर आ गया। • वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों में भिन्नता: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती की संभावनाओं के बीच जापान में मौद्रिक सख्ती के संकेतों ने दोनों मुद्राओं के ब्याज दर अंतर को लेकर बाजार का नजरिया बदला है। इस धारणा ने निवेशकों को येन की ओर आकर्षित किया है। सवाल-जवाब 1. यूएसडी/जेपीवाई मुद्रा जोड़ी में गिरावट क्यों आई? टोक्यो में सितंबर की कोर महंगाई दर उछलकर 2.7% और कोर-कोर 3% होने तथा अमेरिकी एनएफपी आंकड़ों से पहले डॉलर में आई कमजोरी के कारण यह जोड़ी 157.60 पर आ गई। 2. अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (एनएफपी) के लिए क्या अनुमान लगाए गए हैं? ब्लूमबर्ग सर्वसम्मति के अनुसार, सितंबर में 90,000 नौकरियां जुड़ने का अनुमान है, जो अगस्त की 162,000 की वृद्धि से कम है, जबकि बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। 3. चार्ट पर यूएसडी/जेपीवाई के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? निकटतम सपोर्ट 20-दिवसीय ईएमए 157.26 और 156.38 पर है, जबकि ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 159.04 और उसके बाद 160.39 पर स्थित है। 4. डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) का मौजूदा स्तर क्या है? डॉलर इंडेक्स गुरुवार को 102.20 के अपने वार्षिक उच्च स्तर को छूने के बाद 0.15% की गिरावट के साथ 101.88 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/us-dollar-rojagara-ankaron-se-pahale-phisala-tokyo-mahngai-men-teji-se-majabuta-hua-japanese-yen-41844 TrendKia — Har trend, sabse pehle.