# अमेरिकी मध्यावधि नतीजों के बाद डॉलर पर दबाव, लेकिन सख्त बजट नीति से लंबी अवधि में भरोसा लौटने के आसार

> अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अनुशासित बजट नीति आगे चलकर ग्रीनबैक की साख मजबूत कर सकती है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-dollar-slumps-on-midterm-election-uncertainty-but-tighter-budget-policy-may-restore-long-term-appeal-56300 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स बाजार, ट्रेजरी यील्ड, सोने का भाव, मध्यावधि चुनाव, मुद्रास्फीति

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों और नतीजों के सामने आते ही वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर पर तेज दबाव देखा गया। दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बढ़ते प्रभाव और वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की आशंकाओं ने शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर और नैस्डैक फ्यूचर्स को नीचे धकेल दिया, हालांकि बाद में दोनों ने अपने नुकसान की भरपाई की कोशिश शुरू कर दी। चुनावी समीकरणों ने राजकोषीय खर्च में कमी और कम मुद्रास्फीति की संभावनाओं को जन्म दिया है, जिसका तात्कालिक असर सरकारी बॉन्ड यील्ड और विदेशी मुद्रा बाजार पर साफ नजर आ रहा है।

## राजकोषीय अनुशासन और डॉलर की दीर्घकालिक साख
राबोबैंक की सीनियर एफएक्स रणनीतिकार जेन फोली के अनुसार, कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से यह संकेत मिलता है कि सरकार की तरफ से अंधाधुंध बजट घोषणाओं और रियायतों में कमी आ सकती है। जब बजटीय खर्च सीमित रहता है, तो अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव घटता है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर प्रतिफल यानी यील्ड नीचे आने लगती है। सामान्य तौर पर कम यील्ड अमेरिकी डॉलर के लिए अल्पकालिक रूप से नकारात्मक साबित होती है, लेकिन इसका दूसरा पहलू मुद्रा की विश्वसनीयता को मजबूती देना है।

जेन फोली ने रेखांकित किया कि अप्रैल 2025 में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद से वित्तीय बाजार लगातार इस बात पर बहस कर रहे थे कि क्या अमेरिकी ट्रेजरी बाजार अपना असाधारण विशेषाधिकार खोने के कगार पर पहुंच रहा है। पिछले डेढ़ साल के दौरान अमेरिकी डॉलर के मूल्यह्रास को लेकर भी समय-समय पर चिंताएं उठती रही हैं। ऐसे माहौल में एक विवेकपूर्ण और अनुशासित बजट नीति उन पुरानी आशंकाओं को काफी हद तक दूर कर सकती है। लिहाजा, चुनाव के बाद सख्त राजकोषीय नीति को डॉलर के लिए केवल नुकसानदेह मानने का शुरुआती बाजार निष्कर्ष पूरी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। फोली का मानना है कि अधिक राजकोषीय विवेक भले ही कम अवधि में डॉलर को कमजोर दिखाए, लेकिन लंबी अवधि में यह ग्रीनबैक की साख और सुरक्षित निवेश के दर्जे को नया बल देगा।

## डॉलर इंडेक्स में गिरावट और करेंसी बास्केट पर असर
दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के रुख को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली के घेरे में आ गया। राजनीतिक अनिश्चितता गहराने से डॉलर इंडेक्स फिसलकर सितंबर के अंत के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया। हालांकि, शुरुआती झटके के बाद इंडेक्स ने अपने नुकसान को कुछ हद तक सीमित करने का प्रयास भी शुरू किया।

अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी इसका सीधा असर देखने को मिला। एशियाई सत्र के दौरान बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा में नरमी रही और AUD/USD अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलकर 0.6965 के आसपास कारोबार करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नई गिरावट ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बेअसर कर दिया, जिससे अमेरिकी करेंसी बैकफुट पर आ गई। हालांकि, दूसरी तरफ रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के कम आक्रामक रुख की वजह से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त भी एक सीमित दायरे में सिमट कर रह गई।

## येन के मुकाबले भारी फिसलन और सोने में उछाल
अमेरिकी चुनावी नतीजों के बीच USD/JPY जोड़ी पर भी बुधवार को भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। एशियाई कारोबारी घंटों में यह जोड़ी 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़क गई, क्योंकि शुरुआती मतों की गिनती के बाद पैदा हुई अनिश्चितता ने डॉलर को एक महीने के निचले स्तर पर धकेल दिया। वाशिंगटन में संभावित विधायी गतिरोध ने निवेशकों को सुरक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में ताजा गिरावट आई और डॉलर पर बिकवाली का बोझ और बढ़ गया।

कमजोर होते डॉलर और गिरती यील्ड का सबसे बड़ा फायदा सोने की कीमतों को मिला। शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान पीली धातु अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब मजबूती से टिकी रही और 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर कारोबार करती रही। हाउस और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत से पैदा हुए राजनीतिक हालात के बीच वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश संपत्तियों का रुख किया, जिसने बॉन्ड यील्ड पर नीचे की ओर दबाव बनाया और सोने की चमक को नई उड़ान दी।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी राजनीतिक बदलाव और डॉलर की इस अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक परिसंपत्तियों और आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ेगा।

- **मुद्रा कारोबारियों पर:** मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव तेजी से बढ़ने वाला है। डॉलर में आई इस अचानक गिरावट से आयात और निर्यात से जुड़े सौदों में हेजिंग रणनीतियों की तत्काल समीक्षा करनी होगी।
- **सोना खरीदारों और निवेशकों पर:** सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर के ऊपर टिकी हुई हैं। कमजोर डॉलर और घटती यील्ड पीली धातु की मांग को लगातार सहारा दे रहे हैं, जिससे खुदरा खरीदारों के लिए कीमतें महंगी बनी रह सकती हैं।
- **वैश्विक इक्विटी निवेशकों पर:** नैस्डैक फ्यूचर्स और अमेरिकी बाजार शुरुआती झटके के बाद संभलने की कोशिश कर रहे हैं। नीतिगत गतिरोध से बड़े वित्तीय पैकेज रुक सकते हैं, जिससे टेक और ग्रोथ शेयरों के मूल्यांकन में नया संतुलन देखने को मिलेगा।
- **फिक्स्ड इनकम बाजार पर:** बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका मतलब है कि निवेशकों को सुरक्षित सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है, जिससे वे वैकल्पिक निवेश विकल्पों की ओर रुख करेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत प्रदर्शन और सत्ता संतुलन में बदलाव की खबरों ने वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता पैदा की है। वाशिंगटन में संभावित राजनीतिक गतिरोध और नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव की उम्मीदों के कारण बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर तत्काल बिकवाली शुरू हो गई।

- **चुनावी परिणाम और विधायी गतिरोध:** हाउस और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत ने यह संभावना बढ़ा दी है कि विधायी प्रक्रिया धीमी हो सकती है। सत्ता में संतुलन बनने से सरकार द्वारा भारी-भरकम खर्च या टैक्स छूट वाले पैकेज पारित करने की गुंजाइश सीमित हो जाती है।
- **मुद्रास्फीति और यील्ड में कमी की संभावना:** बाजार को उम्मीद है कि नए राजनीतिक परिदृश्य में राजकोषीय रियायतों में कमी आएगी। इसके कारण मुद्रास्फीति के दबाव कम होने की उम्मीद बंधी है, जिसने ट्रेजरी यील्ड को नीचे धकेला और बदले में डॉलर के आकर्षण को घटा दिया।
- **सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियों की ओर पूंजी प्रवाह:** शुरुआती चुनावी नतीजों के बाद बढ़े राजनीतिक जोखिम ने निवेशकों को ट्रेजरी और सोने की तरफ रुख करने पर प्रेरित किया। इससे बॉन्ड यील्ड में और गिरावट आई और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी उम्मीदों का असर बेअसर हो गया।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों के बाद डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा?
तीव्र बिकवाली दबाव के चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर सितंबर के अंत के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

### 2. जेन फोली के अनुसार सख्त राजकोषीय नीति का डॉलर पर क्या असर होगा?
फोली का कहना है कि यह कम अवधि में डॉलर के लिए नकारात्मक हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह मुद्रा की विश्वसनीयता और सुरक्षित निवेश के दर्जे को मजबूत करेगा।

### 3. येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का रुख कैसा रहा?
राजनीतिक अनिश्चितता के चलते USD/JPY जोड़ी में भारी बिकवाली हुई और यह 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर एक महीने के निचले स्तर पर आ गई।

### 4. कमजोर डॉलर के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का क्या भाव रहा?
बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर डॉलर के सहारे सोना अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर कारोबार करता रहा।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की क्या स्थिति रही?
AUD/USD जोड़ी अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलकर एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास कारोबार करती नजर आई।

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