अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बीच अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट, सोना और बिटकॉइन उछले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और राजनीतिक अनिश्चितता के बाद अमेरिकी डॉलर पांच हफ्ते के निचले स्तर के करीब लुढ़क गया है, जिसका सीधा फायदा सोना, कच्चा तेल और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों को मिला है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की अप्रत्याशित जीत के शुरुआती संकेतों और वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावनाओं ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे वह कई हफ्तों के निचले स्तरों की ओर खिसक गया। डॉलर में आई इस कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों के साथ-साथ जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर भी तेजी से बढ़ा है, जिससे सोना, वैश्विक मुद्राएं और डिजिटल संपत्तियां मजबूती के साथ कारोबार कर रही हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर भारी दबाव और रोजगार आंकड़ों पर नजर मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) बिकवाली के झटके झेलते हुए 101.00 के अहम सपोर्ट स्तर से महज कुछ पिप्स की दूरी तक फिसल गया। हालांकि इस गिरावट के बाद इंडेक्स ने हल्की रिकवरी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन डॉलर में व्यापक स्तर पर कोई ठोस मजबूती नजर नहीं आई। कारोबारी अब आगामी व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर टकटकी लगाए बैठे हैं, जिनमें अमेरिका के नियमित साप्ताहिक शुरुआती बेरोजगारी दावे (Initial Jobless Claims) और चैलेंजर जॉब कट्स (Challenger Job Cuts) के आंकड़े शामिल हैं। रोजगार बाजार के ये आंकड़े आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के रुख को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे। यूरोपीय मुद्रा में तेजी और आर्थिक संकेतकों की प्रतीक्षा अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने का सीधा और तत्काल फायदा यूरोपीय साझा मुद्रा को मिला है। EUR/USD की जोड़ी अपने साप्ताहिक सुधार को बढ़ाते हुए 1.1270 के आसपास कई हफ्तों के उच्च स्तरों के करीब पहुंच गई। यूरोप में निवेशकों का ध्यान अब जर्मनी और पूरे यूरोज़ोन के एसएंडपी ग्लोबल कंस्ट्रक्शन पीएमआई (S&P Global Construction PMI) आंकड़ों पर लगा हुआ है। इसके साथ ही जर्मनी के फैक्ट्री ऑर्डर्स और समूचे यूरोलैंड के उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Prices) के आंकड़े भी बाजार की भावी दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक समीकरण ऊर्जा बाजार में बुधवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दिसंबर अनुबंध के लिए फ्रंट-मंथ डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड फ्यूचर्स अपनी साप्ताहिक गिरावट को और गहरा करते हुए 91.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास तीन सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया। तेल व्यापारी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संकट के संभावित समाधान और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं। सोने की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड और सुरक्षित निवेश की मांग मुद्रा बाजार में डॉलर के कमजोर पड़ने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों में गिरावट आने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। पिछले दो कारोबारी दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए सोना एक बार फिर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। बुधवार को सोने ने चार दिन का नया उच्च स्तर छू लिया। अमेरिकी डॉलर में तेज बिकवाली, बॉन्ड यील्ड में संकुचन और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने मिलकर सोने की इस ताजा तेजी को मजबूत सहारा दिया है। एशियाई सत्र में प्रमुख मुद्रा जोड़ों का हाल एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी तीव्र उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (AUD/USD) अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से संभलकर 0.6965 के आसपास स्थिर रहा। हालांकि मध्यावधि चुनाव परिणामों से बढ़ी राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को दबाया, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अपेक्षाकृत नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा। वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) भारी बिकवाली की चपेट में आ गया और बुधवार को 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गया, जो डॉलर के एक महीने के निचले स्तर को दर्शाता है। वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना ने सुरक्षित पनाहगाह संपत्तियों में पूंजी के प्रवाह को बढ़ाया है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में लौटी हरियाली राजनीतिक उठापटक और पारंपरिक मुद्रा में कमजोरी के बीच व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा (रिस्क-ऑन सेंटिमेंट) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार कारोबार करती दिखी। इस सकारात्मक माहौल का असर अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज पर भी साफ दिखा, जहां इथेरियम बिटकॉइन के नक्शेकदम पर चलते हुए 2,300 डॉलर के स्तर से ऊपर टिका रहा। इसी तरह एक्सआरपी (Ripple) भी 1.28 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और वैश्विक संपत्तियों में आए उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव निवेशकों के पोर्टफोलियो, आयात बिल और अंतरराष्ट्रीय यात्रा की लागत पर पड़ता है। • भारत में प्रभाव: डॉलर कमजोर होने से भारतीय रुपये को राहत मिल सकती है, जिससे देश के कच्चे तेल और जरूरी सामान के आयात बिल पर दबाव कुछ कम होगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,000 डॉलर के पार जाने से घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के जेवर और सिक्के खरीदना भारतीय उपभोक्ताओं के लिए काफी महंगा हो सकता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: बॉन्ड यील्ड घटने और डॉलर लुढ़कने के कारण वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। शेयर और कमोडिटी बाजार में सक्रिय ट्रेडर्स को आगामी अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के आधार पर अपनी हेजिंग रणनीति को तुरंत संतुलित करना चाहिए। • क्रिप्टोकरेंसी धारकों के लिए: बिटकॉइन का 78,000 डॉलर और इथेरियम का 2,300 डॉलर के पार बने रहना डिजिटल एसेट बाजार में तेजी के नए चक्र का संकेत दे रहा है। खुदरा और संस्थागत निवेशक इन स्तरों के आसपास स्टॉप-लॉस निर्धारित करके अपने मुनाफे को सुरक्षित रखने पर विचार कर सकते हैं। • ऊर्जा और ईंधन क्षेत्र में: कच्चे तेल की कीमत फिसलकर 91.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आने से ईंधन कंपनियों की लागत में स्थिरता आने की उम्मीद है। यदि यह गिरावट बनी रहती है तो परिवहन लागत और वैश्विक मुद्रास्फीति के दबाव में आने वाले समय में राहत देखने को मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के शुरुआती रुझानों और वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की संभावना ने वैश्विक बाजारों में डॉलर की स्थिति को हिला दिया है। • चुनावी परिणाम और राजनीतिक अनिश्चितता: मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की सफलता ने अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक गतिरोध (ग्रिडलॉक) की संभावनाओं को प्रबल कर दिया है। विधायी प्रक्रियाओं में रुकावट और नीतिगत अनिश्चितता के डर से निवेशकों ने डॉलर में अपनी लंबी पोजीशन को तेजी से खाली किया। • ट्रेजरी यील्ड में संकुचन: राजनीतिक बदलावों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सभी परिपक्वता अवधियों में गिरावट आई, जिसने डॉलर की अपील को कम कर दिया और गैर-उपज वाली संपत्तियों जैसे सोने को बढ़ावा दिया। • भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत: चुनाव नतीजों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संकट के कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। इस उम्मीद ने कच्चे तेल में जोखिम प्रीमियम को घटाया, जिससे तेल की कीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गईं। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) किस स्तर के करीब पहुंच गया है? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 101.00 के अहम सपोर्ट स्तर से महज कुछ पिप्स की दूरी तक पहुंच गया है। 2. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सोने के भाव में क्या बदलाव आया? सोने ने दो दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का स्तर फिर से हासिल कर लिया और चार दिन के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। 3. कच्चे तेल (WTI) की कीमतें किस स्तर पर आ गई हैं? दिसंबर अनुबंध के लिए फ्रंट-मंथ डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स फिसलकर 91.00 डॉलर प्रति बैरल के तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है। 4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और इथेरियम किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं? बिटकॉइन 78,000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि इथेरियम 2,300 डॉलर के स्तर से ऊपर बना हुआ है। 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) और जापानी येन (USD/JPY) की स्थिति क्या रही? AUD/USD लगभग 0.6965 के स्तर पर स्थिर रहा, जबकि USD/JPY भारी बिकवाली के चलते 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गया। 6. अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कौन से महत्वपूर्ण आंकड़े जल्द आने वाले हैं? अमेरिका में साप्ताहिक शुरुआती बेरोजगारी दावे (Initial Jobless Claims) और चैलेंजर जॉब कट्स (Challenger Job Cuts) के आंकड़े आने वाले हैं। https://trendkia.com/market/us-dollar-slumps-to-multi-week-lows-following-midterm-vote-as-gold-reclaims-4-000-and-crypto-rallies-56694 TrendKia — Har trend, sabse pehle.