जून में अमेरिकी ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स 0.3 प्रतिशत बढ़े, बाजार के अनुमान से रहे पीछे जून महीने में अमेरिका में ड्यूरेबल गुड्स के नए ऑर्डर में 0.3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कि विश्लेषकों के 1.6 प्रतिशत के अनुमान से काफी कम है। अमेरिका में ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स के जून महीने के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं, जो बाजार की उम्मीदों के मुकाबले थोड़े कमजोर रहे हैं। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो की ओर से सोमवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक देश में विनिर्मित टिकाऊ यानी ड्यूरेबल गुड्स के नए ऑर्डर्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है, जो भारतीय मुद्रा के लिहाज से लगभग 1.1 अरब डॉलर बढ़कर कुल 334.8 अरब डॉलर पर पहुंच गए हैं। मई की भारी गिरावट के बाद मामूली सुधार इस ताजा आंकड़े से ठीक पहले मई के महीने में इन ऑर्डर्स में 4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद जून में रिकवरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, अर्थशास्त्रियों और बाजार के जानकारों ने जून के लिए 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था, जिसके मुकाबले वास्तविक आंकड़े काफी नीचे रहे और उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। परिवहन और रक्षा क्षेत्रों की स्थिति आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जब इसमें से परिवहन क्षेत्र को बाहर निकालकर गणना की जाती है, तब नए ऑर्डर्स में 0.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इसी तरह यदि रक्षा क्षेत्र से जुड़े ऑर्डर्स को अलग कर दिया जाए तो नए ऑर्डर्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिलती है। कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का प्रदर्शन इस अवधि में सबसे मजबूत रहा, जो पिछले दस महीनों में से नौ बार बढ़त दर्ज कर चुके हैं। इस सेक्टर में 0.9 अरब डॉलर यानी 3.1 प्रतिशत का उछाल आया है जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 31.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है और इसने इस महीने की बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा बाजार पर असर इन आर्थिक आंकड़ों के आने के बाद वित्तीय बाजारों में कोई बहुत बड़ा या नाटकीय उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। जब यह रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, तब अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था और यह अपने पूरे दिन के दायरे में 101.50 से नीचे ही बना रहा। अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों का हाल विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी यानी पाउंड-डॉलर जोड़ी सोमवार को सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ करने के बाद सत्र के दूसरे भाग में अपनी दिशा बदल चुकी है और 1.3300 के करीब लाल निशान में कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व के संघर्ष में एक अस्थायी ठहराव आने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने अमेरिकी डॉलर की तेजी को सीमित कर दिया है और इस मुद्रा जोड़ी को फिलहाल अपनी स्थिति बनाए रखने में मदद पहुंचाई है। इसी तरह ईयूआर/यूएसडी यानी यूरो-डॉलर जोड़ी ने भी अपनी तेजी का रुख खो दिया है और सोमवार के दूसरे सत्र में 1.1400 से नीचे मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रही है। बाजार के निवेशकों और प्रतिभागियों को मध्य पूर्व संघर्ष में तनाव कम होने की उम्मीद है क्योंकि हमलों पर कुछ समय के लिए रोक लगी है, हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच किसी राजनयिक समाधान को लेकर अभी भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसका आप पर असर व्यापक आर्थिक प्रभाव: • भारत में: अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा विनिमय दर और बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। • वैश्विक स्तर पर: कमजोर अमेरिकी ऑर्डर्स वैश्विक मांग और फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीतियों के रुख को प्रभावित करते हैं। सवाल-जवाब 1. जून में अमेरिकी ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई? जून में अमेरिकी ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2. बाजार ने जून के लिए कितने प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था? बाजार के जानकारों ने जून के लिए 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। 3. मई महीने में ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में कितनी गिरावट आई थी? मई महीने में ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। 4. जून में सबसे ज्यादा बढ़त किस सेक्टर में देखने को मिली? कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में 3.1 प्रतिशत या 0.9 अरब डॉलर की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई। 5. आंकड़े जारी होने के समय अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर था? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/us-durable-goods-orders-rise-0-3-in-june-missing-market-expectations-of-1-6-11010 TrendKia — Har trend, sabse pehle.