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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों से डॉलर में आई तेजी, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में शुरुआती बढ़त पूरी तरह खत्म",
  "summary": "कमजोर मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद आई शुरुआती तेजी को गंवाते हुए ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गिर गया, क्योंकि अमेरिका में रोजगार और जीडीपी के बेहतर आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी।",
  "content": "वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपनी शुरुआती बढ़त को पूरी तरह गंवाते हुए 0.41 प्रतिशत फिसल गया। अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के सामने आने के बाद मुद्रा जोड़ी ने तेजी का रुख दिखाया था, लेकिन यह उछाल ज्यादा देर टिक नहीं सका। कारोबार के दौरान यह जोड़ी लगभग 0.6960 के स्तर पर पहुंच गई। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, इस समय AUD/USD 0.6952 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.7016 की तुलना में 0.92 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। अमेरिकी डॉलर के अपने निचले स्तरों से तेजी से उबरने के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर नए सिरे से बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।\n\nअमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े और बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया\nअमेरिका में व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर मूल्य सूचकांक से जुड़ी रिपोर्ट जारी की गई। इन आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में वार्षिक हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही, जबकि वित्तीय बाजारों को इसके 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान था। इससे पहले जुलाई महीने के आंकड़े को भी संशोधित करते हुए पूर्व में घोषित 3.7 प्रतिशत से घटाकर 3.4 प्रतिशत कर दिया गया। खाद्य और ऊर्जा घटकों की अस्थिर कीमतों को अलग रखने वाले कोर पीसीई मूल्य सूचकांक पर भी बाजार की कड़ी नजर थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अंतर्निहित मुद्रास्फीति को मापने के लिए सबसे भरोसेमंद पैमाना माने जाने वाले इस कोर इंडेक्स की वार्षिक दर 3 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही, जो 3.3 प्रतिशत के बाजार अनुमान से कम है। इसके जुलाई के आंकड़े को भी 3.3 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत किया गया। मासिक स्तर पर हेडलाइन पीसीई में 0.3 प्रतिशत और कोर पीसीई में 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन आंकड़ों से शुरुआत में डॉलर में बिकवाली आई, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को फौरी सहारा मिला।\n\nरोजगार और विकास दर के मजबूत आंकड़ों ने पलटी डॉलर की चाल\nशुरुआती आंकड़ों से मिला सहारा बहुत जल्दी कमजोर पड़ गया क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वास्तविक मजबूती दर्शाने वाले अन्य आंकड़े सामने आ गए। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग की रिपोर्ट के अनुसार निजी क्षेत्र के रोजगार में सितंबर महीने के दौरान 90,000 नई नौकरियों का इजाफा हुआ। यह आंकड़ा विश्लेषकों के 70,000 के अनुमान से काफी बेहतर रहा और अगस्त में दर्ज 36,000 नौकरियों की संशोधित वृद्धि की तुलना में तेज उछाल दिखाता है। इसके साथ ही अमेरिकी आर्थिक विकास दर ने भी चौंकाने वाला प्रदर्शन किया। दूसरी तिमाही के लिए वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर को संशोधित कर 2.2 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि प्रारंभिक अनुमान 1.5 प्रतिशत का था और बाजार को भी 1.5 प्रतिशत की ही उम्मीद थी। यह संशोधन यह साबित करता है कि अर्थव्यवस्था की गति पहली तिमाही में दर्ज 2.1 प्रतिशत की रफ्तार से भी तेज हो गई थी।\n\nब्याज दरों के समय पर बाजार की बदलती उम्मीदें\nमुद्रास्फीति में नरमी और आर्थिक गतिविधियों में लचीलेपन के इस दोहरे मेल ने निवेशकों को ब्याज दरों के फैसले पर अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। बाजार अब यह नहीं देख रहा कि दरें बढ़ेंगी या नहीं, बल्कि यह तय करने में जुटा है कि अगला कदम कब उठाया जाएगा। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, निवेशक अब अक्टूबर में ब्याज दर वृद्धि की केवल 35 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं, जो एक दिन पहले लगभग 51 प्रतिशत और एक हफ्ते पहले 71 प्रतिशत थी। इसके विपरीत, बाद के महीनों के लिए सख्ती की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना एक दिन पहले के 49.4 प्रतिशत से उछलकर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों का दिसंबर की ओर खिसकना अमेरिकी डॉलर को अपनी गिरावट से उबरने में सबसे बड़ा सहारा बना।\n\nऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था पर दबाव और रियल एस्टेट का सुस्त रुख\nदूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अपने घरेलू मोर्चे पर भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दरों में बढ़ोतरी का असर रियल एस्टेट क्षेत्र में साफ देखा जा रहा है। अगस्त में भवन निर्माण अनुमतियों में पिछले महीने के मुकाबले 6.1 प्रतिशत की गिरावट आई और सबसे बड़े शहरों में आवास की कीमतों में लगातार गिरावट जारी रही। कॉमर्जबैंक के विश्लेषण के अनुसार, केंद्रीय बैंक के लिए आने वाले महीनों में किसी नए फैसले से पहले इंतजार करना ही उचित होगा। मुद्रास्फीति में नरमी और रियल एस्टेट क्षेत्र की लगातार कमजोरी को देखते हुए कॉमर्जबैंक का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को आगे किसी भी तरह का अनुकूल सहारा मिलने की संभावना बेहद कम है। इसके अलावा, अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े अनुमान से कमजोर रहने से रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है, जबकि चीन के पीएमआई आंकड़ों से भी मुद्रा को कोई विशेष गति नहीं मिली।\n\nतकनीकी विश्लेषण और समर्थन व प्रतिरोध के अहम स्तर\nतकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए ऊपरी स्तरों पर पहला प्रतिरोध 0.6980 पर मौजूद है, जिसके बाद 100 अवधि के एसएमए के साथ 0.7005 का क्षैतिज अवरोध आता है। इसके ऊपर अन्य रुकावटें 0.7045, 0.7075, 0.7105 और 0.7140 पर स्थित हैं। नीचे की तरफ निकटतम क्षैतिज समर्थन 0.6950 के स्तर पर है, जिसे तोड़ने पर प्रति घंटा आधार पर गिरावट का रुख और तेज हो सकता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, 14 अवधि का आरएसआई 27 के स्तर पर है जो ओवरसोल्ड स्थिति को दिखाता है, जबकि एमएसीडी मंदी का संकेत दे रहा है। 20 अवधि का ईएमए 0.7083, 50 अवधि का ईएमए 0.7088 और 200 अवधि का ईएमए 0.6965 पर स्थित है। 50 अवधि का एसएमए 0.7093 और 200 अवधि का एसएमए 0.7026 पर है। बोलिंजर बैंड का दायरा 0.6963 से 0.7275 तक फैला है और कीमत निचले बैंड के नीचे फिसल गई है। 14 अवधि का एडीएक्स 32 पर है जो मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है। वर्तमान में पिवट 0.6967 पर है, जिसके साथ प्रतिरोध आर1 0.6982 व आर2 0.7013 पर हैं, जबकि समर्थन एस1 0.6936 और एस2 0.6920 पर दिखाई दे रहा है।\n\nवैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं का ताजा हाल\nबुधवार के कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख वित्तीय बाजारों में भी डॉलर की वापसी का असर देखा गया। सोने की कीमतों ने यू-टर्न लिया और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,150 डॉलर के दायरे में आ गया, जो पहले 4,200 डॉलर के प्रमुख स्तर को पार कर गया था। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन 83,000 डॉलर के स्तर को निकटतम समर्थन के रूप में बचाने का संघर्ष कर रहा था। वहीं इथेरियम 2,600 डॉलर के निचले और 2,700 डॉलर के ऊपरी स्तर के बीच सीमित रहा, जबकि रिपल 1.50 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 157.00 के नीचे दबाव में रहा। वहीं यूरो/यूएस डॉलर जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर 1.1312 पर पहुंच गई, जो जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। यूरोप में ऊर्जा कीमतों की संवेदनशीलता, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर की सामान्य मजबूती यूरो पर भारी पड़ रही है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और ब्याज दरों के बदले अनुमानों से विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिसका असर वैश्विक और भारतीय स्तर पर देखा जा सकता है।\n\n• भारत में: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आयात महंगा होने का खतरा रहता है। कच्चे तेल और आयातित इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दाम बढ़ने से घरेलू मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है।\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती के चलते सोने तथा विदेशी मुद्राओं से पैसा सुरक्षित परिसंपत्तियों में स्थानांतरित हो सकता है। कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों को आगामी दिनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।\n• मुद्रा कारोबारियों के लिए: तकनीकी संकेतकों के अनुसार AUD/USD ओवरसोल्ड दायरे में आ चुका है और 0.6950 का स्तर टूटने पर और गिरावट आ सकती है। ट्रेडर्स को 0.6936 और 0.6920 के सपोर्ट स्तरों पर स्टॉप-लॉस का सख्त ध्यान रखना चाहिए।\n• विदेशी यात्रियों और छात्रों के लिए: यदि अमेरिकी डॉलर अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बना रहता है तो अमेरिका में पढ़ाई और यात्रा की लागत बढ़ सकती है। छात्रों और यात्रियों को अपनी विदेशी मुद्रा विनिमय योजनाओं में हेजिंग और सही समय का ध्यान रखना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी डॉलर के तेजी से उबरने और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के फिसलने के पीछे अमेरिका के मजबूत व्यापक आर्थिक आंकड़े मुख्य कारण रहे हैं।\n\n• आर्थिक आंकड़ों में विरोधाभास: हालांकि पीसीई मुद्रास्फीति दर घटकर 3.4 प्रतिशत और कोर मुद्रास्फीति 3 प्रतिशत रही, लेकिन उसी दिन मजबूत जीडीपी और रोजगार के आंकड़ों ने आर्थिक कमजोरी की आशंकाओं को खारिज कर दिया। अर्थव्यवस्था की इस मजबूती ने डॉलर को भारी राहत दी।\n• रोजगार और जीडीपी का अप्रत्याशित उछाल: निजी क्षेत्र में सितंबर में 90,000 नई नौकरियां जुड़ना और दूसरी तिमाही की जीडीपी दर का बढ़कर 2.2 प्रतिशत संशोधित होना यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा नहीं है। इससे उच्च ब्याज दरों को झेलने की अमेरिकी क्षमता पर भरोसा बढ़ा।\n• ब्याज दर उम्मीदों का बदलाव: सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार निवेशकों ने अक्टूबर की जगह दिसंबर में ब्याज दर वृद्धि की 60 प्रतिशत तक संभावना जतानी शुरू कर दी। इस समय-सीमा के बदलाव ने निवेशकों को डॉलर की तरफ वापस खींचा।\n• ऑस्ट्रेलियाई रियल एस्टेट में कमजोरी: ऑस्ट्रेलिया में भवन निर्माण अनुमतियों में 6.1 प्रतिशत की मासिक गिरावट और प्रमुख शहरों में घरों की कीमतों में कमी ने यह साफ कर दिया कि वहां की अर्थव्यवस्था दबाव में है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए दरें बढ़ाना मुश्किल हो गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों आई?\nअमेरिका में मजबूत रोजगार और जीडीपी आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में आई तेजी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की शुरुआती बढ़त को खत्म कर दिया।\n\n2. अगस्त में अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति की क्या स्थिति रही?\nअगस्त में हेडलाइन पीसीई मुद्रास्फीति 3.4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही, जो बाजार के 3.7 प्रतिशत के अनुमान से कम थी।\n\n3. सितंबर में अमेरिका में निजी क्षेत्र में कितनी नौकरियां जुड़ीं?\nएडीपी की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में निजी क्षेत्र में 90,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो 70,000 के अनुमान से कहीं अधिक थीं।\n\n4. अमेरिकी जीडीपी वृद्धि दर में क्या संशोधन किया गया?\nदूसरी तिमाही के लिए वार्षिक जीडीपी विकास दर को पूर्व के 1.5 प्रतिशत के अनुमान से बढ़ाकर 2.2 प्रतिशत कर दिया गया।\n\n5. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों में क्या बदलाव हुआ?\nअक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना घटकर 35 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत हो गई।\n\n6. ऑस्ट्रेलिया के रियल एस्टेट क्षेत्र में क्या गिरावट दर्ज की गई?\nअगस्त के दौरान ऑस्ट्रेलिया में भवन निर्माण अनुमतियों में 6.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और बड़े शहरों में आवास की कीमतें घटीं।\n\n7. AUD/USD के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nजोड़ी के लिए निकटतम क्षैतिज समर्थन 0.6950 और 0.6936 पर है, जबकि पहला बड़ा प्रतिरोध 0.6980 और 0.7005 पर मौजूद है।\n\n8. इस सत्र में सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का क्या रुख रहा?\nसोना फिसलकर 4,150 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया, जबकि बिटकॉइन 83,000 डॉलर के समर्थन स्तर को बचाने का प्रयास करता दिखा।",
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