अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और एसएनबी बैठक से पहले स्विस फ्रैंक की तेजी पर लगा ब्रेक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी और आगामी स्विस नेशनल बैंक नीति समीक्षा से पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक का सुधार थम गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक की रिकवरी अचानक रुक गई है। कारोबारी सत्र के दौरान USD/CHF मुद्रा जोड़ी 0.8220 के स्तर से ऊपर निकल गई, जिससे डॉलर को अपनी हालिया गिरावट की भरपाई करने में मदद मिली। वैश्विक वित्तीय बाजारों में निवेशकों का पूरा ध्यान अब स्विस नेशनल बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक और उसके आधिकारिक नीतिगत फैसलों पर टिक गया है। केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग दिशाओं ने मुद्रा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है, जहाँ एक तरफ सख्त रुख देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रीय बैंकों के रुख में बढ़ता अंतर और अमेरिकी डॉलर की मजबूती अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा अपनाए गए बेहद कड़े मौद्रिक रुख ने स्विस नेशनल बैंक के अपेक्षाकृत नरम दृष्टिकोण के साथ नीतिगत अंतर को काफी गहरा कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने हाल ही में बेंचमार्क ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की है, जिसके चलते फेडरल फंड्स दर तीन साल के उच्चतम स्तर 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गई है। बाजार सहभागियों के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य फेड चेयरमैन केविन वार्श का अप्रत्याशित रूप से सख्त भाषण रहा। केविन वार्श ने मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य तक वापस लाने की फेडरल रिजर्व की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। इस वक्तव्य ने वित्तीय बाजारों में यह उम्मीद मजबूत कर दी है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे अमेरिकी डॉलर को व्यापक समर्थन मिला है। स्विस नेशनल बैंक की मौद्रिक नीति और राष्ट्रपति मार्टिन श्लेगल का बयान मुद्रा बाजार के सहभागियों का मुख्य ध्यान अब स्विस नेशनल बैंक के अध्यक्ष मार्टिन श्लेगल की तरफ से जारी होने वाले आधिकारिक प्रेस बयान पर लगा हुआ है। व्यापारी और विश्लेषक इस प्रेस नोट में मध्यम अवधि के दौरान संभावित नीतिगत बदलावों के संकेतों की तलाश कर रहे हैं। मार्टिन श्लेगल ने महीने की शुरुआत में स्पष्ट किया था कि पिछले कुछ महीनों के दौरान मुद्रास्फीति का दबाव कुछ हद तक बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी बैंक की मूल्य स्थिरता सीमा के भीतर बना हुआ है। इस स्थिति के चलते केंद्रीय बैंक को अपनी मौजूदा ब्याज दर नीति को बिना किसी बदलाव के कुछ समय तक स्थिर बनाए रखने की सुविधा मिल रही है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के रूप में स्विस नेशनल बैंक एक स्वतंत्र निकाय की तरह कार्य करता है, जिसका प्राथमिक कानूनी जनादेश मध्यम और दीर्घकालिक आधार पर मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है। इस मूल्य स्थिरता को साधने के लिए बैंक उपयुक्त मौद्रिक स्थितियां बनाए रखने का प्रयास करता है, जो मुख्य रूप से नीतिगत ब्याज दरों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के स्तर से तय होती हैं। स्विस नेशनल बैंक के नियमों के अनुसार, मूल्य स्थिरता का सटीक अर्थ स्विस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सालाना 2% से कम की वृद्धि होना है। नीतिगत ब्याज दर का तंत्र और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप का इतिहास स्विस नेशनल बैंक का गवर्निंग बोर्ड अपने मूल्य स्थिरता लक्ष्य के अनुसार नीतिगत दर का उचित स्तर तय करता है। जब मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर चली जाती है या निकट भविष्य में इसके लक्ष्य से ऊपर रहने का अनुमान होता है, तो बैंक नीतिगत दर बढ़ाकर अत्यधिक मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास करता है। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर स्विस फ्रैंक के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि वे निवेशकों को बेहतर यील्ड प्रदान करती हैं, जिससे स्विट्जरलैंड वैश्विक पूंजी के लिए अधिक आकर्षक बन जाता है। इसके विपरीत, कम ब्याज दरें स्विस फ्रैंक को कमजोर करने का काम करती हैं। इसके अलावा, स्विस नेशनल बैंक अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले स्विस फ्रैंक की अत्यधिक मजबूती को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में नियमित रूप से हस्तक्षेप करने के लिए जाना जाता है। अत्यधिक मजबूत स्विस फ्रैंक देश के विशाल और शक्तिशाली निर्यात क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। वर्ष 2011 और 2015 के बीच, केंद्रीय बैंक ने यूरो के मुकाबले स्विस फ्रैंक की तेज बढ़त को सीमित करने के लिए यूरो के साथ एक निश्चित पेग व्यवस्था लागू की थी। बैंक अपने विशाल विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके बाजार में सीधा हस्तक्षेप करता है, जिसके तहत वह आमतौर पर अमेरिकी डॉलर या यूरो जैसी विदेशी मुद्राएं खरीदता है। हालांकि, उच्च मुद्रास्फीति के दौर में, विशेष रूप से ऊर्जा संकट के समय, स्विस नेशनल बैंक बाजार में हस्तक्षेप से परहेज करता है, क्योंकि एक मजबूत स्विस फ्रैंक ऊर्जा आयात को सस्ता बना देता है और घरेलू परिवारों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों को मूल्य झटके से राहत देता है। बैंक अपनी मौद्रिक नीति मूल्यांकन के लिए साल में चार बार, यानी मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में तिमाही बैठक आयोजित करता है, जिसमें नीतिगत निर्णय के साथ मध्यम अवधि का मुद्रास्फीति पूर्वानुमान भी जारी किया जाता है। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में अन्य प्रमुख संपत्तियों का हाल वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में भी सोमवार को व्यापक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की जोड़ी AUD/USD 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम दरों पर यथास्थिति बनाए रखने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव देखा गया, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि के दांव ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दिया। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY जोड़ी सोमवार को एशिया में 157.00 के नीचे आ गई। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच किए जाने के बाद संभावित आधिकारिक हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच येन में मामूली मजबूती दर्ज की गई। जापान में सार्वजनिक अवकाश के कारण व्यापारी सतर्क नजर आए, जबकि रूस और यूक्रेन के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना रहा। इसके अलावा बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जो बाजार की उम्मीदों के पूरी तरह अनुरूप रहा। कमोडिटी बाजार में सोने पर दबाव बना रहा और यूरोपीय सत्र के पहले भाग में यह 0.50% से अधिक टूटकर 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट और उसके मुद्रास्फीति प्रभावों के आकलन के बीच सोना पिछले बुधवार को छुए गए छह सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर बना हुआ है। वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अंतिम सप्ताहों में प्रवेश करते हुए वैश्विक वित्तीय बाजार एक असामान्य स्थिति का सामना कर रहे हैं, जहाँ अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है और सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में तनाव देखा जा रहा है। इसका आप पर असर केंद्रीय बैंकों के बदलते ब्याज दर फैसलों और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा में निवेश करने वालों पर सीधा असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय दर: USD/CHF जोड़ी के 0.8220 से ऊपर जाने से डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक की तेजी थमी है। यदि आप विदेश यात्रा या विदेशी मुद्रा में लेनदेन की योजना बना रहे हैं, तो विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखें। • वैश्विक ब्याज दर चक्र: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें 3.75% से 4% के दायरे में पहुंचाने से वैश्विक डॉलर संपत्तियों पर रिटर्न बढ़ गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय कर्ज महंगा बना रहेगा और वैश्विक बाजारों में पूंजी का प्रवाह प्रभावित होगा। • सोना और सुरक्षित निवेश: सोने की कीमतें घटकर 4,350 डॉलर के आसपास आ गई हैं। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी गैर-उपज वाली संपत्तियों की मांग को प्रभावित कर सकती है। • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: तेल की गिरती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख रहेगा। व्यक्तिगत निवेशकों को मुद्रा जोखिम वाले फंड में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ स्विस फ्रैंक की बढ़त रुकने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और स्विस नेशनल बैंक की नीतिगत स्थिरता मुख्य कारण हैं। • फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा दरों को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75% से 4% पर पहुंचाना डॉलर की मजबूती का मुख्य कारण बना। फेड चेयरमैन केविन वार्श ने 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य के प्रति अपनी आक्रामकता दोहराई, जिससे दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गईं। • एसएनबी की सतर्क नीति: स्विस नेशनल बैंक के अध्यक्ष मार्टिन श्लेगल ने संकेत दिया कि हालांकि हाल के महीनों में मुद्रास्फीति कुछ बढ़ी है, लेकिन यह अभी भी लक्ष्य सीमा के भीतर है। इसके चलते स्विस बैंक ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी से बचते हुए यथास्थिति बनाए रख सकता है। • वैश्विक बाजार कारक: बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी दर 1.25% करने और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले विभिन्न प्रमुख मुद्राओं में पुनर्संतुलन देखने को मिला है। इन वैश्विक गतिविधियों ने निवेशकों को जोखिम कम करने और डॉलर की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया। सवाल-जवाब 1. USD/CHF जोड़ी में हालिया बदलाव क्या रहा है? USD/CHF जोड़ी दो दिनों की गिरावट के बाद सुधरकर 0.8220 के स्तर से ऊपर निकल गई है। 2. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की है, जिससे नीतिगत दर 3.75% से 4% के स्तर पर पहुंच गई है। 3. स्विस नेशनल बैंक के अनुसार मूल्य स्थिरता की क्या परिभाषा है? स्विस नेशनल बैंक के अनुसार मूल्य स्थिरता का अर्थ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सालाना 2% से कम की वृद्धि होना है। 4. एसएनबी के अध्यक्ष मार्टिन श्लेगल ने मुद्रास्फीति पर क्या कहा है? मार्टिन श्लेगल ने कहा कि हाल के महीनों में मुद्रास्फीति का दबाव थोड़ा बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी स्थिरता के दायरे में है, जिससे बैंक नीतिगत दरों को स्थिर रख सकता है। 5. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में क्या निर्णय लिया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 6. स्विस नेशनल बैंक मौद्रिक नीति बैठकें कब आयोजित करता है? स्विस नेशनल बैंक साल में चार बार—मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में—त्रैमासिक बैठकें आयोजित करता है। https://trendkia.com/market/us-fed-ke-akramaka-rukha-aura-snb-baithaka-se-pahale-swiss-franc-ki-teji-para-laga-breka-35753 TrendKia — Har trend, sabse pehle.