# अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेतों से सोना फिसला, कूटनीतिक हलचलों पर टिकी नजरें

> फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की आशंकाओं के बीच सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पश्चिम एशिया को लेकर कूटनीतिक उम्मीदें और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी निचले स्तरों पर कीमती धातु को सहारा दे सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-fed-rate-hike-hopes-ke-beech-gold-fisla-middle-east-kootneeti-par-nigahen-36000 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, गोल्ड प्राइस, फेडरल रिजर्व, ब्याज दरें, कमोडिटी बाजार, अमेरिकी डॉलर, वित्त

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार के शुरुआती एशियाई सत्र के दौरान सोने के भाव में नरमी का रुख देखा गया, जहां कीमती धातु फिसलकर लगभग 4,365 डॉलर के स्तर पर आ गई। इससे पहले नए कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोना लगभग 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास दबाव में कारोबार कर रहा था। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में और इजाफा किए जाने की सख्त चेतावनियों ने निवेशकों के उत्साह को ठंडा किया है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव घटाने की राजनयिक कोशिशों और केंद्रीय बैंकों की मजबूत मांग से कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट सीमित रहने के आसार हैं।

## फेडरल रिजर्व के सख्त तेवर और डॉलर की मजबूती
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने पिछले हफ्ते अपनी मानक ब्याज दरों में चौथाई प्रतिशत अंक (0.25%) की बढ़ोतरी करते हुए नीतिगत दरों को 3.75% से 4.0% के दायरे में पहुंचा दिया था। यह साल 2023 के बाद फेडरल रिजर्व की पहली दर वृद्धि थी। इस फैसले के बाद से वित्तीय बाजारों में यह डर बना हुआ है कि ऊंची ब्याज दरों का दौर अभी लंबा खिंच सकता है। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के आंकड़ों के मुताबिक, डेरिवेटिव बाजार के कारोबारी अब दिसंबर में एक और अमेरिकी ब्याज दर वृद्धि की 90.3% संभावना मानकर चल रहे हैं।

सेंट लुइस फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम ने सोमवार को दिए अपने बयान में कहा कि केंद्रीय बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ सकती है। अल्बर्टो मुसालेम ने यह भी रेखांकित किया कि इस महीने हुई दर वृद्धि के बावजूद मौजूदा मौद्रिक नीति अब भी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर रही हो सकती है। आर्थिक नियमों के तहत ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर गैर-उपज वाले सोने के लिए प्रतिकूल साबित होती हैं, क्योंकि बांड और अन्य ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक आकर्षक बन जाती हैं।

अमेरिकी डॉलर सूचकांक शुक्रवार को दो महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज के बाजार विश्लेषक जिम वायकॉफ ने कहा, "हम अमेरिकी मौद्रिक नीति सख्त होने को लेकर बुल निवेशकों में कुछ चिंताएं देख रहे हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यही मंदी के कारक इस समय कीमती धातुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट देखी गई, लेकिन मजबूत डॉलर के दबाव के आगे पीली धातु अपनी चमक बरकरार रखने में संघर्ष करती दिखी।

## पश्चिम एशिया में कूटनीतिक उम्मीदें और वैश्विक घटनाक्रम
कीमतों में तेज गिरावट को रोकने वाले कारकों में पश्चिम एशिया में कूटनीतिक सुलह की नई उम्मीदें शामिल हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे से पश्चिम एशिया संकट के कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं जगी हैं, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं।

इसके समानांतर, दुनिया के अन्य हिस्सों में भी केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों को सामान्य करने में जुटे हैं। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने एक अहम कदम उठाते हुए 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। जापानी केंद्रीय बैंक का यह कदम उसकी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और पड़ाव है, जिसकी बाजार लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहा था। जापानी येन में मजबूती और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) 157.00 के नीचे फिसला, जबकि रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनावों ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। वहीं, एशियाई कारोबार से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) भी 0.7140 के स्तर को छूने के बाद 0.7100 के निचले स्तरों पर स्थिर होने की कोशिश करता नजर आया।

## ईटीएफ प्रवाह और केंद्रीय बैंकों की ऐतिहासिक खरीदारी
आईएनजी (ING) के विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि सप्ताह की शुरुआत में निवेशकों द्वारा फेड के फैसलों और सख्त नीति के असर का आकलन करने के चलते सोने में गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों के बयानों ने यह चिंता बढ़ा दी है कि महंगाई दर अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिससे दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की उम्मीदों को बल मिला है। आईएनजी ने आगाह किया कि सख्त मौद्रिक नीति सोने के लिए एक विपरीत हवा बनी हुई है, लेकिन मजबूत अंतर्निहित प्रवाह गिरावट को रोकने में मदद कर सकते हैं। आईएनजी के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ (ETF) होल्डिंग्स छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं और केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी कीमतों को आधार प्रदान कर रही है।

ऐतिहासिक रूप से सोना मूल्य संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। आभूषणों के अलावा, आज इसे अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है। किसी सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर न होने के कारण इसे मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई से बचाव का बेहतरीन जरिया माना जाता है। विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने साल 2022 में अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी। यह रिकॉर्ड इतिहास की सबसे बड़ी वार्षिक खरीद थी। विशेष रूप से चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं ताकि अपनी मुद्राओं को मजबूती दी जा सके और अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाया जा सके।

## तकनीकी विश्लेषण और अहम मूल्य स्तर
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएयू/यूएसडी (XAU/USD) 20-दिवसीय बोलिंगर सिंपल मूविंग एवरेज के ठीक नीचे बना हुआ है, जिससे ऊपर की चाल सीमित दिख रही है। हालांकि, यह 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर टिका हुआ है, जो व्यापक तेजी के रुझान को समर्थन दे रहा है। 49.95 के स्तर पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) पूरी तरह तटस्थ स्थिति में है, जो यह दर्शाता है कि बाजार किसी स्पष्ट दिशा में जाने के बजाय 4,363.65 डॉलर के ओपनिंग पिवट स्तर के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है।

तकनीकी स्तरों के अनुसार, ऊपर की तरफ प्रारंभिक प्रतिरोध 4,405 डॉलर के आसपास बोलिंगर मिडिल बैंड पर दिखाई देता है, जिसके बाद 4,615 डॉलर के ऊपरी बैंड के पास अधिक मजबूत रुकावट है। गिरावट की स्थिति में, 4,320 डॉलर पर 100-दिवसीय एसएमए तत्काल समर्थन प्रदान करता है। यदि मौजूदा दायरा टूटता है, तो 4,200 डॉलर के निचले बोलिंगर बैंड के पास एक गहरा कुशन मौजूद है, जहां खरीदारों द्वारा मध्यम अवधि के तेजी के ढांचे की रक्षा करने की उम्मीद की जा सकती है।

## लाइव बाजार स्थिति और तकनीकी संकेतक
ताजा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, सत्र समाप्ति के समय सोना (GC=F) 4,402 डॉलर के भाव पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव 4,425 डॉलर के मुकाबले 0.52% की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 3,718 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है, जबकि कारोबारी वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का महज 0.02 गुना रहा।

लाइव दैनिक संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 48 पर तटस्थ बना हुआ है। एमएसीडी (MACD) -2.86 पर है जबकि सिग्नल लाइन 15.00 पर है, जिसका -17.85 का हिस्टोग्राम मंदी के दबाव का संकेत देता है। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 4,427 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 4,393 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,429 डॉलर पर है। इसके साथ ही 50-दिवसीय एसएमए 4,331 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 4,554 डॉलर पर स्थित है, जहां 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाना डेथ क्रॉस की पुष्टि करता है।

लाइव बोलिंगर बैंड का दायरा 4,255 डॉलर से 4,701 डॉलर (मध्य रेखा 4,478 डॉलर) है। औसत ट्रू रेंज (ATR-14) 103.98 डॉलर पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव और स्टॉप-लॉस बफर के लिए प्रमुख पैमाना है। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 4,273 डॉलर और रेजिस्टेंस 4,755 डॉलर के करीब है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य पिवट 4,396 डॉलर आंका गया है, जिसके लिए रेजिस्टेंस R1 4,410 डॉलर और R2 4,418 डॉलर हैं, जबकि सपोर्ट S1 4,388 डॉलर और S2 4,374 डॉलर पर बने हुए हैं। आम तौर पर शेयर बाजार में तेजी सोने को कमजोर करती है, जबकि जोखिम वाली संपत्तियों में बिकवाली पीली धातु की मांग बढ़ा देती है। अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों की भावी दिशा पर ही आने वाले दिनों में सोने की चाल निर्भर करेगी।

## इसका आप पर असर
सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई यह नरमी घरेलू बाजार में आभूषण खरीदारों, व्यापारियों और निवेशकों के फैसलों को सीधे प्रभावित करेगी।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव $4,350 से $4,365 के बीच आने से घरेलू खुदरा बाजार में शादी-ब्याह के लिए आभूषण खरीदने वालों को मामूली राहत मिल सकती है। यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया स्थिर रहता है, तो खुदरा ग्राहकों के लिए सोने के आभूषणों की प्रति 10 ग्राम लागत में नरमी देखने को मिलेगी।
- **निवेशकों के लिए:** गोल्ड ईटीएफ और सावरेन गोल्ड बांड धारकों को मौजूदा स्तरों पर बहुत आक्रामक खरीदारी करने से बचना चाहिए क्योंकि अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ने पर सोने में और गिरावट आ सकती है। निवेशक $4,320 से $4,200 के मजबूत सपोर्ट स्तरों के आसपास व्यवस्थित तरीके से एसआईपी या चरणबद्ध खरीदारी की रणनीति बना सकते हैं।
- **कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए:** वायदा बाजार के ट्रेडर्स को दैनिक $103.98 के औसत उतार-चढ़ाव (ATR) को ध्यान में रखते हुए सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना चाहिए। वर्तमान में बाजार 20-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे दबाव में है, इसलिए बिना किसी स्पष्ट ब्रेकआउट के नए लॉन्ग सौदे जोखिम भरे हो सकते हैं।
- **मुद्रा विनिमय और ब्याज दरें:** फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से वैश्विक स्तर पर कर्ज महंगे बने रहने के आसार हैं। इसका सीधा असर भारतीय निर्यातकों और डॉलर में लेन-देन करने वाली कंपनियों की उधारी लागत पर बना रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
सोने की कीमतों में आई हालिया गिरावट अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बने सख्त माहौल और भू-राजनीतिक तनावों में कूटनीतिक प्रगति की संभावनाओं का मिला-जुला नतीजा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के रुख ने डॉलर को मजबूत किया है, जिससे गैर-उपज वाले सोने की मांग पर दबाव पड़ा है।

- **फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 3.75%-4.0% के दायरे में बढ़ाए जाने और दिसंबर में एक और बढ़ोतरी की 90.3% आशंका से बाजार पर भारी दबाव बना। गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति होने के कारण बढ़ती ब्याज दरों के दौर में सोने की निवेश अपील घट जाती है।
- **अल्बर्टो मुसालेम के सख्त बयान:** सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम ने स्पष्ट किया कि महंगाई दर को काबू में लाने के लिए अभी और दर वृद्धि की जरूरत पड़ सकती है। इस टिप्पणी ने वित्तीय बाजारों में यह संदेश दिया कि मौजूदा नीति अब भी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ठंडा करने में पर्याप्त नहीं है।
- **मजबूत डॉलर इंडेक्स:** अमेरिकी मौद्रिक नीति के सख्त बने रहने की संभावनाओं ने डॉलर सूचकांक को दो महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होने के कारण मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के खरीदारों के लिए सोने को महंगा बना देता है।
- **पश्चिम एशिया पर कूटनीतिक पहल:** ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की संयुक्त राष्ट्र यात्रा और राजनयिक समाधान की कोशिशों ने तेल आपूर्ति संकट और भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को कुछ हद तक कम किया है। इसके चलते सेफ-हेवन के रूप में सोने की तात्कालिक मांग थोड़ी सुस्त पड़ी है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और दिसंबर में एक और दर वृद्धि की 90.3% संभावना के चलते गैर-उपज वाले सोने की मांग घटी है।

### 2. सेंट लुइस फेड अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम ने क्या बयान दिया?
अल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि मुद्रास्फीति के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि मौजूदा नीति अब भी अर्थव्यवस्था को गति दे रही हो सकती है।

### 3. सोने की गिरावट को कौन से कारक सीमित कर रहे हैं?
पश्चिम एशिया में कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें, छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा गोल्ड ईटीएफ निवेश और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी कीमतों को सहारा दे रही है।

### 4. केंद्रीय बैंकों ने सोने के भंडार को लेकर क्या ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था?
विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी।

### 5. तकनीकी विश्लेषण के अनुसार सोने के लिए अहम समर्थन स्तर क्या हैं?
सोने के लिए 4,320 डॉलर पर 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज पहला मजबूत सपोर्ट है, जबकि निचला बोलिंगर बैंड 4,200 डॉलर के आसपास अहम सुरक्षा स्तर प्रदान करता है।

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