अमेरिकी ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से पाउंड स्टर्लिंग में सुस्ती, 1.3400 के नीचे फिसला केबल फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि और तकनीकी दबाव के बीच पाउंड स्टर्लिंग कमजोर होकर 1.3375 के स्तर पर आ गया है, जिससे मंदी का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सोमवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान पाउंड स्टर्लिंग में डॉलर के मुकाबले सुस्ती देखी गई। विदेशी मुद्रा बाजार में जीबीपी/यूएसडी जोड़ी फिसलकर 1.3375 के आसपास कारोबार करती नजर आई। दैनिक चार्ट पर 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बने रहने और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स पर नकारात्मक गति दिखने के कारण ब्रिटिश मुद्रा पर दबाव बरकरार है। हालांकि ब्रिटेन के भीतर राजकोषीय अनुशासन को लेकर बना हुआ सकारात्मक रुख गिरावट की गति को सीमित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अमेरिकी डॉलर की मजबूती से बिकवाली का दबाव बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों पर मंदी का स्पष्ट असर दैनिक तकनीकी चार्ट का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि जीबीपी/यूएसडी में अल्पकालिक मंदी का रुझान हावी है। यह मुद्रा जोड़ी लगातार 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा दोनों के नीचे बनी हुई है। मौजूदा समय में भाव बोलिंगर बैंड की निचली सीमा के ठीक ऊपर बना हुआ है, जो लगातार नीचे की ओर दबाव का संकेत देता है। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 35 के स्तर पर स्थित है। आरएसआई का यह स्तर दर्शाता है कि गति कमजोर बनी हुई है, और हालांकि यह अभी अत्यधिक बिकवाली के क्षेत्र में नहीं पहुंचा है, लेकिन यह बाजार में लगातार सक्रिय बिकवाली को पुष्ट करता है। बाजार के मौजूदा लाइव आंकड़ों पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी लगभग 1.34 पर स्थिर है, जो पिछले बंद भाव 1.34 से 0.14 प्रतिशत अधिक है। 52 हफ्तों का इसका दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर बना हुआ है। अन्य प्रमुख संकेतकों में एमएसीडी -0.00 पर अपने सिग्नल के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। 20-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए 1.35 पर बने हुए हैं, जबकि 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर है। मूविंग एवरेज में 50-दिवसीय एसएमए और 200-दिवसीय एसएमए 1.35 के स्तर पर हैं। 14-अवधि का एडीएक्स 22 पर होने के कारण एक सीमित दायरे वाले कमजोर रुझान को दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 17 और सिग्नल लाइन 15 पर दर्ज की गई है। 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर है, जिसमें 20 दिनों का अहम समर्थन 1.33 और प्रतिरोध 1.37 पर आंका गया है। महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर ट्रेडर्स के लिए ऊपर की ओर पहला बड़ा अवरोध 100-दिवसीय मूविंग एवरेज पर 1.3435 के स्तर पर देखा जा रहा है। यदि खरीदार इस स्तर को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला प्रतिरोध बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा के पास 1.3505 पर मिलेगा। इसके बाद ऊपरी बोलिंगर बैंड 1.3655 के आसपास एक कड़ा अवरोध प्रस्तुत करता है। जब तक इस ऊपरी स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ा नहीं जाता, तब तक समग्र मंदी का दृष्टिकोण कमजोर होने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर नीचे की तरफ बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 1.3355 पर तत्काल समर्थन प्रदान कर रही है। यदि भाव इस महत्वपूर्ण सीमा से नीचे गिरता है, तो आगे की गिरावट का रास्ता साफ हो सकता है। ऐसे परिदृश्य में अगला प्रमुख लक्ष्य 18 सितंबर का निचला स्तर 1.3335 होगा। इसके भी टूटने पर बिकवाली का दबाव 28 जुलाई के निचले स्तर 1.3273 तक गहरा सकता है। दैनिक स्तर पर धुरी बिंदु 1.34 पर है, जिसके पहले और दूसरे प्रतिरोध और समर्थन स्तर भी 1.34 के बेहद करीब केंद्रित हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और बाजार की उम्मीदें अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी सितंबर नीति बैठक में मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के मकसद से अपनी मानक ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75% से 4.00% के दायरे में कर दिया था। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व ने इस साल के अंत में एक और संभावित दर वृद्धि का संकेत भी दिया था। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर अब इस बात की 56.5 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं कि केंद्रीय बैंक अपनी आगामी अक्टूबर बैठक में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। इस संभावित कदम ने डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी प्रतिफल को सहारा देकर ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बढ़ा दिया है। ब्रिटेन में राजकोषीय अनुशासन और पाउंड की स्थिति अमेरिकी दबाव के बावजूद ब्रिटेन के भीतर का घटनाक्रम पाउंड को पूरी तरह टूटने से बचा रहा है। स्कोटियाबैंक के रणनीतिकारों का कहना है कि यूनाइटेड किंगडम की राजनीतिक पृष्ठभूमि पाउंड के लिए समर्थन का एक स्रोत बनी हुई है। बाजार सहभागियों और विश्लेषकों का भरोसा सरकार के राजकोषीय उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के प्रयासों पर टिका हुआ है। यह राजकोषीय अनुशासन ब्रिटिश संपत्तियों के प्रति व्यापक सकारात्मक भावना को सहारा देने वाला एक अहम आधार माना जा रहा है। पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा मानी जाती है, जिसकी जड़ें 886 ईस्वी से जुड़ी हैं, और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार में 12 प्रतिशत लेन-देन में भागीदारी के साथ यह विश्व की चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जिसका दैनिक औसत लगभग 630 अरब डॉलर रहा है। इसके सबसे प्रमुख व्यापारिक जोड़ों में जीबीपी/यूएसडी शामिल है, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' के नाम से जानते हैं और यह कुल मुद्रा कारोबार का 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है। इसके अलावा जीबीपी/जेपीवाई जिसे ट्रेडर 'ड्रैगन' कहते हैं, 3 प्रतिशत और यूरो/जीबीपी 2 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने की जिम्मेदारी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और आर्थिक संकेतकों का महत्व पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड अपने फैसले मूल्य स्थिरता के प्राथमिक लक्ष्य के आधार पर करता है, जिसका मानक लगभग 2 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर बनाए रखना है। इसके लिए ब्याज दरों में फेरबदल उसका प्रमुख हथियार है। जब मुद्रास्फीति बहुत अधिक होती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों को बढ़ाकर ऋण को महंगा करता है। यह आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है क्योंकि ऊंची दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत जब मुद्रास्फीति बहुत नीचे आ जाती है, तो यह आर्थिक मंदी का संकेत होता है, और केंद्रीय बैंक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए ब्याज दरें घटाता है। आर्थिक स्वास्थ्य को मापने वाले अन्य डेटा भी पाउंड की दिशा तय करते हैं। इनमें सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा पीएमआई, तथा रोजगार के आंकड़े शामिल हैं। मजबूत अर्थव्यवस्था अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ बैंक ऑफ इंग्लैंड को दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे पाउंड मजबूत होता है। वहीं व्यापार संतुलन भी अहम भूमिका निभाता है। जब किसी देश का निर्यात आयात से अधिक होता है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से मुद्रा को सीधे लाभ पहुंचता है और सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूत बनाता है। वैश्विक बाजारों का परिदृश्य और अन्य प्रमुख संपत्तियां व्यापक वित्तीय बाजारों में भी दिलचस्प हलचल देखी जा रही है। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के ऊपर स्थिर रहा। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट में कोई बदलाव न करने के रुख का असर दिखा, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले डॉलर में आई रुकावट ने ऑसी डॉलर को सहारा दिया। वहीं यूएसडी/जेपीवाई 157.00 के नीचे आ गया क्योंकि शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच के बाद हस्तक्षेप के जोखिम बढ़ गए थे। इसी बीच बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर का लक्ष्य 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। कीमती धातुओं में सोने की कीमतों में छह सप्ताह के निचले स्तर से शुरू हुई हालिया तेजी सोमवार को 4,400 डॉलर के स्तर पर खारिज होने के बाद थम गई। ट्रंप-शी बैठक से पहले भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच सोने का तकनीकी ढांचा तटस्थ दैनिक आरएसआई के साथ मिला-जुला नजर आया। उधर सोलाना 111.70 डॉलर से ऊपर कारोबार करते हुए बढ़त बनाए रहा, जिसमें पिछले सप्ताह लगभग 12 प्रतिशत की तेजी आई थी। टोकनाइज्ड इक्विटी इकोसिस्टम के नए मील के पत्थर और संस्थागत मांग के चलते इसमें मजबूती देखी जा रही है। अमेरिकी घरेलू मोर्चे पर इस सप्ताह डेटा हल्का रहेगा, जहां गुरुवार की नई आवास बिक्री रिपोर्ट पर मुख्य ध्यान रहेगा, जिसमें जुलाई की तेज गिरावट के बाद अगस्त में 2.6 प्रतिशत की आंशिक सुधार के साथ 623,000 की रफ्तार की उम्मीद जताई जा रही है। इसका आप पर असर अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और पाउंड में कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और विदेशी निवेश पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में आयात लागत: डॉलर के मजबूत होने से कच्चे तेल और अन्य वैश्विक आयातों की बिलिंग महंगी हो सकती है। इससे घरेलू बाजार में आयातित वस्तुओं की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। • ब्रिटेन जाने वाले यात्रियों और छात्रों पर: पाउंड के डॉलर के मुकाबले कमजोर रहने से ब्रिटेन में पढ़ाई या यात्रा करने वालों के लिए मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। विदेश में खर्च की योजना बना रहे लोगों को विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी चाहिए। • फॉरेक्स और मुद्रा ट्रेडर्स पर: जीबीपी/यूएसडी के 1.3400 के नीचे फिसलने से तकनीकी ट्रेडर्स के लिए मंदी के सौदे सक्रिय हो सकते हैं। स्टॉप-लॉस को 1.3435 के प्रतिरोध स्तर के करीब रखकर जोखिम प्रबंधन करना जरूरी होगा। • वैश्विक निवेश और फंड फ्लो: अमेरिकी ब्याज दरों के 3.75% से 4.00% के दायरे में पहुंचने और अगली वृद्धि की 56.5% संभावना से वैश्विक पूंजी अमेरिकी संपत्तियों की ओर आकर्षित हो सकती है। इसका सीधा असर उभरते बाजारों की तरलता पर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ जीबीपी/यूएसडी में यह ताजा गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और कड़ा करने के संकेतों और तकनीकी चार्ट पर बने बिकवाली के दबाव की वजह से आई है। • फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75% से 4.00% कर दी और आगे भी वृद्धि का संकेत दिया। आगामी अक्टूबर बैठक में एक और दर वृद्धि की संभावना 56.5% होने से अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है। • तकनीकी स्तरों पर विफलता: पाउंड स्टर्लिंग 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा से नीचे बना हुआ है। आरएसआई का 35 के स्तर पर कमजोर होना खरीदारों की अनुपस्थिति और बिकवाली के बने रहने का मुख्य कारण बना। • वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और ट्रंप-शी बैठक से पहले बनी सतर्कता के कारण निवेशक सुरक्षित मुद्रा के रूप में अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस वजह से जोखिम से जुड़ी मुद्राओं पर बिकवाली देखी जा रही है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को जीबीपी/यूएसडी में गिरावट का मुख्य स्तर क्या रहा? सोमवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र में जीबीपी/यूएसडी कमजोर होकर लगभग 1.3375 के स्तर पर आ गया। 2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी सितंबर नीति में क्या फैसला लिया था? फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75% से 4.00% के दायरे में कर दिया था और इस साल एक और वृद्धि का संकेत दिया था। 3. बाजार में अगली अमेरिकी दर वृद्धि की क्या संभावना मानी जा रही है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार ट्रेडर अक्टूबर की बैठक में एक और दर वृद्धि की 56.5 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं। 4. पाउंड के लिए ऊपर और नीचे के प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं? ऊपर की तरफ 1.3435 पर 100-दिवसीय एसएमए पहला प्रतिरोध है, जबकि नीचे की ओर 1.3355 पर बोलिंगर बैंड का निचला स्तर तत्काल समर्थन है। 5. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। https://trendkia.com/market/us-fed-rate-hike-ki-ashnka-se-pound-sterling-men-susti-1-3400-ke-niche-phisala-cable-35563 TrendKia — Har trend, sabse pehle.