अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी बाजार की निगाहें फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद और महंगाई से जुड़े ताजा आंकड़ों के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर इस हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर टिकी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बुधवार को आने वाला फेडरल रिजर्व का निर्णय मौजूदा कारोबारी सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक घटना साबित होगा। डॉयचे बैंक के जिम रीड और उनकी टीम के अनुसार, केंद्रीय बैंक अपनी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी करके इसे 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में ला सकता है। इसके साथ ही अर्थशास्त्रियों ने अपने अनुमान को और कड़ा करते हुए अगले सात महीनों के भीतर कुल 75 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की भविष्यवाणी की है। महंगाई के संकेत और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था से आ रहे हालिया मूल्य आंकड़े सख्त मौद्रिक रुख का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के हालिया सीपीआई (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) और पीपीआई (उत्पादक मूल्य सूचकांक) के आंकड़ों को बाजार ने सख्त संकेत के तौर पर लिया है। पिछले गुरुवार को सामने आई पीपीआई रिपोर्ट में मजबूत मुद्रास्फीति दबाव के तत्व दर्ज किए गए, जिनमें अस्पतालों के खर्चों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय हवाई किराए में बढ़ोतरी प्रमुख रूप से शामिल थी। इन सीपीआई और पीपीआई आंकड़ों के समन्वय के आधार पर अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगस्त के कोर पीसीई (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) में 0.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि यह रफ्तार फेडरल रिजर्व के निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य की दिशा में पर्याप्त प्रगति के अनुकूल नहीं है। ब्याज दरों की संभावना और जैक्सन होल का प्रभाव बाजार में ब्याज दर वृद्धि की संभावनाओं में हाल के हफ्तों में भारी फेरबदल दर्ज किया गया है। दो शुक्रवार पहले, वॉर्श के जैक्सन होल संबोधन से ठीक पूर्व, 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की बाजार संभावना लगभग 35 प्रतिशत के आसपास आंकी जा रही थी। हालांकि, अब यह संभावना तेजी से बढ़कर सुबह के कारोबार में 87 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। अर्थशास्त्रियों ने अपने परिदृश्य को संशोधित करते हुए मार्च के महीने में भी एक अतिरिक्त दर वृद्धि को शामिल किया है, जिससे अगले सात महीनों के दौरान दरों में संभावित बढ़ोतरी का कुल पैमाना 75 बीपीएस हो गया है। यह रुझान दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए लंबी अवधि तक सख्त मौद्रिक उपाय जारी रख सकता है। अमेरिकी खुदरा बिक्री में सुधार की उम्मीद बुधवार को फेडरल रिजर्व के निर्णय के साथ ही अगस्त माह के अमेरिकी खुदरा बिक्री के आंकड़े भी सार्वजनिक होने जा रहे हैं। अर्थशास्त्रियों का आकलन है कि खुदरा बिक्री में महीने-दर-महीने आधार पर +0.9 प्रतिशत की मजबूत वापसी देखने को मिलेगी। इससे पूर्व जुलाई के महीने में खुदरा बिक्री में -0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त, ऑटोमोबाइल क्षेत्र को छोड़कर बिक्री में +0.6 प्रतिशत और खुदरा नियंत्रण बिक्री में +0.3 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया गया है। विश्लेषकों का तर्क है कि जुलाई की मंदी दरअसल व्यापक आर्थिक सुस्ती की शुरुआत नहीं थी, बल्कि उपभोक्ता खर्च में आया एक अस्थायी ठहराव मात्र था, जिसके बाद मांग फिर से पटरी पर लौट रही है। विदेशी मुद्रा बाजारों में हलचल और मुद्राओं का प्रदर्शन केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के बीच सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोमवार को एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.7140 के स्तर के करीब पहुंची, जो डेढ़ सप्ताह का निचला स्तर है। हालांकि, इस गिरावट में आगे कोई बड़ा बहाव नहीं दिखा और हाजिर भाव लगभग 0.25 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करते रहे। दूसरी ओर, नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी में कुछ लिवाली देखी गई। एशियाई सत्र में यह जोड़ी शुक्रवार की गिरावट के एक हिस्से की भरपाई करते हुए 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गई। इसके बावजूद हाजिर कीमतें पिछले लगभग एक सप्ताह के सीमित दायरे में ही बंधी रहीं। यह दायरा पिछले मंगलवार को छुए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के बेहद करीब है, क्योंकि मुद्रा कारोबारी इस सप्ताह आने वाले प्रमुख केंद्रीय बैंक के आयोजनों के मद्देनजर सतर्कता बरत रहे हैं। पाई नेटवर्क और अन्य वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क (पीआई) ने लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद सोमवार को भी अपनी सुधार यात्रा जारी रखी और यह $0.097 के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया। तंत्र में लगातार हो रहे विकास और बेहतर डेवलपर टूल्स के चलते इसकी उपयोगिता को बल मिल रहा है। तकनीकी संकेतक एक संभावित सुधार की ओर इशारा करते हैं, लेकिन ऊपर स्थित एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज अभी भी इसके लिए चुनौती बने हुए हैं और बढ़त को सीमित कर रहे हैं। इसके अलावा, उत्तरी अमेरिकी बाजार में सोमवार को जारी होने वाले कनाडा के अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े भी निवेशकों के फोकस में रहेंगे। बैंक ऑफ कनाडा की 2 सितंबर की बैठक के बाद, जिसमें अधिकारियों ने विश्लेषकों की आम सहमति के अनुरूप ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था, स्टैटिस्टिक्स कनाडा के ये ताजा आंकड़े मूल्य दबावों पर नई जानकारी प्रदान करेंगे। इसका आप पर असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संभावित ब्याज दर फैसले और मुद्रास्फीति के आंकड़ों का सीधा असर वैश्विक पूंजी प्रवाह और उधारी लागत पर पड़ेगा। • भारतीय बाजार और निवेशकों पर: अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी से विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख सतर्क हो सकता है, जिससे घरेलू शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। इसके प्रभाव से उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का दबाव बनने से भारतीय रुपये की विनिमय दर पर भी असर देखा जा सकता है। • ऋण और जमा लागत: वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची रहने से अंतरराष्ट्रीय उधारी लागत महंगी बनी रहेगी। कॉरपोरेट कंपनियों के लिए विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) पर ब्याज खर्च बढ़ सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव कंपनियों की बैलेंस शीट पर पड़ेगा। • मुद्रा और आयात लागत: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने की स्थिति में कच्चे तेल और अन्य आयातित वस्तुओं का बिल बढ़ सकता है। आम उपभोक्ताओं के लिए आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश यात्रा की लागत में वृद्धि हो सकती है। • क्रिप्टो और कमोडिटी बाजार: उच्च ब्याज दरों का माहौल सोने और डिजिटल संपत्तियों जैसी गैर-प्रतिफल वाली संपत्तियों पर दबाव बनाए रखता है। निवेशकों को इन जोखिम भरी संपत्तियों में नई पूंजी लगाने से पहले सतर्क रुख अपनाना होगा। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के रुख का मुख्य कारण देश में लगातार बनी हुई महंगाई और मजबूत उपभोक्ता मांग है। हालिया आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत सख्ती जारी रखना आवश्यक है। • दृढ़ मुद्रास्फीति के आंकड़े: हालिया पीपीआई और सीपीआई रिपोर्टों में हवाई किराए और अस्पताल सेवाओं की लागत में वृद्धि दर्ज की गई है। कोर पीसीई में अनुमानित 0.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि महंगाई दर केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेजी से नीचे नहीं आ रही है। • बाजार की बदलती धारणा: दो सप्ताह पूर्व जैक्सन होल में दिए गए वॉर्श के संबोधन के बाद से मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों में बड़ा बदलाव आया है। दर वृद्धि की संभावना 35 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 87 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे फेडरल रिजर्व के लिए कदम उठाना आसान हो गया है। • उपभोक्ता मांग में लचीलापन: जुलाई में आई गिरावट के बाद अगस्त की खुदरा बिक्री में +0.9 प्रतिशत की संभावित उछाल का अनुमान है। उपभोक्ता खर्च का यह लचीलापन यह संकेत देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आए बिना दरों में वृद्धि को सहन करने की क्षमता रखती है। सवाल-जवाब 1. फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों को लेकर क्या उम्मीद की जा रही है? फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.75% से 4.00% के दायरे में लाने की उम्मीद है। 2. अगले सात महीनों में कुल कितनी दर वृद्धि का अनुमान है? अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगले सात महीनों में कुल 75 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी हो सकती है। 3. अमेरिकी खुदरा बिक्री को लेकर क्या अनुमान लगाया गया है? अगस्त के लिए अमेरिकी खुदरा बिक्री में महीने-दर-महीने +0.9% की वृद्धि का अनुमान है, जो जुलाई की 0.6% की गिरावट के बाद सुधार को दर्शाता है। 4. कनाडा की केंद्रीय बैंक ने अपनी पिछली बैठक में क्या फैसला लिया था? बैंक ऑफ कनाडा ने 2 सितंबर की बैठक में अपनी ब्याज दर को 2.25% पर स्थिर रखा था। 5. सोमवार को पाई नेटवर्क का कारोबार किस स्तर पर देखा गया? पाई नेटवर्क दो हफ्तों की लगातार बढ़त के बाद सोमवार को $0.097 से ऊपर कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/us-federal-reserve-ke-byaja-dara-phaisale-aura-mahngai-ke-ankaron-para-tiki-bajara-ki-nigahen-34037 TrendKia — Har trend, sabse pehle.