अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और कच्चे तेल के उछाल से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव गहराया फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और 100 डॉलर प्रति बैरल के पार कच्चे तेल की कीमतों के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर होकर 0.7110 के अहम सपोर्ट स्तर के करीब पहुंच गया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक सख्ती की आशंकाओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। पिछले सप्ताह 0.7248 के स्तर तक पहुंचने के बाद यह मुद्रा जोड़ी लगातार नीचे फिसलते हुए 0.7100 के निचले दायरे में आ गई है। अमेरिकी कारोबारी सत्र शुरू होने से ठीक पहले यह जोड़ी 0.7110 के प्रमुख सपोर्ट क्षेत्र के बेहद करीब सत्र के निचले स्तरों पर दबाव में दिखाई दी। निवेशकों में यह चिंता साफ देखी जा रही है कि यदि 0.7110 का यह महत्वपूर्ण तकनीकी आधार टूटता है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आने वाले दिनों में और भी गहरी गिरावट देखने को मिल सकती है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती और मुद्रास्फीति का दबाव अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तीव्र संभावना है। बाजार सहभागियों ने आगामी बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों यानी एक-चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। इतना ही नहीं, वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस साल के अंत से पहले फेड एक और दर वृद्धि का कदम उठा सकता है। इस धारणा को हालिया आर्थिक आंकड़ों से बड़ा बल मिला है। शुक्रवार को जारी हुए अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के ताजा आंकड़ों ने पुष्टि की है कि अमेरिका में महंगाई की रफ्तार लगातार फेडरल रिजर्व के 2% के निर्धारित लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। जब तक मुद्रास्फीति पर लगाम नहीं लगती, तब तक नीति निर्माताओं द्वारा मौद्रिक नीतियों को सख्त बनाए रखने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं दिखता। इसी कारण ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों को भारी समर्थन मिल रहा है, जिसका सीधा नकारात्मक असर जोखिम से जुड़ी मुद्राओं, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार और पश्चिम एशिया का संकट मुद्रा बाजार को केवल ब्याज दरों के फैसले ही प्रभावित नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की सेहत बिगाड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर टिके हुए हैं। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार जटिल होता जा रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की श्रृंखला के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक आवाजाही व्यावहारिक रूप से बाधित हो चुकी है। इसके साथ ही, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की पूर्ण नाकेबंदी करने की धमकी दी है। खाड़ी देशों से तेल निर्यात के लिए यह जलमार्ग एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग रहा है। यदि यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है, तो तेल निर्यातक देशों को अपने मालवाहक जहाजों को स्वेज नहर के लंबे और अधिक जोखिम भरे रास्ते से भेजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस स्थिति में समुद्री माल भाड़ा और परिवहन लागत में अत्यधिक वृद्धि होगी, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आधारित महंगाई और बढ़ जाएगी। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, जो एक जोखिम-संवेदनशील मुद्रा मानी जाती है, ऐसी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारी दबाव में आ जाती है। तकनीकी परिदृश्य: 0.7110 का अहम सपोर्ट स्तर और संकेतक वर्तमान में स्पॉट स्तरों पर जोड़ी 0.7128 के आसपास कारोबार कर रही है, हालांकि लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह 0.7121 के पास टिकी हुई है। तकनीकी चार्ट्स पर निकट अवधि का ढांचा अभी पूरी तरह से नहीं बिगड़ा है, लेकिन 0.7110 के स्तर पर बना सपोर्ट क्षेत्र गंभीर दबाव में है। 4 घंटे के समय सीमा वाले चार्ट पर तकनीकी संकेतक मंदी की बढ़ती गति को प्रदर्शित कर रहे हैं। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 48 के स्तर पर है जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD नकारात्मक दायरे में बना हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि जब तक तकनीकी गति में स्थिरता नहीं आती, तब तक खरीदारों को किसी भी तेजी के प्रयास में बेहद सतर्क रहना होगा। मूल्य स्तरों के विश्लेषण से पता चलता है कि 20 अगस्त के निचले स्तर 0.7105 और 2 सितंबर के निचले स्तर 0.7120 के बीच का क्षेत्र पिछले चार हफ्तों के ट्रेडिंग रेंज का निचला हिस्सा है। यह क्षेत्र जुलाई से सितंबर के बीच आई तेजी का 38.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर भी है। यदि यह जोड़ी इस स्तर से नीचे स्थायी रूप से फिसल जाती है, तो मंदी का रास्ता 19 अगस्त के निचले स्तर 0.7065 तक खुल जाएगा। इसके बाद 11 और 13 अगस्त के निचले स्तरों तथा 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 0.7040 तक गिरावट की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरी ओर, यदि खरीदार वापसी करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें शुक्रवार के उच्चतम स्तर 0.7187 और उसके बाद 0.7240 के स्तर पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों की चाल वैश्विक मुद्रा बाजार के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिश्रित रुख दिखाया। मुद्रा हीटमैप के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में रहा। वहीं एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी 0.7140 के करीब डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर को छू गई थी, जहां दिन के दौरान लगभग 0.25% की गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से USD/JPY जोड़ी ने भी नए सप्ताह की शुरुआत में बढ़त हासिल की और एशियाई सत्र में 154.00 के करीब पहुंच गई, जिससे शुक्रवार को हुए कुछ नुकसान की भरपाई हुई। हालांकि यह जोड़ी पिछले सप्ताह के दायरे में ही बनी रही और पिछले मंगलवार को छुए गए सात महीने के निचले स्तर के करीब सीमित रही। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में, पाई नेटवर्क यानी PI ने लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद अपनी सुधार यात्रा जारी रखी और 0.097 डॉलर के ऊपर कारोबार किया। कनाडाई डॉलर के संदर्भ में, निवेशक सोमवार को जारी होने वाले अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो बैंक ऑफ कनाडा की 2 सितंबर की बैठक के बाद मूल्य दबावों का ताजा आकलन पेश करेंगे, जिसमें ब्याज दरों को 2.25% पर स्थिर रखा गया था। इसका आप पर असर वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी डॉलर में मजबूती से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और मुद्रा विनिमय पर सीधा असर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा पर असर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं के कमजोर होने से विदेश यात्रा, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और डॉलर में होने वाले भुगतान महंगे हो जाते हैं। जो लोग विदेश यात्रा या विदेशी विश्वविद्यालयों की फीस भरने की योजना बना रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी चाहिए। • आयात और परिवहन लागत: कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने रहने से ईंधन और माल ढुलाई की लागत में वृद्धि होगी। इससे आने वाले हफ्तों में रोजमर्रा की आयातित वस्तुओं और उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। • मुद्रा बाजार के ट्रेडर्स: तकनीकी स्तरों पर नजर रखने वाले फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए 0.7110 का स्तर बेहद निर्णायक है। इस स्तर के टूटने पर स्टॉप-लॉस ऑर्डर ट्रिगर हो सकते हैं और नई शॉर्ट पोजीशन बनने से अस्थिरता बढ़ सकती है। • ब्याज दरों का रुख: फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर अपनी ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बना रहेगा। इसका सीधा अर्थ है कि आम कर्जदारों के लिए होम लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में जल्द कटौती की गुंजाइश सीमित रहेगी। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आई यह तेज गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तरफ से सख्त मौद्रिक कदमों की उम्मीदों और पश्चिम एशिया के समुद्री संकट के कारण कच्चे तेल में आए उछाल का मिलाजुला नतीजा है। • अमेरिकी मुद्रास्फीति के कड़े आंकड़े: शुक्रवार को जारी हुए अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों ने दिखाया कि महंगाई दर 2% के लक्ष्य से लगातार ऊपर बनी हुई है। इस आंकड़े ने बाजार में यह पक्का कर दिया कि फेडरल रिजर्व बुधवार को ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा, जिससे डॉलर को नई ताकत मिली। • पश्चिम एशिया में समुद्री तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की संभावित नाकेबंदी से तेल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गईं और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की निवेशकों की रुचि घट गई। • तकनीकी सपोर्ट स्तरों का परीक्षण: पिछले सप्ताह 0.7248 के स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली शुरू हुई और मोमेंटम इंडिकेटर्स के नकारात्मक दायरे में जाने से बिकवाली की रफ्तार तेज हो गई। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की बढ़ती संभावना और कच्चे तेल का 100 डॉलर के ऊपर टिके रहना मुख्य कारण है। 2. AUD/USD के लिए कौन सा सपोर्ट स्तर सबसे महत्वपूर्ण है? 0.7110 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट है, जिसका टूटना 0.7065 और 0.7040 तक गहरी गिरावट का रास्ता खोल सकता है। 3. पश्चिम एशिया के संकट का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है? होर्मुज और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर खतरे के कारण शिपिंग लागत बढ़ गई है, जिससे कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। 4. तकनीकी संकेतकों पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति कैसी है? 4 घंटे के चार्ट पर RSI लगभग 48 के स्तर पर है और MACD नकारात्मक दायरे में है, जो बिकवाली के दबाव की पुष्टि करता है। 5. बैंक ऑफ कनाडा ने हाल ही में ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया था? बैंक ऑफ कनाडा ने 2 सितंबर की अपनी बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 2.25% पर अपरिवर्तित रखा था। https://trendkia.com/market/us-federal-reserve-ki-byaja-daron-men-barhotari-ki-ashnka-aura-kachche-tela-ke-uchhala-se-australian-dollar-para-dabava-gaharaya-34044 TrendKia — Har trend, sabse pehle.