अमेरिकी जीडीपी में तेजी के बावजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों से ब्रिटिश पाउंड मजबूत अमेरिका में 3.4 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि और कोर पीसीई महंगाई 3.1 प्रतिशत पर पहुंचने के बाद भी ब्रिटिश पाउंड ने बढ़त दर्ज की। बाजार अगले सप्ताह बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के बावजूद ब्रिटिश पाउंड में सकारात्मक रुख देखने को मिला है। GBP/USD मुद्रा जोड़ी 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1.3340 के स्तर पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की शुरुआती वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई। आमतौर पर अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े अमेरिकी डॉलर को मजबूती देते हैं, लेकिन इस बार बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आगामी नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के अनुमानों ने पाउंड को मजबूत सहारा प्रदान किया है। इसके साथ ही लाइव मार्केट डेटा के अनुसार यह जोड़ी 1.34 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 1.33 के मुकाबले 0.45 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्शाती है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और मुद्रास्फीति का दबाव अमेरिका के आर्थिक संकेतकों में तीसरी तिमाही के शुरुआती आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। सालाना आधार पर अमेरिकी जीडीपी 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो बाजार के 3.2 प्रतिशत के पूर्वानुमान और दूसरी तिमाही के 2.2 प्रतिशत के आंकड़े से कहीं अधिक है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में इस विस्तार का सबसे बड़ा आधार घरेलू उपभोक्ता खर्च रहा, जो 3.6 प्रतिशत दर्ज किया गया और पिछली तिमाही के 3.4 प्रतिशत के स्तर से आगे निकल गया। इस मजबूत मांग से संकेत मिलता है कि वहां आर्थिक गतिविधियां गर्म हो रही हैं। इसके अलावा, अमेरिकी श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों में भी मजबूती दिखाई दी। 24 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान बेरोजगारी दावों की संख्या 195,000 से घटकर 194,000 रह गई, जबकि विश्लेषकों ने इसके बढ़कर 199,000 होने का अनुमान लगाया था। दूसरी ओर, कोर पीसीई मुद्रास्फीति 3.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इन आंकड़ों के चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर महीने में मौद्रिक सख्ती किए जाने की संभावना बढ़कर 81 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। ब्रिटेन का बजट और बैंक ऑफ इंग्लैंड से नीतिगत उम्मीदें ब्रिटेन के आर्थिक मोर्चे पर बाजार प्रतिभागी वित्त मंत्री जॉन हीली द्वारा पेश किए गए हालिया बजट प्रावधानों का आकलन कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने बैंकों, जुए, बचतकर्ताओं, मकान मालिकों और ऑनलाइन खरीदारी पर करों की दरें बढ़ाने की घोषणा की है, जबकि दूसरी ओर ऊर्जा की ऊंची कीमतों से राहत दिलाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। बजट घोषणाओं के साथ ही निवेशकों का मुख्य ध्यान अगले सप्ताह होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर टिका हुआ है। प्राइम टर्मिनल के अनुसार, वित्तीय बाजार नवंबर की बैठक में नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की पूरी संभावना मानकर चल रहे हैं। इसके अलावा, विश्लेषक आगामी फरवरी में भी 25 आधार अंकों की एक और बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। ब्रिटेन में लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति के दबाव और सख्त मौद्रिक रुख की संभावनाओं ने डॉलर की ताकत के सामने पाउंड की गिरावट को रोक रखा है। GBP/USD का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो GBP/USD 1.3368 के स्तर के आसपास बना हुआ है, हालांकि इसका व्यापक रुझान अभी भी हल्का मंदी वाला नजर आ रहा है। यह जोड़ी वर्तमान में 1.3385 के साधारण मूविंग एवरेज क्लस्टर और 1.3393 के अवरोही ट्रेंड लाइन प्रतिरोध के नीचे सीमित है। हालिया निचले स्तरों से सुधरने के बाद 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 54.4 के स्तर पर है, जो गति में सुधार का संकेत देता है, हालांकि लाइव डेटा पर RSI 54 दर्ज है। बाजार की व्यापक संरचना अब भी पूर्ववर्ती बढ़ती समर्थन रेखाओं के नीचे कारोबार कर रही है, जो अब 1.3652 और 1.3830 के पास कड़े प्रतिरोध का काम कर रही हैं। लाइव तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित हैं, जहां 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे रहने के कारण डेथ क्रॉस बना हुआ है। तकनीकी चार्ट पर निकटतम समर्थन 1.3253 के पिछले ब्रेकआउट स्तर पर है, जबकि 20-दिवसीय सीमा के तहत समर्थन लगभग 1.31 और प्रतिरोध 1.34 पर देखा जा रहा है। बॉलिंगर बैंड्स 1.32 से 1.34 के दायरे में हैं और मूल्य इसी दायरे के भीतर सीमित है। अन्य वैश्विक मुद्राओं और वित्तीय परिसंपत्तियों का हाल वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत रहा। एशियाई कारोबारी घंटों में AUD/USD की जोड़ी 0.7055 के करीब पहुंची, जहां ऑस्ट्रेलिया में तेज महंगाई के आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया है। वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर USD/JPY में निचले स्तरों से खरीदारी के बाद 158.00 से ऊपर पहुंच गया। निवेशक बैंक ऑफ जापान द्वारा दिसंबर में दरें बढ़ाने के संकेतों पर नजर रखे हुए हैं, जिसने सितंबर में दरें 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दी थीं। कमोडिटी और डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में कमजोरी का माहौल रहा। सोना अपनी लगातार तीन दिनों की तेजी को तोड़ते हुए 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब बिकवाली के दबाव में आ गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर 1.30 डॉलर के नीचे फिसल गया, जबकि सोलाना भी 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ अपने 200-दिवसीय ईएमए और 100 डॉलर के स्तर का परीक्षण कर रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी आर्थिक मजबूती और ब्रिटेन में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से वैश्विक मुद्रा दरों और विदेश यात्रा या व्यापार की लागत पर सीधा असर पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय दरों पर असर: पाउंड और डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश में शिक्षा या यात्रा का बजट प्रभावित होता है। आयातकों और विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने वालों को विनिमय दरों पर करीबी नजर रखनी होगी। • ब्याज दरों का रुख: बैंक ऑफ इंग्लैंड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने के संकेतों से वैश्विक उधारी लागत बढ़ सकती है। इसके कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में पूंजी की लागत ऊंची बनी रहने की संभावना है। • सोना और क्रिप्टो निवेशक: डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड के चलते सोने और क्रिप्टोकरेंसी में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। इन परिसंपत्तियों के निवेशकों को अल्पकालिक अस्थिरता के लिए अपने स्टॉप-लॉस स्तर सतर्कता से तय करने चाहिए। • कमोडिटी और ऊर्जा बाजार: ब्रिटेन में ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के कदमों और कच्चे तेल में नरमी से वैश्विक कीमतों पर असर पड़ेगा। उपभोक्ताओं को आने वाले हफ्तों में ईंधन और ऊर्जा खर्चों में मामूली स्थिरता मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद में तेज उछाल के बावजूद ब्रिटिश पाउंड की मजबूती के पीछे ब्रिटेन में बढ़ती मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी मौद्रिक सख्ती की मजबूत संभावनाएं मुख्य कारण हैं। • बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर वृद्धि की उम्मीद: बाजार अनुमान लगा रहे हैं कि बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर में दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा। इस मौद्रिक सख्ती के अनुमान ने पाउंड में नए खरीदारों को आकर्षित किया है। • ब्रिटेन का नया बजट ढांचा: ब्रिटिश वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में बैंकों, बचतकर्ताओं और संपत्ति मालिकों पर कर बढ़ाने के प्रस्ताव आए हैं। इन कदमों के साथ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों ने ब्रिटिश परिसंपत्तियों को सहारा दिया है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का द्वंद्व: हालांकि अमेरिका की जीडीपी 3.4 प्रतिशत और उपभोक्ता खर्च 3.6 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन बाजार ने फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतियों को पहले ही काफी हद तक कीमतों में शामिल कर लिया है। इसके चलते डॉलर को पाउंड के मुकाबले एकतरफा बढ़त नहीं मिल सकी। सवाल-जवाब 1. GBP/USD में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी के अनुमानों से पाउंड को मजबूती मिली है। 2. तीसरी तिमाही में अमेरिकी जीडीपी वृद्धि दर कितनी रही? अमेरिका की शुरुआती जीडीपी सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत रही, जो पूर्वानुमानित 3.2 प्रतिशत से अधिक है। 3. अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च का क्या आंकड़ा रहा? अमेरिका में उपभोक्ता खर्च 3.6 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही के 3.4 प्रतिशत से अधिक है। 4. ब्रिटेन के बजट में किन क्षेत्रों पर कर बढ़ाने की घोषणा की गई है? ब्रिटिश वित्त मंत्री ने बैंकों, जुए, बचतकर्ताओं, मकान मालिकों और ऑनलाइन खरीदारी पर दरें बढ़ाने की बात कही है। 5. दैनिक तकनीकी चार्ट पर GBP/USD के लिए प्रमुख प्रतिरोध स्तर क्या हैं? तकनीकी चार्ट पर निकटतम प्रतिरोध 1.3385 के मूविंग एवरेज क्लस्टर और 1.3393 की ट्रेंड लाइन पर स्थित है। https://trendkia.com/market/us-gdp-men-teji-ke-bavajuda-bank-of-england-ki-daron-men-barhotari-ki-ummidon-se-british-pound-majabuta-53151 TrendKia — Har trend, sabse pehle.